Friday, 29 September 2017

अधूरी कहानी episode-3

सुबह के 8 बज रहे थे... शनाया गहरी अंगड़ाई लेते हुए उठती है घड़ी की तरफ नज़र डालते ही उसे ख्याल आता है OMG आज तो मुझे सुबह सुबह ऑफिस पहुंचना है बॉस के साथ मिटिंग है....हड़बड़ा कर अपना फोन उठाती है अनलॉक करते ही अरनव की पिक्चर दिखती है उसे... तब ख्याल आता है मैडम को ओह तेरी मैं तो भूल ही गयी कल रात तो अरनव सर का फोन आया था... 

अरनव का नाम ज़ुबान पर आते ही शनाया का चेहरा एक दम blush करने लगता है जैसे आज भी 18 साल की शनाया है और अरनव से पहली बार मिली हो......शनाया भागते दौड़ते तैयार होती है... लेकिन देर रात तक जगने से मैडम की BEAUTY  थोड़ा खराब हो गयी थी आखों में सुजन चेहरा थका थका सा दिख रहा था.... हो भी क्यों ना शनाया की अपनी लाइफ के  RULE  बड़े सख्त थे.... 11 बजे तक सो  जाना है मतलब सो जाना है सुबह 6 बजे उठना है तो उठना है... शनाया घर में अकेली रहती है ....उसने कोई मेड भी नहीं लगा रखा था.. शनाया को अपने घर में किसी भी तरह से  third person  पंसद नहीं था.... या यूं कह लिजिए उसकी आदत हो गयी थी अकेले रहते रहते.....any ways धीरे धीरे आप शनाया की लाइफ स्टाइल भी जान जाएंगे ... 

फिलहाल तो मैडम तैयार हुई और कल रात की बात सोचते सोचते मुस्कुराते  हुए घर से निकल गयी....चेहरा बुझा हुआ था लेकिन  energy level awesome  था. शनाया का आज.... आखिर कल रात वो हुआ था जो हमेशा वो सपने में देखती थी......ऑफिस पहुंचते शनाया की नजर रीया पर पड़ती है.... रीया शनाया की सेकेट्ररी है दिखने में पतली दुबली सी सावंली सी  ब्लैक स्कर्ट और white shirt  होठ पर cherry  red colour  की लिपस्टिक  आंखों में  गहरा काजल और पैरो में हाई हील ...सैंडिल.... वो कहते है ना.. आपका लुक सबसे ज्यादा मैटर करता है फिर रिलेशन कोई भी हो और जगह कोई भी हो रीया इसका ख्याल रखती है.....शनाया को देखते ही रीया एक दम alert हो जाती है क्योंकि शनाया को गुस्सा बहुत आता है...अगर काम शनाया के हिसाब से नहीं हुआ तो फिर पूरे ऑफिस में मां बहन भाई बाप और ना जाने क्या क्या गालियां वो भी तेज तेज सुनाई देने लगता है.... लेकिन आज शनाया का मूड बेहतरीन था.... रीया शनाया के शक्ल को पल भर में पढ़ लेना चाहती है.... रीया को जैसे ही लगा आज तो देवी मां खुश है बस झट से वो शनाया के पास आती है.... और एक अच्छी सी smile  के साथ उसको  good morning  बोलती है ..... शनाया रीया को गले लगा लेती है.... रीया को समझ ही नहीं आता ये क्या हो गया आज शनाया को...
शनाया- रीया तुम सोच रही होगी कि मैं आज ऐसे कैसे behave कर रही हूं..
रीया- जी मैम
शनाया- आज मैं बहुत खुश हूं..
रीया – ग्रेट मैम reason
शनाया- बताउंगी जरूर बताउंगी पहले मिटिंग निपटा कर आती हूं
रीया- ओके मैम ये रही आज के मिटिंग के points….

शनाया बॉस के केबिन के तरफ बढ़ जाती है और रीया शनाया के केबिन की तरफ  शनाया का मूड इतना अच्छा देख कर आज रीया भी काफी खुश हो जाती है...मैम के लिए कुछ अच्छा सा प्लान करती हूं.... लंच में... इतना खुश इनको पिछले चार साल में पहली बार देखा है... हो सकता है कोई बड़ी डील मिल गयी हो.. या फिर घर वालो की बात मान कर शादी के लिए हां बोल दिया हो ... खैर जो भी होगा वो आकर बोलेंगी तो जरूर... रीया खुद से ही बाते करते करते शनाया का केबिन  Arrange  कर रही होती है....

शनाया मिटिंग खत्म करते ही अपने केबिन में आती है... और जैसे बच्चें खिलौने पाकर उछलते है वैसे उछल उछल कर इधर उधर कूद रही होती है.... चेहरे पर वही मासूमियत जैसे आसमान से तारे हाथ में आ गए हो... ग्लास की वॉल के बाहर शनाया का staff उसको देखे जा रहा था.... सब आपस में खुसरफुसर किए जा रहे थे ... ना जाने आज क्या बात है.... रीया केबिन के अंदर दाखिल होती है...
रीया- मैम कॉफी
शनाया- नहीं आज मैं आइसक्रीम खाना चाहती हूं एक काम करो प्यून को बुलाओं हम सब मिल कर आइसक्रीम खाएंगे
रीया- इतनी ठंड में आइसक्रीम
शनाया- ओह हो अभी से बुढ़ी हो गयी हो क्या
रीया – हंसते हुए नहीं मैम
शनाया- then मंगाओं
रीया- ok mam
रीया इंटरकॉम पर फोन करके आइसक्रीम लाने को बोल देती है ... और शनाया की तरफ मुड़ कर पूछती है एक बात पूछूं मैम
शनाया- एक क्यों दस बाते पूछों
रीया- आज क्या कोई खास दिन है
शनाया- हंसते हुए खास बहुत खास दिन है रीया
रीया- क्या मैम
शनाया अपनी सीट से उठ कर रीया  के कंधे पर अपना हाथ रखती है और उसको तेजी से घुमा देती है.... और बोलती है रीया तुमने किसी से प्यार किया है कभी
रीया- मैम वो.. रीया समझ ही नहीं पाती क्या बोले
शनाया- अच्छा  छोड़ो ये बताओं... तुम सबसे ज्यादा खुश कब होती हो
रीया- जब मेरी मनपंसद चीज मुझे मिल जाए या फिर मेरे दिल का सबसे करीब इंसान मेरे करीब आ जाए
शनाया-  exactly  मैं भी बस इसिलिए खुश हूं
रीया- अब इतना बता रही तो ये भी बता दिजिए की  आपकी खुशी का राज क्या है
शनाया- प्यार प्यार और सिर्फ प्यार
रीया- आपको प्यार हो गया है मैम किससे इसी ऑफिस में है क्या कौन है वो
शनाया- (गुस्से में) पागल हो तुम  इस ऑफिस में और प्यार वो भी मुझे पिछले चार साल में देखा तुमने किसी को मेरे साथ

रीया – थोड़ा सा सहमते हुए नहीं मैम
शनाया- then कैसे सोच लिया तुमने अरे रीया कल  उस शख्स से मेरी बात हुई जिससे मिल कर मुझे प्यार का अहसास हुआ जिससे बाते करके मुझे लगा मुझे भी लडकियों की तरह सजना चाहिए... जिसके साथ बिताएं एक पल भी मेरे लिए उन बेहतरीन अहसास में से है जिनको मैने आज तक सम्हाल कर रखा है....जिसकी आधी अधूरी बातों में मैं अपने लिए बाते खोजती हूं... शनाया अरनव के लिए अपना प्यार बयां किए जा रही थी... और रीया उसकी बातो को बिना पलक झपकाएं सुने जा रही थी.... रीया ने पहली बार शनाया की ज़ुबान से प्यार को लेकर  इतनी बाते सुन रही थी .......
रीया- मैम एक बात पूंछू
शनाया- हां पूछो
रीया- कौन है वो
शनाया- है बस
रीया – क्या नाम है उनका
शनाया- अरनव बेदी
रीया- आप उनसे इतना प्यार करती है फिर आपने शादी क्यों नहीं की
शनाया- क्योंकि वो मुझसे प्यार  नहीं करता...
शनाया ने ये बात इतनी आसानी से कह दी कि रिया को समझ ही नहीं आ रहा था कैसे  react करें
रीया- मैम फिर आपका कैसा रिश्ता है
शनाया- पता नहीं ये तो आज तक मुझे भी नहीं पता..... बस रिश्ता है एक अजीब सा रिश्ता जिसे दोस्ती कहना मेरी मजबूरी है... प्यार कह नहीं सकती... बिना किसी रिश्ते में बांधे उसका साथ पा नहीं सकती लेकिन इन सब के बावजूद पूरी दुनिया में मेरे परिवार के बाद अगर मैं किसी के लिए सोचती हूं तो वो सिर्फ और सिर्फ अरनव है...
रीया-  इसलिए आपने आज तक शादी नहीं की उनकी शादी हो गयी
शनाया- होने वाली है
रीया शनाया की बाते सुनकर उसकी शक्ल देखे जा रही थी.... शनाया कितनी आसानी से अपना प्यार और अपना दर्द एक साथ बंया कर रही थी वो भी हंसते हुए लेकिन शनाया कि आंखें अब हंसना बंद कर चुकी थी... कुछ देर और वो अरनव के बारे में बाते करती तो रोने लगती.... तभी केबिन के अंदर आइसक्रीम लेकर प्यून आ जाता है
शनाया प्यून को पैसे देते हुए बोलती है सुनो पूरी टीम को अंदर भेज दो और हां ये लो एक तुम भी खाओ... प्यून भी शनाया की शक्ल देखने लगता है... रीया प्यून को नजरो से बाहर जानो का इशारा करती है ..

Cut to shanaya home at 9 pm

शनाया चेंज करके कॉफी बनाती है और बिना कुछ सोचे अरनव को फोन लगा देती है....
शनाया- हैलोलोलोलोलोलोलोलोलोलो...... good Evening mr. ARNAV
अरनव – Good eve ji क्या  हाल है तेरे
शनाया – बस मैं ठीक हूं तुम सुनाओ आज कैसे फील कर  रहे हो
अरनव – ठीक ही हूं यार बस काम निपटा रहा हूं
शनाया- ठीक ही हूं ये क्या बात हुयी अच्छे क्यों नहीं हो
अरनव – नहीं बस कुछ नहीं
शनाया- अभी तक नायरा से झगड़ा खत्म नहीं हुआ
अरनव – नहीं पता
शनाया – ये भी भला क्या बात हुयी वो तुम्हारी होने वाली बीवी है... उसका ध्यान तो तुम रख ही सकते हो
अरनव – मुझसे ये सब ना होगा
शनाया- गहरी सांस लेते हुए हां तुमसे बाकी सब हो सकता है...  any way  एक काम बोलूं करोगे
अरनव – बोलो
शनाया- date plan करो  नायरा के लिए
अरनव- बहुत कर लिया अब ना होता
शनाया- बड़े अजीब आदमी हो आदमी नहीं गधे हो तुम शादी हुयी ना और अभी से ही बहुत कर लिया बेवकूफ कहीं के
अरनव – अच्छा मेरी मां सोचता हूं कुछ
शनाया- हां मां तक मुझे बना लो लेकिन ??????//
अरनव – लेकिन क्या
शनाया- कुछ नहीं any way leave it   एक बात पूछूं
अरनव – पूछो
शनाया- तुम्हारे पास वक्त है अभी
अरनव – हां थोड़ा तो है ही
शनाया- मुझे ना एक दिन तुमसे दिन भर बात करनी है करोगे मुझसे
अरनव – हंसते हुए अब भी तो बात ही कर रहा हूं
शनाया- गधे हो तुम जवाब दो सिर्फ मेरा
अरनव – हां यार कर लूंगा तुझसे नहीं करूंगा तो किससे करूंगा
शनाया  अरनव की इस लाइन को सुनकर एक दम से खुश हो जाती है.... फिर बोलती है अच्छा एक बात बोलूं
अरनव- हंसते हुए बोल दे बिना बोले तो मानेगी नहीं...
शनाया- पता है मुझे ना मन करता है जल्दी जल्दी मैं बूढ़ी हो जाऊं
अरनव – हैरान हो कर पूंछता है क्यों
शनाया- क्योंकि मैं चाहती हूं जल्दी जल्दी ये लाइफ खत्म हो जाए औऱ फिर से सब कुछ नया शुरु हो और  अगले जन्म में ये सब बवाल ना हो जो अभी है
अरनव – हंसते हुए कौन सा बवाल
शनाया- तुम्हारा सही है...इस बार तुम मुझे मिले नहीं ना इतनी कोशिश करने के बाद भी... तो अगले जन्म में ना मैं सुंदर सी और सुंदर सी लड़की बन कर पैदा होना चाहती हूं औऱ सिर्फ तुम्हें पाना चाहती हूं मुझे कुछ नहीं चाहिए इस जन्म में तो तुम अब बुक हो चुके हो और तुम्हें मुझसे प्यार भी नहीं हुआ
अरनव थोड़ा सा सिरियस हो जाता है नहीं यार ऐसा नहीं है.... बस अच्छे और अच्छे कि तलाश में भटकता रहा कभी अच्छी जॉब तो कभी कुछ घर वालो के उम्मीदों को पूरा करता रहा..... अरनव ये सब बोलते बोलते सिरियस हो गया
शनाया- please  मेरी बातो से तुम दुखी मत होना तुम्हे तो पता है मुझे बोलने की बिमारी है
अरनव- नहीं यार ऐसी कोई बात नहीं है
शनाया- अच्छा जिंदगी अगर आज तुम्हें मौका देती तो क्या तुम मेरे साथ घर बसाते
अरनव – बिना सोचे झट से बोलता है क्यों नहीं बसाता तू स्मार्ट है success  है confident है तेरे साथ घर जरूर बसाता लेकिन अब मेरे हाथ में कुछ नहीं है
शनाया- हैलो एक मिनट अब मैं भी  interested  नहीं हूं.....इसिलिए अगले जन्म के लिए तुम्हें बुक कर  रही हूं

अरनव- तूने शादी क्यों नहीं की अभी तक मुझे हमेशा अफसोस रहेगा कि तुने मेरी वजह से

शनाया ने बीच में ही अरनव को रोकते हुए बोला एक मिनट सब कुछ कहना लेकिन प्लीज मेरे प्यार को छोटा या एहसान या बेचारा बनाने की कोशिश बिल्कुल मत करना आयी बात समझ मैने इसिलिए शादी नहीं कि क्योंकि मुझे ना किसी नमूने के साथ जीवन नहीं काटना जब कोई मिलेगा जो मुझे झेल सके तो उससे कर लूंगी

अरनव-  sorry

शनाया-  its ok  मैं शादी कर लूंगी तू  tension मत ले तू बस नायारा पर फोकस कर मेरे लिए तो यही बहुत बड़ी बात है कि तू मेरे साथ घर बसाता अगर इस रिलेशनशिप में नहीं होता.... I always pray की तू खुश रहे.... औऱ हां मुझे कभी भूलना मत

अरनव – अगर भूला होता तो तुझे call  करता
शनाया- प्लीज 4 साल बाद तेरा  call आया है...
अरनव- अच्छा चल मैं रखता हूं मुझे कुछ काम करना है
शनाया- its ok  तुम्हे याद है ना एक दिन तुम सिर्फ मुझसे बाते करोगे
अरनव – हां याद है
शनाया- और हां सुन नायरा को मना ले जा मिल कर आ  तू उससे प्यार बहुत करता है इतना तो मुझे पता है... तो अपने प्यार के लिए थोड़ा सा झुक जाते है आयी बात समझ अकड़ू दास चल बाय
अरनव- बाय


शनाया-  फोन रखते ही.. खुशी से नाच उठती है और बोलती है चल शनाया इतने सालों में पहली बार अरनव ने ये तो बोला ना... कि वो मेरे साथ घर बसाता यहीं मेरे लिए बड़ी बात है.. अब दिल का क्या जहां लग जाएं  बस उसकी नायरा के साथ पैचअप हो जाएं वो खुश रहे मेरा क्या मैं तो हूं ही हंसती खेलती बक बक करती हूं शनाया.... शनाया की आंखों में फिर से आंसू आ जाते है... औऱ ठंडी आह भरकर बोलती है भगवान ऐसा प्यार किसी के दिल में ना दे... जो हर पल तकलीफ पहुंचाता रहे... जिसको भी प्यार हो उसको उसका प्यार जरूर मिले.... कितना मुश्किल हो जाता है दिल में बसे दर्द को छिपाना...दुनिया को लगता है मेरी जैसी  WOW  लाइफ किसी के पास नहीं है... कोई मुझसे पूंछे मेरे जितनी गरीब औऱ खाली जीवन किसी का नहीं होगा.....काश मुझे  वो अपने दिलो जान से प्यार करता काश मैं उसके लिए इतना मायने रखती कि मेरी हंसी हो या मेरे आसूं उसको दिल की धड़कन को बढ़ा देते.... शनाया सोचे जा रही थी और अपने आप से बाते किए जा  रही थी... वैसे भी मुझे सिर्फ अरनव के दिल में अपने लिए थोड़ा सा प्यार चाहिए था. इससे ज्यादा मैंने कभी नहीं मांगा... लेकिन शायद ये  भी मेरे नसीब में नहीं था... लेकिन दिल को थोड़ी तसल्ली है कुछ तो मायने रखती हूं मै ना.....उसके लिए
शनाया का चेहरा जो कुछ पल पहले गुलाब की तरह खिला हुआ था.... अब मुरझा सा गया था...शनाया ने एक apple  खाया और बिना dinner किए बेड पर चली गयी अपने दिल के जज़बात डायरी में लिखते लिखते अरनव की यादो के साथ सो गई......

To be continued




8 comments:

Sweety said...

Read all 3 episodes today....want to read more.....
Post next one soon.....

tulika singh said...

Tx dear tomorrow i will post 😍😍

Ocean said...

Wonderful....

Ocean said...

Wonderful....👏

tulika singh said...

😍😍😍😍

Mamta said...

Bahut acha likha h, is story ko aap publish karna as novel. Advance mein ek copy mere liye reserve rakhna. 😂😊

Rati said...

Nice story

tulika singh said...

Hahaha tx dear seriously i m planning and definitely ur copy is done 😍😍😍