शनाया अपनी सारी पैकिंग करके सीधा फार्म हाउस के लिए रवाना हो जाती है..आज
शनाया के चेहरे पर एक अलग सी खुशी थी... कितने सालो बाद मैं काजल अनय केतन से
मिलूंगी लास्ट काजल की शादी में ही मुलाकात हुयी थी.. अनय और केतन से तो सीधा
कालेज के बाद अब मिल रही हूं....खैर अच्छा है सब आज पहुंच गए है.. अब बस इस अयान
को ठीकाने लगाना है....अयान के ख्याल से अचानक शनाया को कुछ याद आता है और ब्रेक
लगा देती है...अपना फोन उठाती है और किसी को कॉल करती है...
शनाया – हां जी सर कैसे हो
सर- मैं ठीक हूं आप सुनाओ, ब्रिगेडीयर साहब कैसे है
शनाया – वो ठीक है सर मुंबई में ही है
सर- वाह मुझे पहले बताया नहीं
शनाया – नहीं सर ऐसी कोई बात नहीं है वो आज ही आए है भोपाल से
सर – ओके ओके मिलते है फिर कभी
शनाया – फिर कभी क्यों सर कल मिलते है
सर – कल क्या है शनाया
शनाया – मेरी सगाई है सर आपको ऐड्रेस भेज रही हूं प्लीज आइयेगा जरूर और हां
फैमली के साथ आइयेगा
सर – जरूर आऊंगा
शनाया – बाय सर
सर – बाय शनाया
शनाया फोन रखते ही विजयी मुस्कान के साथ गाड़ी स्टार्ट करती है और निकल
जाती है एक और जंग जीतने के लिए
(फार्महाउस)
फार्महाउस पहुंचते ही जैसे ही शनाया की गाड़ी रूकती है.......दूर से काजल
मदमस्त अंदाज में चलते हुए उसके पास आती है....लेकिन जब तक वो वहां पहुंचती केतन
और अनय बीच में आ जाते है और शनाया के सामने खड़े हो जाते है और बोलते है .....
भाई की सगाई में हम हाजिर है ...यार शनाया अब भी यकीन नहीं हो रहा तू शादी कर रही
है....
शनाया रूक जा आराम से यकीन दिलाती हूं पहले काजल से मिलने दे... शनाया और
काजल एक दूसरे को गले लगाते है... हंसती हुयी शनाया धीरे धीरे उदास हो जाती है...
काजल उसको रोक कर आखों में देखती है और बोलती है अपसेट मत हो बे कल का दिन तेरी
लाइफ में सबसे खास दिन होगा....
शनाया फिकी सी हंसी हंसती है और बोलती है हां मैं एक जंग और जीतने वाली
हूं..
केतन – मतलब
शनाया – अबे छोड़ चल पहले अंदर चले... एक बात बताओं तुम लोगो को कोई दिक्कत तो नहीं हुयी... रूम में सेट हो गए
आसानी से
अनय – नहीं बे क्या अरेंजमेंट किया है तूने जबरदस्त मैं तो कहता हूं यहीं
बस जाते है....चारों तरफ हरियाली फार्महाउस के साथ समंदर का किनारा...ऊपर से हॉट
हॉट लड़कियां
शनाया – सुधरना मत चल अंदर चलते है मिलती हूं मैं तुम लोगो से एक बार जरा
मां पापा से मिल लूं.. और उस नमूने से भी...
काजल – नमूना?
शनाया – हां नमूना बताउंगी आराम से सब कुछ फिलहाल मेरे पास टाइम नहीं है..
रात को बीच पर बैठकर गप्पे मारेंगे....
काजल – ठीक है जा तू मिलते है फिर आराम से
शनाया के अदंर जाते ही .. काजल, केतन और अनय के साथ बाहर लॉन में ही बैठ जाती है...
केतन कॉफी मंगाता है और बोलता है यार ये बताओ आगे का क्या प्लान है.. अरनव
कब आएगा..
काजल – अरनव से मेरी बात बात हुयी है कल ही आएगा वो....और बाकी का प्लान
उसने खुद किया है सो let see कल क्या होता है...
केतन – ठीक है वैसे मुझे शनाया के चेहरे से बिल्कुल ना लग रहा कि वो ये
सगाई भी करेगी..उसके चेहरे को देखा है...
अनय- देखा है साला पता होता कि बाद
में ये इतनी हॉट हो जाएगी तो मैं ही
प्रपोज कर देता शनाया को
काजल – उम्र गुजर गयी लेकिन हरकते ना बदली.. कभी मुझे प्रपोज कर रहा था आज
शनाया को, घुमाया साक्षी को तेरा सही है
केतन - अच्छा मजाक खत्म करों और
बताओं काजल तुम्हारी लाइफ में क्या चल रहा है..
इधर शनाया चेंज करके सीधा अपने मां
पापा के रूम की तरफ जाती है... और बेल बजाती है...
शनाया की मां डोर ओपन करती है...और बोलती है आओ मेरा बेटा कैसा है
शनाया अपनी मां के गले लगती है और पैर छूकर प्रणाम करती है, हंसते हुए
बोलती है मैं अच्छी हूं मां...शनाया कह कर आगे बढ़ती है और अपने पापा के पास जाती है.. उनका पैर छूती है और पूछती है
शनाया – अब कैसे है आप पापा
पापा- मैं ठीक हूं बेटा.. देख एक दम भला चंगा
मां- हां शनाया अब इनकी हालत भी पहले से काफी अच्छी है...
शनाया – अच्छी बात है मां अब ये बताओ डाक्टर ने क्या कहा
पापा – डाक्टर का तो पता नहीं बेटा वो तो मुझे खतरे से बाहर नहीं बोल रहे
लेकिन मैं अंदर से अच्छा फील कर रहा हूं..
शनाया – कोई बात नहीं अब आप लोग यहां आ गए है ना तो मैं सब कुछ मैनेज कर
लूंगी...दोनो भाई कहां है मां
मां- घूमने गए है बेटा......अपने दोस्तो के साथ
शनाया – ओके, अच्छा मुझे आप लोगो को कुछ बताना था...
पापा – हां बोलो बेटा
शनाया – उम्मीद करती हूं आप मेरी बात को समझेंगे और मेरा साथ देंगे
मां – हां बेटा बोलो
पापा- हम तो तेरे साथ हमेशा से थे शनाया हां बस मेरी सोच और तुम्हारी सोच
में फर्क है
शनाया – लेकिन पापा आज मुझे आपकी सोच का साथ चाहिए देंगे मुझे अपना साथ? मुझ पर भरोसा करते है
पापा – खुद से भी ज्यादा भरोसा है मुझे तुम पर..पहले की गई गलतियों को मैं
भी सुधारना चाहता हूं... अब बताओ बात क्या
है...
शनाया – जो मैं आपको दिखाने जा रही हूं उसको ध्यान से देखिएगा... और किसी
से इसका जिक्र मत किजिएगा....
मां – ऐसा क्या है बेटा
शनाया – रूको मां पहले डोर लॉक करों और ये बताओ अयान और उसकी फैमली कहां है
मां – वो लोग शॉपिंग पर गए है...
शनाया – गुड... अब आप लोग ये देखो
शनाया अपने और अयान के बीच हुए वो सारे किस्से दिखाने लगती है कैसे उसने
शनाया के साथ बद्दतमीजी की थी और कैसे शनाया ने उसकी पिटाई की थी... वीडियो जैसे
जैसे उसके मां पापा देखते जा रहे थे उनके चेहरे का रंग बदलता जा रहा
था....शनाया के पापा का गुस्सा सांतवे आसमान पर पहुंच चुका था... वो गुस्से से
कांप रहे थे.. और वीडियो खत्म होते होते
वो उठ कर खड़े हो गए... और गुस्से में बोलने लगे
पापा – ये क्या है शनाया.. क्या तुम अयान को पहले से जानती थी..... ये कब
हुआ तुम्हारे साथ.. तुमने हमें ये क्यों
नहीं बताया.... कर्नल खन्ना से मुझे ये उम्मीद नहीं थी.. इतना घटिया रिश्ता.....
हो क्या रहा है मेरी तो कुछ समझ में नहीं आ रहा...
शनाया अपने पापा को शांत करती है और बोलती है रुकिए अभी कुछ सुनना बाकी है
मां – अब क्या बचा है बेटा मुझे तो भरोसा ही नहीं हो रहा ये अयान कितने
प्यार से बाते कर रहा था... ऐसा लग रहा था मेरा सगा बेटा है...
शनाया – सुनो मां अब ये सुनो.., शनाया अपने और अयान की फोन की रिकार्डिंग
सुनाती है...आडियों सुनते सुनते शनाया की मां घबरा कर गिरने लगती है....शनाया उनको
सम्हालती है और बोलती है
शनाया – आप लोगो ने कभी मेरी बात को समझा नहीं इसलिए मैने सब कुछ खुद मैनेज
किया और अब आपका साथ है तो देखिए मैं इस अयान को कैसे निपटाती हूं
पापा – इसको पुलिस के हवाले कर दो...
शनाया – करूंगी पापा लेकिन ऐसा की जमानत के बाद इसकी कोई इज्जत ना रह जाए और इसके बाप की कंपनी के शेयर
पानी मांगे.... आप लोगो को बस एक काम करना है..
पापा – क्या
शनाया अभी बोलने ही जा रही थी कि डोर बेल बजने लगती है.. शनाया अपनी मां को
समाझाती है कि अयान के सामने एक दम नार्मल बीहैव करना जैसे आपको कुछ नहीं पता....
शनाया की मां डोर ओपन करती है... और सामने अयान खड़ा रहता है बड़े ही मधुर
आवाज में बोलता है मम्मी जी आगई आपकी बेटी शनाया हमें भी मिलाइए...
शनाया की मां अपने अदंर की घबरहाट को सम्हालते हुए बोलती है.. आओ बेटा अंदर
आओं... शनाया .. देख कौन आया है तुझसे मिलने..
शनाया के चेहरे पर एक विजयी मुस्कान थी और अयान के चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान
दोनो एक दूसरे को देखते है और हाथ मिलाते है.. ये सब कुछ देखकर शनाया के पापा अपना
गुस्सा किसी तरह कंट्रोल करते है और कमरे से बाहर निकलने लगते है.. अयान उनको पीछे
से रोकता है और बोलता है अरे पापा जी रुकिए
पापा – बहुत ही गुस्से से बोलते है क्यों
अयान – ओह हो आप बिमार है और यहां आराम से रहिएगा वैसे मैं आपके साथ ही
रहूंगा...
शनाया अपने पापा को इशारे से समझाती है कि नार्मल रहिए..
शनाया के पापा खुद को मैनेज करते है और बोलते है हां बेटा अब तो तुम्ही
मेरी देखभाल करोगे
शनाया – पापा, अयान सही कह रहे है आप यहां आराम किजिए... कल हमारी सगाई है
तो आपको ज्यादा फिट रहना है..
अयान- और क्या कल हमारी सगाई है..
मां – हां जी आप अंदर ही रहिए...
शनाया – मां आप लोग रेस्ट करों मैं आती हूं थोडी देर में
शनाया बोलकर बाहर निकलने लगती है तो अयान भी बाहर आ जाता है...कॉरीडोर में
शनाया का हाथ पकड़ लेता है.. और बोलता है
अयान – अरे रूको तो सही शनाया मैडम कितने वक्त के बाद हम मिल रहे है.. अब
क्या हाथ भी नहीं मिलाओगी... शनाया, अयान को गुस्से में देखती है और बोलती है बड़ी
जल्दी है तुम्हे
अयान – वैसे मानना पड़ेगा... अब तुम पहले से कहीं ज्यादा सेक्सी लग रही
हो..
शनाया – मुस्कुराकर देखती है अयान को और बोलती है....थैक्स अब क्या मैं जाउं कल मिलते है सीधे..सगाई में तब तक तो
दूर रह ही सकते हो...
अयान – अहा... इतने प्यार से बोलोगी तो मैं यहीं खड़ा रह जाउंगा
शनाया – बाय अयान
शनाया बाय बोलकर तेजी से निकल जाती है और फटाफट कमिश्नर को कॉल करती है..
शनाया – सर
कमिश्नर- हां बेटा आ गए पापा..
शनाया – हां वो आपसे मिलना चाहते थे और मुझे भी आपकी थोड़ी हेल्प चाहिए थी
कमिश्नर – हां बोलो
शनाया – धीरे धीरे सब कछ बताती है और बोलती है सर बस कुछ पुलिस वाले सादी
वर्दी में भेज दिजिए...बाकी को कल आप खुद बुला लिजिएगा...
कमिश्नर – वैसे बेटा आज ही उठवा लेता हूं इस अयान को
शनाया- नहीं सर, मैं इस मुसीबत से हमेशा के लिए पीछा छुड़वाना चाहती हूं,गलति
मेरी है जो मैने लास्ट टाइम इसको छोड़ दिया था, मुझे सिर्फ अपने पापा की चिंता
है..
कमिश्नर –ठीक है बेटा.. तुम बेफिक्र हो कर रहो...मैं कल ही आ पाउंगा पापा
से मिलने... बाकी काम आज हो जाएगा...
शनाया – थैक्स सर
कमिश्नर – सर,सर मत बोला करों ब्रिगेडीयर साहब के मेरे ऊपर बड़े रहम है आज
मैं जिंदा हूं तो उनकी वजह से
शनाया – ओके अकंल कल मिलते है..
कमिश्नर – ये हुयी ना बात हां बेटा कल मिलते है..
शनाया फोन रखते ही अपने रूम में जाती है.. औऱ इंवेंट वाले को अयान का वीडियो
फार्वर्ड करती है और कॉल लगाती है ...
इवेंट मैनेजर – जी मैम
शनाया – सुनो सक्सेना.. ये वीडियो कल शाम को 8 बजे एकसाथ सबको फार्वड होना
चाहिए.. और उसी समय यहां भी प्लाजमा पर डिस्प्ले होना चाहिए ..
सक्सेना-जी मैम
शनाया – ऐसा कोई बिजनेस रिपोर्टर नहीं होना चाहिए जो इनवाइटेड ना हो...दलाल
स्ट्रीट को जो कवर करता है उसको जरूर बुलाना..
सक्सेना – जी मैम
शनाया – और हां इससे पहले इसकी खबर किसी को नहीं होनी चाहिए...
सक्सेना – डन मैम
शनाया – सक्सेना का कॉल रखती है और बेड पर लेट जाती है.. तभी उसको काजल का
ख्याल आता है... वो काजल को कॉल करके अपने रूम में बुलाती है...
काजल के आते ही शनाया..... और काजल फिर से एक दूसरे के गले मिलते है..
लेकिन इस बार शनाया खुद को नहीं रोक पाती है और वो तेज तेज रोने लगती है... ऐसा
लगता है जैसे जमाने बाद शनाया की आंखों से आंसू बह रहे थे.. काजल उसको चुप कराते
जाती है.. शनाया बोलती है ना काजल आज मत रोक... आज मैं अच्छे से रोना चाहती हूं...
काजल – रो ले फिर तू लेकिन बता तो सही हुआ क्या है
शनाया –क्या क्या नहीं हुआ... अरनव मुझे छोड़ कर चला गया और गया ही नहीं
मुझे मेरी ही नजर में गलत साबित कर गया
काजल – पागल है तू ऐसा कुछ नहीं है
शनाया – किसी तरह आगे बढ़ रही थी
कि जिंदगी ने एक नयी मुसीबत दे दी..
काजल – क्या हुआ
शनाया –तुझे मैने बताया नहीं लेकिन ये जान ले कल ये सगाई नहीं होगी बल्की कुछ और होगा..
काजल.. ये सुनकर खुशी से उछल जाती है और बोलती है सच बता तू ये सगाई नहीं
कर रही है
शनाया – हैरान होकर नहीं लेकिन तू इतना क्यों खुश है
काजल – नहीं नहीं कुछ नहीं बस तुझे मैं ऐसे बंधते देख ना जाने क्यों खुश नहीं
हो पा रही थी
शनाया – वो इसलिए..
शनाया,काजल को अयान के बारे में बताती है और वीडियो दिखाती है और अपने
प्लान डिस्कस करती है...
काजल – मान गए तुझे हम, जीयो
शनाया – क्या जीयो.. कोई लड़की ये चाहती है क्या की उसकी सगाई के दिन ये सब
हो... मैं बहुत टूटी थी उस वक्त और उसमें अरनव के इतने सारे इल्जाम खैर इन सब में
एक बात अच्छी हुयी
काजल – क्या
शनाया – अब मुझे किसी की जरूरत नहीं और मैं समझ चुकी हूं आपके पास बस पैसा
होना चाहिए... और पैसा कमाने का हुनर... लोग ऐसे ही आपके साथ होंगे.. और प्यार
जैसी कोई चीज नहीं होती.. साला जब दोस्ती के कोई मायने नहीं बचे तो प्यार तो फिर
दूर की कौड़ी है.. और मेरे पास बिल्कुल नहीं है..
काजल – ऐसे मत बोल क्या पता कल का सूरज तेरे लिए कुछ बेहतर लाए
शनाया – अबे बकवास बंद कर ये सब फिल्मी डायलाग है... खैर देख मैं कल क्या
पहनूंगी
काजल – साला तेरा सही है किसी की कुंडली लिख रही है और कल के लिए रेडी
भी हो रही है
शनाया – अबे पैसे लग रहे है मेरे इन सब में, फिर शादी तो मैं कभी करूंगी
नहीं.. लेकिन पिक्चर तो क्लिक करा ही सकती हूं.. फिर तुमलोग भी तो हो... उस साले को ससुराल भिजवा कर पार्टी करेंगे..
काजल – पर तूने काफी लोगो को बुलाया है तमाशा नहीं बनेगा
शनाया – वहीं तो मैं चाहती हूं
बिजनेस की दुनिया में इसको मिटा दूंगी मैं खैर ये देख मेरी ड्रेस
काजल – omg just wow…इतना सुंदर गाऊन...वैसे ये पीच कलर तेरे ऊपर
काफी कूल लगेगा...
शनाया – कलर छोड़ ये देख इसका बैक
काजल –ओह भाई साहब..... अबे कहां से लिया तूने
शनाया – डिजाइन करवाया है मैने...
काजल – मस्त है कोई देखेगा तो पागल
हो जाएगा
शनाया – गंभीर होकर बोलती है अब ऐसा मेरी दुनिया में कोई नहीं है... ये
गाऊन मैने काफी पहले देखा था दिल्ली में, इंडिया फैशन वीक में शो केस हुआ था... तब
ही इसे बुक कर दिया था सोचा था किसी से
मिलूंगी तो पहन कर जाऊंगी.. तभी तो देख काफी सिंपल है
काजल-सिंपल, बेटे इसमें तू कल कयामत
गिराएगी ...
To be continued
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