Monday, 13 April 2020

ADHURI KAHANI (PART2) episode 3


शनाया की बकबक देखकर अरनव मुस्कुराएं जा रहा था.... तभी अरनव के पास उसका दोस्त केतन आता है...चलिए इनका भी परिचय आपसे कराते है...22 साल उम्र 5  फिट 6 इंच हाइट चेहरा एक दम साउथ इंडियन फिल्म के विलेन  जैसा लेकिन खुद को रितिक से कम नहीं समझते .. पिछले दो साल से एक काम पूरी शिद्दत से कर रहे है ये, और वो है लड़की पटाना लेकिन आज तक कोई भी लड़की हफ्ते भर से ज्यादा इनके पास ना रूकी.....अगर बाथरूम ना जाना हो औऱ लड़की ना पटाना हो तो 24 घंटे अरनव के साथ रहता है केतन..हां आपस में इनका कोई मेल नहीं अरनव को जहां अपने आप से मतलब रहता है वहीं केतन को खुद को छोड़कर पूरी दुनिया से मतलब....अरनव के चेहरे की मुस्कुराहट देखकर केतन शैतानी वाली मुस्कारहट के साथ पूछता है
केतन- क्या बात है अरनव बड़ा मुस्कुरा रहे हो..
अरनव- खुद को सम्हालते हुए बोलता है अरे नहीं बस यूं ही
केतन – अरनव की टांग खींचते हुए बोलता है नहीं मुझे तू बता सकता है मतलब अरनव बेदी तो फ्री में मुस्कुराता भी नहीं
अरनव – शनाया की तरफ से नज़रे हटा लेता है और केतन की आंखों में आखें डालकर बोलता है... सीधा सीधा बोल यार क्या कहना चाहता है तू
केतन- मतलब वहीं.... यहां बैठे बैठे किसे देखकर मुस्कुरा रहे हो.....
अरनव – किसी को नहीं
केतन – मुझे पता है
अरनव – अच्छा तो बता फिर
केतन – काजल को या फिर प्रिया को रूपाली को या फिर वो जो पिंक ड्रेस में है उसे देखकर
अरनव केतन के कंधे पर हाथ रख कर बोलता है अच्छा तुझे इस कालेज की सब लड़कियों का नाम पता है...मतलब किसी को छोडा है जिसको ट्राई ना किया हो.....
केतन हंसता है और बोलता है हां छोड़ी है ना
अरनव – किसे
केतन- वो जो बैठी है शनाया अपना दरवार लगा कर दोनो कालेज मिला कर मुझे अगर किसी से डर लगता है तो वो शनाया है... और वैसे भी वो मेरे टाइप की नहीं है....लड़किया ऐसी थोड़े ना होती है
अरनव – अच्छा तुझे इसका नाम भी पता है
केतन गंदी सी शक्ल बनाते हुए बोलता है हां इसका नाम किसे नहीं पता होगा
अरनव –क्यों मुझे नहीं पता था
केतन – भाई तू छोड़ दे तू इस दुनिया का प्राणी नहीं है
अरनव – अच्छा तुझे कैसे पता चला इसका नाम और इतना क्यों डरता है इससे
केतन – अरे काजल है ना उसकी दोस्त बस उसको गलती से अप्रोच कर दिया था और इन मैडम को पता चल गया वो तो मैने बात घुमा दी नहीं तो बैंड बज जानी थी... खैर तू बैठ अपनी कॉफी खत्म कर मैं आता हूं
अरनव – कहां चला
केतन-अरे समझ ना कहीं टाइम दिया है
अरनव हंसता है और उसको बाय बोलता है
केतन के जाते ही अरनव की नजर फिर से शनाया पर होती है... जैसे मानो आज ही वो शनाया के बारे में सब कुछ जान लेना चाहता है...उधर शनाया इन सबसे बेफिक्र हो कर बक बक किए जा रही थी....थोडी देर में शनाया और काजल बिल्कुल अकेले हो जाते है
अरनव बड़े ही ध्यान से देखता है कि लोगो के जाने के बाद शनाया के चेहरे के हाव भाव कैसे बदल गए कहां तो वड़े ही अकड़ के साथ  मसले सुलझा रही थी और अब देखो तो ऐसा लग रहा कोई मासूम सी लड़की ना जाने कब से भूखी थी और काजल का छोटा सा टिफिन लेकर उसमें से ना जाने क्या खा रही थी.... अरनव हल्का सा मुस्कुराता है और वहां से निकल जाता है.... बिल्कुल वैसे ही जैसे वो कोई टाइमपास कर रहा था और फन टाइमओवर ....
Next day at 1pm
शनाया और काजल अपनी क्लास खत्म करके कॉलेज के बाहर निकल रही थी. लेकिन शनाया  की चाल ऐसी की  हम तो ऐसे ही है भइया... हम ना बदलने वाले और काजल शनाया को डांटे जा रही अरे ठीक से चल देख तेरा दुपट्टा जमीन पर झाड़ू लगा रहा है....
शनाया- हां तो लगाने दे तेरी  ये फ्रॉक क्या  जमीन  में झाड़ू लगा सकती है नहीं ना
काजल अपना सर पीट लेती है और पूछती है शनाया से एक बात बता तू जिंस क्यों नहीं पहनती
शनाया –आराम से रूकती है और बोलती है क्यों इन कपड़ों में क्या problem है..
काजल – कोई प्रॉबलम नहीं है लेकिन मुझे लगता है तू जिंस में मस्त लगेगी
शनाया-अच्छा मस्त लग के क्या करना वो चिरकुट टाइप के लड़को के आंखों का मसाला नहीं बनना मुझे
काजल – अच्छा तो क्या बाकी लड़कियां मसाला बनने के लिए ऐसे कपड़े पहनती है...
शनाया- छोड़ ये सब चल सरदार जी की शॉप पर चलते है वहां की चाउमिन खाते है
काजल – हां चल चलते है
शनाया और काजल तेजी से सरदार जी की दुकान की तरफ बढने लगते है....लेकिन जैसे ही सरदार जी की दुकान पर पहुंचते है वहां की भीड़ देख दोनो एक दूसरे को देखने लगती है...
शनाया-अबे ये क्या इतनी भीड़ अब अपन खाएंगे कैसे
काजल शनाया की शक्ल देखती है और बोलती है कोई ना क्या देहरादून में और कोई चाउमिन वाला नहीं है...कहीं और खाते है
शनाया – ना अब आ गए तो यहीं खाएंगे
काजल – लेकिन कैसे
शनाया – रूक सोचने दे इस शनाया भोपाली को
काजल हंसने लगती है... तभी उसको भीड़ में कुछ जाने पहचानी शक्ल दिख जाती है और शनाया से कहती है आज तो पक्का खा कर ही जाएंगे
शनाया – वाह जियो मेरे शेर तू तो मेरे जैसी बाते कर रह रही है
काजल –अरे तू है इसलिए कर भी पा रही हूं रूक
काजल दुकान के बाहर तेज से आवाज लगाती है..अनय ... अनय ...अनय
शनाया काजल के कंधे पर हाथ रख कर बोलती है भाई रूक जा सारी परफॉर्मेंस आज ही दे दोगी क्या
काजल हंसने लगती है उधर अपनी पुकार सुनकर अनय तेजी से दुकान के बाहर  आता है.... जैसे मानो किसी ने अपनी जान बचाने के लिए बुलाया हो....
आइए अब इनसे आपका परिचय कराते है.... ये भी अरनव के कालेज में first  इयर के स्टूडेंट है और काजल को अपना दिल दे बैठ थे ... शक्ल से बेहद मासूम और  सलीकेदार बच्चा बोले तो एक दम राजा बेटा...लेकिन इनकी किस्मत खराब निकली काजल इनसे सिनियर निकली....इसलिए इनके अरमान दिल में रह गए औरjust friend  से आगे इनकी कहानी ना बढ़ पायी... लेकिन आज काजल के मुंह से अपना नाम सुन ये पूरे जोश में बाहर निकले....
अनय- हाय काजल हाय शनाया
काजल – हाय अनय
अनय – तुम लोगो यहां पर कैसे
शनाया – हमें चाउमिन खानी है लेकिन यहीं की और यहां ना जाने इतनी छोटी सी दुकान में इतनी भीड़ क्यों लगी हुयी है
अनय – अरे कुछ नहीं आज मेरा birthday है तो बस उसी की पार्टी चल रही है ..
काजल – वाह happy birthday yar  कोई ना तुम लोग अपनी पार्टी करो हम कहीं और चले जाते है
शनाया तेज से काजल के पैर पर मारती है
उधर अनय बिना देरी किये बोलता है अरे ऐसे कैसे मुझे तो खुशी होगी अगर तुम लोग भी आओगी आओ आज तो  मेरे सिनियर भी आए है
शनाया काजल को देखती है और बिना रुके बोलती है ओके डन चलों फिर अंदर चलते है..अंदर का नजारा अलग ही था सिनियरस टेबल पर बैठे थे और अनय के दोस्त खड़े थे.... और इसी पार्टी में अरनव भी आया था शनाया और काजल को अंदर आता देख वो बड़े ही सलीके से खड़ा हो गया और अनय को इशारा करने लगा कि इनको यहां बैठा दो अरनव की ये हरकत शनाया की नज़रो में पड़ गयी और पहली बार शनाया ने अरनव को देखा.....शांत सा चेहरा लेकिन चेहरे पर एक अलग ही अकड़.साधारण सी जिंस और टी शर्ट लेकिन BODY language ऐसी की बस यहां के राजा यहीं है....गठीला लेकिन दुबला पतला सा बदन टी शर्ट की बांहे ऐसी मुड़ी थी कि हाथों के बाल सामने से नजर आ रहे थे..जैसे किसी जन्म में राजा महाराजा हो अपने इन्हीं हाथो से सबका ध्यान रखना है... लेकिन आंखें शनाया तो उन आखों को देखती ही रह गयी... मासूम बच्चा जब खिलखिला कर हंसता है तो उसकी आंखों में जो चमक होती है बस वहीं चमक अरनव की आखों में थी..काजल शनाया का हाथ दबाती है और धीरे से बोलती है अरे कहां खो गयी तुम
शनाया –अरे कुछ नहीं चिडियाघर में आज इंसान देखा है..
काजल – मतलब
शनाया –मतलब कुछ नहीं
उधर  अरनव सबसे बाते करने में मस्त हो कर अपनी प्लेट खत्म किए जा रहा था और बीच बीच में शनाया को देखे जा रहा था.... तभी केतन अनय को बोलता है अरे अनय अपने दोस्तो से मिलाओगे नहीं
शनाया केतन की बाते सुनकर बोल पड़ती है
शनाया- क्यों केतन तुम मुझे नहीं जानते या फिर काजल को
शनाया कह कर हंसने लगती है
केतन-अरे नहीं काजल मैं तो जानता हूं लेकिन बाकी लोग जैसे ये अरनव ,
अरनव एक दम से चौंक गया केतन की बाते सुनकर और केतन को गुस्से से देखने लगा, केतन अरनव का गुस्सा देखकर धीरे से पास आता है भाई सम्हाल ले मेरी चेप हो जानी है चल आज रात को मेरी तरफ से फ्री दारू अरनव केतन को चुपचाप देखता है और अनय की तरफ रूख करता है और बोलता है हां अनय सबसे सबका परिचय तो कराओं
अनय – यस सर
अनय –काजल ये अरनव सर है हमारे सीनियर है
काजल – हैलो सर
अनय- और अरनव सर ये शनाया है
शनाया अपना नाम सुनते ही खाना रोक देती है और चाउमिन का एक किनारा मुंह में होता है और दूसरा किनारा प्लेट में, मुंह में चाउमिन की खिचड़ी बनाते बनाते ही शनाया ने अरनव को हैलो बोला लेकिन अरनव को लगा कि वो अपना हाथ आगे बढ़ाएगी...अरनव अपना हाथ आगे बढ़ा देता है..उसका बढ़ा हाथ आगे देखकर शनाया हड़बड़ा जाती है और  सीधा हाथ आगे बढ़ा देती है शनाया का सीधा आगे देख अरनव अपना हाथ चेंज करने लगता है ..लेकिन तब तक शनाया अपना बांया हाथ आग बढ़ा देती है.. काजल शनाया और अरनव की हरकत देखे जा रही थी.. और मन ही मन बड़ बड़ कर रही थी खाने  के आगे इस  लड़की को कुछ समझ नहीं आता....इधर फाइनली अरनव शनाया से हाथ मिला ही लेता है... लेकिन जैसे ही अरनव का हाथ शनाया से टच करता है शनाया पूरे पसीने पसीने हो जाती है .. वो अरनव का हाथ ही देखे जा रही थी और अरनव की नजरे भी सब को देखने लगती है हालात को सम्हालते हुए शनाया अपना हाथ पीछे करती है.... तभी अनय शनाया को बाकी लोगो से मिलाने के लिए बोलने ही वाला होता है तो वहां मौजूद सब लड़के एक साथ बोलते है भाई हम जानते है ये शनाया है और वो काजल शनाया बोले तो भाई है अपना... शनाया ऐसे शब्द सुनकर थोड़ा नार्मल होती है और आराम से बोलती है
शनाया- और क्या वैसे तुम लोगो के यहां सब ठीक चल रहा ना कोई दिक्कत हो तो बताना
शनाया की बाते सुनकर सब हंसने लगते है लेकिन अरनव शनाया को धीरे से देखे जा रहा था....
To be continued


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