Thursday, 30 November 2017

अधूरी कहानी , episode -17


 आज का दिन अरनव के लिए काफी खास था....उसके ऑफिस की Annual meet  में उसको अब तक का best award  मिलने वाला था.... अरनव   को अपने काम से बहुत प्यार था लेकिन उस प्यार का ये reward  उसको मिलेगा इसका यकीन उसको भी नहीं था...जब से अरनव ने सुना था उसके पांव जमीन पर नहीं थे... white shirt , wine colour का 3 पीस सूट hair  style  एक दम   super cool hunk  जैसा  दिख रहा था ...by God  आज तो शनाया अगर अरनव को देख लेती तो बेहोश हो जाती.. इतना स्मार्ट लग रहा था.. उसका अरनव.....हर किसी की नज़रे सिर्फ अरनव पर थी.... अरनव बार बार अपना फोन निकाल कर देख रहा था.. शनाया ने सुबह से कोई मैसेज भी नहीं किया था... अरनव मन ही मन सोचता है आज बकबक  शनाया सो गई है क्या....आज तो सूरज पश्चिम से निकला है....अरनव अभी अपना फोन चेक ही कर रहा था कि... स्टेज  से उसका नाम पुकारा जाता है... पूरा हॉल तालियों  की आवाज से गूंज उठता है.... लाइट्स कैमरा सब का फोकस सिर्फ और सिर्फ अरनव बेदी था...
अरनव जैसे ही स्टेज पर पहुंचता है. वहां मौजूद कंपनी का CEO  उसके तारीफ में कसीदे गढ़ने लगता है.... होना भी चाहिए आखिर अरनव की वजह से कंपनी को 500 करोड़ का मुनाफा हुआ था.... CEO  के मुंह से ये बात सुनकर अरनव के चेहरे पर गर्व झलकने लगता है... मन ही मन  कहता है अभी तो  ये शुरुआत है.... कल इतना ही पैसा मैं खुद अपने लिए कमाउंगा.... अरनव अवार्ड लेकर जाने लगता है तभी अरनव को जानने वाले लोग उससे गाने की गुजारिश करने लगते है... अरनव मना करने लगता है लेकिन CEO  के भी कहने पर वो माइक हाथ में ले लेता है....... अरनव एक पल के लिए अपनी आंखे बंद करता है. उसको सिर्फ और सिर्फ शनाया नज़र आती है... मन ही मन सोचने लगता है ये लड़की पीछा ना छोड़ने वाली... अरनव बैंड को सॉग बताता है... और स्टेज के सेंटर में आ जाता है....अरनव के गाने की हर अल्फाज़ ये बता रही थी... वो शनाया को कितना ज्यादा चाहने लगा है.... गाना जरूर शाहरूख खान की फिल्म हैरी मेट सेजल का ये हवाएं था...
  


 लेकिन अरनव का अंदाज़े बयां उसके चेहरे पर आने वाली वो मुस्कुराहट उसके आखों में शनाया को अब तक ना पाने का दर्द साफ झलक रहा था....अरनव को इससे पहले किसी ने इतनी शिद्दत से गाते हुए नहीं देखा था वो भी रोमांटिक सांग.....अरनव के दिल में शनाया को लेकर ना जाने कहां से आज इतना प्यार उमड़ रहा था...जिसको ना भी पता चलना हो पता चल जाए की अरनव बेदी प्यार में पागल होकर गा रहे है... दरअसल आज अरनव के ऊपर से उसका ही control  खत्म हो गया था..  सबकी नज़रे सबके मोबाइल अरनव पर टिक गये थे...अपना गाना खत्म करते ही अरनव को ख्याल आया कि वो शनाया के साथ नहीं अपने ऑफिस वालो के सामने गा रहा है....अरनव thanks thanks  बोल कर वहां से निकलने लगता है.. तभी उसकी टीम के एक बंदे ने उसको बोला
टीम मेंबर – सर आप बहुत अच्छा गाते है...
अरनव – थैंक्स यार
टीम मेंबर – मैने आपका गाना फेसबुक पर लाइव कर दिया था.. आप कहो तो आपको टैग कर दूं ..
अरनव – हंसते हंसते कर दे यार वैसे तुझको लाइव करना नहीं चाहिए था....
अरनव बोल कर आगे बढ़ जाता है और पार्टी में आए बाकी लोगो से मिलने लगता है.. इधर शनाया को जैसे ही फेसबुक पर अरनव का लाइव दिखता है... वो तो पागल हो जाती है अरनव की आखें अरनव की ज़ुबान शनाया ध्यान से देखती है....ऐसा लग रहा था मानो आज अरनव ने अपने दिल की बात उससे कह दी हो... इतना प्यार इतना दर्द क्या बात है मुझे तो लगता था अरनव को सिर्फ मजे लेना आता है और यूट्टूब वीडियो बनाना आता है..... गधे ने मुझे बताया भी नहीं कि उसको आज इतना बड़ा अवार्ड मिला है... खैर फ्री होगा तो खुद ही बताएगा... लेकिन शनाया तो शनाया है.. उनसे भला खुद पर कंट्रोल कैसे होगा. फटाफट मैसेज कर देती है
शनाया – तूने मेरे लिए गाया ना ये गाना simply wow था मैं तो खुश हो गयी.. गाता तो तू बड़ा अच्छा है.. दिल खुश कर दिया तुने मेरा
अरनव मैसेज पढ़ता है और reply  करता है नहीं मुझे गाने बोला गया तो बॉस की बात मैं मना ना कर पाया इसलिए गाया...
शनाया – चल झूठे मुझे पता है तुने मेरे लिए ही गाया है...
अरनव – नहीं बिल्कुल नहीं
शनाया – कोई बात नहीं मैने मान लिया कि तूने मेरे लिए ही गाया है... जो भी हो मस्त लग रहे हो तुम
अरनव हंसने लगता है और बाय बोल कर फिर busy  हो जाता है...
फेसबुक पर अरनव के गाने के लाइक और कंमेट बढ़ते ही जा रहे थे... और ऐसा कैसे हो सकता था....अरनव बेदी कुछ डाले और नायरा मैडम ना देखे.... बस नायरा ने भी फेसबुक पर उसके गाने को देखने लगती है... गाने की  Wording  गाने का अंदाज़ , अरनव के चेहरे पर बेपनाह मोहब्बत उसकी आंखें देखकर नायरा को भी यहीं लगता है कि अरनव ने ये गाना शनाया के लिए गाया है... अरनव शनाया से प्यार करने लगा है.... अरनव का गाना जैसे जैसे आगे बढ़ रहा था.. नायरा पारा चढ़ता जा रहा था...अरनव का ये अंदाज इतना प्यार मैने कभी अपने पास महसूस नहीं किया....आखिर उस शनाया में ऐसा है क्या... नायरा गुस्से में लाल पीली होती जा रही थी.... अपने आप से बड़ बड़ करते हुए बोलती है मिलने दो इस बार पूछ ही लूंगी कि ये सब क्या ड्रामा है....मझे ऐसे कोई धोखा नहीं दे सकता....
इधर शनाया अरनव के गाने को ना जाने कितनी बार देख चुकी थी अब तक उसने फेसबुक पर उसके लाइव को सेव कर लेती है.. अभी शनाया अरनव के ख्याल से बाहर ही आती है कि ..उसके केबिन में अयान दाखिल होता है.....
अयान- हाय शनाया
शनाया को अयान का आना बिल्कुल अच्छा नहीं लगता है..
शनाया- हाय
अयान – क्या कर रही है
शनाया – टाइम पास
अयान चेयर खींच कर बैठ जाता है....
शनाया मन ही मन सोचने लगती है अब क्या नया ड्रामा होने वाला है
अयान- और तेरा अरनव कैसा है ...
शनाया – वो बहुत अच्छे है आप बताइए आपको कोई काम था
अयान चेयर से उठकर शनाया के चेयर के पास जाकर खड़ा हो जाता है.... और बोलता है काम तो बहुत है लेकिन तुम भाव ही नहीं देती हो तो क्या बोलूं
शनाया अयान के मुंह से ये बाते सुनकर चिढ़ जाती है... और चेयर से उठकर थोड़ा दूर जाकर खड़ी हो जाती है...
शनाया – तुम फिर से शुरु हो गए ना अयान मैने कितनी बार तुम्हे बोला है ना मुझे इस तरह की बाते पंसद नहीं है
अयान के चेहरे पर एक गंदी सी मुस्कान आ जाती है...
अयान- हां ये बाते सिर्फ तुम्हें अरनव की जुबान से पंसद है जो की इस दुनिया में है ही नहीं शायद या फिर भूत है...
शनाया का दिमाग खराब  होने लगता है....और गुस्से में बोलती है तुम्हें काम क्या था ये बताओ फालतू की बात करने का मेरे पास टाइम नहीं है...
अयान- तुम्हें जान कर खुशी होगी कि कल तुम मेरे साथ बैंगलोर जा रही हो... 10 दिनो के लिए
शनाया एक दम से चौंक जाती  है और बोलती है – बकवास बंद करों किसने बोला
अयान- आपके बॉस मेरे पिताजी ने बोला है...
शनाया – सर ने मुझे ऐसा कुछ नहीं बोला है...
अयान- दरअसल आपकी जरूरत है बैंगलोर में तो अभी जाना ही होगा... वैसे भी सिर्फ 10 दिनो की बात है...कहते कहते अयान शनाया के नजदिक आ जाता है...
शनाया फिर थोड़ा सा दूर जाती है.. और अब बोल ही देती है
शनाया – आज तुम्हारी हरकते ऐसी क्यों लग रही है जैसे बॉलीवुड पिक्चर के  विलेन हो  जो लड़की देखते ही आखों से रेप करने लगता है...
अयान – हंसते हुए अच्छा अब मैं तुम्हें विलेन लगने लगा
शनाया – औऱ क्या अपनी हरकते देखो उस दिन तो तुम बड़ा प्यार से बात कर रहे थे.. ऐसा लग रहा था तुमसे ज्यादा अच्छा कोई मेरा दोस्त है ही नहीं
अयान- हंसते हुए शनाया डार्लिंग उस दिन की बात छोड़ो कल जाने की तैयारी करों वैसे भी अगले दस दिनो तक मैं तुम्हारा बॉस हूं
शनाया अब अपने आपे से बाहर  हो रही थी.... वो गुस्से में अयान के पास जाती है और बोलती है
शनाया – क्या बात है चूजे की बड़ी जुबान निकलने लगी... बॉस बन गया दस दिनो के लिए तो क्या  करूं मैं तेरे साथ काम छोड़ कर सोने की तैयारी करूं
अयान- वैसे तू कर सकती है
शनाया – दिखा दी ना तूने अपनी औकात मुझे लग रहा था तू इतना शरीफ कब से हो गया.. तुझे पता है ऐसी बाते करने पर भी जेल हो सकती है तुझे..
अयान – हंसते हुए चिल कर शनाया मैने ऐसा क्या बोल दिया जो तू भड़क रही है... वैसे भी आज कल ये सब आम बात है.. चल तैयारी कर काम का काम हो जाएगा और हमारी एक मस्त ट्रिप भी...
शनाया – तुझे पता है ना मैं किसी और से प्यार करती हूं फिर भी तू नहा धो के मेरे पीछे ही पड़ गया है....शनाया बोलकर दरवाजे की तरफ बढ़ने लगती है .... तभी अयान पीछे से उसका हाथ पकड़ लेता है.....
शनाया का सब्र अब खत्म हो चुका था... पीछे पलटती है और गुस्से में पूरी ताकत से खींच कर एक झापड़ मारती है अयान को... अयान की शक्ल पर शनाया के हाथ के निशान पड़ गए थे.... केबिन के बाहर पूरा स्टॉफ जमा हो जाता है.. अंदर की आवाज तो बाहर आ नहीं रही थी लेकिन अयान को मारते हुए सबने देख लिया था.. शनाया को....
शनाया एक पल के लिए बाहर देखती है और अयान  की तरफ फिर बढ़ती है.. अयान भी गुस्सें में आकर शनाया की गर्दन पकड़ लेता है और बोलता है तुम जैसी अकड़ बददिमाग वाली लड़कियों से प्यार से बात ही नहीं करना चाहिए सीधा बिस्तर पर लिटा देना चाहिए.....शनाया अपने आप को सम्हालती है और फिर से अयान के मुहं पर एक घूसा मारती है... अयान के मुंह से खून निकलने लगता है...  शनाया गुस्से में चिल्लाते हुए उसका कॉलर पकड़ती है और केबिन के बाहर लाती है.. अयान भी शनाया को जकड़ने की कोशिश करता है लेकिन शनाया  तब कर केबिन से बाहर आ जाती है .. सारा स्टाफ चार कदम पीछे चला जाता है... रीया सिर्फ शनाया को देखे जा रही थी ऐसा रूप शनाया का उसने कभी ना देखा था... शनाया अयान को कस कर ढकेलती है... house keeper  के हाथ से वाइपर लेती है.... अयान को मारना शुरु कर देती है... साले तेरी ##$@&^**#################  आ बताती हूं तुझे शनाया के साथ सोना है ना तुझे, साले ऐसी हालत बनाउंगी की खुद को पहचान ना पाएगा मर्द है की बीच का है.... शनाया इतनी तेज मारती है कि उसका वाइपर टूट जाता है ... अयान खुद को सम्हाल कर शनाया को पकड़ने के लिए बढ़ता है .. तब तक रीया अयान के पापा को फोन करके बुला लेती है....बॉस को देखते ही शनाया भी रूक जाती है ...
बॉस – ये क्या हो रहा है
शनाया- कुछ नहीं आपके बेटे के ऊपर से मर्दानगी का भूत उतार रही हूं...... इस साले को मेरे साथ सोना है... ट्रीप पर जाना है रूक साले तुझे तो मैं पुलिस के हवाले करूंगी..... फिर पता चलेगा कि शनाया को छूना तो दूर उससे घटिया बाते करने की क्या सजा है...
बॉस – शनाया क्या हुआ बताओगी
शनाया – आप भी इसके साथ मिले हुए है
बॉस – अयान तुम्हें पसंद करता है इसलिए उसनो जो कहा मैने मान लिया मुझे नहीं पता था कि वो ऐसा कुछ करेगा
शनाया- क्या बात है सेलरी देने के बदले क्या अब मुझे आपके बेटे के साथ सोना भी होगा
बॉस – शनाया  mind  your language
शनाया -  by god  इतना सब कुछ होने के बाद भी मैं ही मांइड करूं... इतना बोलते हुए शनाया फिर से अयान का कालर पकड़ लेती है और गाल पर थप्पड़ मारना शुरु कर देती है... तुझे शनाया का प्यार चाहिए ना ले साले सुलाती हूं तुझे अपने साथ...शनाया का बॉस किसी तरह अयान को खींच कर अपने पास ले आता है.... रीया कभी शनाया की शक्ल देखने लगती है तो कभी अय़ान को देखने लगती है जिसकी ऐसी दशा बना दी थी शनाया ने कि वो खुद अपना चेहरा ना पहचान पाएगा....शनाया इतनी ज्यादा गुस्से में थी... आज उसके बीच जो भी आता वो पिटता.. बस इसी डर से पूरा ऑफिस सिर्फ मूक दर्शक बना हुआ था.... लेकिन शनाया के इस कदम की तारीफ मन ही मन सब कर  रहे थे

To be continued 




Tuesday, 21 November 2017

अधूरी कहानी, episode -16

NEXT DAY MORNING
 अंगड़ाई लेती हुई शनाया मैडम अपनी आंखें खोलती है.... तभी बाहर से तेज तेज आवाज़े आती है मानो कोई झगड़ा हो रहा हो.... शनाया  फूर्ती के साथ उठती है.. और बालकनी से  झांक कर देखने लगती है....शनाया पहले 5 मिनट देखती ही रहती है और समझने की कोशिश करती है कि आखिर झगड़ा हो किस बात पर रहा है.. जैसे ही शनाया को ये समझ आता है अपना सर पकड़ लेती है....शनाया की कार के आगे उसके पड़ोसी की कार पार्क रहती है हमेशा आज भी वैसे  ही पार्क  है लेकिन कहानी में थोड़ा सा चेंज था...भाई साहब की कार के आगे किसी और ने अपनी कार लगा दी थी....और वो जनाब मोहल्ले के थे भी नहीं, ना कोई स्टीकर ना कोई फोन नंबर कार में छोड़ रखा था....पड़ोसी भाई साहब को ऑफिस जाना था..वो सूट बूट में बाहर खड़े होकर ऐसे चिल्ला रहे थे जैसे लग रहा था.. आज अगर एक मिनट भी लेट हुआ तो बस उस अंजान शख्स को जान से हाथ धोना पड़ेगा... खैर दिल्ली वाले हो या एनसीआर वाले ऐसे हालात से रोज दो चार होते है... शनाया भी यहीं सोच कर बेफिक्र हो कर अंदर जा रही थी तभी उसकी नज़र अपनी कार के पीछे  वाली गाड़ी पर पड़ी भाई ने ऐसे गाड़ी लगा रखी थी.. आप एक इंच भी बैक नहीं कर सकते और शनाया के सामने वाला तो बेचारा खुद रो रहा था... शनाया का दिमाग खराब हो जाता है... वो नीचे आती है तो कार के पहिए पर नजर जाती है.... आगे और पीछे की एक एक पहिए किसी ने पंचर कर रखे थे.... शनाया का गुस्सा बढ़ता जा रहा था.... कल की रात जितनी हसीन थी आज की सुबह उतनी ही बकवास... शनाया अपने आप को कूल  करने की कोशिश करती है.. और वापस अपनी फ्लैट में चली जाती है.... मैकेनिक को कॉल करती है... उसको 1 घंटे के अंदर कार का पंचर बनाने को बोल कर फोन रख देती है... तभी उसको ख्याल आता है...फेसबुक चेक किया जाए देखे तो सही क्या कमेंट है......
शनाया फेसबुक चेक करती है.. WHITE SAREE को लोगो ने ज्यादा पंसद किया  किया तो रेड साड़ी को भी, लेकिन थोड़ा कम... शनाया सबके कमेंट पढ़ कर मन ही मन हंस रही थी....वो अरनव का लाइक खोज रह थी... लेकिन पोस्ट में अरनव का कोई लाइक नहीं था....शनाया थोड़ा सा उदास हो जाती है...फिर फोन रख कर उठती है और तैयार होने लगती है.... अपने रोज़ के काम निपटा कर शनाया ब्रेकफास्ट करने लगती है... उसका दिल आता  है कि अरनव को डायरेक्ट पूछ लूं कि मैं कैसी लग रही हूं.. लेकिन फिर वो रुक जाती है पता नहीं वो क्या सोचने लगे कहीं cheap  तो नहीं लगेगा...शनाया  सोचती है लेकिन अरनव को मैसेज या कॉल नहीं करती है....शनाया का फोन बजता है.. शनाया जैसे ही उठाती है उधर से मैकेनिक बोलता है कि
मैम मैं आ गया हूं बाहर कम से कम दो घंटे लगेंगे....कार ठीक होने में
शनाया- ओह थोड़ा जल्दी कर दे यार ऑफिस जाना है
मैकेनिक – मैम इतना तो लग ही जाएगा सिर्फ एक पंचर हुई होती तो कोई बात नहीं थी लेकिन दो है तो थोड़ा टाइम लगेगा...
शनाया- चलो अच्छा बनाओ तुम
शनाया फोन रख कर  बालकनी से एक बार देख लेती है कि सच में कार के पास कोई आया है या फर्जी बकवास कर रहा था.. देखती है तो थोड़ा तसल्ली हो जाती है चलो बनना तो शुरु हुआ...
शनाया ऑफिस कॉल करके रीया को अपडेट करती है कि बॉस को बता दे मुझे आज थोड़ा टाइम लगेगा...
अब शनाया मैडम के पास सिर्फ एक काम था इंतजार करना....घड़ी में 10 बज रहे थे...शनाया से खुद को रोका नहीं जाता और अरनव को मैसेज कर ही देती है
Hi good morning hw r u …
शनाया का मैसेज आते ही अरनव शनाया को कॉल कर देता है
अरनव- हां भाई बोल कैसी है तू.. आज सुबह सुबह ऑफिस नहीं है क्या तेरा ...
शनाया – है लेकिन मेरी कार  पंचर हो गयी है इसलिए... इंतजार कर रही हूं... तुम सुनाओ क्या कर रहे हो....
अरनव – बस सो कर उठा हूं...कल ऑफिस से लेट आया था..
शनाया – अच्छा मतलब तुमने मुझे जब फोन किया था.. तब ऑफिस में थे...
अरनव – हां औऱ बता क्या चल रहा है..
शनाया- ये सब बाते छोड़ो एक बात बताओं
अरनव – क्या
शनाया – तुमने मेरी फेसबुक पर पिक्चर देखी
अरनव – नहीं
शनाया – चल झूठे
अरनव – हंसने लगता है अरे सच में
शनाया – अच्छा सोच लो मुझे सब पता चल जाता है
अरनव – हां देखी
शनाया – कौन सी वाली ज्यादा अच्छी है बताओ – बताओ
अरनव – दोनो ठीक है
शनाया – बकवास बंद करों जल्दी बताओं पता है मुझे तो  white saree  में इतने लाइक और कमेंट मिले feel wow
 अरनव – ग्रेट लेकिन
शनाया- क्या लेकिन
अरनव – मुझे वो अच्छी ना लगी बिल्कुल भी
शनाया – क्यों भला
अरनव – मुझे तेरी रेड साड़ी अच्छी लगी उस पर बड़ी सी बिंदी  wow थी...
शनाया हंसने लगती है अरनव की बात सुनकर मन ही मन सोचती है सही है बेटा लोगो के कमेंट तुम्हें हजम ना हुए तो तुमने अपनी पंसद ही बदल दी..
शनाया- अच्छा तुम्हें पता है फेसबुक ने ना मेरे साथ बहुत बड़ा मजाक किया है
अरनव – हंसते हुए क्या कर दिया फेसबुक ने
शनाया – क्या बोलूं मैं रूक तुझे एक पिक्चर भेज रही हूं देख
अरनव- भेज
अरनव पिक्चर देखते ही हंसने लगता है.. शनाया ने उसको meow  वाला एक snapshot  भेजा होता है जिसमें लिखा होता है आपको अपनी जान से ज्यादा प्यार कौन करता है औऱ शनाया के साथ अरनव की पिक्चर होती है....
शनाया- देख लिया
अरनव – हंसते हुए हां
शनाया – अब बता ये मजाक ही है ना मेरे साथ अभी तुझसे बाते करते करते मैं यहीं कर रही थी और देख
अरनव – हंसता रहता है
शनाया के दिमाग में ना जाने क्या सूझता है औऱ बोलती है अच्छा चल तू मेरे साथ एक गेम खेलेगा बस मैं जो भी पूछू तुझे ना झूठ बोलना है जिसमें तुमने पीएचडी कर रखी है
अरनव – अच्छा मैं झूठा हूं
शनाया – छोड़ ना चल अब फटाफट बता तुम गधे हो
अरनव – नहीं मैं गधा नहीं हूं
शनाया- जोर से हंसने लगती है फिर पूछती है... तुम आसमान से तारे तोड़ कर ला सकते हो
अरनव – हंसते हुए हां मैं आसमान से तारे तोड़ कर ला सकता हूं जैसे सब लाते है
शनाया – पेट पकड़ कर हंसती है और पूछती है.. तुम मुझसे बिल्कुल प्यार नहीं करते हो
अरनव – हां मैं तुझसे बिल्कुल प्यार नहीं करता
शनाया – अरे बुद्दू झूठ बोलना है झूठ सच नहीं
अरनव – हां मैं झूठ बोल रहा हूं मैं तुझसे बिल्कुल प्यार नहीं करता
शनाया- पागल हो तुम
अरनव – वो तो तू ही है
शनाया- इतना बड़ा मजाक तुम बड़े आराम से कर लेते हो है ना
अरनव – तेरे गेम के रूल को फालो तो किया ना मैने
शनाया – हंसते हुए गधे  हो तुम
शनाया- अरनव एक बात बोलूं
अरनव – बोल
शनाया – तुम........
अरनव – क्या हुआ बक बक करने वाली शनाया अचानक से शांत कैसे हो गयी
शनाया – कुछ नहीं...बस मेरी पागलो वाली बातों में तुम कभी मत आना क्योंकि मैं सच में एक नंबर की झल्ली हूं....
अरनव – वो तो तू है....
शनाया – पता है मेरा दिल करता है मैं तुमसे सच में एक दिन तब तक बाते करती रहूं जब तक मेरी बाते खत्म ना हो जाएं.... लेकिन एक शर्त के साथ
अरनव – क्या
शनाया- कि तुम्हें भी बोलना होगा बाबा जी की तरह चुपचाप बैठकर मुस्कुराना नहीं होगा...
अरनव – हंसने लगता है बोलता तू हूं
शनाया – हंसते हुए हां वो तो मेरी आत्मा ही जानती है...
अरनव – अच्छा देख तेरी कार ठीक हो गयी..
शनाया –अभी कहां थोड़ा वक्त लगेगा... तुम्हें जाना है तो जाओ मैं फोन रख देती हूं
अरनव – हां यार काफी काम है...
शनाया – अच्छा एक बात बताओ
अरनव मन ही मन बोलता है..इसका हमेशा अच्छा एक बात बताओं रह ही जाता है.... सच में कितना बोलती है शनाया
शनाया – पता है मुझे तुम क्या सोच रहे हो
अरनव – क्या
शनाया – यहीं मैं कितने सवाल करती हूं और पकाती हूं जो कि तुम्हें दोनो ही पंसद नहीं है....
अरनव – हंसने लगता है नहीं मेरी मां ऐसा कुछ नहीं है
शनाया – तुम्हारे अंदर क्या चल रहा होता है ये तो मुझे आज तक नहीं पता लेकिन तुम क्या करने वाले हो ये मुझे पहले ही पता चल जाता है....
अरनव – अच्छा अब बताएगी क्या पूछना था
शनाया – कुछ नहीं चल मैं रखती हूं...बाय
अरनव – बाय तुझे बाद में फोन करता हूं
अरनव का फोन रखते ही शनाया का दिल बेचैन होने लगता है ... एक तरफ वो बेहद खुश थी...कि अरनव के दिल में मेरे लिए कुछ तो था और आज उसका मूड भी कितना लाइट था...  फेसबुक गेम को लेकर एक बार भी नहीं बोला...वो सब झूठ है...लेकिन फिर भी ना जाने मुझे क्यों लग रहा है.. अब बस कुछ दिन और.. अरनव कभी भी मुझे छोड़ कर जा सकता है लेकिन इतना तो यकीन है बिना बताएं नहीं जाएगा.. मुझे उसे रोकना भी नहीं बस थोड़ा थोड़ा सा सब कुछ चाहती हूं जिससे मैं आराम से जी सकूं.. and I hope कि वो मुझे प्यार करें या ना करें मेरी इतनी सी बात को समझता तो जरूर होगा.. ऐसे मुझसे एक दम से मुह मोड़ कर कभी नहीं जाएगा.. और ना मैं उसकी लाइफ में कोई दखल दूंगी... दखल देने से याद आया इस बार से पहले तक मेरे पास अरनव की साइड से कभी कोई बात ही नहीं थी....लेकिन इस बार तो मेरे पास दोनो तरफ की बाते है जैसी भी है थोड़ी सी ही सही .... लेकिन है तो...मैं पागल हूं वो मेरा दोस्त है ऐसे मुझे इतनी बड़ी तकलीफ कभी  नहीं देगा...मैं भी ना सच में झल्ली हूं इतना सोचती हूं कि बस... आज इतनी अच्छी अच्छी बाते कि उसने और मैं अपने बकवास में उलझी हुयी हूं....... शनाया आज तो तू खुद को पार्टी दे कि कोई तुझे अपनी जान  ज्यादा प्यार करता है... शनाया बड़ बड़ करती है और फिर अचानक से बोलती है... सब वकवास है.... इसको इतना भी सच मत मान लेना की हकिकत का समाना ना कर सको

To be continued 

अधूरी कहानी-episode-15

अरनव ने BIRTHDAY  क्या विश कर दिया शनाया सातवें आसमान पर थी... उसने अपना फोन उठाया और सबसे पहले अयान को कॉल करती है ....
शनाया- हाय हां बोलो सॉरी मैं सो गयी थी मेरी तबियत ठीक नहीं थी...
अयान- तबियत ठीक नहीं थी या फिर तेरे अरनव का फोन नहीं आया  अभी तक 
शनाया- तू फिर से शुरु हो गया ना अयान... देख यार मुझे तंग करना बंद कर औऱ मुद्दे पर आ क्यों कॉल किया था..
अयान- थोड़ा सीरियस हो कर बोलता है कुछ नहीं तू आज पार्टी में आयी नहीं
शनाया- सॉरी यार सच में मेरी तबियत ठीक नहीं थी... कब तक पार्टी चलेगी मैं आती हूं अभी...
अयान- शनाया की बात सुनकर खुश हो जाता है.... फिर थोड़ा बेफिक्र हो कर बोलता है तू ठीक है पक्का
शनाया – हा ठीक हूं मैं
अयान- ठीक है मैं तुझे लेने आ जाऊं
शनाया- नहीं इसकी कोई जरूरत नहीं है..मैं खुद आ जाती हूं
अयान- नहीं यार मैं मजाक कर रहा था.. रहने दे तू तेरी आवाज से लग रहा है सच में तू बिमार है हम फिर कभी पार्टी करेंगे जिसमें तेरा अरनव भी होगा ..
शनाया- गहरी सांस लेकर बोलती है ठीक है उस दिन का मुझे भी इंतजार रहेगा... बाय
अयान- बाय
अयान का फोन रखने के बाद  शनाया किचन में जाती है... खुद के लिए चीज़ सैंडविच बनाती है और काजल को वीडियो कॉल करती है...
शनाया- क्या बे क्या कर रही है....
काजल- क्या बात है बड़ा चमक रही है... कहां गई थी
शनाया – कहीं नहीं
काजल – फिर इतना ग्लों किस बात का है मैडम
शनाया –क्योंकि आज मैं बहुत खुश हूं.... सुपर से भी ऊपर वाला खुश हूं
काजल- अच्छा क्या हुआ अब बताएगी या सिर्फ चिल्लाती रहेगी
शनाया- सैंडविच खाएगी ?
काजल – नहीं बात बता पहले
शनाया- अरे आज का birthday मेरा wow था
काजल- हां तूने बताया था सुबह ना आज तेरे यहां पार्टी थी ...
शनाया- सड़ा सा मुंह बनाती है और बोलती है जो कि मैने होने नहीं दिया....
काजल- क्यों
शनाया – क्योंकि एक पागल आदमी ने उस पार्टी को रखा था
काजल – हंसते हुए अब कौन नया आशिक पैदा हो गया तेरा
शनाया- अरे वहीं सड़ू बॉस का बेटा.. साला प्रपोज़ करने वाला था..
काजल – तो अच्छा तो था... तुझे उसको मौका देना चाहिए था...
शनाया – पागल हो गयी हो तुम  चलो मैं रखती हूं बाय
काजल- रखना है तो रख दे सोच ले कुछ था जो तू बताने वाली थी
शनाया- झूठा गुस्सा दिखाते हुए तुम मत सुधरना 100 कमीने मरे होंगे तब तुम पैदा हुई होगी...
काजल – हंसते हुए बिल्कुल सही बात
शनाया- साला सारे फसाद की जड़ देखा जाएं तो तुम ही हो.. खैर अब पछताएं होत क्या जब लुटिया गई डूब
काजल – क्या बात है आज तूने दो कहावत मिलाकर नहीं कहावत बना दी.. अब बताएगी भी
शनाया- अरे आज अरनव  सर का  फोन आया था.. इतने सालों में पहली बार गधे ने मुझे विश किया
काजल- कौन गधा अरनव
शनाया – और क्या उसका पूरा नाम है गधा अरनव बेदी  GAB
काजल- वाह क्या नाम है.. तू पहली लड़की होगी जिसने इतनी इज्जत दी है उसको
शनाया – बकवास बंद कर ये भी उसके किस्मत की बात है कि  शनाया ने उसको गधा बोला है... और ये उपाधि सिर्फ उसके नाम कभी भी किसी और को नहीं मिलेगा...
काजल- वाह क्या प्यार है वैसे क्या हुआ फिर आगे बताएगी
शनाया- हम मिले पार्टी की, डांस किया केक खाया मुझे गिफ्ट दिया.. शनाया चिढे हुए अंदाज में बोलने लगती है... अरे माता... क्या हुआ होगा मुझे याद दिलाना पड़ा कि मेरा birthday  है फिर.. भाई के जगह अपना नाम बुलवाने के लिए मेहनत करनी पड़ी...तब कहीं जाकर उसने बोला  happy birth day shanaya
काजल- ओह
शनाया- क्या ओह इतने सालों में उस गधे ने ये ही कर दिया क्या कम है
काजल – हां अब वो तुझसे प्यार करने लगा है...
शनाया – तुम फिर से शुरु हो गयी ना....फर्जी बकवास करना
काजल- और क्या, बात  आगे बढ़ रही है
शनाया – हैलो बात आगे बढ़ रही है लेकिन उसके शादी की....
काजल – मतलब
शनाया – मतलब उसकी शादी हो रही है किसी नायरा से टिपिकल अंरेज मैरिज
काजल – तो सही है ना इस उम्र में तेरे सिवा उसको कौन प्यार करेगा...
शनाया – छोड़ ना चल मैं रखूं बैटरी  डाउन हो रही है...
काजल – ठीक है लेकिन आज की पिक्चर तो डाल
शनाया – कौन सी
काजल अरे सुबह में जो साड़ी डाली थी...
शनाया – ओके डालती हूं....चल बाय
शनाया काजल का फोन कट करती है.. और अपने फोन की गैलरी चेक करने लगती है... सुबह की पिक्चर रीया ने उसको भेजी थी शनाया  फेसबुक पर पिक्चर डालने के लिए सलेक्ट करती है तभी उसको अपनी एक white saree  में पिक्चर दिखती है...  जो तीन चार महिने पुरानी थी.. शनाया सोचती है ये दोनो डाल देती हूं देखती हूं कौन सी सबको ज्यादा पंसद आती है....वैसे भी साड़ी में,  वो भी शनाया कभी कभी ही लोगो को दिखती है.....
शनाया अपनी दोनो पिक्चर फेसबुक पर अपलोड कर देती है.. और अपलोड करते ही उसके ख्याल में आता है देखना है अरनव को कौन सी अच्छी लगती है....वैसे तो वो इतना बड़ा वाला गधा है कि देख भी लेगा अच्छी भी लगेगी तो भी नहीं बोलना उसको.. खजाना जो लूट जाएगा..... शनाया अपनी सैंडविच खत्म करती है.. और आराम से बिस्तर पर लेट जाती है... अरनव जब भी शनाया से कुछ ऐसा बोलता है.. शनाया उसके बाद खुद को कैद कर लेना चाहती है उस पल में ख्वाब ही सही..वो उस पल में किसी का दखल नहीं चाहती... शनाया सोचने लगती है... मेरे ख्याल मेरे ख्वाब मेरे अहसास ही तो है.. जो इतने सालों से मेरे एक तरफे प्यार का वजूद  बनाए हुए है.....नहीं तो हकिकत भरी दुनिया में इस प्यार का मजाक से ज्यादा कोई मोल नहीं है... मुझे खुद डर लगता है कभी कभी तो, यकीन हो जाता है अरनव मेरा  और मेरे प्यार का अच्छा खासा मजाक बनाता होगा... या कभी ना कभी पक्का बनाया होगा...खैर मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वो क्या सोचता है.. ज्यादा मायने ये रखता है कि मैं क्या सोचती हूं... आज, इतना प्यार करती हूं कि वो खुद को भगवान समझ लेता होगा कभी कभी.. भगवान ना करे मेरे मरने के पहले वो दिन आए कि मैं उसको प्यार करना बंद कर दूं... फिर तो वो भगवान तो दूर एक हारा हुआ इंसान बन कर रह जाएगा....जिसके हाथ से मेरा प्यार फिसल जाएगा... लेकिन मुझे पता है ऐसा कभी मैं होने ही नहीं दूंगी.... वो अच्छा बुरा जैसा भी है प्यार इन सबसे ऊपर है.. उसकी अच्छाई या बुराई से मुझे तब फर्क पड़ता ना जब वो मेरी जिंदगी में होता, मेरा उससे कोई जरूरत का नाता होता.. यहां तो ना मुझे उससे कुछ चाहिए ना वो मेरी जिंदगी में कभी आने वाला.. तो बस जहां मतलब नहीं वहां कोई समस्या नहीं और रह जाता है तो सिर्फ प्यार जिसकी शुरुआत 15-16 साल पहले हुई थी... लेकिन अंत सिर्फ मेरे मरने के बाद होगा.....

शनाया खुद से ही बाते करते करते धीरे धीरे सो जाती है... सो जाती है वो आने वाले कल से बेफिक्र हो कर, सो जाती है उस मोहब्बत के साथ जो देखा जाए तो कभी उसका था ही नहीं... फिर भी कुछ तो था जो शनाया और अरनव को आपस में बांधे रहती है... इस खामोश मोहब्बत को पढ़ना... उसे महसूस करना...बेशक...रोमांचित करता है.... लेकिन उस खामोश मोहब्बत के साथ, इस दुनिया में  झूठी मुस्कान, झूठी अकड़ के साथ हर पल काटना शनाया के लिए काफी मुश्किल था.. शायद आप में से भी कुछ लोग होंगे.. जो अपने अंदर और बाहर की दुनिया एक दम अलग करके रखते होंगे. जैसे शनाया रखती है... शनाया को देख कर कोई नहीं कह सकता कि उसके अंदर प्यार की एक ऐसी दुनिया बसी हुयी है.. जहां की मल्लिका सिर्फ वो है....और कोई नहीं... ऐसे देखा जाएं तो ये सिर्फ एक पागलपन है... लेकिन जनाब  प्यार का जूनून ऐसा होता है कि यहीं पागलपन सबसे ज्यादा दिल के करीब होता है....मेरे किरदार बेशक.. थोड़े से पागल नजर आते होंगे.. यथार्थ से दूर नज़र आते होंगे... लेकिन दावे के साथ कह सकती हूं कि... शनाया जैसा प्यार आप भी कहीं ना कहीं किसी ना किसी को आधा सा अधूरा सा ही सही करते जरूर होंगे.. तो बस आज इस एपिसोड को पढ़ने के बाद एक बार अपने दिल को टटोलिएगा जरूर क्योंकि दिल भी कभी कभी चाहता हो कोई उसको बेफिक्र धडकने दे... आखिर उसके पास कुछ पल तो अपना भी होना चाहिए... तो बस देर किस बात कि है....दिल की गहराई में छिपे हुए प्यार को महसूस किजिए शनाया जैसा थोड़ा सा पागलन किजिए... और खुश रहिए

 TO BE CONTINUED