शनाया गहरी नींद में सो रही थी
गाड़ी का ब्रेक जरूर उसको कभी आगे की तरफ गिरा देता तो कभी अरनव की कंधे पर ही
झटके लग जाते...अरनव गाना गाने के बाद शांत मन से
गाड़ी चलाए जा रहा था.. तभी आर्मी
की दोनो जीप अरनव की जीप के दोनो तरफ चलने लगती है... आर्मी का ऐसे गाड़ी को ब्लॉक करता देख सब डर
जाते है और अरनव गाड़ी रोक देता है... जीप एक ऑफिसर बाहर निकलता है और अरनव से
सवाल करता है
ऑफिसर – कहां जा रहे हो तुम लोग
अरनव – सर बस मसूरी जा रहे है
ऑफिसर – इस लड़की को क्या हुआ
अरनव शनाया के लिए ये सवाल सुनकर शनाया की तरफ देखने लगा, शनाया अब भी सो
रही थी उसकी आंखें ऐसे लग रही थी जैसे दुनिया से बेखबर अपने आप में मगन हो गई हो
शनाया
ऑफिसर- तुमसे कुछ पूछा मैने
अरनव हड़बड़ा जाता है और बोलता है कुछ नहीं तब तक काजल शनाया को जगाने लगती
है
सबकी आवाज सुनकर शनाया हड़बड़ा कर उठती है...
शनाया –क्या हुआ तुम लोगो ने गाड़ी क्यों रोक दी ?
काजल, शनाया का चेहरा आर्मी ऑफिसर की तरफ घुमाती है ।
शनाया की नजर जैसे ही आर्मी ऑफिसर पर पड़ती है वो एकदम से सीधी होकर बैठ
जाती है और उसके चेहरे पर नींद की जगह एक अलग की बेचैनी दिखने लगती है, खुद को सम्हालते
हुए शनाया ऑफिसर से सवाल करती है ।
शनाया – जी बताइए क्या हुआ, कुछ गड़बड़ है.. या हमने कुछ गलत किया ।
शनाया के गुस्से से भरे इन सवालो को सुनकर ऑफिसर थोड़ा सा डाउन हो गया इधर
अरनव केतन अनय साक्षी सब शनाया के सवाल पूछने के तरीके से हैरान थे ।
शनाया- मैने कुछ आपसे ?
ऑफिसर –नो मैम, हमें लगा आप लोग किसी
प्रॉबल्म में है ।
शनाया – देख लिया आपने, हम सब ठीक है, क्या अब हम जाए ?
काजल शनाया को देखे जा रही थी और उसके मन में चल रही उलझन को वो अच्छे से
पढ़ रही थी...
इधर ऑफिसर शनाया को इशारे से नीचे उतरने के लिए बोलता है शनाया ऑखों ही
ऑखों में अपना गुस्सा जाहिर किए जा रही थी...और नीचे उतरने से साफ इंकार कर देती
है...
अरनव शनाया की सारी हरकत ध्यान से देखे जा रहा था और उसके मन में चल रहे वो
सारे सवाल फिर से उसके ऊपर हॉवी थे... ऑफिसर शनाया की ना सुनकर वहां से निकल गये
और शनाया अपने गले में लटके उस लॉकेट को हाथों से मसलने लगी..काजल हालात को समझते
हुए मजाक में बोलती है वाह शनाया वाह
शनाया – क्या वाह
काजल –अरे तुम सो गई थी तो आर्मी वालो को लगा तुम बिमार हो गयी
हो...तुम्हारी तो बड़ी चलती है यहां सब जानते है तुम्हें क्यों अरनव
शनाया- हो गया तेरा , अरनव अब चले
अरनव –हां
शनाया –लेकिन इस बार मैं गाड़ी ड्राइव करूंगी प्लीज थोड़ी दूर तक
अरनव –सीधे तो बैठा ना जा रहा तुझसे औऱ ड्राइव करेगी
शनाया –हैलो मैं ठीक हूं
तभी काजल बीच में बोलती है
काजल- भाई मुझे बिना मरे जाना है मसूरी
शनाया – सही है, ले जाती हूं तुझे रूक
शनाया अपनी सीट से उतर कर स्पीड में ड्राइविंग साइड जाती है और अरनव को
अधिकार जताते हुए बोलती है….
शनाया – अरनव उतरो
अरनव –क्यों
शनाया- मैं ही ड्राइव करूंगी
अरनव –हंसते हुए क्या बचपना है
शनाया –आखों में ढेर सारा प्यार भर कर शरारत भरी नजरो से बोलती है, प्लीज
अरनव, शनाया की प्लीज सुनकर मुस्कुराने लगता है अच्छा आजा पर आराम से चलाना
शनाया – ओके
अरनव गाड़ी से जैसे ही उतरा शनाया एक पल में ड्राइविंग सीट पर थी जैसे कोई
फैसले बदल ना दे...
शनाया ने गाड़ी स्टार्ट की कुछ ही
देर में वो हवा से बाते कर रही थी..उसकी
इस हरकत से काजल गुस्से में थी वो पीछे से चिल्लाएं जा रही थी.. शनाया स्पीड कम कर
इधर अरनव शनाया के गेयर बदलने की स्पीड को देखे जा रहा था उसकी नजर कभी गेयर पर तो
कभी शनाया पर जा कर टिक जाती थी...अरनव हंसते हुए बोलता है कौन बोलेगा कि ये अभी
थोड़ी देर पहले बिमार थी। शनाया तुझे क्या
हो गया अचानक से कहां का भूत आ गया तुझमें
शनाया – तेज से बोलती है अरनव बेदी तुम शनाया को जानते ही कितना हो अभी
ज्यादा मत सोचो और मजे लो
काजल – मजे में अगर किसी को कुछ हुआ तो सोच लेना
अनय – साक्षी तू मुझे कस कर पकड़ ले पता चला ब्रेकर आया और तू बाहर गिर गयी
मौके का फायदा देखकर केतन भी काजल
को बोलता है, काजल तुम भी मेरे पास आ जाओ गिरोगी नहीं
शनाया केतन की बात सुनकर तेज से हंसती है औऱ बोलती है साले मौका मत छोड़ना
तुझे क्या लग रहा मैं गिरा दूंगी
केतन –हाँ
अरनव शनाया की बाते सुन ही रहा था कि गाड़ी जैसे ही राइट टर्न ली अरनव एक
दम से शनाया की तरफ झुक गया...शनाया खुद को सम्हालते हुए ब्रेक लगा देती है और
सबकी शक्ल देखने लगती है
अरनव –शनाया तू इतना शॉर्प कट कैसे मार सकती है वो भी पहाड़ी रास्ते पर खुद
भी मरेगी और सबको मारेगी ।
शनाया चुपचाप सबकी शक्ल देखती है और बिना कुछ बोले ड्राइविंग सीट से उतर
जाती है....उसको अब इस बात की तसल्ली थी कि वो उन दो बाइक वालो से काफी दूर थी जो छिप कर उसका पीछा कर रहे थे...शनाया चुपचाप
अपनी सीट पर आकर बैठ जाती है और बोलती है
शनाया –ज्यादा बकवास मत करो सब अब बस थोड़ी देर में हम सब प्रकाश महाशेश्वर
मंदिर पहुंच जाएंगे
अरनव-हम मंदिर नहीं जाएंगे
शनाया – क्यों
अरनव – मुझे नहीं जाना
शनाया- ओके, चलो वहां तक पहुंचो तो पहले तुम बाहर रहना मैं तो जरूर जाउंगी।
माहौल में थोडी गर्मी देखकर काजल हंसते हुए कहती है, हां मैं और अरनव बाहर
ही रह जाएंगे तुम लोग हो आना
शनाया-ओ ड्रामे की दुकान चुप कर ठीक है अरनव ना जाए तू तो जरूर जाएगी
अरनव सबकी बकवास सुने जा रहा था लेकिन वो शनाया के इतने शेड देख चुका था कि
अब उसका दिमाग पागल हो चुका था वो समझ ही ना पा रहा था शनाया है कौन इधर शनाया
साइड मिरर से बार बार पीछे देख रही थी...और बेचैनी के साथ अपने गले का लॉकेट
खींचते जा रही थी
थोड़ी देर में प्रकाशशेश्वर महादेव का मंदिर आ गया.. गाड़ी रोकते ही
अरनव आराम से अपनी दोनो हाथ पीछे किया और
आखें बंद कर ली, उसको ऐसा करते देख शनाया
ने काजल, केतन, अनय, साक्षी सबको बोला जाओ पहले तुम लोग मंदिर हो आओ फिर मैं जाउंगी, काजल शनाया की बात समझ गई और
सबके साथ मंदिर के लिए निकल गयी.... उनके जाते ही शनाया ने बिना वक्त लगाए अरनव से
सवाल करना शुरु कर दिया
शनाया – क्या हुआ
अरनव – बंद आखों के साथ ही कुछ नहीं बस यू हीं
शनाया –मैं बात कर रही हूं और तुम सो रहे हो
अरनव हंसते हुए शनाया की तरफ देखता है और बोलता है हां बोलो
शनाया- ये तो तुम बताओगे, अच्छा तुम्हे मंदिर क्यों नहीं जाना
अरनव – मेरी भगवान से नहीं बनती
शनाया – ओह ऐसा क्या, अच्छा एक बात बताओं
अरनव – फिर से सवाल, पूछो
शनाया- मैं कौन हूं
अरनव – शनाया
शनाया – मतलब तुम मेरे साथ क्यों आए मसूरी
अरनव – तुम मेरे साथ आयी हो
शनाया – अच्छा मतलब तुमने मुझे क्यों बुलाया
अरनव – हंसते हुए क्यों तुम्हे अच्छा नहीं लगा
शनाया – फिर मेरा वहीं सवाल कौन हूं मैं
अरनव – सच सच बोलूं
शनाया- हां
अरनव – मुझे ना लोगो ने बड़ा धोखा दिया , मेरे साथ जो भी आए मतलब से आए....
और जिससे मैने खुद को अटैच किया वो सब धोखेबाज निकले लेकिन तुमसे बाते करके मुझे
लगा तू उन सब जैसी नहीं है...सच बताऊं तो मुझे तू मेरी वाली सच्ची दोस्त लगी..
दोस्ती करेगी मुझसे अरनव ने अपना हाथ आगे बढ़ा कर पूछा ।
शनाया , अरनव की बाते सुनकर एक दम शांत हो गयी थी...उसने अरनव के हाथ को
देखा ही नहीं
अरनव – शनाया ,बोल दोस्ती करेगी मुझसे,
शनाया की आंखों में आसूं आने वाले थे उसने उनको छिपाते हुए तेज से हंस कर
बोला why not Mr,Arnav
लेकिन एक शर्त है शनाया हाथ मिलाते हुए बोलती है
अरनव – क्या
शनाया – मेरे साथ मंदिर चलोगे
अरनव – नहीं यार
शनाया- चल ना मैं अकेले जाउंगी तुम्हें अच्छा लगेगा
अरनव हंसते हुए कहता है एक बात है तू जिद्दी बहुत है
शनाया- हंसते हुए वो तो हूं अब चले
शनाया और अरनव को एक साथ मंदिर के अंदर आते देख काजल हैरान थी और केतन की
शक्ल पर तो हवाईया उड़ रही थी...काजल एक टक दोनो को देखे जा रही थी ।
शनाया, अरनव के साथ साथ चल रही थी और दोनो के चेहरे पर एक अलग ही चमक थी
ऐसा लग रहा था जैसे दोनो ना जाने कब से एक दूसरे को जानते हो...शनाया की
मुस्कुराहट ऐसी थी जैसे ना जाने उसने कौन सा जग जीत लिया हो, और बस इसी उत्साह में
मैडम का पैर सीढ़ियों से लग जाता है और आगे तरफ गिरने लगती है लेकिन तभी अरनव उसको
पीछे से तेजी से खींचता है औऱ हंसते हुए बोलता है..
अरनव – अरे ऊपर तो पहुंच जा फिर मत्था टेकना।
शनाया अरनव को देखती है और बनावटी गुस्सा दिखते हुए बोलती है मुझे तुमने
इसलिए बचाया कि मेरे मजे ले सको
अरनव – अरे नहीं चल अब तुझे दर्शन करना है ना...
शनाया,अरनव की आखों में देखती है और नोटिस करती है अरनव ने उसका हाथ मजबूती
से पकड़ रखा था..
भोलेनाथ के सामने शनाया को अचानक याद आता है कि मैडम ने दुपट्टा तो लिया ही
नहीं अब सर पर क्या रखेगी वो अरनव की तरफ देखती है और बोलती है , सुनो
अरनव – अब क्या हुआ
शनाया – अपनी हैंकी निकालो
अरनव – क्यों
शनाया – निकालो ना
अरनव अपनी हैंकी निकालता है और शनाया उसको अपने सर पर रख लेती है..लेकिन
बार बार हैंकी उड़ कर नीचे गिर जाए... अरनव ये सब देखकर हंसने लगता है और इशारे से
कहता है तुम दर्शन करों मैं सम्हालता हूं । शनाया चुपचाप आंखें बंद करके भगवान को
प्रणाम करती है और अरनव का एक हाथ शनाया के सर पर होता है नजरें भी शनाया पर...आखें
बंद करके शनाया उसको कोई मासूम सी बच्ची लग रही थी.. इधर शनाया इस नये अहसास को
महसूस किए जा रही थी और पहली बार दिल ही
दिल में भगवान को इस साथ, इस दोस्ती के लिए धन्यवाद दे रही थी..... ये सारा
नजारा दूर से काजल अपनी आखों और कैमरे में
कैद किए जा रही थी...काजल के चेहरे पर
शनाया के लिए एक अलग ही सुकून था वो खुद ही बड़ बड़ करते हुए बोलती है हे
भोलेनाथ पहली बार शनाया इतनी खुश और शांत नजर आ रही है इसकी खुशी ऐसे ही बनाए रखना,
केतन काजल के मुंह से ये सब सुनकर बोलता है तुमने कुछ कहा क्या काजल, मुझे भी
पिक्चर दिखा...
काजल – नहीं मैने कुछ नहीं कहा और ये कैमरा शनाया का है...तो सोच ले दिखाऊं
या फिर .... कह कर हंसने लगती है और वहीं से तेज आवाज लगाती है “अरे तुम लोग आओगे भी या यहीं रात गुजारनी है “।
काजल की बाते सुनकर अरनव और शनाया मंदिर के बाहर आते है, शनाया को बाहर आता
देख काजल उसको खींचकर कोने में ले जाती है और बोलती है शनाया तू तो गई
शनाया – क्यों
काजल – कुछ नहीं
इधर अरनव,केतन से बाते करते हुए
जीप की तरफ बढ़ जाता है और शनाया भी काजल को खींचकर गाड़ी के पास ले आती है लेकिन
तभी शनाया की नजर दूर खड़े दो बाइक वालो पर पड़ती है..शनाया उनको देखते ही गुस्से
में आ जाती है और काजल को गाड़ी में बैठने के लिए बोलती है.. और खुद उस बाइक सवार
की तऱफ बढ़ जाती है....अरनव ,केतन सब शनाया को उधर जाते देखते है... अरनव, शनाया
के पासे जाने लगता है तभी काजल उसको रोक देती है और बोलती है
काजल – अरनव वहां मत जाओ शनाया will handle
काजल के ऐसे रोक देने पर सब एक साथ काजल को शक की निगाह से देखते है और
अरनव के अंदर का सवाल उसके सामने...फिर से आकर खड़ा हो जाता है । शनाया उसके समझ से परे होती जा रही थी... कभी वो अल्हड़ सी लगती उसको तो
कभी बेहद ही मासूम सी तो कभी रहस्यमयी शनाया
बन जाती......
इधर शनाया बाइक सवार के पास पहुंच कर तेज से बोलती है
शनाया – आप लोगो को समझ नहीं आया था, मैं क्या कहीं भाग रही हूं ?
बाइक सवार – नहीं मैम
शनाया – मतलब जीना दूभर हो गया है मेरा प्लीज मेरा पीछा करना छोड़ दो, और
जिनके कहने से आप लोग मेरी इतनी केयर कर रहे है प्लीज मैं कोई छोटी बच्ची नहीं हूं।
बाइक सवार – sorry ma’am its order
शनाया – ग्रेट, फिर एक काम करो ।
शनाया अपने गले से वो लाकेट निकालकर उनके हाथ पर रख देती है....और बोलती है
इसे खुद पहन लो इसकी कोई जरूरत नहीं है मुझे, यार मुझे दो दिन
जी लेने दो ।
बाइक सवार – प्लीज आप इसको पहन लिजिए हम आपके पीछे नहीं आएंगे लेकिन।
शनाया – क्या लेकिन, क्या चाहते है आप लोग ?
बाइक सवार – its matter of your life .
शनाया – LIFE , well is it , seriously .. ?
To be continued
1 comment:
Very interesting
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