Saturday, 24 August 2019

SHE (why she always carry #ijjatkatokara)


 कीयारा मुंह में च्युइंगम चबाते हुए घर में दाखिल होती है..तभी उसके कानो में तेज से एक आवाज़ आती है....ये कोई वक्त है घर में आने का घड़ी देखी है तुमने इतनी बड़ी हो गई हो गयी हो..क्या कहेंगे लोग खानदान की इज्जत को मिट्टी में मिला कर ही दम लोगी तुम....कीयारा अपनी शक्ल पर 12 बजाते हुए पीछे पलटती है....उसके सामने उसकी दादी वहीं रटा रटाया डॉयलॉग बोले जा रही थी.. जब से कीयारा 14 साल की हुई थी.. तब से ये  डायलॉग उसकी जिंदगी की हिस्सा बन चुके थे....और पिछले चार साल  से कीयारा ये लाइन्स almost  रोज़ सुनती है...
कीयारा – ओह common दादी अभी कितने बजे look at the time… its only 9 o clock bebes
दादी – अपनी शक्ल को और खुडुस बनाते हुए बोलती है....रात के 9 बज रहे है अपने कपड़े तो ज़रा देखो....मोहल्ले वालो को लगेगा इनके घर में कपड़े की कमी हो गयी है... इधर से पेट दिख रहा उधर से पैंट इतनी छोटी और तंग की पूछो मत राम राम ना जाने मां ने क्या सिखा रखा है....
कीयारा – come on दादी.. its fashion... और ये कम कपड़े नहीं है इसे crop top कहते है and  look at down  इसे hot pant कहते है... दादी  इसे #fashion  कहते है और ये #kiyara styleहै
दादी- ये स्टाइल है तेरा बालों में ना जाने क्या क्या लगा रखा है.... आखों के पास छेद करा रखे है... होठों के नीचे छेद करा रखे है हमारे जमाने में सिर्फ कानों में पहनते थे...बालियां वो भी सोने की अब देखों पूरे चेहरे को भंगार की दुकान बना रखा है..
कीयारा थोड़ा गुस्से में अपनी दादी की आंखों में आंखें डाल कर बोलती है..  common दादी अब तो डायलॉग चेंज कर दो डार्लिंग... और शरारती नज़रों से आंख मारते हुए अपनो कमरे की तरफ निकल लेती है....लेकिन बेडरूम में जाते ही उसके  चेहरे की साऱी बदमाशियां गायब हो जाती है.. खुद को आइने में देखती है.. और सोचती है... अचानक से मेरे 14  birthday के बाद क्या हो गया मैं इस घर की बच्ची से इज्जत का सामान कैसे हो गयी...बड़ा दिमाग पर ज़ोर डालती है..फिर खुद ही बड़ बड़ करते हुए बोलती forget kiyara mom hai na unse आज पूछ ही लेते है... whats wrong with every one
Oh common kiyara first change your self  then mom के पास जाते है.... खुद से बाते करते कीयारा अपनी मॉ के  रूम में जाती है....
माँ.... ये शब्द गायत्री के लिए किसी मिश्री के बराबर थे.... अपने लैपटॉप पर से नज़र हटा कर गायत्री कीयारा को देखने लगती है
कीयारा – आप busy हो
गायत्री – नहीं बेटा आओ बस कल के ऑफिस का schedule बना रही हूं..
कीयारा अपनी मां को चेयर से उठाती है और ड्रेसिंग एरिया के पास ले  जाती है...
गायत्री – क्या बात है कीयारा tell me
कीयारा – how look I am
गायत्री- super cool smart beautiful
कीयारा-  r u sure
गायत्री- 100%
गायत्री- बात क्या है बेटा आज ऐसे सवाल क्यों
कीयारा- मॉम .. दादी always told me मैं खानदान की इज्जत खराब कर दूंगी but she never told to akki… although he is elder then me… he is  doing everything in his way .. I know his every secret
गायत्री हंसते हुए कीयारा को अपने बेड पर बैठाती है... और उसी की language  में बोलती है...
Ya u r right actually  ये जो girlz  है ना  girlz बहुत precious होती है अपने घर के लिए.. इनको कोई तकलीफ ना पहुंचा दे इसलिए थोड़ा सा handle with care रखा जाता है  इन्हें.... u know outsiders people are not too good
कीयारा- mom प्लीज ये मेरे question  का answer  नहीं है.... प्लीज can u tell me the truth… ok tell me u also faced these kind of bakwas
गायत्री थोड़ा सिरियस हो कर बोलती है... कीयारा  seriously   u want to know the truth
कीयारा- yes  mom  seriously I want to know  ये #ijjatkatokra हमारे सर पर ही क्यों है... क्यों हमारी वजह से खानदान की इज्जत चली जाएगी...
गायत्री – ओके सुनो फिर... ये तुम्हारा #ijjatkatokara कोई नया नहीं है बल्की तुम कह सकती हो ये तो अब बहुत हल्का हो चुका है... इसका बोझ हर लड़की उठाती है....
कीयारा- बीच में ही बोलती है lol क्या ये खानदानी रीवाज़ है mom
गायत्री- थोडा सिरियस होते हुए बोलती है नहीं ये सामाजिक रीवाज़ है...
कीयारा – wow we are so important right mom  मतलब आदमी के होने का कोई मतलब नहीं है...इस सो कॉल्ड आपके समाज में we girlz are so strong wow mom  
अपनी मां से बोलते बोलते कीयारा के चेहरे पर 440 का VOLTAGE दौड़ने लगता है
गायत्री शांतमन से कीयारा को देखती है और बोलती है...कीयारा तुमने कभी women in 90s or women in ancient age google किया है ...
कीयारा – no mom
गायत्री – then first go and check it read it  then u will get ur right answer
कीयारा अनमने मन से बेड परसे उठतीहै औरबोलती है
कीयारा-  this is not fair mom I want only one thing what is this bloody ijjata ka tokara
Dnt worry I will find my ans social media  knows everything…
गायत्री धीरे से हंसती है.. और बोलती है तभी तो बोला जाओ और पढ़ों और पढ़ने से याद आया howz going ur collage hope u will achieve this year also
कीयारा- yo bebs after all i m ur daughter the grt CA Gaytri SINHA की बेटी हूं BUT this is not fair mom  दादी को बोलो  मुझे bully  करना छोड़ दे
 गायत्री – done कीयारा   go and sleep  
कीयारा – ना आज तो मैं इस  bloody  इज्जत के टोकरे को समझ कर ही सोउंगी... bye मॉम
Good night
 गायत्री कीयारा को बाय तो बोल देती है... लेकिन वो भी इस वक्त वहीं सोच रही होती है आखिर ये इज्जत का टोकरा हम औरतों के सिर पर ही क्यों है...सही तो है कीयारा....
उधर कीयारा अपने रूम में जाते ही सबसे पहले insta पर twitterपर #ijjatkatokara  create करती है...और   elite class  से लेकर celeb तक को tag करके  पूछती है...
 Hey any one can knows me what is the ijjat ka tokara which always be with girlz

सवालों की उलझन में कभी दादी की तो कभी अपनी मां की बातों सोचते सोचते कीयारा सो जाती है
#sapnokiduniya   में चली जाती है
To be continued  


Thursday, 22 August 2019

SHE (complicated introduction)


ये कहानी है he and she की नहीं नहीं सिर्फ sheकी... actually इस दुनिया में सारी बातें she से शुरु होती है और she पर ही खत्म हो जाती है.... दुनिया के बड़े से बड़े धुरंधर कह लिजिए या फिर ज्ञानी कह लिजिए she  के सामने आते ही कभी ना कभी मत्था टेक ही देते है....खैर जब इस she की माया से खुद भगवान भी ना बच पाए तो इंसान क्या चीज़ है... कहने वाले कहते है कि भगवान ने भी she  की रचना करते वक्त पक्का overtime  कर रहे होंगे या फिर weekend पर दोस्तों के साथ दुनिया घुमने की तैयारी में लगे होंगे और अचानक से डिमांड आ  गया  she  का hardware install करने की..... जल्दी काम खत्म हो बस इसी धुन में कुछ में sheवाला software एक दम perfect डाला वो कहते है ना बड़ी फुरसत में बनाया होगा भगवान ने तुम्हें type वाली she और कुछ में गलत software install कर दिया वोले तो all time  confusion में ही रह जाए सामने वाला.... अब आप पूछेंगे मतलब.... मतलब ये जनाब की दिखने में बला की खुबसूरत और हरकतो में आदमी भी शर्मा जाएं...बस भगवान की काम करने की जल्दी ने सारा हिसाब किताब गड़बड़ कर दिया दुनिया भर के he का....पहले कहां जिंदगी आसान थी... और इस प्रोग्रामिंग के बाद पूरे ब्रम्हांड में सब कुछ she के इर्द गिर्द  ही घूम रहा है.... लेकिन बिचारी she ओह सॉरी सॉरी हमारी she कहां कहां कैसे कैसे he को मैनेज करती है....सोचिए मत ज्यादा, कभी कभी she पर जोक बनाना भारी भी पड़ जाता है... वैसे she की कहानी शुरु करने से पहले यहां बता देती हूं ये दुनिया की कोई भी she  हो सकती है और इसका ताल्लुक उसकी दुनिया में रहने वाले he  से है... तो इसे अपनी कहानी समझ कर अपने पसीने मत पोछिएगा.. क्योंकि ये world है ना यहां पर बहुत सारी चीजें एक जैसी होती है... u know option ज्यादा नहीं है... बस एक चीज है जो एक दूसरे जैसी कभी नहीं होती और वो है SHE……..
continue

Thursday, 9 May 2019

Aur tum chale gaye

कहते है दर्द जब हद से गुजरने लगे तो दो काम करना चाहिए या तो उसे ऐसे भूलो कि वो ज़हन से मिट जाएं या फिर उसको ऐसे अपने दिल में सम्हाल कर रख लो कि उसके होने या ना होने से आपकी आत्मा पर कोई फर्क ना पड़े क्योंकि आत्मा का आत्मा से रिश्ता तो अजर अमर है ऐसा बड़े लोग और किताब कहती है और मैं भी यही मानती हूं... चलिए आपको एक कहानी सुनाती हूं...ये कहानी है बस कुछ दिनो की या हूं कह लिजिए कुछ घंटों की नहीं सिर्फ कुछ पलों की....कुछ पल जिंदगी के ऐसे होते है जो आपकी जिंदगी बदल कर रख देते है...वो इतने खास इतने करीब हो जाते है कि उसका कोई दूसरा विकल्प नहीं होता...बस इतना ही सबसे खास था वो....उससे पहले मैने कभी किसी को छुआ तक नहीं था.. शायद दिल में वो अहसास ही नहीं थे.. या फिर कह लिजिए ऐसे परिवेश में पली थी वो कभी ख्याल भी नहीं आया था.. कि एक बार उससे उसकी भाषा में बात करके देखूं तो ज़रा कैसे होते है ये इनको समझू तो ज़रा लेकिन ना, उनको देख तो मैं रास्ता बदल देती थी...अपने आपको जितना समेट कर चलती थी कि कहीं उनके छू लेने से मुझे नहाना ना पड़ जाए... या फिर बहुत ही गंदे तरीके से डॉट देती थी.. क्योंकि मेरे अंदर का डर मेरे ऊपर हॉवी रहता था....फिर जिंदगी में एक दिन ऐसा आया जब फिज़ाएं बदलने लगी और कहते है ना किसी का आपकी जिंदगी में आना वक्त पहले से तय करके रखता है और शायद जाना भी.....एक साल से उसका मेरी जिंदगी में आना लिखा जा रहा था...में भी खुद को सम्हाले जा रही थी क्योंकि उसका आना मेरी जिंदगी के चेहरे पर खुशी ला रहा था...मुझे भी लगा वो आएगा तो जिंदगी का खालीपन अकेलापन सब खत्म हो जाएगा....मेरे शब्दों में कहे तो सब कुछ WOW  होगा....वक्त बितता रहा और उसके आने का दिन नज़दीक आता गया...और मेरे अंदर के सवाल जवाब बढ़ने लगे.. मैं कैसे उसके साथ रहूंगी क्या सब कुछ अच्छे से कर पाउंगी... उसको मैं अपने हाथों से छू भी पाउंगी... शायद नहीं मैं तो बस वो काम करूंगी जो जरूरी है.. मुझसे ना हो पाएगा...ऐसे करते करते काफी दिन गुज़र गए और वो तारीख आ गयी जब उसको मेरे पास आना था या यूं कह लिजिए जब उसकी और मेरी कहानी लिखी जानी थी... दिल  ज़ोर ज़ोर से धड़क रहा था...नहीं पता था मैं उसके आने के नाम से इतनी खुश क्यों थी... मन ऐसे मचलने लगा था जैसे ना जाने कब से हम बिछड़े थे और बस कुछ पल में हम मिलने वाले है लेकिन दिल के अंदर का डर भी अपने चरम पर था....फिर वो वक्त आ गया जब वो मेरे घर के बाहर खड़ा था और मेरे हाथों में गुलाब के फूल की थाली थी.. मानो बस मेरी चाहत को नया रंग मिल गया था.... होता भी क्यों ना मेरी जिंदगी में इस तरह का वो पहला अहसास था... और मॆं ऐसी हूं कि जो भी मेरी जिंदगी में पहली बार हुआ वो बस मेरे अंदर कहीं कोने में जाकर बस गया और कभी नहीं निकला ये अहसास भी वैसा ही था....उसको छूने से हाथ कांप रहे थे...दिल डर रहा था....लेकिन जिस पल उसकी खामोश आंखें मेरी नज़रो से टकरायी तो लगा एक पल में वो कितना कुछ कह गया... और मैने उसको अपने सीने से लगा लिया....उसके छोटे छोटे हाथ उसकी नज़रे उसके शरीर की हर हरकत में मेरे लिए सिर्फ प्यार था.. जैसे बच्चा अपनी मां से चिपक कर सुकून महसूस करता है बस वहीं भाव उसके चेहरे पर था... वो बहुत छोटा था सिर्फ 20 दिन का था...उसके कोमल मन को मैं पढ़ने की कोशिश करती रही...और हर बार उसकी आंखों में छिपे उस खालीपन को भरने की कोशिश करती रही..लेकिन शायद नाकामयाब रही... वो जब भी मेरे ऊपर होता मुझे एकटक निहारता मेरी बातों को सुनता मेरा प्यार करना मेरा डांट लगाना सब सुनता लेकिन आंखों में कोई हरकत नहीं थी... उसकी आंखें देख ऐसा लगता ना जाने कितने जन्मों से बिछड़े थे हम और बस आज मिले है तो फिर कैसे इनको तुम्हारी नज़रों से हटने दूं मां.... हां सही सुना आपने उसकी नज़रे मुझे मां बुलाती थी... उसका छोटे से बच्चे की तरह  गोद में मुंह छिपाकर सिकुड़ जाना मेरी ममता को और बढ़ाएं जा रहा था.. हर बार  यहीं सवाल करती थी ये बोलता क्यों नहीं है इसकी आंखें इतनी उदास क्यों  है... और दूसरी तरफ दिल में इसके साथ मैं सपने बुनने लगी....ऐसा लगा बस कुछ दिनो की तो बात है फिर ये मेरे साथ कदम से कदम मिला कर चलेगा...मेरे लिए हमेशा रहेगा... मुझे प्यार करेगा.... इन सपनो और हकिकत के बीच 4 दिन ही गुजरे थे.... और गुजरते वक्त के साथ उसकी आंखों की उदासी बढ़ने लगी थी.. दिल में आया वो पक्का अपनी मां को याद कर रहा होगा...जब भी उसको ऐसे देखती बस अपने सीने से चिपका लेती... उसका दर्द मुझे हर पल अंदर से कचोटता...हर कोशिश करती कि उसको मैं वो सब दे सकूं जिसका  वो हकदार है लेकिन क्या पता था... वो सिर्फ अपना हक अदा करने आया था.. मुझे अपनी मां का दर्जा देने आया था.. मेरी आंखों में नये सपने बसाने आया था...या यूं कह लिजिए मेरे अंदर के डर को मारने आया था... वो बेज़ुबान था...लेकिन उसकी एक एक बाते मेरे जहन पर अपनी मजबूत नींव बनाता चला गया......मुझे लगा वक्त के साथ वो ठीक हो जाएगा.. डॉक्टर भी यहीं कहते रहे वो ठीक हो जाएगा...और फिर वो आखिरी दो घंटे... जब वो डॉक्टर के पास से आया थोड़ा ऐक्टिव था.. मेरे पैरो के बीच से चिपक चिपक कर निकल रहा था.. मैं उसको दुलार से डांट रही थी...अगले पल वो मेरे ऊपर बैठा था... एक दम चिपक कर इतने करीब बस हमारे और उसके बीच कोई दूरी नहीं थी में उस पर अपना लाड़ लुटाएं जा रही थी... उसके माथे पर छोटा सा चुम्बन किया और बोले जा रही थी.. जल्दी जल्दी तुम ठीक हो जाओ नहीं तो बहुत मार पड़ेगी....मैं अच्छी नहीं हूं तुम मुझे बहुत तंग करते हो पूरा दिन अपने पीछे लगाए रहते हो खाना पीना तुमने छोड़ रखा है ऐसे नहीं चलेगा मां हूं मैं सोच लो.. और वो मासूम तब भी मुझे बिना हरकत के एकटक देखे जा रहा था... ऐसा महसूस होता है अब कि मानो कह रहा हो मां बस कुछ पल और अपने सीने से मुझे चिपका रहने दो बस कुछ पल का साथ है मेरा.. लेकिन मैं इतनी भी समझदार नहीं थी कि उसकी बातो को समझ पाती.... अपनो काम के धुन में लग गयी और वो अपने छोटे छोटे कदमों से पूरे घर के चक्कर लगाने लगा.. शायद उसको पता था ये पल उसके आखिरी है... जब सांसे उसका साथ छोड़ने लगी तो धीरे से गोद में आकर बैठ गया उसकी आंखें धीरे धीरे छोटी होती जा रही थी वो निढाल होता जा रहा था.. और मैं अपने दोनो हथेलियों से उसको पुचकारे जा रही थी कहें जा रही थी कितने आलसी हो तुम फिर सो रहे हो.. और उसकी बंद होती आंखो के उस पल के हजारवें  हिस्सें से भी वो मुझे देखे जा रहा था... और बस अगले पल उसकी आंखें बंद थी और मुंह खुला था... और मैं बेबस बेहाल निढाल हो गयी थी नहीं समझ आया.. कि क्या हो गया उसको उस एक पल में मैं खाली हो चुकी थी इतनी कि शायद अब कभी मैं किसी को भी उसका दर्जा नहीं दे पाउंगी मेरी ममता को वो और ऊंचा कर गया और मुझे बेबस मां का दर्जा दे गया.. एक ऐसी मां जो अपने बच्चें को नहीं बचा पायी... अपने हाथों में उसकी आखिरी सांसे देखी थी... तड़प कर रह गयी मैं...इतना दर्द वो भी सिर्फ चार दिन की मुलाकात में इतनी जल्दी तो मैं किसी से कोई रिश्ता नहीं बनाती फिर मां बेटे का रिश्ता तो सवाल ही नहीं उठता लेकिन अगले पल अहसास हुआ ये रिश्ता मैने बनाया नहीं था.. ये तो पहले से था शायद किसी जन्म का हिसाब था जो वो मेरे पास आया ढेरो खुशियां लाया और जाते जाते मुझे अपनी मां का दर्जा दे गया... भगवान से हर पल  प्रार्थना करती हूं वो जहां भी जन्म ले उसको भगवान ढेरों खुशियां दे इस मां की दुआ है उसे कभी कोई तकलीफ ना हो वो इतना मजबूत शख्स बने कि जिस तरफ भी उसकी नज़रे पड़े सबका भला हो....वो सम्राट की  तरह जिए और  भगवान ने कभी फिर से इस धऱती पर मुझे भेजा तो उसकी मां मैं जरूर बनूं वो कोई और  नहीं था मेरा 20 दिन का spidey था एक कुत्ता जो मुझे इंसान से ज्यादा प्यार और उतनी ही ज्यादा तकलीफ देकर चला गया...........