Monday, 25 May 2020

adhuri kahani part2, episode 18


अयान की बद्तमीजियों से शनाया का पारा सातवें आसमान पर था...उसका फोन रखते ही उसने अपना लैपटॉप ओपन किया और बैकअप में पड़े उस वीडियो को खोजने लगी जो अयान के ऑफिस में उसने सेव करके रखा था......सर्च करते करते अयान का वीडियों उसके हाथ लग जाता है और वीडियों देखते ही शनाया की आखें भूखी शेरनी जैसी चमकने लगती है जो अपने शिकार के लिए दो कदम पीछे की ओर करती है फिर हमला करती है....शनाया फटाफट उस क्लिप को अपने मोबाइल में ट्रांसफर करती है और मन ही मन  बोलती है आओ बेटा अयान मुझसे शादी करने जिदंगी में कहीं मुंह दिखाने काबिल नहीं बचोगे....
(अरनव होम )
घड़ी में रात के 12 बज रहे थे और अरनव की आखों में दूर दूर तक नींद का नामोनिशान नहीं था....उसको अपनी की हुयी हर हरकत याद आ रही थी..अरनव कमरे चहलकदमी किए जा रहा था और ग्लास पर ग्लास खत्म किए जा रहा था.... उसकों ऑखों के सामने कभी शनाया की बक बक  दिखाई देता, तो कभी उसकी शैतानियां... तो कभी खुद के लिए ऑखों में बेपनाह इश्क....अरनव शनाया की यादो में मशगूल होता चला जाता है...अचानक  उसको शनाया की वो आखिरी लाइन वो गुस्सा वो फेसबुक पर अपने लिए अथाह दर्द और मोहब्बत सब कुछ ऐसे चल रहा था जैसे उसके सामने कोई मूवी चल रही हो...अरनव का दर्द बढ़ता चला जा रहा था... उसके अंदर की आत्मग्लानी उसका चैन खत्म करती जा रही थी...अचानक से अरनव जंमीन पर बैठ जाता है और कांपते हाथो से अपने मोबाइल को ओपन करता है.. शनाया की तस्वीर देखते ही वो चीख चीख कर रोने लगता है.. और बोलता है..  शनाया तू मुझसे I LOVE U  सुनना चाहती थी ना...मैं बोलना चाहता हूं हां मैं तुझसे बहुत प्यार करता हूं... लेकिन तेरे इतना बिल्कुल नहीं....मैं तेरे बिना नहीं रह सकता..मुझे तू चाहिए....तो क्या हुआ मैं बुरा हूं..तो क्या हुआ मैं अकड़ू हूं.. तो क्या हुआ मैं तेरे काबिल नहीं हूं .. तो क्या हुआ मैं फट्टू हूं...तो क्या हुआ मुझे बोलना नहीं आता....जो भी हो हूं तो मैं तेरा गधा ही ना... मैने बहुत गलतियां की.. ना तुझे समझने की कोशिश की ना खुद के दिल की आवाज सुनी....बस वो करता गया जो मेरा दिमाग मुझसे कहता गया... तू सही थी वो ऑफिस में गाना मैने तेरे लिए गाया था.... वो तुझे I LOVE U मैने सच में बोला था... मुझे समझ ही नहीं आया कि तू मेरे दिल की बात कैसे समझ लेती थी...अरनव की आवाज लड़खड़ाने लगी थी....लड़खड़ाती आवाज से भी वो बोले जा रहा था शनाया प्लीज मेरी जिंदगी में वापस आ जा अब मैं कभी तुझे छोड़ कर नहीं जाउंगा..अरनव ये सब बोलते बोलते शनाया को कॉल लगा देता है....कई रिंग जाने के बाद भी शनाया फोन पिक नहीं करती और अरनव वहीं जमीन पर पड़े पड़े शनाया की पिक्चर और खाली ग्लास के साथ सो जाता है
Next day 
(shanaya home )
घड़ी में सुबह के 10 बज रहे थे... शनाया फटाफट तैयार होती है आज उसके मां पापा और बाकी लोग फार्म हाउस आनेवाले थे... सुबह से शनाया अपनी चीजे पैक किये जा रही थी..उसके चेहरे को देखकर कोई अंदाजा नहीं लगा सकता था की कल उसके साथ क्या हुआ था..शनाया  का चेहरा एक दम शांत और आखों में चमक बरकरार थी...खुद के बाल वो संवार रही थी तभी उसके फोन की घंटी बजी....एक हाथ से अपने बालों को पीछे करते हुए वो फोन उठाती है और देखती है अयान का क़ॉल आ रहा था...
शनाया – हां बोलो
अयान – गुड मार्निंग डार्लिंग
शनाया – क्यों कॉल किया है
अयान – मैं तुम्हारे पैरेंट के साथ एयरपोर्ट आ चुका हूं....बस यहीं बताना था....
शनाया के चेहरे पर कोई भाव नहीं आते बड़े आराम से बोलती है अच्छी बात है.. चलो कम से कम तुम्हें मेरे मां पापा का ख्याल तो है
अयान – वो तो है आखिर होने वाला जमाई हूं उनका
शनाया – गुड संस्कार अब भी बचे हुए है तुम में
अयान – सुनो ना अब तो हमारी शादी हो रही है प्यार से एक बार I love u  बोल दो ना
शनाया – हंसते हुए इतनी जल्दी भी क्या है अयान बोलूंगी मैं सबके सामने आखिर मेरे मां पापा की पंसद हो तुम
अयान – हंसते हुए आज शेरनी बिल्ली जैसे क्यों साउंड कर रही है
शनाया- खुद को सम्हालते हुए बोलती है क्यों कल ही तो तुमने मुझे धमकी दी थी मेरे पापा के जान की तो अब तो करना ही होगा वो सब कुछ जो तुम चाहते हो खैर... मैने भी बहुत सोचा फिर अपना मन अब बना ही लिया है... फिलहाल फोन रखो तुम फार्महाउस पहुंचों मैं  भी मिलती हूं...
अयान- ओके डार्लिंग बाय
शनाया .. फोन रखते ही गुस्से में चीख उठती है औऱ बोलती है पहुंच साले तेरी औकात तो मैं कल बताउंगी... शनाया जैसे ही अपना फोन रखने जाती है अरनव के 4 मिसकाल देखती है वो भी रात 1,30 बजे के ... अरनव का मिसकाल देखते ही शनाया की energy  काफी  low हो जाती है...एक बार तो उसका दिल करता है पलट कर कॉलबैक  कर दे लेकिन उसके जहन में वो सब बाते घूमने लगती है जो अरनव ने उसको बोला था... अपने मन में ही बोलती है... ना बाबा ना, ना मालूम अब क्या भसड़ मची  है उसके यहां और मुझे ब्लेम करने के लिए कॉल कर रहा होगा.... अब तो  उसको खुश होना चाहिए उसकी शादी हो गयी है उसकी नायरा से... खैर मैं अब कुछ नहीं करूंगी वैसे ही मेरी जिंदगी में कम तूफान है..मैं इनको मैनेज कर लूं यही बड़ी बात है...चल शनाया शुरु हो जा नयी जंग के लिए वैसे भी कल तेरी सगाई है......सबसे पहले मुझे इंवेट वाले को सब समझाना होगा..लेकिन उससे पहले एक जरूरी काम करना है...शनाया अपने फोन में एक नंबर डायल करती है...
शनाया – हैलो कैसा है भाई
उधर से आवाज  आती है – मस्त तू सुना सब चंगा  अबे तू तो बड़ी आदमी बन गयी है पेज थ्री की मसाला  न्यूज
शनाया – हट साले ये सब तो मार्केटिंग है
उधर से आवाज आती है –तो जो दिखता है वो बिकता है
शनाया – तभी तूने मुझे दिखाया नहीं
उधर से आवाज आती है – अब दिखा दूं..
शनाया – हंसते हुए तेरा ही फायदा होगा सुन...मैं तुझे कुछ भेज रही हूं....खुद भी देख ले और दूसरों को भी दिखा दे...लेकिन ज्यादा देखना हो तो कल शाम 7 बजे आ जाना इस एड्रैस पर
उधर से आवाज आती है – क्या है कल
शनाया – मेरी सगाई
उधर से आवाज आती है – वाह मतलब पूरा मसाला मिलेगा
शनाया –हां अब बकवास बंद कर कल पहुंच जाना टाइम पर अपने  पूरे परिवार के साथ
उधर से आवाज आती है – जो हुक्म सरकार और धन्यवाद इस नाचीज को इतना बड़ा तोहफा देने के लिए
शनाया – चल बाय
(ARNAV HOME )
 अरनव का डोर बेल बजे जा रहा था.... लगातार बजते डोरबेल से अरनव की आंख खुलती है...किसी तरह वो खुद को सम्हालता है और बेड के सहारे जमीन से उठता है....दरवाजा ओपन करता है तो सामने काम वाली बाई मीना होती है
मीना – देवा ओ देवा कब से घंटी बजा रही हूं...क्या साहेब किधर था...
अरनव – आप दो दिन से कहां थी
मीना- अरे साहेब वो मेरा घर वाला पागल  हो गया था
अरनव – अब ठीक हो गया
मीना – जमीन पर पड़ी ग्लास उठाते हुए बोलती है, हां ना साहेब औरत चुप रहती है तो आदमी खुद को शेर समझ लेता है..और जब औरत बोलती है ना
अरनव – ठीक है ठीक है समझ गया...आज मेरे लिए सिर्फ पालक पनीर और रोटी बना देना 
मीना – क्या साहेब तुम ये क्या हाल बना कर रखे हो घर का भी और खुद का भी...अपना चेहरा तो देखो कैसा मुरझा सा गया है.. वैसे छोटा मुंह बड़ी बात लेकिन आपको इतनी नहीं पीनी चाहिए... अब तक कोई मैडम होती तो आप ऐसे ना होते...
अरनव – ताई अपना काम कर लो
मीना -  सारी साहेब बुरा लगा तो
अरनव, ने मीना को डांट तो दिया लेकिन उसकी बात अरनव के दिमाग में चलने लगी.. बाथरूम में जाकर अलग अलग ऐंगल से वो खुद को देखने लगा... और सोचने लगा..  सही कह रही है मीना ऐसी हालत में अगर शनाया मुझे देख ले तो भरता बना देगी मेरा...नहीं नहीं मैं पहले खुद को वैसे तैयार करूं जैसे शनाया को मैं पंसद हूं..
अरनव .. फटाफट शेव करने लगता है.. फ्रेश होता है नहाता है और अपनी अलमीरा ओपन करता है...क्या पहनूं मैं.. अचानक अरनव को याद आता है शनाया को white shirt और डेनिम बहुत पंसद है मेरी एक बार उसने मेरी कितनी तारीफ की थी.... लेकिन अगर आज ये पहन लिया तो कल उससे मिलने जाउंगा जब तब क्या पहनूंगा..अरनव काफी सोचता है...और अलमिरा से फार्मल शर्ट और पैंट निकालता है.. मन ही मन बोलता है कल तो मैं डेनिम ही डालूंगा और आज ऑफिस यहीं पहन कर जाता हूं...मुझे अपने मूड को एकदम सही करना है...ओह शनाया के भगवान जी मेरी मदद कर देना... आपकी शनाया से पहली बार मैं वो सब कुछ बोलूंगा जो पहले ही बोल देना चाहिए था.. अरनव अपने बालो की स्टाइलिंग करता है डीयो लगाता है और शर्ट के ऊपर की बटन को ओपन करता है..शर्ट की बाजू को फोल्ड करता है और आइने में देखकर बोलता है शनाया बस एकदिन और कल तुम मेरी होगी...मैं तुम्हें किसी और का नहीं होने दूंगा.... तेरी बकबक सुनने का राइट सिर्फ मुझे है..अरनव ये सब बोले जा रहा था मुस्कुराएं जा रहा था...और मीना ताई किचन से बदलते हुए अरनव को देखकर उसकी बलाएं ले रही थी...और बोल रही थी..हे देवा...साहेब की मन्नत पूरी कर देना मैं पैदल आऊगी तेरा दर्शन करने...
TO BE CONTINUED

1 comment:

Unknown said...

Wow☺️ w8ing for next