Thursday, 5 October 2017

अधूरी कहानी , episode -5

शनाया अपने बिस्तर पर लेटे लेटे अपने ही ख्यालों में खोई रहती है.... और अपने अंदर की कश्मकश में फसी हुयी है.....

एक तरफा प्यार एक खूबसुरत अहसास है जो किसी के साथ बटता नहीं या यू कहें जिससे आप प्यार करते है उसका मोहताज नहीं होता....
या यूं भी कह सकते है उसको प्यार करने  लिए उसकी इजाजत की जरूरत नहीं है.... लेकिन क्या ये सही है क्या ऐसे प्यार करना पागलपन नहीं है..
उस प्यार का जिक्र भी क्यों करना जो आपको एक पल की खुशी ना महसूस होने दे..ऐसे प्यार की क्या जरूरत जो आपको चैन से एक पल भी जीने ना दे..
मान लिया कि प्यार एक जादुई अहसास है जिसको महसूस करते ही पूरी दुनियां बदली बदली सी नजर आती है.. 
लेकिन क्या आप खुद की नजर में ही खुद का मजाक नहीं बनाते खुद की नज़र में क्या औरो की नज़र में भी मजाक बनता है क्योंकि लोग समझते नहीं कि प्यार तो सिर्फ प्यार होता है.. फिर एकतरफा ही सही.... 
लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी में इस एक तरफे प्यार के साथ कैसे जीया जा सकता है...अपने दिल के दरवाजे को हमेशा के लिए बंद कर देना क्या सही है.... 
लेकिन सवाल ये है कि खोल भी दे तो क्या वो जगह कोई और हासिल कर पाता है जो जगह आपके पहले प्यार को मिली होती है... मेरे हिसाब से तो बिल्कुल नहीं पहले प्यार के बाद जब जब प्यार होता है वो सिर्फ जरूरत या आदत होती है.. कभी अकेलेपन को दूर करने की मजबूरी तो कभी लाइफ में आगे बढ़ने की मजबूरी कभी सामने वाला का प्यार ही मजबूर कर देता है.. कि उससे आप प्यार करने लगे लेकिन उसमें वो बात नहीं होती जो आपके पहले प्यार में होती है...

फिर मैं क्यों अपना पहला प्यार छोड़ू वो मुझे मिले या ना मिले वो मुझे प्यार करे या ना करें मैं तो करती हूं और हमेशा करती रहूंगी...रात अपने परवान पर चढ़ती जा रही थी और शनाया का इश्क उसको अपने आगोश में लेता जा रहा था... शनाया अपने मासूम दिल के सवाल और जवाब दोनो खुद ही दिए जा रही थी... उसकी डायरी में आपको ऐसी बातो की भरमार मिलेगी.. जिसे वो सोने चांदी से ज्यादा सम्हाल कर रखती है... और अगर गलती से किसी के हाथ लग गई वो डायरी तो दो ही बाते होंगी या तो वो शनाया को पूरी पागल समझेगा या फिर खुद रोने लगेगा.. लेकिन शनाया कभी भी किसी के सामने आसूं नहीं बहाती थी... उसके दिल में अरनव को ना पाने का दर्द हर दिन बढ़ता ही जा रहा था.. लेकिन इस दर्द की उसको अब आदत सी हो गयी थी.... हां अरनव के फोन आने से वो हर पल को जी रही थी... क्योंकि उसको पता था कि जैसे ही अरनव की Problem solve जाएगी वो चला जाएगा....वो चला जाएगा फिर से अंनत काल के लिए वो चला जाएगा फिर से कभी ना आने के लिए.. शनाया का दिल ये बात अच्छे से जानता था... क्योंकि इसके पहले भी वो आया और चला गया..... शनाया डायरी को लॉकर में रखने के बाद किचन में जाती है... लेकिन पिछले  दो दिन से फीवर आने की वजह से वो बेहद कमजोर महसूस करती है... उसकी हिम्मत नहीं होती कुछ भी बनाने की.... किसी तरह चाय बनाती है.. और घड़ी की तरफ देखती है रात के दो बज रहे थे...  शनाया अपना मोबाइल लेकर बैठ जाती है...  whatsapp  पर ऑफिस वालो के  get well soon  और ढेर सारी प्लानिंग के मैसेज पढ़ कर बोर हो जाती है.. सोचती है कब ठीक होउंगी कब ऑफिस जाउंगी इस बंद कमरे में मेरा दम घुटता है मुझे जल्दी ठीक होना है..... कल लगता है अब डॉक्टर को दिखाना ही पड़ेगा... सबके मैसेज और फोन आएं लेकिन अरनव ने आज कोई फोन नहीं किया लगता है कल मैने कुछ ज्यादा ही सवाल जवाब कर दिए थे....शनाया  whatsapp  तो कभी  messenger   अरनव की डीपी देखती रहती है लास्ट सीन देखती रहती है... 10 MIN BEFORE  का seen  देखकर शनाया गुस्सा हो जाती है... और बड़ बड़ करने लगती है.. इतनी रात में सबसे बाते  कर सकता है लेकिन मुझसे एक  hi  भी ना कहा गया ऐसा भी क्या  busy होना....शनाया गुस्से में बड़ बड़ करने लगती है....और अरनव को hi  भेजती  है
 Shanaya- hi
Shanya – hw r u?
Shanya – kaha the aaj pura din
Shnaya – itni raat tak kyu jag rahe ho
Shnaya – all well na
Shanya – nayra se patch up hua
 अरनव सारे मैसेज read करते जा रहा था लेकिन एक भी reply  नहीं
शनाया का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है...
और गुस्से में आकर वो whatsapp  के सारे घटिया  इमोजी  type करने लगती है... एक साथ इतने सारे इमोजी देखकर अरनव शनाया को फोन लगा देता है...
अरनव- क्या हो गया भाई क्यों गुस्से में लाल पीली हो रही है
शनाया- तुम्हें क्या, क्यों फोन किया है
अरनव –तुझसे बाते करने के लिए
शनाया- अच्छा बड़ी जल्दी ख्याल आ गया कि मुझसे बाते करनी है...जब तक तुम्हें घटिया इमोजी भेजती नहीं हूं तुम्हारा जमीर नहीं जगता, है ना
अरनव- हंसने लगता है
शनाया- हंसों मत ये सारे घटिया इमोजी तुम हो, सिर्फ तुम हो, गधे हो तुम
अरनव- अच्छा क्या हुआ बोलेगी....
शनाया- कुछ नहीं
अरनव – तेरा फीवर कैसा है
शनाया- जिंदा हूं मैं भली चंगी भी हूं
अरनव – कितना फीवर है तुझे
शनाया- नहीं पता
अरनव – बता फिर चेक करके
शनाया- एक बात मेरी ध्यान से सुन लो
अरनव – क्या
शनाया- मुझे ignore  मत करना अरनव कभी भी जब भी जाना हो बता कर जाना कोई ऐसे मुझे  ignore  करता है तो मुझे गुस्सा आ जाता है.. बोलो आगे से नहीं करोगे ना..
अरनव – अरे मैं काम में busy था....बस और कुछ नहीं तू पहले बता कि फीवर कितना है
शनाया- 103
अरनव – सही है दवाई खाना मत डॉक्टर को दिखाना मत टाइम से सोना मत
शनाया- हैलो मुझे डॉट रहे हो
अरनव – हां जा जा कर सो जा  दवाई खाले
शनाया- बड़े अजीब हो तुम सो जाओ मुझे नींद ना आ रही
अरनव- सो जा मेरी मां नहीं तो और बिमार हो जाएगी
शनाया- तुम सो जाओ मेरी फिक्र मत करों चलो बाय
अरनव – बाय ध्यान  रखना अपना
अरनव के फोन रखते ही शनाया खुशी से पागल हो कर पूरे घर में नाचने लगती है.... क्या बात है अरनव मुझे pamper  कर रहा है उसको मेरी फिक्र हो रही है....अगर मेरे तकलीफ में होना ही मेरे प्यार को मेरे करीब लाता है तो  भगवान करें मैं जल्दी से जल्दी मर जाऊं कम से कम उसके अहसास को  तो महसूस कर पाउंगी.. बेशक मरने के बाद ही सही .. जीते जी आज तक ऐसा कभी हुआ नहीं....
उधर अरनव फोन रखते ही अपने काम में लग जाता है लेकिन लैपटॉप पर उसके शनाया की ही प्रोफाइल ओपन रहती है...... वो शनाया को देखे जा रहा था और सोच रहा था मैने सही किया या गलत किया क्या अब भी मुझे खुद को और शनाय़ा को मौका देना चाहिए.... नहीं नहीं अब कैसे अब तो मैं एक रिलेशनशिप में हूं ..... तो क्या अभी शादी तो नहीं हुई... लेकिन घर वालो को कैसे मना करूंगा.. और सबसे बड़ी बात शनाया की लाइफ स्टाइल मेरे घर से कभी मैच नहीं करेगी ... तो क्या हुआ शादी मुझसे करनी है घर वालो से नहीं... नहीं यार अब मैं किस मुंह से उसको बोलूंगा... कि I m in love with u मैं अपना मजाक खुद क्यों बनाउं.... बड़े बेवकूफ आदमी हो सच्चा प्यार औऱ इतनी शिद्दत से करने वाला कोई कोई ही होता है... तुम लकी हो अरनव .... नहीं  नायरा मेरी जिम्मेदारी है.... मैं उससे मुंह नहीं मोड़ सकता.... ठीक है फिर निभाओ जिम्मेदारी.....अरनव के अंदर खुद से ही लड़ाई चल रही थी.... कभी उसका इगो तो कभी  SO CALLED   जिम्मेदारी उसको शनाया की तरफ बढ़ने से रोक रही थी... लेकिन शनाया की पिक्चर देख देख कर अरनव मंद मंद मुस्कुराएं जा रहा था.... और अपने आप से बोलता है... मैं कभी शनाया को बोलूं या ना बोलूं वो सिर्फ मेरी है और मुझसे ही प्यार करती है...वो मेरा साथ कभी नहीं छोडेगी... हां बस थोड़ी सी पागल है.... बोल्ड है... अब तो मैडम को गुस्सा भी आता है... लेकिन शनाया SUPERB है.. काश मैने पहले ही उसको हां बोल दिया होता.......अरनव अपना लैपटॉप बंद करता  है और सोने जाता है...
To be continued





4 comments:

Rati said...

Nice



tulika singh said...

tx

Tripti said...

Interesting turn..... waiting for next episode

tulika singh said...

Tx keep reading i will post on tomorrow at 3pm