Saturday, 18 February 2017

MAYA THE UNFOLD LOVE STORY, CHAPTER -2


इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में बी.कॉम पार्ट 1 में थी माया...... ना रैंगिग का डर ना नए माहौल का डर बिंदास पूरे कालेज में मस्ती करना माया बेस्ट टाइम पास था.......
टीचर के साथ हाज़िर जवाब और दोस्तों की टांग खिचाई माया की हॉबी थी.....
माया जैसे ही कॉलेज में दाखिल हुई तो देखा थोड़ी दूर पर रत्ना कहीं जा रही थी.. बिखरे से बाल जैसे घर से सीधे सो कर उठ कर आ गई हो दुपट्टे का आधा हिस्सा जमीन पर सफाई करता
हुआ जा रहा था.. चाल में एक दम ढिलापन और सुंदर से चेहरे पर दोपहर के बारह बज रखे थे...
अरे रत्ना ये क्या हाल बना रखा है......माया ने अपनी क्लास मेट को रास्ते में रोक कर बोला.....
 रत्ना-कुछ नहीं यार तुम नहीं समझोगी.....
अरे बता ना...... समझ जाउंगी..... 
माया ने बिना कुछ सोचे झट से बोला.. 
ओह तेरे बस की नहीं है माया......रत्ना ने खिंजते हुए बोला.....

अब तो माया ने ठान लिए कि वो रत्ना से जान कर  रहेंगी...... बड़े ही प्यार से लेकिन आंखों में शरारत भर माया ने बोला रत्ना बता ना यार मैं तेरी दोस्त हूं ना और क्लास की प्रेसिडेंट भी हूं.... मैं पक्का तेरी हेल्प करूंगी..... रत्ना को विश्वास हो गया.... कि माया सच बोल रही है.......

यार मुझे ना प्यार हो गया है.....रत्ना ने दबी जुंबा से कहा......उसके ख्याल में मैं पूरी रात जागती रही ....तू मानेगी नहीं लेकिन पता है मैं रात के 3 बजे ना जाने कैसे शॉवर के नीचे खड़ी रह गई मुझे होश ही नहीं रहा...... 
यार ये क्या बात हो गई... माया ने झटके से बोला.....
हा माया मुझे पता ही नहीं चला कि कब मैं इतने ठंडे पानी के नीचे खड़ी हो गई और भिगती रही...... 
तेरी मां ने तुझे नहीं देखा क्या माया ने फिर बेपरवाही से रत्ना को बीच में ही रोक दिया..... नहीं माया मैं उसके बिना नहीं रह सकती..... उसके प्यार में मैं सब कुछ भूल जाती हूं...... वो मेरा पहला प्यार है ना...... रत्ना ने बड़े ही प्यार और गर्व से माया को जवाब दिया......
माया को रत्ना की बाते बिल्कुल भी हजम नहीं हो रही थी...इनकी बाते सुनकर रत्ना की कुछ सहेलियां भी वहां आकर रुक गई और रत्ना की बाते सुनने लगी तभी माया ने उनको आंख मारा और वो धीरे से वहां से निकल गई और थोड़ी देर बाद रत्ना के पीछे से उसके गालों को गिला कर दिया....... 
माया ये क्या मजाक है.... यार इतनी ठंड में तुम्हारा दिमाग खराब है....... ठंडे हाथ तो दूर तुम तो मुझे ठंडे पानी से गिला कर रही हो यार ITS VERY BAD  तुम कभी नहीं सुधरोगी...... रत्ना गुस्से में आ गई थी.....

माया ताली ठोक कर तेजी से हंसी....... रत्ना गिले हाथ तो तुम बर्दाश्त नहीं कर पा रहीं हो..... और पूरी रात शॉवर के नीचे खड़ी रही तुम्हें पता ही नहीं चला...... कहीं शॉवर बंद तो नहीं था......माया तेज से हंसने लगी और बाकी दोस्त भी रत्ना का मजाक बनाने लगे...... हंस लो माया जब तुम्हें प्यार होगा और वो तुम्हें एक नज़र भी नहीं देखेगा...... तब भी तुम ऐसे ही हंसना..... अपने दर्द पर...... रत्ना की बाते सुन जैसे माया को झटका लगा...... उसने तो कभी प्यार व्यार के बारे में सोचा ही नहीं था...... माया ने रत्ना की बात को ज्यादा तवज्जो नहीं दी..... क्योंकि माया को यकीन था कि उसे कभी प्यार व्यार नहीं होगा... वो प्यार के लिए बनी ही  नहीं है ......

location - collage out side cyber shop
कॉलेज के बाहर फोटोकॉपी की शॉप थी.... और लड़कियों का लड़कों से मिलने का आसान सा अड़्डा......
उस शॉप में काम कम और डेटिंग ज्यादा होती.... जिधर देखों उधर एक दुसरें से गुटर गूं करती नजर आ रहे थे लड़के और लड़किया.....क़ॉलेज टाइम में फोटो कॉपी कराना टेढी उंगली से घी निकालने के बराबर था.....वहां.... लेकिन लड़कियों की भीड़ हमेशा होती थी वहां....ना जाने कितनों के ब्वाय फ्रैंड दूसरों के हो चुके थे.... कोई खुश हो कर निकलता तो कोई आंखो में आंसू लिए निकलता...लेकिन माया के लिए वो जगह सिर्फ तफरी करने और लड़कियों की सिक्रेट एजेंडे को जानने भर के लिए था.......अचानक  फोटो कॉपी शॉप में काम करने वाला एक लड़का राजू माया के पास आया और बोला
दीदी आपके लिए एक भइया पर्चा छोड़ गए है आप उनसे बात कर लेना
डरते हुए राजू ने पर्चा माया को पकड़ा दिया....
माया बिना पर्चा खोले ही जोर से हंसने लगी...
हंसने की बात भी थी.... कॉलेज की डॉन के लिए कोई पर्ची छोड़ गया था..... इतनी हिम्मत ना जाने किसमें आ गई थी..... की माया द ग्रेट के लिए पर्ची छोड़ गया...हंसते हुए माया ने पर्चे को खोला उसमें एक फोन नंबर लिखा था और साथ  ही plz call me  लिखा था.... माया की आंखो में गुस्सा उबलने लगा था... लेकिन फिर भी खुद पर काबू करके माया हंसे जा रही थी...बंदे की हिमाकत तो देखो माया उसे फोन करे....भई ये अदा तो भा गई..... कौन है....ये महाशय देखना होगा.....माया ने तंज कसते हुए अपनी दोस्तों से कहां
लड़कियों के बीच ससपेंस अब भी बरकरार था.... कौन है वो ये जानना भी जरूरी था फिर  आपसी सहमती से तय हुआ कि माया उसको फोन कर और बुला..... फिर मजे लेंगे उसके......
अरे भई आप तो बड़े हिम्मत वाले है अपना परिचय देंगे.....
माया ने फोन पर उस लड़के को बोला......
उधर से आवाज आयी आप माया बोल रही है......
सख्त तेवर में माया ने कहा नहीं तेरी बहन बोल रही हूं बोल क्यों पर्ची छोड़ गया है....... पता है तुझे यहां कोई भी माया के लिए पर्ची नहीं छोड़ता ये गुनाह है.....
उसकी बात सुने बिना माया बोले जा रही थी....
उधर से आवाज आयी क्या मैं आपसे मिल सकता हूं......
लो कर लो बात अब ये मुझसे मिलेंगे.... हाहाहाहा...... माया ने हंसते हुए अपनी दोस्तों से कहा...... उधर से आवाज आयी बहुत जरूरी है प्लीज ....
उसकी गंभीर आवाज सुन माया सिरियस हो गई और बोली OK  कल आ जाना....यहीं पर....

अलगी सुबह माया वक्त से पहले  कॉलेज पहुंच गयी थी दो दिन हो गए थे पीहूं कॉलेज नहीं आयी थी... और आज भी पींहू अब तक नहीं आयी थी.........घुंघराले बाल सुंदर सी काया और मीठी सी आवाज़ कोई भी उसे देखे तो देखता ही रह जाए ऐसी थी माया की बेस्ट फ्रेंड पीहूं....कुछ भी खा ले पीहूं हमेशा भूखी रहती थी.... और घर वाले भी डिब्बे में भेजते थे तो सिर्फ एक पराठा... जो उसके क़ालेज में दाखिल होने के साथ ही खत्म हो जाता था....लेकिन आज माया नहीं चाहती थी कि पीहूं और कोई भी काम करें पहले उस लड़के से मिले....इसलिए माया ने पीहूं को क्लास तक भी नहीं पहुचने दिया.....और गेट से वापस बाहर ले गयी...उस लड़के से मिलने के लिए .....शॉप में बहुत भीड़ थी..... पैर रखने की जगह तक ना थी...... हा भई राजू आ गया वो जिसने कल पर्ची दी थी...माया ने रोबिले अंदाज में उस लड़के से पूछा....... जी मैं आ गया हूं.... अचानक से भारी भरकम आवाज माया के कानों में पड़ी लेकिन कोई दिखाई ना दिया.... माया अपनी लंबाई का फायदा उठा कर  आसानी से भीड़ को स्कैन कर रही थी.... लेकिन उसे कोई नज़र ना आया..... आप माया है ना...... मैं राहुल........ फिर से माया के कानों में आवाज आय़ी..... तभी पीहू ने माया से कहा माया ये है राहुल......5 फिट 7 इंच की लगभग हाइट... दुबला पतला सा शरीर....रंग गोरा बिखरे हुए बाल आंखे पूरी लाल जैसे रात भर जगा हुआ हो....ढीली सी टी शर्ट और लोअर पहना हुआ एक लड़का  माया को देखे जा रहा था.....हैलों माया जी.. राहुल ने अपना हाथ बढ़या हैंड शेक के लिए...  माया  को हंसी आ रही थी..........क्योंकि राहुल उसे लंबाई में थोड़ा छोटा था..... और दुबला पतला सा था...... यू कहों माया के आगे पिद्दी लग रहा था.......लेकिन आवाज़ में उसके काफी मैच्योरिटी थी....जी बताइए क्या काम था... माया ने झूठी गंभीरता दिखाते हुए राहुल से हैंड शेक किया............देखिए मैं एक हॉबी कोर्स में LANGUAGE CLASS चलाता हूं जर्मन फ्रेंच में मेरी स्पेशियलटी है और ग्रुमिंग क्लास भी लेता हूं..... राहुल सिरियस हो कर माया से अपना बायोडाटा  बोलता जा रहा था....माया और पीहूं एक दूसरे को देख आंखों ही आंखों में बाते कर रहे थे..... मानो दोनो एक दूसरे पर हंस रहे हो क्या सोचा क्या निकला..... राहुल थोड़ी देर के लिए रुका उसे लगा जैसे उसका मजाक बन रहा हो...... मैं आपकी इसमें क्या मदद कर सकती हूं...... I MEAN आप मुझसे क्या चाहते है...... माया ने जल्दी जल्दी राहुल से बोला.......राहुल की आंखों में एक गजब की चमक आ गई थी...... जैसे वो इसी पल का इंतजार कर रहा था......जी मुझे आपसे बस एक HELP चाहिए.......
आप अपने  COLLAGE  की प्रेसिडेंट है....तो क्या आप मेरे लिए लड़कियों को कनवेंस कर सकती है...... कि  वो मेरी क्लास में आए..... मुझे इससे इनकम हो जाएगी......
माया और पीहू ने राहुल की बात सुनी और उसको तसल्ली दी की उसकी मदद जरूर करेगी.....
थोड़ी देर तक माया चुप खड़ी रही.... और राहुल को ऊपर से नीचे तक निहारा......

जैसे वो राहुल को अंदर तक जान लेना चाहती हो.........तुम्हारी दुकान तो चल निकलेगी टेंशन मत लो.... ये काम तुम्हारे लिए तो बड़ा आसान है......चहकते हुए माया ने राहुल से बोला........राहुल हैरान होकर माया को वह देखे जा रहा था......उसके चेहरे के भाव को देख उसे लग रहा था..... जैसे उसकी परेशानी माया के लिए मामूली सी है........राहूल ने आश्चर्य से माया को देखा और बोला......ये कैसे POSSIBLE HAI ....... माया जोर से हंसी......अरे बड़ा आसान है...... तुम SMART हो सिरियस हो......WORKING HOऔरो की तरह आवारा टाइप नहीं हो..... कॉलेज की लडकियां तो तुमसे कुछ भी सिखने के लिए पैसे बर्बाद कर देंगी..... सब की सब मर मिटेंगी........माया राहुल की आंखों में झांककर बिना कुछ सोचे बोले जा रही थी.....और राहुल उसकी शक्ल को देखे जा रहा था..........राहुल धीरे से हंसा और बोला......OK जैसे भी आएं मुझे फर्क नहीं पड़ता......कह कर राहुल जैसे ही वहां से गया माया और पीहू तेज से हंसने लगी......

to be continued...........

11 comments:

Tripti said...

Very nice....waiting for the next

tulika singh said...

Sure tripti keep reading

Unknown said...

Excellent flow of writing...keep it up

tulika singh said...

Tx preeti read next episode tomorrow i hope u guyz loved it keep posting ur valuable comment

Unknown said...

Waiting for next....

tulika singh said...

Sure rashmi tx for commen follow the blog next episode will publish on tomorrow

Unknown said...

एकता कपूर का धारावाहिक है क्या to be continued.... एक बार में लिखो ..... इन्तजार नहीं होता भाई.... 👌👌👌👌👌

tulika singh said...
This comment has been removed by the author.
tulika singh said...

Keep reading manoj tx

Sweety said...

Nice episode...keep posting...

tulika singh said...

Tx sweety plz gollow the blog and keep reading