SAVE YOUR BOYS GIRLS WILL BE SAVED........ if the girl said no means no not matter whats the situation no matter whats the commitment but if girl said no means no..... no budy have the right to say anything about our dress our life style....i loved these lines from the movie #pink ...... this movie shows the real picture of our society..... women independent है तो पक्का उसका चरित्र खराब होगा..... वो छोटे कपड़े पहनती है.... पक्का मां बाप ने संस्कार नहीं दिए होगे....घड़ी की सूईया अगर 12 पर आकर टिक जाए और लड़की घर से बाहर रहे तो बस अब उसके character के बारे में बोलना ही पाप होगा......सिनेमा समाज का आईना होता है....इस टॉपिक पर ना जाने कितनी बार क्लास में बोलने औऱ लिखने को दिया गया होगा... हमने लिखा भी बोला भी.... लेकिन सिनेेमा में समाज की ऐसी कड़वी सच्चाई को देखकर क्या सिर्फ उफ या ओ हो बोल देने से हमारी जिम्मेदारी खत्म हो जाती है..... पॉपकॉन का टब खत्म होेते ही क्या ये मुद्दे भी खत्म हो जाते है.....मेरे ख्याल से तो बिल्कुल भी नहीं बल्की हम ऐसी बातो से अपनी नजरे चुराते है..... एक औरत होकर भी हम दूसरी औरत का साथ नहीं देते .... क्योंकि ज्यादतर तो पहले ही मान लेते है अच्छे घर की औरते इन सब मामलों में नहीं बोलती है... औरत की परिभाषा क्या सिर्फ इतनी सी ही है कि वो अच्छे घर से है या नहीं.. विडम्वनाएं और सवाल तो बहुत है लेकिन इसका जवाब हम खुद नहीं खोजना चाहते वजह साफ है हम सब अपनी दुनिया में ही मशगूल रहते है....अपने बच्चें की परविरश में लगे होते है... कहीं न कहीं ये सोच हमारे दिमाग में होती है... कि ऐसे चीजो से बच्चे को दूर रखे या अपनी लाइफ को दूर रखे...... रखना भी चाहिए लेकिन.....नज़र घूमा लेने भर से क्या हम बदलाव महसूस कर लेते है बेशक नहीं.... मेरे दिल में हर वक्त ऐसे ही सवाल चलते रहते है..... औऱ बाकी औरतो की तरह मैं भी इनसे दूर भागती हूं लेकिन आज #pink देखने के बाद महसूस हुआ कि हम सब बिना कुछ बोले भी समाज की मानसिकता को बदल सकते है.... लड़कियों की सुरक्षा कर सकते है और एक सुरक्षित जीवन जीने में उनकी मदद कर सकते है.... बस हमें एक काम करना होगा... मां बहन बीवी से ऊपर उठ कर सोचना होगा... और अपनी बेटी को मजबूत वनाना होगा लेकिन उससे पहले अपने बेटे को समाज में फैली गंदगी से बचाना होगा...जितने सवाल हमं लड़कियों से करते है घर में उसका आधा भी ध्यान अगर लड़कों पर दे दिया जाए तो शायद लड़कियों से सवाल करने की नौबत ही ना आएं मैं लड़को के खिलाफ बिलकुल नहीं हूं मेरे पास भी बेटा है... लेकिन मैं हमेशा उसकों ये जरूर सिखाउंगी की ..स्कूल में टाप करेंं ना करें .... मल्टी नेशनल कंपनी का मालिक तू बने या ना बने...... लेकिन एक अच्छा इंसान जरूर बने....वो मेरी ताकत बने कमजोरी कभी भी नहीं..... लोग हंस सकते है मेरे इस पोस्ट को पढ़ कर लेकिन जो भी पढ़े इस पोस्ट को एक बार सोचिएगा जरूर हमारे बेटे हमारी ताकत है या कमजोरी....अपनी हद का आकलन आप खुद कर लेंगे.....
2 comments:
good job ..
True words....
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