अधूरी कहानी का पहला भाग जब मैने लिखा था तब सोचा भी नहीं था आप लोग इसे इतना प्यार देंगे ना सिर्फ मेरे ब्लॉग पर बल्की लेखकों के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म प्रतिलीपी पर आप सभी ने मेरा हौसला काफी बढ़ाया... जिस तरह से आप लोगो ने अधूरी कहानी को अपने दिल में इतनी जगह दी उससे मैं अभीभूत हूं....चौबीस हज़ार के लगभग उसकी पाठक संख्या के साथ अधूरी कहानी मेरी अब तक की सबसे सफल रचना है... वैसे तो हर लेखक के लिए उसकी हर रचना उसका इश्क होता है...और मेरे लिए अधूरी कहानी हो या फिर माया हो या फिर मेरी कोई भी कविता मेरे दिल के वो अटूट हिस्से है जिन्हें मेैं बहुत ही सहेज कर रखती हूं.... काफी पाठकों ने मुझसे शनाया और अरनव के बारे में काफी सवाल किया... उनकी कहानी को अपना समझ क भी आसूं गिराए तो कभी उनके इश्क की लुकाछीपी में दिल खोल कर हंसे... शनाया और अरनव की अजीब सी LOVE STORY को पढ़ कर कभी अपना सर पकड़ लिया और ये तय ना कर पाए की सही कौन था और गलत कौन था....खैर बहुत संख्या में लोगो ने ये भी कहा इस कहानी को पूरा करों ये अधूरी नहीं रहनी चाहिए...और सच बताऊं मैं भी नहीं चाहती की ये कहानी अधूरी रहे.. हकिकत की दुनिया में तो ना जाने कितनी ही शनाया और अरनव कभी नहीं मिल पाते होंगे लेकिन क्या तूलिका की इस दुनिया में ये मिल पाएंगे ...... क्या है इनका रि्श्ता जो आज तक अपना वजूद नहीं बना पाया या यू कह लिजिएं ये कैसा प्यार है जिसकी कोई परिभाषा नहीं ... इस प्यार की उम्र क्या है और कहां है इसकी मंजिल ... क्या शनाया का प्यार ख्याली दुनिया से निकल कर हकिकत की ज़मीन पर पैर रखेगा
क्या अरनव खुद को समझ पाएगा
क्या शनाया अपने रूमानी प्यार को उसकी सही जगह दे पाएगी
या फिर हर बार की तरह इस बार ये दोनो मिलेंगे और जुदा हो जाएंगे अन्नत काल के लिए
कायनात का कौन सा राज़ छिपा है इन दोनो के दरमिया
ये सब जानने के लिए मैं फिर से लेकर आयी हूं अधूरी कहानी का दूसरा भाग उम्मीद करती हूं कि आप इसे भी उतना ही प्यार देंगे जितना आपने मुझे पहले दिया है....
(सबसे अंत ंमें ये कहना चाहती हूं ये कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है... इसका किसी बी जिवित या म़त व्यक्ति से कोई संबध नहीं है और अगर कोई संबध होता है तो वो पूरी तरह से सिर्फ एक संयोग है...)
क्या अरनव खुद को समझ पाएगा
क्या शनाया अपने रूमानी प्यार को उसकी सही जगह दे पाएगी
या फिर हर बार की तरह इस बार ये दोनो मिलेंगे और जुदा हो जाएंगे अन्नत काल के लिए
कायनात का कौन सा राज़ छिपा है इन दोनो के दरमिया
ये सब जानने के लिए मैं फिर से लेकर आयी हूं अधूरी कहानी का दूसरा भाग उम्मीद करती हूं कि आप इसे भी उतना ही प्यार देंगे जितना आपने मुझे पहले दिया है....
(सबसे अंत ंमें ये कहना चाहती हूं ये कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है... इसका किसी बी जिवित या म़त व्यक्ति से कोई संबध नहीं है और अगर कोई संबध होता है तो वो पूरी तरह से सिर्फ एक संयोग है...)
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