Sunday, 19 February 2017

Maya "The Unfold Love Story " chapter-3

क़ॉलेज का अगला दिन माया आज ज्यादा खुश थी उसे इस बात का गर्व था कि कोई लड़का उससे मदद मांग रहा है.....वो औरो की तरह नहीं जिसे लड़के घूरा करते है......

माया अनजाने में ही सही उस लड़के की काम करने की लगन भा गयी थी.....वो दिल से उसके लिए कोशिश कर रही थी....शायद इतनी भीड़ में उसे वहीं एक नज़र आय़ा जो औरो से अलग था...... माया उसके बारे में कुछ ना जानती थी.......लेकिन फिर भी उसके लिए दिल से सोच रही थी...........

कॉलेज की पढ़ाई अपने शबाब पर थी.... पर माया तो जैसे सिर्फ मस्ती करने के लिए गई थी.....शैलजा ..... प्रिया इशिता  सपना.... और ना जाने कितनी ही लड़किया माया की दोस्त थी.... लेकिन सब की अपनी एक वजह थी..... सपना तो माया की सिर्फ इस लिए दोस्त थी...क्योंकि वो वॉकमैन लेकर कॉलेज आती और रोमाटिंक गज़ल फिल्मी गाने माया को सुनने देती.........और वॉकमैन की जब बैटरी खत्म होने लगे तो माया अपनी ट्रिक लगाती थी... पूरी क्लास में भगवान के नाम पर एक रूपए दे दो बाबा..... बोलती या फिर एक रूपए खुल्ले है देना जरा जरूरी काम है... ऐसे कर पैसे इकट्ठा करती और बैटरी खरीद कर लाती फिर गाना सुनती........जब क्लास को पता चलता कि माया ने उन्हें बुद्धू बनाया है तो माया आगे आगे और पूरी क्लास पीछे पीछे.......सांस फूलने लगी थी माया की दौड़ते दौड़ते....

माया को पता ही नहीं चला वो भी कब राहुल के बारे में सोचने लगी....... उसकी बाते करने लगी..... और दोस्त कसम से बड़ी ही कमीनी चीज होते है..... हल्की सी चिंगारी को हवा देकर आग लगाने में एक्सपर्ट होते है..........बस माया के साथ भी यही हो रहा था....... वो किसी ना किसी वजह से राहुल से मिलने लगी.... ये बात अलग है कि ना तो कभी राहुल ने और ना माया खुल कर आपस में बात की........माया जब भी राहुल से मिलती........उसको ही पढ़ने की कोशिश करती... उसके बारे में औरो से जानने की कोशिश करती.......
यार मैं ये सब क्यों कर रही हूं मुझे नहीं पता
बता ना मेरे जैसी बीजी लड़की आज कल सिर्फ एक काम कर रही है .....
राहुल ये तो राहुल वो बस सिर्फ राहुल के बारे में सोच रही है......
पता है पीहूं मुझे भी तेरी तरह तैयार होने का मन होता है...
but यार मैं ठहरी झल्ली सी लड़की मुझे ये सब समझ नहीं आता.....
कह कर माया आइसक्रीम खाने लगी......माया के लिए पीहूं ही सब कुछ थी बाहरी दुनियां में.....लेकिन पीहूं भी उसके इस सवाल का जवाब या तो जानती नहीं थी.... या देना नहीं चाहती थी......


(Next day maya home)
माया अपनी मां राधा से बहुत ओपन थी.....कॉलेज से घर पहुचने के बाद माया का सबसे पहला काम होता था अपनी मां को दिन भर की अपडेट देना..लेकिन आज कल जो माया के साथ हो रहा था वो अपनी मां से ज्यादा नहीं बताती थी...लेकिन मां तो मां होती है .... राधा को माया की हरकते कुछ अजीब सी लगने लगी थी.....दिन रात गज़ल सुनना अकेले में बैठना.....देर तक अपने बाल को संवारना.....ये सब देख राधा ने माया के पास आकर धीरे से कहा.....क्या बात है आज कुछ खास है क्या....माया को जैसे इसका इल्म ही नहीं था... कि मां उसके रहन सहन को नोटिस कर लेगी.... नहीं मां ऐसा कुछ नहीं है.... आज बस चेंज चाहिए तो थोड़ा टाइम ले रही हूं..... कह कर माया जल्दी जल्दी अपने कॉलेज के लिए निकल गई... आज उसे क्लासेज नहीं जाना था.... जल्दी थी तो बस पीहूं से अपने सवाल के जवाब का.......
पीहुं बता ना क्या है ये तू कल से टाल रही है.........बोल ना अच्छा एक पर्ची पर लिख कर दे दे मैं चुप रहुंगी......फाइनेंस की क्लास में माया पर्ची लिख कर पीहूं को भेजे जा रही थी.......लेकिन पीहूं चुप रही.....जैसे ही क्लासेज खत्म हुई........माया और पीहूं फोटोकॉपी की शॉप पर जा पहुंची..... जैसे माया को पता था.... आज राहुल जरूर आएगा.. इतने दिनों से नहीं आया था वो घर गया था अपने...... माया की घबराहट बढ़ती जा रही थी...... इतनी दोस्ती तो थी ही राहुल के साथ की वो कोई ना कोई गिफ्ट लेकर जरूर आएगा.....
hi पीहूं hi माया कैसे हो तुम लोग.....
 और पढ़ाई कैसी चल रही है.....
 घर में सब कैसे है......
 वगरह वगरह फ़ॉर्मल से सवालों के साथ राहुल समाने खड़ा था.....
 जो माया उसका मजाक बनाती थी.... आज चुप चाप खड़ी थी.. उसे इंतजार था... अपने तोहफे का..... माया के दिल की बात समझ पीहूं ने राहुल को टोक दिया....... राहुल हमारा गिफ्ट कहां है...... मैने तो तेरे लिए कोई गिफ्ट नहीं लिया ओह यार गड़बड़ हो गई......राहुल ने माया को देख कर बोला..... यार माया मै तो तेरा गिफ्ट लाना भूल गया.... कल लाउंगा.. पक्का उसका इतना कहना था कि.... माया की आंखों में एक अजीब सी चमक आ गई.......जैसे उसने पूरी कायनात पा ली हो.....राहुल का गिफ्ट उसके लिए अपनी इज्जत का मुद्दा बन गया था........... THANK GOD ये मेरे लिए गिफ्ट ले कर आय़ा है..... ठंडी सास ली माया ने और पीहूं के साथ कॉलेज वापस आ गयी..... 
यार पीहूं क्या लाया होगा वो मेरे लिए ..... बोल ना सपना......उसने कुछ स्पेशल खरीदा होगा मेरे लिए.... माया चहक कर सबसे पूछे जा रही थी.... और पीहूं उसके चेहरे को गंभिरता से निहारे जा रही थी.... जैसे वो नहीं चाहती थी....... माया ये सब किसी से शेयर करें........पीहूं बता ना इतनी शांत क्यों है... अच्छा मुझे सब कुछ अलग सा क्यों लग रहा है.......आज मैं इतनी खुश क्यों हूं.........माया झूम झूम कर अपने दिल की बात बोले जा रही थी.....
तुझे प्यार हो गया है......

क्याययायायायायायायाया क्या कह रही है पीहूं.... माया शांत हो गई.... 
नहीं पीहूं ऐसा कुछ नहीं है यार मेरे जैसे लड़की किसी से प्यार नहीं कर सकती......देख ना मुझे ना तो मेरे अंदर तेरे जैसी सुंदरता है..... ना ज्योती जैसी नजाकत.... ना रत्ना जैसी SMARTNESS..... मैं कैसे प्यार कर सकती हूं..... किसी से... और साला मुझे प्यार हो भी जाएं तो कोई मुझे प्यार नहीं करेगा..... मैं आइटम थोड़े ना हूं....... माया अपनी आदत के मुताबिक जल्दी जल्दी बोले जा रही थी.... और पीहूं उसके पीछे छिपे दर्द को पढ़ती जा रही थी...... सुन ना कल तक का वेट कर ले........ देखते है वो क्या गिफ्ट देता है..... उसके दिल में क्या है फिर तुम कुछ आगे सोचना...... बिना वजह तुम परेशान हो जाओगी........बहुत दर्द होगा तुम्हें..... पीहूं माया को समझाएं जा रही थी और माया..... हा हा किए जा रही थी.... जैसे उसके लिए बड़ी आम सी बात थी और उसे कोई फर्क नहीं पड़ता... कल क्या होगा.......लेकिन सच तो ये था कि माया पूरी रात राहुल के बारे में सोचती रही....... और एक अनजाने डर को अपने से दूर करने की नाकाम सी कोशिश करती रही...... उसका मन उस आने वाले सच से शायद वाकिफ था.... लेकिन माया खुद को भी धोखे में रख रही थी........
अगले दिन आखिर वो वक्त आ ही गया जब राहूल और माया आमने सामने थे..... और उन दोनो के साथ थे उनके कमीने दोस्त.....माया का सब्र जवाब दे रहा था........ औऱ राहुल शांत चित हो कर सबकी बकवास सुन रहा था...... क्या लाए हो मेरे लिए... लाए भी हो या बस फर्जीवाड़ा ....... माया ने मजाक में झल्लाते हुए राहुल से कहां.......
राहूल अचानक माया की आंखों में देखने लगा...... लाया हूं ना ये लो ये चॉकलेट और कार्ड सिर्फ तुम्हारे लिए.......कह कर राहुल ने माया को दोनो चीजे पकड़ा दी......माया का दिल जोर से धड़कन लगा......उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि कैसे रियैक्ट करें पीहूं ने उसको सम्हाला और क्लास का बहाना कर बिना कुछ बोले  कॉलेज में वापस आ गई...... यार कार्ड तू पढ़ ले इंग्लिश में लिखा है... मैं चॉकलेट खा लेती हूं...... हंसते हुए माया ने कार्ड पीहूं को पकड़ा दिया......कॉर्ड पढ़ पीहूं के चेहरे पर एक सूकून था..... माया उसने फ्रैंडशिप कार्ड भेजा है....... इतना कह कर कॉर्ड वो माया के हाथ में दे ही रही थी... कि सपना ने कॉर्ड छीन लिया...... अरे मुझे भी तो दिखाओं कॉलेज की डान के लिए पहला कॉर्ड आया है..... हम भी तो पढ़े ....कह कर सपना और बाकी सब दोस्त हंसने लगे......सपना  ने जैसे ही कार्ड को खोला उसका मुंह खुला का खुला रह गया very bad yar  I don’t think so कि कोई ऐसा भी कर सकता है...... क्या हुआ बे सपना माया ने बेफिक्री में बोला...... यार माया ये किसी और का कार्ड था देख ना उसको चिपका कर उसने तेरा नाम लिख कर तुझे पकड़ा दिया है..... oh god  very bad……......
माया को काटों तो खून नहीं...... पूरा चेहरा सफेद हो चुका था.....आंखों में गुस्सा और दर्द दोनो नजर आने लगा था.... उसकी चाकलेट भी पूरी खत्म नहीं हुई थी.....पीहूं ने  माया के चेहरें को देखा... और सपना की तरफ देख गुस्सा होने लगी.....

वो कम से कम माया के लिए कुछ तो लाया है..... कोई LOVE LATTER थोड़े ना है जो दूसरे का था और उसको दे दिया..... चल माया कैंटीन चलते है कुछ खाते है.... बोरियत हो रही है.......माया भी जैसे उस पल को वहीं रोक कर आगे बढ़ जाना चाहती थी...... उसके दिल में दर्द बढ़ता ही जा रहा था....वो दिल खोल कर रोना चाहती थी......क्यों उसे भी नहीं पता......या  जानना नहीं चाहती थी......

ओय कहां जा रही है.......माया ने मोनिका को रोक कर पूछा.....
यार समोसे लेने जा रही हूं तू भी खाएगी..... मोनिका ने आगे बढ़ते हुए बोला......
नेकी पूछ पूछ  ले आना ना मेरे लिए और सुन ना हरी चटनी औऱ मिर्ची भी ले आना I LOVE CHATPATA YUMMY…….. माया की डिमांड सुन मोनिका आगे बढ़ गई.......पीहूं माया को निहारने लगी......
यार तू तो गजब है.... मोनिका को चिपका दिया वो समोसे नहीं लायी तो........ पीहूं ने कहा...
तू भी ना पीहूं मोनिका जरूर लाएगी.... उसे कल कॉलेज के बाहर जाना है .... और उसे बाहर कौन निकालेगा...... माया द ग्रेट..... हंसते हुए माया कैंटीन की तरफ बढ़ गई.....
सुन पीहूं मेरे पास तो पैसे है नहीं......और मुझे आइसक्रीम खानी भी है......माया आइसक्रीम की तरफ देख कर बोली......
DNT WORRY MAI HU NA ....... पीहूं ने कहा......तभी ना जाने माया के दिमाग में क्या आया  रूक पीहूं आइसक्रीम भी खाएंगे और पैसे भी नहीं लगेंगे....
बस तू मेरा चुपचाप यहीं wait कर...... माया की शैतानियों को देख कर पीहूं हैरान थी.... अब भी माया ऐसे REACT कर रही है जैसे उसके साथ कुछ भी बुरा नहीं हुआ है.....
और माया लग गई अपने काम में.......यार जया आज क्या लग रही हो तुम.......माशा अल्ला आज तो गजब ढा रही हो कहीं स्पेशल जगह जाना है क्या माया आंख मार कर जया को देखने लगी.... और जया की शक्ल तो ऐसे हुई जैसे उसकी चोरी पकड़ी गई हो.....जया के कंधे पर हाथ रख कर बड़े ही... प्यार से माया ने कहा  DNT WORRY  तुम चुपचाप जाना मैं किसी को कुछ नहीं बोलूंगी... अच्छा बता ना HANDSOME है तू उससे बहुत प्यार करती है..... माया जया के दिल में छिपे अहसास को बाहर निकालने में लगी थी......माया ने पीहूं की तरफ देखा....और सर हिला कर इशारा किया आइसक्रीम का जुगाड़ हो गया........औऱ जया वो तो शुरु हो गई अपने BOYFRIEND  की खूबिया गिनाने में....यार माया समोसे खाएगी......
ओह नहीं जया मुह में छाले हो गए है..... माया ने बिना वक्त गवाएं बोला....
अच्छा फिर क्या खाएगी बता ना..... एक काम कर आइस क्रीम खाले.......
झूठा नहीं का दिखावा करते हुए माया ने बोला चल अब तू इतना कह रही है तो खा लेती हूं लेकिन बस एक चाको बार ही लूंगी........
जया की शक्ल ऐसे बनी जैसे उसकी प्लानिंग फेल हो गई थी....... जहां पांच रूपए में काम हो जाता वहां 25 रूपए का हिसाब लगा दिया उपर से माया को खिलाउं तो पीहूं को कैसे नहीं जया मन ही मन पैसो का हिसाब लगाने लगी......OK ठीक है..... और माया और पीहूं मजे से आइसक्रीम खाने लगे.... समोसे आये तो वो भी खाए.....
पीहूं अब घर चलते है यार आज क्लास का मन नहीं है.......माया  ने डकार लेते हुए कहां....हा अब इतना खाने पीने के बाद... तू कहां क्लास में जाएगी.... हंसते हुए पीहू ने उसकी खिचाईं की.... चल चलते है.........

कुछ दूर रास्ता तय ही किया था कि माया रोने लगी.......क्या हुआ माया अब नहीं रोका जा रहा था......रो ले.... मैं तो कब से इसका वेट कर रही थी......रो ले यार BATTER FEEL Kकरेगी........पीहूं ने बड़े ही आराम से माया से बोला.....
पीहूं गोलगप्पे खाएगी अपने घर के पास वाला.... चल वहीं चलते है..... ये क्या है माया तू रोए जा रही है लेकिन गोलगप्पे की बात कर रही है...... चल चलती हूं लेकिन पहले रोना बंद कर और बता क्या चल रहा है तेरे दिल में.....पीहूं ने डाटकर माया से पूछा.....
पीहूं उसने ऐसा क्यों किया..... मुझे दूसरे का कार्ड क्यों गिफ्ट किया..... वो कुछ ना लाता मुझे एक दम बुरा नहीं लगता जितना अब लग रहा है.... क्या मैं इतना भी  डीसर्व नहीं करती ........
माया बीच सड़क पर रोते जा रही थी... और अपने दिल की बात बोले जा रही थी....
सुन ना तू इतना टेंशन मत ले...... उसका दोस्त नरेंद्र है ना मैं उससे पूछूंगी....DNT WORRY…. चल गोलगप्पे खाते है...... शायद अब माया भी सूकून से थी.... क्योंकि अपने दिल की बात जब तक वो बोल नहीं लेती थी.... उसे चैन नहीं मिलता था........

to be continued


5 comments:

Unknown said...

Very well written

tulika singh said...

Tx rashmi keep reading and follow the blog u will find more about maya

Unknown said...

माया के लिए "माया" बढ़ती जा रही है 👌

tulika singh said...

Keep reading maya will unfold gradually

Ocean said...

Wonderful job....Dear Tulika 😘
God bless you...