Saturday, 2 December 2017

अधूरी कहानी, episode -18

शनाया गुस्से में वहां से अपने केबिन में चली जाती है और फटाफट अपना resignation टाइप करती है...बाहर आती है और अपने बॉस से बोलती है....
शनाया – मैं अभी इसी वक्त आपकी नौकरी छोड़ती हूं... और अपने इस ठरकी बेटे से जितना मिलना है मिल लो  क्योंकि आज तो मैं इसे हवालात पहुंचा कर रहुंगी...
बॉस – शनाया तुम मेरे लिए बेटी की तरह हो. ऐसा कुछ मत करों प्लीज कंपनी के शेयर गिर जाएंगे.. अयान से मैं बात करता हूं इसने जो भी बोला उसकी तरफ से मैं माफी मांगता हूं..
शनाया- आप लोगो का सही है.. क्या भरोसा ये कल मेरे साथ ऐसा कुछ नहीं करेगा....वैसे भी मेरा मन अब नहीं है आपके साथ काम करने का...
बॉस – अब जब तुमने मन बना ही लिया है  तो मेरी एक बात सुन लो तुम ऐसे जॉब नहीं छोड़ सकती... तुमने Bond  पर sign किया है... और जिस प्रोजेक्ट में तुम हो वो करोड़ो का है मैं तुम्हें ऐसे नहीं जाने दे सकता
शनाया – मैं कब से वहीं सोच रही थी आखिर आप अब तक अपनी औकात पर क्यों नहीं आए है....खैर एक मिनट रुकिए..
शनाया रीया को इशारा करती है... और अपने मोबाइल से मैसेज  करती है..... cctv फुटेज मोबाइल में लेने के लिए बोलती है ...
रीया शनाया का मैसेज पढ़ते ही IT  Section  में चली जाती है...
शनाया बॉस की तरफ पलटती है.. और बोलती है... चलिए आपकी बात मैं मान लेती हूं लेकिन मेरी एक शर्त है
बॉस – क्या
शनाया – अयान को आज के आज यूके वापस जाना होगा... और जाने से पहले एक पेपर साइन करके देना होगा.. जिसमें साफ साफ लिखा होगा अगर भविष्य में कभी भी मुझे कोई नुकसान होता है.. तो उसका जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ अयान होगा
बॉस – क्या बकवास है
शनाया- इसमें गलत क्या है दिल्ली का हाल आपको पता नहीं  मुझसे इतनी मार खाने के बाद इसका क्या भरोसा मेरे ऊपर तेजाब ही फेंक दे..या मेरा गैंग रेप करवा दे... ये इतना घटिया इंसान है कि कुछ भी कर सकता है ये क्या अपने बेटे के लिए तो आप भी ये कर सकते है..
बॉस- तुम पागल हो चुकी हो... कौन तुम्हारी बात मानेगा...
शनाया हंसते हुए क्या बात करते है सर अपने घर से बाहर रहते हुए मुझे 10 साल हो गए है  और ऐसे नमूनो से निपटना मुझे अच्छे से आता है.. फिलहाल यहां जो भी हुआ है उसकी cctv फुटेज मेरे पास है.... औऱ हमेशा रहेगी.. तो आपका चूज़ा फिर से अपने पैजामें से बाहर निकलने की कोशिश करेगा तो समझ लिजिए इसका क्या हश्र होगा...
शनाया की बात सुनते ही अयान और गुस्से में आ जाता है
अयान- अपनी बकवास बंद कर और निकल जा यहां से
शनाया – साले तेरी औकात है मुझे निकालने की... मुंह बंद करके रख उसी में तेरी भलाई है  तेरे बाप से बात कर रही हूं ना मैं, अब चुप रह
दोनो के झगड़े को बढ़ता देख शनाया का बॉस दोनो को शांत करता है  बोलता है
बॉस – शनाया मुझे तुम्हारी हर बात मंजूर है लेकिन तुम्हें भी एक पेपर साइन करना होगा.. कि यहां जो भी हुआ तुम उसका जिक्र मार्केट में नहीं करोगी.....और अयान पेपर भी साइन करेगा और आज के आज यूके चला जाएगा.. मुझे अपने काम के साथ कोई मजाक नहीं  चाहिए....
बॉस की बात सुनकर शनाया के चेहरे पर एक अलग सा गर्व झलक रहा था....ऐसा लग रहा था मानो आज पूरी नारी जाति के साथ हुए अपमान का बदला ले लिया हो.....वहां खड़ा हर शख्स शनाया के दिमाग का कायल  हो गया था.. अयान गुस्से में शनाया को देखते हुए वहां से निकल गया....शनाया का बॉस भी अयान के पीछे पीछे वहां से चला गया उनके जाते ही रीया शनाया के पास आती है...
रीया – wow मैम आप तो कमाल है.... क्या उतारा है अयान सर को
शनाया – अब समझ आया मैं क्यों अयान को पंसद नहीं करती थी.....
उधर अयान अपने पापा के सामने गुस्से में इधर से उधर टहलने लगता है और बोलता है
अयान – आपने उसकी शर्त क्यों मानी दो टके की लड़की औऱ भी मिल जाती आपको काम करने के लिए
बॉस – तुम अपना दिमाग बेच आए हो.. आज अगर मैं ये ना करता तो तुम हवालात में होते. कंपनी को अलग नुकसान होता मार्केट में नाम खराब होता..... अब ऐसे कुछ नहीं होगा और तुम अब शनाया से दूर रहोगे वो वैसी नहीं जैसी दिखती है.... तुम्हें पता भी नहीं है अगर आज मैं टाइम पर ना आता तो वो तुम्हें जान से ही मार  देती.... और  मैं नहीं चाहता कि फिर कभी कोई बवाल हो फिलहाल तुम अपनी यूके की टिकट कराओ और निकल लो...  विज़क्राफ्ट के प्रोजेक्ट के बाद वो वैसे भी जॉब छोड़ देगी....
अयान  सारी बात सुनता है... और बिना कुछ बोले वहां से निकल लेता है....
शनाया भी ऑफिस से निकल जाती है....... घर में पहुंचते ही  शनाया सीधा बिस्तर पर लेट जाती है.... उसके आंखों से सिर्फ आसूं गिरते है..  आज जो भी हुआ वो सोच कर उसकी रूह कांप गयी थी... मन ही मन भगवान को धन्यवाद देती है क्योंकि अगर अयान के इरादे उसको बाद में पता चलते तो ना जाने क्या होता....खैर अच्छा सबक सिखाया मैने उसको लेकिन अब मुझे जल्द से जल्द जॉब खोजनी होगी....यहां अब और काम नहीं हो सकता है....क्या लाइफ  है ना मेरी, ना साथ में घर वाले ना कोई अपना जिसके कंधे पर सर रख कर रो सकूं ना कोई ऐसा जिसे ये सब खुल कर बता सकू..... घर तो बिल्कुल नहीं बताना नहीं तो बोल देंगे आ जाओ वापस भोपाल...एक काजल है जिससे मैं ये बात कर सकती हूं लेकिन उसे भी क्यों परेशान करना....उसके दिल से आवाज आती है.. और अरनव....
अरनव.......शनाया गहरी सांस लेकर उसका नाम लेती है..... नहीं नहीं कभी नहीं.. अरनव को ये सब बताने का कोई फायदा नहीं है... वो उल्टे हंसेगा ही... वैसे भी मेरे मजे लेना उसका फेवरेट काम है... जब पहले कभी नहीं ये सब बताया तो अब क्या बताना its my stuff and I can manage  ऐसे ही अरनव ने मेरा काफी मजाक बनाया है... शनाया अपनी आंखें बंद करती है और सो जाती है....
अरनव अभी भी पार्टी में लोगो के साथ बातें करने में busy था... अरनव का मोबाइल  में लगातार मैसेज आ रहे थे.... अरनव  मैसेज की रिंग आने से irritate होने लगा था.... अपना मोबाइल ओपन करते ही उसके चेहरे की रंगत उड़ने लगी थी....10 मैसेज वो भी नायरा के.. और हर मैसेज में सिर्फ शनाया की बाते...नायरा  फेसबुक पर डाले गए गाने को  लेकर सवाल पर सवाल किए जा रही थी....एक मैसेज में उसने साफ साफ बोल दिया इतने प्यार से कभी मेरे लिए भी गा दिया होता...गाने के अंदाज से समझ आ  रहा कि आपको शनाया से प्यार हो गया है....वैसे भी अभी हमारी शादी नहीं हुयी है आप चाहो तो ये रिश्ता तोड़ सकते हो लेकिन प्लीज मुझे धोखे में मत रखो... और हां ये बात आप ही अपने घर पर बताएगें...
अरनव मैसेज पढ़ते एक दम परेशान हो जाता है.. मन ही मन बड़बड़ाता है.. एक कहती है तुमने मेरे लिए गाया ना एक कहती है तुमने शनाया के लिए गाया ना.... गाना ना हो गया मेरे लिए मुसिबत हो गया इसे अभी का अभी डिलीट कर देता हूं ना रहेगा ना सवाल जवाब होगा....अरनव फेसबुक से जाकर अपने उस ऑफिस फ्रैंड की प्रोफाइल पर  अपना टैग रिमूव करता है और.. उसको ब्लॉक कर देता है...मन ही मन कहता है अब नायरा के सवाल आने बंद हो जाएंगे....
अरनव फिर से अपने दोस्तो के साथ बाते करने लगता है.... लेकिन नायरा मैडम को इतने मैसेज के बदले कोई reply  नहीं मिलता इसलिए वो गुस्से में उठा कर अरनव को फोन कर देती है....
नायरा – हाय
अरनव – हां बोल
नायरा – कहां हो
अरनव – ऑफिस की पार्टी में
नायरा – पक्का
अरनव – नहीं दिल्ली आ गया हूं शनाया के साथ डेट  पर हूं.. बोलो क्या बात है क्यों फोन किया है..
अरनव की गुस्से में आवाज सुनकर नायरा और भड़क जाती है... और बोलती है आपका सही है पूरे दिन शनाया शनाया करते रहो और मैं कुछ बोलू तो गुस्सा दिखा दो....
अरनव – पागल हो गयी हो तुम मैं अपने ऑफिस की पार्टी में यही मुंबई में हूं यार
नायरा – पता है लेकिन यहां होकर दिल तो  आपका दिल्ली में लगा हुआ है...
अरनव नायरा की बाते सुनकर झल्लाने लगता है और बोलता है मैं आकर तुमसे बात करता हूं अभी फोन  रख दो.. बाय
To be continued


8 comments:

Rati said...

Sahi ja rahi ho dear mast ....wauting for next

tulika singh said...

Tx rati 😘😘😘

Ocean said...

Perfectly....well

Digvijay said...

Keep writing

tulika singh said...

Tx dear

Mamta said...
This comment has been removed by the author.
Mamta said...

Uff aadat jarur ho jati h akele rahte rahte per fir bhi kisi ke sath ki umeed hamesh bani rahti h. Life is suffer....

tulika singh said...

Ha akelapan koi nahi chahta lekin akelepan ke siva aur koi rasta bhi nahi hota its part of life 😰