अरनव ने BIRTHDAY क्या
विश कर दिया शनाया सातवें आसमान पर थी... उसने अपना फोन उठाया और सबसे पहले अयान
को कॉल करती है ....
शनाया- हाय हां बोलो सॉरी मैं सो गयी थी मेरी तबियत ठीक नहीं थी...
अयान- तबियत ठीक नहीं थी या फिर तेरे अरनव का फोन नहीं आया अभी तक
शनाया- तू फिर से शुरु हो गया ना अयान... देख यार मुझे तंग करना बंद कर औऱ
मुद्दे पर आ क्यों कॉल किया था..
अयान- थोड़ा सीरियस हो कर बोलता है कुछ नहीं तू आज पार्टी में आयी नहीं
शनाया- सॉरी यार सच में मेरी तबियत ठीक नहीं थी... कब तक पार्टी चलेगी मैं
आती हूं अभी...
अयान- शनाया की बात सुनकर खुश हो जाता है.... फिर थोड़ा बेफिक्र हो कर
बोलता है तू ठीक है पक्का
शनाया – हा ठीक हूं मैं
अयान- ठीक है मैं तुझे लेने आ जाऊं
शनाया- नहीं इसकी कोई जरूरत नहीं है..मैं खुद आ जाती हूं
अयान- नहीं यार मैं मजाक कर रहा था.. रहने दे तू तेरी आवाज से लग रहा है सच
में तू बिमार है हम फिर कभी पार्टी करेंगे जिसमें तेरा अरनव भी होगा ..
शनाया- गहरी सांस लेकर बोलती है ठीक है उस दिन का मुझे भी इंतजार रहेगा...
बाय
अयान- बाय
अयान का फोन रखने के बाद शनाया
किचन में जाती है... खुद के लिए चीज़ सैंडविच बनाती है और काजल को वीडियो कॉल करती
है...
शनाया- क्या बे क्या कर रही है....
काजल- क्या बात है बड़ा चमक रही है... कहां गई थी
शनाया – कहीं नहीं
काजल – फिर इतना ग्लों किस बात का है मैडम
शनाया –क्योंकि आज मैं बहुत खुश हूं.... सुपर से भी ऊपर वाला खुश हूं
काजल- अच्छा क्या हुआ अब बताएगी या सिर्फ चिल्लाती रहेगी
शनाया- सैंडविच खाएगी ?
काजल – नहीं बात बता पहले
शनाया- अरे आज का birthday मेरा wow था
काजल- हां तूने बताया था सुबह ना आज तेरे यहां पार्टी थी ...
शनाया- सड़ा सा मुंह बनाती है और बोलती है जो कि मैने होने नहीं दिया....
काजल- क्यों
शनाया – क्योंकि एक पागल आदमी ने उस पार्टी को रखा था
काजल – हंसते हुए अब कौन नया आशिक पैदा हो गया तेरा
शनाया- अरे वहीं सड़ू बॉस का बेटा.. साला प्रपोज़ करने वाला था..
काजल – तो अच्छा तो था... तुझे उसको मौका देना चाहिए था...
शनाया – पागल हो गयी हो तुम चलो
मैं रखती हूं बाय
काजल- रखना है तो रख दे सोच ले कुछ था जो तू बताने वाली थी
शनाया- झूठा गुस्सा दिखाते हुए तुम मत सुधरना 100 कमीने मरे होंगे तब तुम
पैदा हुई होगी...
काजल – हंसते हुए बिल्कुल सही बात
शनाया- साला सारे फसाद की जड़ देखा जाएं तो तुम ही हो.. खैर अब पछताएं होत
क्या जब लुटिया गई डूब
काजल – क्या बात है आज तूने दो कहावत मिलाकर नहीं कहावत बना दी.. अब बताएगी
भी
शनाया- अरे आज अरनव सर का फोन आया था.. इतने सालों में पहली बार गधे ने
मुझे विश किया
काजल- कौन गधा अरनव
शनाया – और क्या उसका पूरा नाम है गधा अरनव बेदी GAB
काजल- वाह क्या नाम है.. तू पहली लड़की होगी जिसने इतनी इज्जत दी है उसको
शनाया – बकवास बंद कर ये भी उसके किस्मत की बात है कि शनाया ने उसको गधा बोला है... और ये उपाधि सिर्फ
उसके नाम कभी भी किसी और को नहीं मिलेगा...
काजल- वाह क्या प्यार है वैसे क्या हुआ फिर आगे बताएगी
शनाया- हम मिले पार्टी की, डांस किया केक खाया मुझे गिफ्ट दिया.. शनाया
चिढे हुए अंदाज में बोलने लगती है... अरे माता... क्या हुआ होगा मुझे याद दिलाना
पड़ा कि मेरा birthday है फिर.. भाई के
जगह अपना नाम बुलवाने के लिए मेहनत करनी पड़ी...तब कहीं जाकर उसने बोला happy birth day shanaya
काजल- ओह
शनाया- क्या ओह इतने सालों में उस गधे ने ये ही कर दिया क्या कम है
काजल – हां अब वो तुझसे प्यार करने लगा है...
शनाया – तुम फिर से शुरु हो गयी ना....फर्जी बकवास करना
काजल- और क्या, बात आगे बढ़ रही है
शनाया – हैलो बात आगे बढ़ रही है लेकिन उसके शादी की....
काजल – मतलब
शनाया – मतलब उसकी शादी हो रही है किसी नायरा से टिपिकल अंरेज मैरिज
काजल – तो सही है ना इस उम्र में तेरे सिवा उसको कौन प्यार करेगा...
शनाया – छोड़ ना चल मैं रखूं बैटरी
डाउन हो रही है...
काजल – ठीक है लेकिन आज की पिक्चर तो डाल
शनाया – कौन सी
काजल अरे सुबह में जो साड़ी डाली थी...
शनाया – ओके डालती हूं....चल बाय
शनाया काजल का फोन कट करती है.. और अपने फोन की गैलरी चेक करने लगती है...
सुबह की पिक्चर रीया ने उसको भेजी थी शनाया
फेसबुक पर पिक्चर डालने के लिए सलेक्ट करती है तभी उसको अपनी एक white
saree में पिक्चर दिखती है... जो तीन चार महिने पुरानी थी.. शनाया सोचती है
ये दोनो डाल देती हूं देखती हूं कौन सी सबको ज्यादा पंसद आती है....वैसे भी साड़ी
में, वो भी शनाया कभी कभी ही लोगो को
दिखती है.....
शनाया अपनी दोनो पिक्चर फेसबुक पर अपलोड कर देती है.. और अपलोड करते ही
उसके ख्याल में आता है देखना है अरनव को कौन सी अच्छी लगती है....वैसे तो वो इतना
बड़ा वाला गधा है कि देख भी लेगा अच्छी भी लगेगी तो भी नहीं बोलना उसको.. खजाना जो
लूट जाएगा..... शनाया अपनी सैंडविच खत्म करती है.. और आराम से बिस्तर पर लेट जाती
है... अरनव जब भी शनाया से कुछ ऐसा बोलता है.. शनाया उसके बाद खुद को कैद कर लेना
चाहती है उस पल में ख्वाब ही सही..वो उस पल में किसी का दखल नहीं चाहती... शनाया
सोचने लगती है... मेरे ख्याल मेरे ख्वाब मेरे अहसास ही तो है.. जो इतने सालों से
मेरे एक तरफे प्यार का वजूद बनाए हुए
है.....नहीं तो हकिकत भरी दुनिया में इस प्यार का मजाक से ज्यादा कोई मोल नहीं है...
मुझे खुद डर लगता है कभी कभी तो, यकीन हो जाता है अरनव मेरा और मेरे प्यार का अच्छा खासा मजाक बनाता
होगा... या कभी ना कभी पक्का बनाया होगा...खैर मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वो
क्या सोचता है.. ज्यादा मायने ये रखता है कि मैं क्या सोचती हूं... आज, इतना प्यार करती हूं कि
वो खुद को भगवान समझ लेता होगा कभी कभी.. भगवान ना करे मेरे मरने के पहले वो दिन
आए कि मैं उसको प्यार करना बंद कर दूं... फिर तो वो भगवान तो दूर एक हारा हुआ
इंसान बन कर रह जाएगा....जिसके हाथ से मेरा प्यार फिसल जाएगा... लेकिन मुझे पता है
ऐसा कभी मैं होने ही नहीं दूंगी.... वो अच्छा बुरा जैसा भी है प्यार इन सबसे ऊपर
है.. उसकी अच्छाई या बुराई से मुझे तब फर्क पड़ता ना जब वो मेरी जिंदगी में होता,
मेरा उससे कोई जरूरत का नाता होता.. यहां तो ना मुझे उससे कुछ चाहिए ना वो मेरी
जिंदगी में कभी आने वाला.. तो बस जहां मतलब नहीं वहां कोई समस्या नहीं और रह जाता
है तो सिर्फ प्यार जिसकी शुरुआत 15-16 साल पहले हुई थी... लेकिन अंत सिर्फ मेरे
मरने के बाद होगा.....
शनाया खुद से ही बाते करते करते धीरे धीरे सो जाती है... सो जाती है वो आने
वाले कल से बेफिक्र हो कर, सो जाती है उस मोहब्बत के साथ जो देखा जाए तो कभी उसका
था ही नहीं... फिर भी कुछ तो था जो शनाया और अरनव को आपस में बांधे रहती है... इस
खामोश मोहब्बत को पढ़ना... उसे महसूस करना...बेशक...रोमांचित करता है.... लेकिन उस
खामोश मोहब्बत के साथ, इस दुनिया में झूठी
मुस्कान, झूठी अकड़ के साथ हर पल काटना शनाया के लिए काफी मुश्किल था.. शायद आप
में से भी कुछ लोग होंगे.. जो अपने अंदर और बाहर की दुनिया एक दम अलग करके रखते
होंगे. जैसे शनाया रखती है... शनाया को देख कर कोई नहीं कह सकता कि उसके अंदर
प्यार की एक ऐसी दुनिया बसी हुयी है.. जहां की मल्लिका सिर्फ वो है....और कोई
नहीं... ऐसे देखा जाएं तो ये सिर्फ एक पागलपन है... लेकिन जनाब प्यार का जूनून ऐसा होता है कि यहीं पागलपन
सबसे ज्यादा दिल के करीब होता है....मेरे किरदार बेशक.. थोड़े से पागल नजर आते
होंगे.. यथार्थ से दूर नज़र आते होंगे... लेकिन दावे के साथ कह सकती हूं कि...
शनाया जैसा प्यार आप भी कहीं ना कहीं किसी ना किसी को आधा सा अधूरा सा ही सही करते
जरूर होंगे.. तो बस आज इस एपिसोड को पढ़ने के बाद एक बार अपने दिल को टटोलिएगा
जरूर क्योंकि दिल भी कभी कभी चाहता हो कोई उसको बेफिक्र धडकने दे... आखिर उसके पास
कुछ पल तो अपना भी होना चाहिए... तो बस देर किस बात कि है....दिल की गहराई में
छिपे हुए प्यार को महसूस किजिए शनाया जैसा थोड़ा सा पागलन किजिए... और खुश रहिए
TO BE CONTINUED
3 comments:
Nice...😍👏
Tx dear
😘😘😘😘😘😘😍😍😍tx dear
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