Thursday, 5 October 2017

अधूरी कहानी .... कहीं आपकी तोे नहीं

मेरी कहानी के ये किरदार थोड़े से अलग है लेकिन अपने अंदर एक बार टटोल कर देखिएगा... कही आप भी अरनव या शनाया तो नहीं है... आपने भी अच्छे बहुत अच्छे की चाहत में किसी शनाया की तरफ वक्त रहते नहीं देखा और आज पछता रहे है.... और किसी को इतनी शिद्दत से कहीं आप भी तो अभी तक प्यार नहीं करती उम्र के लंबे सफर के बाद भी कहीं आपके दिल में कोई अरनव तो छिपा हुआ नहीं है.. जिसकी याद आपको हर उस चीज को देखकर आ जाती
है.... जिससे उसका नाता जुड़ा हुआ है...मेरा मानना है कि इंसान कभी नहीं भूलता अपनी अच्छी यादों को और बुरी यादों को बस दिल की गहराई में दबा देता है और कुछ लोग तो ऐसे होते है कि आप चाह कर भी उनको अपने दिल से नहीं निकाल सकते आप उस पर गुस्सा कर
लें.... गालियां दे लें.... अपना सारा प्यार लुटा दे.... लेकिन वो हर पल आपके साथ साएं की तरह रहता है... मेरे किरदार भी इन्हीं लोगो में से एक है... जिनकी बाहरी दुनियां अंदर की दुनियां से एक दम अलग.. कल मिलुंगी आपसे  अरनव और शनाया के इस अधूरे प्यार के साथ अपना  comment  जरूर डालिएगा.. या ऐसा कोई किस्सा जो आपको याद आ गया हो इस कहानी को पढ़ते पढ़ते...

धन्यवाद

6 comments:

Ocean said...

True said.....
Kahi na kahi, koi Shanaya si hai toh koi Arnav sa...
Ye zindagi ki rahein hain...Kab kaun milta hai, kab bichhad jata hai, sab kuch taqdeer ka khel hai...

Unknown said...

Sahi kaha.pure dil ke andar tk chu jati hai .Aur hr insan apne andar chupe sanaya aur arnav bn jata hai

Tripti said...

Very true.... totally agree

Unknown said...

Very true...Totally agree with this. U really write from the depth of your heart ❣ wishing u many more success ��❣️

tulika singh said...

Tx dear😘😘😘keep reading hope u loved it

tulika singh said...

😍😍😘😘😘