आधा सा अधूरा सा अनकहा सा
प्यार तो है...
मेरा दिल मेरी गुलामी कर सकता है, मेरी मन वाली बाते कर सकता है
लेकिन ये कायनात...ये कायनात तो बेफिक्र है मेरे हर ख्वाब से
फिर ये क्यों मुझे अहसास कराते है तेरे हर उस अहसास का
जो तुम कहते हो .. नहीं है कुछ
भी तेरे मेरे दरमिया
आधा सा अधूरा सा ही सही प्यार तो है...
इससे पहले भी हम मिले इससे पहले भी तूने बाते की
फिर तेरी ये खामोशी क्यों मुझे अहसास कराते है तेरे हर उस छिपे अहसास
का
और तुम कहते हो.....नहीं है कुछ भी तेरे मेरे दरमिया
अगर सच में तेरे दिल में कुछ नहीं है तो क्यों इस बार मेरी हर बचकानी
बात से तुझे फर्क पड़ गया
ये बाते तो मैं ना जाने कब से करती आ रही हूं
कभी तुमने इसको अनसुना कर दिया
कभी तुमने इस पर ठहाके लगा कर मजे ले लिए
मेरा प्यार तो सिर्फ मुझे दर्द पहुंचाता था
ये तुम्हारे दर्द की वजह कब से बन
गया
आधा सा अधूरा सा ही सही प्यार तो है
वो तेरा मेरी हर तस्वीर को छुप छुप कर देखना
वो तेरा मेरी हर बात को पढ़ कर भी जवाब ना देना
वो तेरा मेरे हर शब्द पर चुपके से आंसू गिरा देना
क्या ये सब मेरी कोरी कल्पना है
नहीं बिल्कुल नहीं मैं तुम्हारे अंदर ही बसती हूं
तुम्हारी सांसे जब मेरे लिए चलती है मैं चहक उठती हूं
तुम्हारी आंखें जब मुझे जी भर के निहारती है मैं खुद को सबसे खूबसुरत
पाती हूं
तुम्हारे आंसू जब मेरे लिए गिरते है मैं बेचैन होकर सिसकने लगती हूं
इसलिए कहती हूं आधा सा अधूरा सा ही सही प्यार तो है
इस खामोश मोहब्बत को मैं हर पल जी भर कर जीती हूं
मेरा प्यार किसी दायरे बंधन
का मोहताज ना कभी था ना है
बस दिल थोड़ा सा मतलबी हो गया है जब उसको ये पता चला है तुम्हारा दिल
उसके लिए धड़कता है
सोचो जरा मेरी आत्मा में वो बसे हुए अहसास भी तुम हो औऱ मेरी आत्मा पर
चोट पहुंचाने वाले भी तुम हो
नहीं सह पायी मैं इस दर्द को और वो कर दिया जिसका इल्म मुझे ख्वाब में
भी नहीं था...
इतने दर्द के बाद भी मैं तुम्हें खुद की आत्मा से दूर नहीं कर सकती
मेरी शब्दों की रफ्तार में
ऐसा कुछ भी नहीं था जो तुम्हें ठेस पहुंचाता
लेकिन तुम्हारी वो दर्द भरी आवाज में मेरे लिए अथाह नफरत या यू कह लूं
अथाह प्यार
को छिपाने की कोशिश, मैने तेरी हर सांस को उस पल में पढ़ लिया था....
मेरा ख्वाब कभी तुम्हें पाने का था ही नहीं
बस तुम्हारे साथ बेशक थोड़ा दूर ही सही लेकिन साथ चलने का था
मैं अपने ज़हन मैं दुनियां की
सबसे खुबसुरत यादे बसाना चाहती थी
लेकिन आज देखो मेरे दर्द ने उनके लिए कोई कोना ही नही छोड़ा है
इसके बावजूद आज भी दिल उसी रफ्तार से धड़कता है
जब तुम्हारी एक छोटी सी भी निशानी मेरी नज़रों से टकराती है
जानते हो अब मैं तुम्हें हर रोज देखती हूं लेकिन छुप छुप कर
हर पल तुम्हारा ख्याल रखती हूं लेकिन बेगानी बनकर
तुम्हारा हर रोज़ तय वक्त पर आभासी दुनिया में आना मुझे सुकून पहुंचाता है कि तुम खैरियत से हो
तुम्हारा लंबे अर्से तक गायब हो जाना मेरी दिल की धड़कन को बढ़ा देता
है
मेरे हाथ हर रोज कुछ लिखने के लिए उठते है
लेकिन फिर ख्याल आता है मेरे शब्द ही तुम्हारी ज़िंदगी की मुसीबत है
बस यही ख्याल मुझे तुम्हारे दिल के करीब और तुमसे दूर कर देते है
मेरे अरमान इस दुनिया के नियम कायदो से परे है, हर बंधन से परे है...
मैं तुम्हें किसी भी बंधन में नहीं बाधंना चाहती
लेकिन सिर्फ एक बार मैं भी महसूस करना चाहती हूं
उस अहसास को जो तुम मेरे लिए रखते हो
अब फिर से तुम मत कहना कि कुछ भी नहीं है तेरे मेरे दरमिया
क्योंकि मैं जानती हूं बहुत कुछ है अनकहा सा ही सही तेरे मेरे दरमिया
और अगर नहीं है तो, मेरे लिए सिर्फ मेरे लिए ये झूठ एक बार बोल देना
मुझे झूठा ही सही एक पल के
लिए वो अहसास दे देना
मैं अपने ज़हन में तुम्हारी
अच्छी यादे बसाना चाहती हूं
तुमसे बहुत दूर रहकर भी
तुम्हें अपने करीब चाहती हूं
मैं कभी भी तुम्हारी दुनिया नहीं बनना चाहती
लेकिन तुम्हें अपनी दुनियां बनाना चाहती हूं...
तुम जहां हो खुश रहो बस यहीं चाहती हूं
लेकिन अपने दिल के लिए भी सुकून चाहती हूं
इतनी तुफानी रात के बावजूद ना जाने क्यों हर पल
लगता है
तुम आओगे जरूर आओगे मेरे हर उस अहसास को उसकी जगह
दोगे....
मेरे प्यार कि गहरायी को समझोगे.....
मेरा सम्मान मेरी जगह मुझे वापस करोगे...
तुम्हारी ज़ुबा से अपने लिए कड़वे ज़जबात नहीं
सहन कर सकती मैं...
इसलिए हर पल खुदा से दुआ करती हूं अब
जब भी तुम मुझसे मुखातिब हो हमारे बीच सिर्फ
सम्मान हो प्यार हो और मेरे नहीं हमारे अहसास हो......
ये ख्वाब इस जन्म में ना सही अगले जन्म में जरूर
पूरा हो...यही मेरी आखिरी ख्वाहिश है...
FROM ADHURI KAHANI
5 comments:
Fantastically written.... 👏
No one can give words to the emotions as you do , your write up is a treat for readers...keep it up n all the best for next story
Tx dear😍😘😘😘
Tx dear
Awesome .. phir dubara padhunga
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