Sunday, 19 February 2017

Maya "The Unfold Love Story" Chapter-4

रात का वक्त था.... माया अपने कॉलेज का काम खत्म कर रही थी लेकिन उसका मन तो राहुल में ही लगा हुआ था......काफी जदोजहद के बाद भी माया का दिल धड़कना बंद नहीं हुआ था..... वो अपने पापा के मोबाइल को देखे जा रही थी....इस वक्त उस मोबाइल की मालकिन वो हो जाती थी.... ये बात राहुल को भी पता थी शायद इसिलए माया को होप था कि काश आज राहुल का फोन आ जाए....माया
सोच ही रही थी कि जैसे उसके दिल की मुराद पूरी हो गई हो राहुल का फोन आ गया........
राहुल – हैलो माया कैसी हो......
माया – अरे तुम बोलो क्या काम है..... मैं तो ठीक हूं तुम सुनाओं....
राहुल ने ड्रींक कर रखी थी... इसलिए उसकी आवाज़ में एक अलग सा नशा था..... जो माया को बड़ा ही पंसद था....
राहुल-कुछ नहीं यार आज मुझे तुझसे कुछ कहना है.....
माया का दिल जोर से धड़कने लगा..... उसे लगा जैसे आज राहुल उससे प्यार का इजहार कर देगा......
माया – बोलो राहुल क्या बात है माया ने खुद को संम्हालते हुए वोला...
राहुल- माया तुम एकलौती लड़की हो जो मेरी दोस्त है.... यहां पर.... मैं किसी भी लड़की पर भरोसा नहीं करता हूं.....तुम्हें छोड़कर..... तुम सबसे अलग हो....
माया राहुल की बाते सुनकर  कांपती जा रही थी.... जैसे अब राहुल वो बोलने वाला है जिसका उसे इंतजार था......
माया- THANK YOU RAHUL…..
राहुल – मैं थैंक फुल हूं यार कि तू मेरी दोस्त है... मुझे सब ने धोखा दिया मेरा कोई नहीं है पता है......मैं आज बहुत इमोशनल हो रहा हूं क्यों नहीं पता......माया तुम्हें मेरी कभी भी जरूरत हो तो जरूर बोलना ...... राहुल नशे के आगोश में बढ़ता जा रहा था.... और माया का दिल जोर से धड़कता जा रहा था.....राहुल को बीच में ही रोक कर माया ने बोला bye राहुल ...... तुम सो जाओं कल बात करेंगे तुम्हारी तबियत ठीक नहीं है.....
राहुल – बाए माया टेक केयर......
और फोन कट हो गया----
माया कांपते हुए छत से नीचे उतरने लगी... कहीं कोई देख ना ले..... क्या जवाब देगी किससे बात कर रही थी.......
लेकिन माया के दिल में दबा डर कुछ कम हो रहा था...... उसे लगने लगा की राहुल उसे पंसद करता है ... लेकिन कुछ कह नहीं पाएगा..... वैसे भी राहुल माया के सामने कम बोलता था.....
माया को इंतजार था.... तो बस सुबह हो कॉलेज जाएं औऱ पीहूं से जल्दी जल्दी सारी बाते बताएं.....
next morning
घड़ी की सूई सुबह के 9 बजा रही थी.... और माया आज वक्त से पहले कॉलेज के अंदर दाखिल हो चुकी थी......
पीहूं को आते देख माया तेजी से दौड़ी...... पीहूंहूंहहहहहहहहहहहहूं
माया की खनकती आवाज और चेहरे की रौनक को देख पीहूं को तसल्ली हुई कि जरूर कुछ माया के साथ अच्छा हुआ......

पीहूं HE LIKES ME YAR उसका कल कॉल आया था...... मैं ही उसकी दोस्त हूं.... YES मुझे भी तो बस यहीं चाहिए.....  मैं उसकी बेस्ट फ्रेंड बनू वो मुझसे सब शेयर करें...... और प्यार भी मुझसे करें..... पीहूं वो मुझसे प्यार करेगा ना..... बोल ना पीहूं......कहीं मैं ज्यादा तो उम्मीद नहीं कर रही..... माया अधीर हो कर बोले जा रही थी......यार वो कम बोलता है.....मैं कब तक वेट करूं तुझे तो पता है..... मैं वेट नहीं कर  सकती...... पीहूं बोल ना यार.... एक साथ इतने सवाल सुन कर पीहूं हसने लगी........हा बाबा हा बाबा.... जरा टाइम ले सब ठीक हो जाएगा........

पीहूं की बात सुन.....माया फिर से लग गई अपने रोज़ के कामों में किसी को परेशान करना.....किसी का मजाक बनाना..... माया तेरा दिमाग बड़ा तेज है यार तेरे पास हर सवाल का जवाब होता है.... HOW CAN U MANAGE….. बड़े ही सिरियस अंदाज में स्वाती ने माया से बोला......

माया जोर से हंसी SIMPLE HAI बुद्धु .... लेक्चर को ध्यान से सुन और जब टीचर पूछे तो बक दे.... but तू तो खुद पढ़ाकू है..... फिर इतना क्यों परेशान है..... तेरी राइटिंग माशाअल्ला ..... मैं तो सपने में भी ऐसा नहीं लिख सकती..... फिर तूने तो पूरा नोट्स बना लिया है ना.... इकनॉमिक्स का.... चिल कर यार मुझे देख मैं बोल सकती हूं लेकिन लिख नहीं सकती बोर हो जाती हूं....... माया ने स्वाती के कंधे पर हाथ रखते हुए बोला.......
पीहूं  दूर से माया को देखे जा रही थी......तू भी गजब की कमीनी है माया पीहूं ने पीछे से आकर बोला..... क्या हुआ पीहूं... माया हंस कर पीहूं की तरफ मुड़ गई......नहीं स्वाती की तारीफ किए जा रही हो.......क्या प्लान है..... तेरा सच सच बता.....पीहूं ने माया के कान में फुसफुसा कर कहा...माया पीहू को कोने में खीच कर ले गई.... अबे यार कुछ नहीं पीहूं तू तो जानती मुझे नोट्स बनाना पसंद नहीं है..... और मेरे बस की भी नहीं है तो जो ये काम कर सकता है...... उसी को चढ़ा कर क्यों  ना रखा जाएं......
अच्छा पीहूं ये सब छोड़ यार एक बात पूछूं सच सच बताएगी..... तेरे और तेरे ब्वायफ्रैंड के बीच किसने सबसे पहले प्रपोज़ किया था.... बता ना.... पीहूं ने सिरियस होकर कहा उसी ने किया था.... अब मैं हर रोज करती हूं...... और उदास होकर वो पेड़ के नीचे जा कर बैठ गई.....
पीहूं क्या मतलब है.....हर रोज तू करती है .... क्यों प्रपोज़ तो एक बार ही करते है ना..... फिर तू रोज क्यों करती है ..... सब ठीक तो है ना...... पीहूं का सब्र तब तक जवाब दे चुका था.... हा यार प्रपोज एक बार ही किया जाता है.... लेकिन जहां प्यार होता है..... प्रदीप मुझे प्यार करता है लेकिन मैं उसे खुद से भी ज्यादा.... लेकिन उसकी हरकते मेरे अंदर ये विश्वास नहीं जगा पाती...कि वो वाकई मुझसे सच्चा प्यार करता है.....
कह कर पीहूं सिसक सिसक कर रोने लगी.... माया को समझ ही नहीं आ रहा था.... कि वो पीहूं से क्या कहें.... प्यार के मामले में माया के हाथ तंग थे..... लेकिन उसे प्रदीप पर गुस्सा आ रहा था..... उसने उसकी पीहूं का दिल दुखाया था.... ये बात माया को कतई पंसद नहीं थी..... लेकिन माया पीहूं के मामले में कुछ नहीं बोलती थी......
यार रो मत चल मसाला नींबू पीते है चटपटा मजा आएगा..... चल ना छोड़ सब बकवास.......

switch to maya home
रात के 9 बज रहे थे.. माया अपने पापा का फोन लिए राहुल की  बातों को याद किए जा रही थी... उसका दिल हो रहा था... कि काश आज भी राहूल का फोन आ जाए...
काश आज राहुल उसे प्रपोज़ कर दें..... इसी काश की उलझन में माया छत पर जा पहुंची.... और तेज तेज टहलने लगी....
अपने दिल से और आदत से हारकर माया ने आखिरकार राहूल को फोन लगा ही दिया.... बिना ये सोचे की बैंलेंस खत्म होगा तो घर में क्या जवाब देगी....
माया- हाय राहुल कैसे हो..
राहुल – हा भई मैं ठीक हूं तू सुना.....
माया – राहुल  मुझे तुमसे एक बात कहनी है.... कह दूं...
राहुल – हां बोल ना..... क्या हो गया आज किसकी पिटाई की तूने राहुल ने मजाक में जवाब दिया...
माया- राहुल कल तुमने मुझे अपना दोस्त कहां था.... और मैं भी तुम्हें अपना अच्छा दोस्त मानती हूं... फिर अगर मैं तुमसे कोई धोखा करूं ये मेरी आदत में नहीं है.. इसलिए मैं अब बोल देती हूं..... क्योंकि मैं ज्यादा दिन तक खामोश नहीं रह सकती....मेरे स्कूल में एक सर थे कहते थे.... अपनी भावनाओं को दबाइएं मत नहीं तो कैसंर हो जाएगा..... और राहुल मैं मरना नहीं चाहती इसलिए मैं बोल दे रही हूं...... फिर तुम्हें जो समझना हो समझो... ये बात सच है कि मैं झल्ली हूं..... नजाकत नहीं मुझमें और लड़कियो की तरह अदाएं नहीं आती... लेकिन यार मैं एक लड़की हूं.....
हाहाहाहाहाहा राहुल जोर से हंसा..... ये तो मैं जानता हूं कि तू  लड़की है......DNT WORRY राहुल ने मजाक में माया को बीच में ही बोल दिया.....
माया – राहुल मैं मजाक नहीं कर रही यार.......मेरे पेट में दर्द हो रहा है..... अब मैं चुप नहीं रह सकती

राहुल- तो बोल ना क्या बात है.... क्यों वक्त लगा रही है.....
माया की धड़कने बढती जा रही थी.......
माया- राहुल सुनने के बाद तू मुझसे दोस्ती तो नहीं तोड़ेगा ना.... वादा कर
राहुल – पक्का वादा यार अब बोलेगी...
माया- राहुल मुझे तुमसे प्यार हो गया है यार AND I cant handle it... मुझे समझ नहीं आ रहा क्या करूं सोचा तु तो पहले मेरा दोस्त है.... जो भी सही गलत होगा तू तो है ना सम्हालने के लिए यार मुझे गलत मत समझना.... माया जल्दी जल्दी अपने दिल की बात बोले जा रही थी और राहुल... उसकी बात को सुने जा रहा था....
माया – राहुल कुछ बोलोगे नहीं......
राहुल – माया रात हो गई है जा नीचे नहीं तो घर वाल सवाल जवाब करेंगे. कल बात करते है....
माया- लेकिन राहुल मुझे कुछ तो कहो मैं पूरी रात ना सो पाउंगी.... मैने कुछ गलत कह दिया क्या.....
राहुल – नहीं माया कल बात करते है जा  सो जा तु सच में झल्ली है.... राहुल फिकी सी हंसी के साथ फोन को काट दिया....
माया अब भी उसी सवाल के साथ वहां खड़ी थी... जहां राहुल को बताने से पहले खड़ी थी..... अब माया को चिंता होने लगी.. और वो खुद को कोसने लगी..... oh god ये मैने क्या कर दिया मुझे राहुल से कुछ नहीं बोलना था..... खुद से ही बाते करते करते माया चुपके से अपने रूम में चली गई..... और लाइट बंद कर के रोने लगी...... उसके आंसूं थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे..... शायद उसके दिल को राहुल का जवाब पता था.....वो टूटे हुई शाख की तरह निढाल हो चुकी थी.... उसके आंसू बंद नहीं हो रहे थे....
आज की सुबह माया को बेहद ही बोझिल लग रही थी....क्योंकि कल रात उसके प्यार का अनकहा जवाब राहुल ने दिया था....
वो इस सच को जान चुकी थी... बस खुद को कनवेंस नहीं कर पा रही थी....वैसे तो अपनी मां से वो कॉलेज की सब बात शेयर करती थी... लेकिन आज माया अपनी मां से नजरें चुरा रही थी.....माया का मन घर में एक पल भी नहीं लग रहा था.....वो उड़कर पींहू या राहुल या फिर दोनो के पास एक साथ पहुंच जाना चाहती थी....मन की बैचैनी सूजी सी आंखों में दिल का दर्द माया के चेहरे पर हाव भाव पर साफ दिख रहा था....लेकिन खुद को सम्हालते हुए माया घर से सीधे पीहूं के घर के लिए निकल पड़ी..... आज वो एक पल भी पीहूं के बिना नहीं रहना चाहती थी......
पींहूं के घर के दरवाजा को माया  खटखटाती उससे पहले पीहूं ने दरवाजा खोल दिया और माया को वापस मोड़  दिया
पीहूं- माया चल मैं रेडी हूं....
माया – अरे घर में भी नहीं ले जाओगी
पीहूं- नहीं चल ना घर में चिक चिक हो रही है आपस में.. हम कॉलेज में बात करेंगे..
वैसे भी आज क्लास 1 बजे से है और अभी 9 बज रहे है.... बहुत टाइम है.....
माया – ओके... पीहूं  चल मेरे लिए तो अच्छा ही है.. मैं खुल कर तुझसे बोल पाउंगी...
पीहूं- क्या
माया- तू मुझ पर चिखेगी तो नहीं ना...
पींहूं – नहीं बोल ना
माया- एक गड़बड़ हो गई पीहूं
पीहूं – तूने राहुल को सब कुछ बोल दिया ना....
माया- तुझे कैसे पता पीहूं......माया पीहूं को एक टक देखने लगी जैसे उसकी चोरी पकड़ी गई हो.....
पीहूं – माया सम्हल के चल रास्ते में है कोई टक्कर लगा देगा.....
माया- हां बताया  नहीं तुम्हें कैसे पता...
पीहूं ने माया को देखा और बोला तेरा चेहरा मुझे सब कुछ बता देता है....
माया- पीहूं मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ.....
पीहूं – अच्छा रूक पहले रोड क्रॉस कर ले
माया- पीहूं मेरा हाथ पकड़ ले
पाहूं--- हां माया मुझे बिना मरे रोड क्रॉस करनी है... और मर गई तो हम भूत बन कर हमेशा एक साथ रहेंगे....
माया- पीहूं तू हर रोज यहीं बोलती है .. क्या हम जिंदा रह कर साथ नहीं रह सकते
पीहूं- नहीं माया वक्त और समाज के हिसाब किताब से तो हम अपनी मां तक के साथ हमेशा नहीं रह सकते कह कर  पीहूं माया गंभीर हो गई....
माया- अच्छा कोई बात नहीं हम लोग भूत ही बन जाएंगे ओके.... चल अब कॉलेज आ गया है.... आराम से बैठकर बात करेंगे....

कॉलेज में सबसे नज़रे छिपाकर पीहूं और माया  कॉलेज के पीछे बने बगीचे में जाकर बैठ गई...... अब पीहूं ने आराम से माया से पूछा... अब बता क्या बोला तूने राहुल से
माया – वहीं कि मुझे तुमसे प्यार हो गया है....
पीहूं- और राहुल ने क्या कहा ...
माया- तुम बताओ पीहूं क्या बोला होगा...
पीहूं- मैं कैसे बताउंगी माया बता ना क्यों पहेली बुझा रही हो
माया- पीहूं पहेली तो तुम बुझा रही हो तुम तो पहले से राहुल का जवाब जानती हो.....
पीहूं – क्या उसने मना कर दिया
माया – नहीं पीहूं उसने मना नहीं किया लेकिन उसने हां भी नहीं बोला....कह कर माया उदास हो गई.....
मेरे दिल में बहुत दर्द हो रहा है पीहूं.....वो साफ साफ मुझे मना कर देता....
तब तुम्हे और दर्द होता.......पीहूं ने सख्त लहजे में कहां....
मेरी क्या गलती है... ये कि मुझे पहली बार प्यार हो गया या फिर ये कि मैने अपने प्यार का इजहार कर दिया....बोलो ना पीहूं.....
पीहूं- सिर्फ एक गलती है तेरी.... तुझे गलत आदमी से प्यार हो गया है.....वो तेरे लिए नहीं बना है माया
क्यों पीहूं क्या वो किसी और से प्यार करता है.....माया अचरज से पीहूं की तरफ देखने लगी.....
पीहूं- शायद मैने नरेंद्र से कल बात की थी...उसके बारे में लेकिन उसने मुझे खुल के नहीं बताया पर उसकी बातों से लग रहा था कि उसकी लाइफ में कोई और भी है..... हो सकता है मैं गलत सोच रही हूं.... तू अपनी hope मत खत्म कर......
माया – पीहूं को देख रह थी और राहुल के बारे में सोच रही थी......
पीहूं – माया एक आडिइया है तू सबको अपने घर बुला लंच पर हम सब भी आएंगे उसको भी बुला .... देखते है फिर क्या होता है......लेकिन एक बात सुन ले आज तू राहुल से नहीं मिलेगी........OK……

माया पीहूं की बात को सुनने लग गई प्लानिंग में कि कैसे सबको अपने घर बुलाए और राहुल भी जरूर आए....
पीहूं तू ना नरेंद्र से जब भी मिलेगी उसका नंबर ले लेना मैं उसको कॉल कर दूंगी .... और सुन घर पर सिर्फ तू  सपना प्रिति औऱ हां शाइना को भी  बोल देती हूं... यहीं लोग आएंगे और नरेंद्र सुधिर पियूष को बोल दूंगी साथ में राहुल को भी बोल दूंगी...
LET SEE  वो आता है या नहीं.....
माया के हिसाब से सारी प्लानिंग एक दम सही जा रही थी....लेकिन राहुल ने लास्ट टाइम पर मना कर दिया......
माया को पक्का यकीन हो गया कि राहुल की लाइफ में कोई और है ... लेकिन फिर भी उसने किसी से कुछ नहीं कहा...
पीहूं तू नरेंद्र को फोन कर ना मुझे बात करनी है.... ओके चल पीसीओ चलते है.....
पीहूं ने नेंरेद्र को फोन लगाया और रिसिवर माया को दे दिया....
हैलो नरेंद्र मैं माया बोल रही हूं.... तुम सब संडे आ रहे हो ना घर  लंच पर
नरेंद्र- हां माया क्यों नहीं हम जरूर आएंगे....
माया- अच्छा एक बात बताओ राहुल क्यों नहीं आ रहा है.....
नरेंद्र- यार माया उनकी ना संडे को डेट है किसी के साथ इसिलिए....
माया- OK OK  कोई बात नहीं.....चलो ठीक है फिर संडे घर पर मिलते है

माया  ने फोन रखा और पीहूं से झट से बोली यार ये डेट क्या होता है
राहुल उस दिन किसी के साथ डेट पर जा रहा है.... नरेंद्र ने बताया
पीहूं का चेहरा एक दम गंभीर हो गया माया की बात सुनकर.....
माया डेट का मतलब वो किसी लड़की के साथ कहीं घूमने फिरने जा रहा है जो  I M SURE  उसकी gf है ....
माया- ओह
तू सही थी पीहूं उसकी लाइफ में कोई है.... काश वो मुझे पहले बता देता ... या उसके फ्रैंड बता देते तो मुझे प्यार होता ही नहीं खैर अब तो हो गया है.... कोई बात नहीं मैं मैनेज कर लूंगी.....
but यार अब घर का प्रोग्राम कैंसिल करते है ..... मेरा मन नहीं है.... झूठी हंसी का दिखावा करूं ये मुझसे नहीं होगा.....
पीहूं- कोई बात नहीं माया.....मैं सबको बोल दूंगी तेरी तबियत खराब है.... Saturday नाइट ही कॉल करके बता दूंगी.....तू चिल कर
माया- क्या चिल करूं यार....साला पहली बार प्यार हुआ भी तो किसी और के ब्वॉय फ्रैंड से हाहाहाहा हंसते हुए भी माया की आंखो से आसूं छलक रहे थे.....नाराज थी वो अपने भगवान से क्यों किया उसने ऐसा... लेकिन जिंदगी तो चलती रहेगी....फिर दिल टूटे या जुड़े जिंदगी को कोई फर्क नहीं पड़ता...
वक्त बितता रहा लेकिन माया राहुल को भुला नहीं पायी थी... उसके दोस्तो से उसकी खबर लेती रहती .... लेकिन मिलती कभी नहीं........किन कॉलेज में खाली वक्त में अब माया ज्यादा मस्ती नहीं करती थी... वो सिर्फ पीहूं से बाते करती और राहुल के ख्यालों में खोयी रहती...माया घड़ी देखी है तूने 12.45 हो रहे है ...हां यार पीहूं चल इतना वक्त हो गया चल बाहर घूम के आते है.....
पीहूं ने नहीं कहते हुए सर हिलाया और बोला माया मैडम फिहलहाल तो इकनॉमिक्स की क्लास है......मैम आती होंगी....
OK OK OK  माया और पीहूं तेज कदमों से क्लास में दाखिल हुई और अपनी सीट पर बैठ गई.....
गठीला शरीर ब्वाय कट बाल सिल्क की साड़ी चेहरे पर नो मेकअप लेकिन सुंदर इतनी कि मेकअप करने वाली औरते भी शर्मा जाएं हाथ में मोटी मोटी इक्नामिक्स की बुक रश्मि मैम की ये स्टाइल माया को बेहद पंसद थी.... वैसे पूरे कॉलेज में रश्मि मैम माया की फेवरेट थी और शायद रश्मि मैम की फेवरेट स्टुडेंट माया थी....क्योंकि क्लास में सबसे पहले और सबसे अंत में सवाल पूछन वाली माया ही होती थी.....

हैले EVERYBUDY HOW R U  तेज आवाज जैसे ही सबके कानों में पड़ी पूरा क्लास शांत औऱ दरवाजे पर थी रश्मि मैम
हैलो मैम कह कर सब अपनी अपनी बुक्स की तरफ देखने लगे .... तभी क्लास में ना जाने कहां से एक कुत्ता आ गया...जिस पर सिर्फ माया की नजर पड़ी...
पीहूं देख आज क्लास में कौन आया है... कह कर माया दबी जुंबा से हसने लगी.... रश्मि मैम की नजर माया पर पड़ी..
रश्मि मैम- माया  क्लास में ध्यान दो.... कुत्ते पर नहीं...
माया – सॉरी मैम
थोडी देर के बाद वो कुत्ता  रश्मि मैम की बगल में आकर नीचे बैठ गया....
माया की नजर फिर कुत्ते पर पड़ गई और वो उसी को देखने लगी...
रश्मि मैंम – गुस्से में डॉटते हुए बोली माया- क्लास में ध्यान दो कुत्ते पर ध्यान दोगी तो तुम भी कुत्ते जैसी हरकत करने लगोगी.....
माया- अपने हंसी को दबाई और उठ कर बोली सॉरी मैम लेकिन एक प्रॉबलम है....
रश्मि मैम – क्या है बोलो
माया- मैम मैं तो गर्ल हूं तो मेरा जेंडर चेंज हो जाएगा...क्या मैं तो जब भी बनुगी कुतिया ही बनुंगी..... कह कर माया मासूमियत के साथ खड़ी हो गई...
और पूरी क्लास हंसने लगी.... मैम ने दो मिनट तक माया को घूरा और फिर वो भी हंसने लगी मैम को हसंता देख माया भी हंसने लगी...
रश्मि मैम – माया तुम नहीं सुधरोगी.... सुधर जाओ...कहकर अपना लेक्चर कन्टिन्यू कर दिया.....



कॉलेज में यूथ फेस्टिवल की तैयारी चल रही थी.....माया का ख्वाब बचपन से था कि वो ऐसे इंवेट में पार्टिसिपेट जरूर करेगी .... लेकिन उसके पापा कभी भी नहीं चाहते थे कि माया ऐसा कुछ करें....छोटे शहरों में ये बाते लड़कियों को शोभा नहीं देती बस यही समझा कर माया को मना कर देते... लेकिन इस बार माया किसी की नहीं सुनने वाली थी....फाइनेंस की क्लास के बाहर ही ओपन थियेटर था जहां ऑडिशन चल रहा था...प्ले का टॉपिक था परित्याग ....राम और सीता के सबंधो पर आधारित प्ले था जिसमें सीता का किरदार चुन लिया गया था राम का किरदार भी चुन लिया गया जरूरत थी तो रावण औऱ शुपनखा के  किरदार की  बस उसी का ऑडिशन चल रहा था....लेकिन कोई भी रावण या शुपनखा नहीं बनना चाहता था...
माया भी क्लास खत्म करके पहुंच गई आडीशन की जगह..... पीहूं इशू प्रिति सपना अंतरा यार आओ ना सब चलते है ऑडीशन देने.... माया ने सबको पास बुला कर कहां..सब एक साथ पहुंचे.... माया ने डायरेक्टर से पूछा क्या मैं इस प्ले में एक्ट कर सकती हूं....
डायरेक्टर ने माया को ऊपर से नीचे तक देखा और बोला कर सकती हो लेकिन सिर्फ एक शर्त पर ... तुम्हें रावण बनना होगा..... माया का मुंह खुला का खुला रह गया......सर ये क्या बात हुई माने तो अभी कोई ऑडीशन भी नहीं दिया और आपने तय भी कर लिया कि मुझे कौन सा किरदार करना है....
तभी प्ले की इंचार्ज  आराधना मैम वहां आयी और बोली माया वो एक दम सही बोल रहे है.... रावण के किरदार के लिए तुमसे बढ़िया इस पूरे कॉलेज में कोई नहीं है..... मैम और डायरेक्टर की बात सुनकर माया ने पल भर सोचा और पीहूं की तरफ देखने लगी इशारों इशारों में पूछने लगी क्या मैं हां बोल दूं...
पीहूं की रजामंदी देख माया ने  हां बोल दिया.... अब डायरेक्टर ने शुपनखा के लिए ओपन ऑफर दिया सभी को कोई शुपनखा बनना चाहेगा..... तभी पीछे से आवाज आयी सर मैं बनुंगी..... ये पीहूं थी.... माया खुश हो गई कि उसे पीहूं से दूर नहीं रहना होगा.....पीहूं की सुंदर काया और नजाकत को देख  आरधना मैम और डायरेक्टर नें भी उसकी हामी पर मुहर लगा दी.... बस अब तो माया की मौज थी... क्लासेज कम करनी थी और पीहूं  से गप ज्यादा करना था.....लेकिन इशू प्रिति सपना सब दुखी थे क्योंकि उनको एक मौका भी नहीं मिला था ऑडिशन का और माया और पीहूं के साथ अब वो कम वक्त गुजार पाएगे इसका दुख ज्यादा था.....रावण का किरदार पा कर माया बेहद खुश थी... उसे इस बात का इतना सूकून था कि 10 मिनट का ही रोल सही लेकिन दमदार रोल था.....माया अपने रोज के कामों में ज्यादा व्यस्त थी लेकिन जब भी अकेले में होती से राहूल की याद सताने लगती थी....  ना जाने कितने दिन हो गए थे उसने राहूल को देखा तक नहीं था....माया का दिल हर वक्त राहूल को ढुढंता लेकिन दिमाग अपने आत्मसम्मान को बनाए रखने के लिए राहूल से दूर रहता.... इसी कश्मकश में माया कॉलेज के बाहर निकल रही थी कि कॉलेज के गेट पर नरेंद्र मिल गया....
नरेंद्र- हाय माया
माया- हाय नरेंद्र कैसे हो...
नरेंद्र- माया मैं ठीक हूं तुम्हे एक खबर देनी थी... थोड़ी बुरी है
माया- अच्छा बोलो क्या हुआ... अभी माया नरेंद्र से सवाल कर रही रही थी कि पीछे से पीहूं और सपना आ गए बस नरेंद्र का सारा फोकस पीहूं पर शिफ्ट हो गया.... मांया को नरेंद्र की ये हरकत एक दम नहीं पसंद थी....वो जानता था कि पीहूं पहले से ही किसी से प्यार करती है फिर भी उसको पटाने का एक भी मौका नहीं छोड़ता था....
माया- नरेंद्र ये क्या बकवास है तुम मुझे कुछ बता रहे थे ना औऱ अब पीहूं से गप करने लगे....माया के चेहरे पर झल्लाहट साफ दिख रही थी..
पीहूं- क्या हुआ माया कैसी खबर है  नरेंद्र क्या बताने जा रहे थे.. बताओ...
नरेंद्र- यार माया राहुल की तबियत बेहद ही खराब है... वो एडमिट है हॉस्पिटल में....
माया के चेहरे पर इतनी ही देर में ना जाने कितने रंग आ गए थे.... राहुल की खबर सुनकर उसको जोर का झटका लगा था.... लेकिन अगले ही पल में उसके दिमाग ने उसे सचेत किया... और राहुल की जीएफ का ख्याल एक दम से ही माया के दिमाग में घुमने लगा....अच्छा है राहुल की जी एफ है ना उसाक ख्याल रखने के लिए.... इसी उधेड़बुन में माया एक दम खामोश हो गई थी..
पीहूं ने माया को झकझोरा माया चलेगी राहुल को देखने..... चल ना एक बार देख आते है....
नरेंद्र तो जैसे इसी बात का इंतजार कर रहा था इसी बहाने पीहूं के साथ उसको वक्त बिताने का मौका मिलेगा....और नरेंद्र ने तपाक से बोला... हा हा माया मुझे लगता है तुम्हें उसको देखने जाना चाहिए.....
माया ने पहले नरेंद्र को घूरा फिर पीहूं से नजर नजर में बात करने लगी... उसे समझ नहीं आर रहा था... कि क्या करें वो.... पीहूं की हामी देख कर माया ने नरेंद्र को हा बोल दिया....ओर बोला कि बस थोड़ी देर के लिए ही रूकूंगी मुझे घऱ पर वक्त में पहुंचना होता है और ममा को भी नहीं मालूम है....
नरेंद्र- हा हा माया मैं तुम लोग को ले जाउंगा औऱ फिर कॉलेज ही छोड़ दूंगा....
माया नरेंद्र और पीहूं आटो से निकल गए राहुल को देखने के लिए... माया का दिल बैठा जा रहा था..... क्या हो गया राहुल को उसकी तबियत क्यों खराब हो गई ऐसे सवालो के साथ माया पूरे रास्तें परेशान होती जा रही थी... अंत में जब उससे नहीं रहा गया तो उसने नरेंद्र से पूछ ही लिया क्या हो गया राहुल को... उसकी तबियत क्यों खराब हो गई....उसकी जीएफ तो है ना उसके पास क्या नाम है उस लड़की का..... माया एक साथ कई सवाल पूंछे जा रही थी..लेकिन नरेंद्र एक दम शांत था.....उसने सिर्फ इतना बोला कि राहुल  अभी काफी dangerous  हालत में है....

हॉस्पिटल के बाहर ऑटो के रुकते ही माया के दिल की धड़कने जोर जोर से धड़कने लगी थी वो अंदर जाना भी चाह रही थी और नहीं भी.... पीहूं ने माया को समझाया और उसे किसी तरह अंदर ले गई... रूम के बाहर पहुंचने के बाद तो माया पूरी ठंडी पड़ने लगी थी वो राहुल को इस हालत में नहीं देखना चाहती थी.... जो भी हो माया आज भी उससे बेइंतहा प्यार करती थी..... नरेंद्र ने रूम का दरवाजा खोला और अंदर दाखिल हो गया...फिर पीहूं और माया को भी अंदर बुलाया.... माया की नजरे जैसे ही राहुल की नजरों से टकरायी  उसके माथे पर पसीने टपकने लगा था.... खुद को बड़ी ही मुश्किल से उसने सम्हाला और राहुल को हाय बोला.... माया लगातार झूठी कोशिश कर रही थी नार्मल रहने कि इसी कोशिश में उसने राहुल के मजे लेने लगी....
ये क्या राहुल क्या हाल बना रखा है...
ऐसे लग रहा है जैसे दस दिन से भूखे हो सिर्फ दारू ही पी है तुमने....
राहुल के चेहरे पर वहीं चिर परिचत फिकी सी मुस्कान नहीं यार ऐसा नहीं है बस 10 किलो वजन कम हो गया है मेरा.... वाकई राहुल पहले से ही दुबला सा था औऱ अब वो एक दम हड्डी का ढाचां लग रह था... आखें एक दम पीली  चेहरा सूखा हुआ औऱ बगल में ग्लूकोज की बॉटल टंगी हुई.... मुन्ना भाई एमबीबीएस के बूढे अंकल की तरह राहुल की हालत हो गई थी...
राहुल- माया मुझसे हाथ नहीं मिलाओगी.....
राहुल की बात सुनकर माया को ऐसा लगा जैसे राहुल उसके दिल की बात को पढ़ रहा था... माया के चेहरे का रंग एक दम  उड़ गया.... ऐसे तो माया किसी भी लड़के के कंधे पर हाथ रख देती थी.... लेकिन राहुल से प्यार होने के बाद आज तक माया ने राहुल के हाथ को छुआ तक नहीं था....
पीहूं – माया मिला ले यार राहुल से हाथ थोड़ी एनर्जी उसको भी मिल जाएगी..... पीहूं ने माया की दशा को समझते हुए माहौल को थोड़ा हल्का किया...
माया- हा हाहाहाहाहा हां क्यों नहीं राहुल काश मैं तुम्हें अपनी सेहत उधार दे सकती लेकिन कोई बात नहीं हाथ तो मिला ही सकती हूं.....
माया ने अपना हाथ राहुल की तरफ बढ़ाया...और राहुल ने माया का हाथ पकड़ लिया...माया के लिए ये पल ऐसा था जिसका इंतजार वो ना जाने कब से कर रही थी.... लेकिन इसस पल को enjoy करने के बजाए माया के चेहरे पर पसीने आने लगे थे... उसका हाथ कांप रहा था... और राहुल उसका हाथ नहीं छोड़ रहा था...
माया ने खुद को सम्हाला और बोला राहुल अब हाथ छोड़ो पकड़ने से सेहत ट्रांसफर नहीं होगी... कह कर माया झूठी हंसी हसने लगी....हंसते हसते माया की नजर राहुल के दोस्त विशाल पर पड़ी 5 फिट की हाइट सांवला सा चेहरा औऱ पेट बाहर निकला हुआ ... विशाल ने काले रंग की टी शर्ट औऱ जिंस पहन रखी थी.. देखने में ही वो एक दम मस्त मौला सा था उसकी टी शर्ट पर हाथी का बच्चा बना था.... माया उस टी शर्ट को देख कर जोर जोर से हंसने लगी... पीहूं ने माया को टोका क्या हुआ माया.. क्यों हंस रही हो......
माया की हंसी रूक ही नहीं रही थी उसने विशाल की तरफ इशारा किया औऱ बोला उसका टी शर्ट तो देखो....विशाल तो तब तक समझ आ चुका था कि माया उसका मजाक बना रही है.... विशाल भी हंसने लगा....
सबको हंसता देख राहुल ने विशाल से बोला या विशाल तेरा पेट इतना बाहर है फिर भी तू इतना खाता है....
विशाल – राहुल यही तो बात अच्छी है... जितना मन करे उतना खाओं औऱ ज्यादा हो जाए तो पेट के बाहर निकाल दो... हाहाहाहा
राहुल- सही कह रहा है यार काश प्यार पर भी यहीं फंडा लागू होता उसक रास्ता भी पेट से हो कर गुजरता.... तो दिल में इतनी तकलीफ नहीं होती....
माया राहुल की बात सुनकर हैरान थी... इसे क्या दुख हो गया जिससे प्यार करता है वो उसके साथ है... फिर ये ऐसी बाते क्यों कर कर रहा है...... तभी अचानक रूम में डॉक्टर आए.. राहुल का चेकअप करने...
डॉक्टर- राहुल अब कैसी तबियत है
राहुल- FEEL BATTER DOCTOR
डॉक्टर- Good rahul  लेकिन अब आगे से इतनी ड्रींक मत करना कि वापस तुम्हें यहां आना पड़ें...
डॉक्टर की बात सुकर माया अचरज में थी कि इतना समझदार लड़का है राहुल फिर राहुल ने ऐसी हरकत क्यों कि....क्या तकलीफ है उसे...
पीहूं- माया अब चले काफी वक्त हो गया है.... घर जाने में देर हो जाएगी...
माया ने पीहूं को देखा और अनमने मन से कहा हां चलते है यार वाकई काफी देर हो गई है...
राहुल-माया कल फिर आओगी मुझे देखने...
राहुल के इस आग्रह में काफी दर्द था.... लेकिन किसके लिए था ये दर्द माया इस बात से अंजान थी....
माया- हा राहुल कॉलेज से फ्री हो जाउंगी तो जरूर आउंगी किसी चीज की कोई दिक्कत हो तो मुझे फोन कर देना वैसे तुम्हारा घर कंहा है...
माया को आज तक यही नहीं पता था कि राहुल कहां का रहने वाला है वो बस इतना जानती थी कि वो हॉस्टल में रहता है...
राहुल – मैं मुरादाबाद का रहने वाला हूं माया
माया- ओके राहुल no probs जब तक तुम्हारे घर वाले नहीं आ जाते तुम टेंशन मत लेना हम सब है ना...
माया की बातो में एक परिपक्व दोस्त की बाते झलक रह थी.... आखिर राहुल उसका दोस्त तो है ही ना फिर ऐसे वक्त में दोस्त उसके काम नहीं आएंगे तो कौन आएगा.....
माया ने राहुल को बॉय बोला और नरेंद्र पीहूं के साथ बाहर निकल आयी.....
विशाल भी पीछे से नरेंद्र के साथ हो लिया..
माया- विशाल तुम भी आ गए राहुल की देखभाल कौन करेगा....
विशाल-यार मैं सुबह से हूं अब कपिल आ रहा है वो रहेगा राहुल के साथ....
माया विशाल की बात सुनकर थोड़ा परेशान हो गई उसने पीहूं की तरफ देखा और बोला हम थोड़ा वक्त और रूक जाते है.. कपिल आ जाता है फिर चलते है..राहुल को कोई दिक्कत हो गई तो..
पीहूं माया का दर्द समझ रह थी... उसने नरेंद्र को भी रोक दिया.... तू अब हम लोगो के साथ जाएगा... ओके नरेंद्र ...पीहूं ने माया पर अधिकार जताते हुए बोला....
लेकिन इस बार राहुल के कमरे सिर्फ माया दाखिल हुए... नरेंद्र और पीहूं चाय लेने चले गए कैंटीन में....
माया- राहुल जब कपिल आ जाएगा तब हम लोग निकलेंगे ... तुम्हे कोई प्रॉब्लम तो नहीं है ना....
राहुल – नहीं माया अच्छा मेरा टाइम पास हो जाएगा....
माया अब राहुल को नहीं देख रही थी..... उस कमरें में अकेली थी... वो राहुल के साथ.... लेकिन उसके मन हजारों आवाजे एक साथ दस्तक दे रही थी....राहुल भी आंखो को बंद कर लेटा हुआ था.... माया ने धीरे से नजरे उठाई और राहुल की बंद आखों को देख कर ठंडी सास ली....अब वो बिना किसी डर के राहुल को जी भर के देख सकती है....माया इस पल को यही रोक लेना चाहती थी....उसके बेहद करीब था उसका प्यार बस गम था तो इस बात का कि वो राहुल का प्यार नहीं थी......जब भी माया के दिल में ये बात उठती उसके आंखों से आंसू बहने लगते.....माया का दिल जोर से धड़क रहा था... उसका मन होता कि वो राहुल के गले लग जाए... उसको जी भर के निहारें अपने गोद में उसका सर रखे और उसकी सारी तकलीफ को अपना बना ले.... लेकिन अफसोस ये सिर्फ ख्याल थे जो हकिकत से कोसो दूर थे.....
अचानक राहुल ने अपनी आंखे  खोली और माया  को लगा जैसे उसकी चोरी पकड़ी गई हो...
हड़बड़ा कर माया ने राहुल से पूछा- तूम्हें कुछ चाहिए राहुल
राहुल- नहीं माया अब कुछ नहीं चाहिए....कह कर गहरी सास लेने लगा राहुल..
तभी नरेंद्र और पीहूं कमरे में दाखिल हुए....
पीहूं खुथ थी कि चलो कुछ पल के लिए ही सही माया राहुल के साथ अकेली थी... लेकिन माया की नजरों में जब पीहूं ने झांका तो उसे समझ आ गया था...जो वो सोच रही है ऐसा कुछ भी अच्छा नहीं हुआ है माया के साथ....
माया पीहूं और नरेंद्र चाय को पी ही रहे थे कि कपिल आ गया ...
और वो पल भी जब माया को राहुल से दूर जाना था... लेकिन अब भी माया के दिल में सवाल वहीं खड़े थे आखिर राहुल ने अपने साथ ऐसा क्यों किया क्या हुआ है राहुल के साथ.....

to be continued..........

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