Monday, 11 May 2020

Maya The Unfold Love Story ,Chapter-9


Location – Maya collage

प्ले खत्म होने के बाद आज माया का पहला दिन था क्लास में...पिछले कुछ दिन भी क्या बीते थे.. सच मजा आ गया... जिंदगी के हसीन पलों में से थे ये दिन... इनको कभी ना भूल पाएंगे....माया ने अलसायी सी आवाज में बोला  ठंडी आहे भरी और अपनी आंखों को बंद कर लिया... उसके चारों तरफ लड़कियों ने जमावड़ा लगा रखा था....
रत्ना- माया हद है तेरी.... इतने दिन के बाद क्लास में आयी है... और अब भी लग रहा रावण के सिंहासन पर बैठी है...
माया- तो क्या करूं यार सेशन खत्म होने वाले है.. EXAM आने वाला है... औऱ साला एक भी notes नहीं है मेरे पास
रत्ना – अरे इसमें परेशान होने की कोई बात नहीं है.... हम सब है ना...मुझसे notes ले लेना...
माया- thanks yar
शैलजा – माया तू बस एक काम कर दे....मैं तुझे notes दे  दूंगी...
माया शैलजा की बाते सुनते ही जोश में आ गई....उसने ऐसी शक्ल बनायी ही इसलिए थी कि शैलजा अपना notes शेयर करने का वादा कर दे....
माया- बता शैलजा क्या करना है but प्लीज मुझे लिखने के लिए मत देना  can manage with photocopy

शैलजा- पक्का तुम्हें लिखना नहीं होगा...बस मुझे library  से ये किताबें निकलवा दें ... मैने अपने कार्ड पर दो ले ली है but   I need more
माया- बस इतनी सी बात चल आज तुझे जितनी किताबे चाहिए मैं दिला दूंगी....नो रोक टोक
शैलजा – तेरे लिए ये इतनी सी बात है मुझसे कोई पूछें  दो दिन से लाइन में लग रही हूं लेकिन नंबर नहीं आ रहा उधर तू प्ले में busy थी...
जिसको जिसको भी किताब चाहिए चलो मेरे साथ आज मैं ये नेक काम जरूर करुंगी....माया क्लास में खड़ी हो कर तेज से बोलने लगी...
रत्ना- तेरा सही है बेटा इन सब कामों के लिए तुझे सोचना नहीं है...
माया- यार अब दोस्तों के लिए इतना भी नहीं कर सकती...
माया  अपनी डींगे हांक रही थी... कि क्लास में पीहूं दाखिल हुयी...
Hello every body
माया- और मेरी शुपनखा कहां रह गयी थी आज.... काफी लेट हो गयी ...
पीहूं – अरे कुछ नहीं यार बस घर से निकलने में लेट हो गया है... अच्छा सुनो बाहर notice board  के पास काफी भीड़ है वहां कुछ नया लिखा है क्या...
माया- मुझे तो नहीं पता यार हम तो रश्मि मैम का वेट कर रहे थे...चल बाहर चल कर देखते है आ जाओ सब........ और शैलजा वहीं से library  भी चलेंगे... आधी क्लास माया के साथ बाहर निकल गयी
बाहर notice board के पास सच में बड़ी भीड़ थी...
माया कुछ दूर पहले ही रूक गयी... और पीहूं से बोली देख अब  कैसे भीड़ हटाती हूं...माया के चेहरे पर शरारत झलक रही थी ... पीहूं माया की बात  को सुनकर बीच में ही बोल दिया... अब तू क्या करने वाली है..

माया – रूक तो सही... और हां तुम सब भी यहीं रूकों....
माया  वहीं से तेज से बोलने लगी अरे शैलजा तूने सुना है क्या आज कॉलेज के बाहर से अमिताभ बच्चन गुजरने वाला है... बाहर देखा तूने कितनी होर्डिंगस लगी है..... मुझे पता चला है कि बस वो कुछ ही देर में इधर से गुजरने वाला है... देख सारे लोग जा रहे है... माया इतना तेज बोल रही थी... कि notice board  के पास भीड़ में खड़ी लड़कियां पीछे पलट कर माया को देखने लगी.. माया ऐसे pretend कर रही थी  कि वो उन लोगो को कुछ नहीं सुना रही है... माया ने धीरे  से अपने ग्रुप को इशारा किया कि तेज तेज बस आगे बढ़ने की acting करों... शैलजा पीहूं प्रिती रत्ना और बाकी सब भी माया के पीछे तेज तेज चलने लगे.... अभी वो  notice board  के पास तक पहुंचे थे कि...वहां की भीड़ माया के  आगे आगे... जाने लगी... माया वहीं रूक गयी माया का ग्रुप भी रूक गया... माया तेज से हंसी और शैलजा के कंधें पर हाथ रखा... देख अब notice board  के पास कोई नहीं चल पढ़ते है ऐसा क्या है वहां जो इतनी भीड़ लगी हुई थी....

रत्ना – अरे हम बाहर क्यों नहीं गए अमिताभ बच्चन आ रह है ना ...
माया- पागल है तू वो आने वाला है किसी दिन लेकिन होर्डिंग अभी से लग ही  रही है ... मैने बस तफरी की है ... कह कर माया हंसने लगी
शैलजा NOTICE  board   के पास पहुंचती है... और बोलती है oh god पेपर का  schedule आ गया है.... 2 मार्च से पेपर है हम लोगो के... शैलजा का चेहरा ऐसा लग रहा था जैसे exam  ना हुआ blood bank  का  camp  लगने वाला है और इसी का खून सबसे ज्यादा लिया जाएगा...

माया- हद है exam  ही तो है.. तुम लोग इतना tense क्यों हो जाते हो...
रत्ना भी NOTICE board  के पास जाती है...और बोलती है... पढ़ाकू शैलजा को बस exam  ही दिखा... एक और notice  है .... next week final year  की लड़कियों का फेरवल है... और हमे भी participate  करना है 2nd year   के साथ...
माया ये सुनकर खुश हो गयी... औऱ बोली तो ये बात है इसलिए इतनी भीड़ थी यहां... चलो अच्छा है... कुछ तो  बोरियत कम होगी....चल शैलजा तुझे बुक दिलाती हूं.... तू notes बनाने में जुट जा.....और हम फेरवेल देने की तैयारी करते है... पीहूं तुम लोग भी चलों library  कभी कभी पढ़ाई भी कर लिया करों माया कह कर हंसते हुए पीहूं के कंधे पर हाथ रख कर आगे बढ़ गई......

LOCATION- library

लाइब्रेरी के अंदर पढ़ाकू लड़कियों की भीड़ जमा हो रखी थी.... जिधर देखो उधर जोड़े में लड़कियां बैठी नजर आ रही थी... हा एक दो शैलजा टाइप भी थी... खुद अकेले  लेकिन टेबल पर किताबों का ढेर...माया ने सबसे पहले जाकर लाइब्रेरी मैम को हैलो बोला...
 लाइब्रेरी मैम- और भई रावण कैसी हो तुम... तुम्हारा प्ले बहुत अच्छा था VERY GOOD  god bless you
माया- thanks  mam   exam आने वाले है.... इसिलए कुछ बुक्स चाहिए थी...
लाइब्रेरी मैम – ले जाओ माया  वहां कलर्क से  साइन करके ले लो...
माया- मैम कार्ड की लीमिट खत्म हो गयी है... औऱ बुक चाहिए
लाइब्रेरी मैम – हंसते हुए तो ये बात है ok कोई बात नहीं है... लिस्ट बना कर दे दो... मैं निकलवा देती हूं...
मैम की बात सुनते ही माया ने शैलजा को बुला लिया शैलजा लिस्ट दे जल्दी......
माया- thanks a lot mam  ये रही लिस्ट
लाइब्रेरी  मैम – its ok  माया .. आ जाओ मेरे साथ...
माया शैलजा को लेकर मैम के पीछे पीछे चली गई... शैलजा ने बुक्स जैसे ही अपने हाथ में ली वो खुशी से कुदने लगी...
शैलजा – thanks  maya  अब मैं आराम से notes  बना सकती हूं..
माया- welcome yar  बस तू मुझे सारे notes  फोटोकॉपी करा के दे देना...
शैलजा – पक्का चल अब मैं चलती हूं.... bye
माया ने शैलजा को bye  बोला... और पीहूं के पास आ गयी...
पीहूं – यार exam  होने वाले है कुछ दिनों में कैसे होगा...
माया- पागल है तू अब भी नहीं समझी... शैलजा को इतनी बुक क्यों दिलाया वो notes बनाएगी और हम  पढेंगे ...
कह कर माया हंसने लगी...
माया- पीहूं तु फेरवेल पर क्या पहनेगी...
पीहूं – साड़ी ही डालूंगी
माया- मैं क्या पहनूं
पीहूं – तुम भी साड़ी पहन लो
माया- अरे यार कैसे साड़ी पहनना ना आता है ना सम्हालना आता है...
पीहूं – मैं पहना दूंगी..
माया- अरे चलना तो मुझे ही होगा ना पहन कर
पीहूं- तो फिर क्या पहनेगी
माया- मैं यहीं पहन कर आ जाउंगी... जो कॉलेज में रोज  पहन कर आती हूं...
पीहूं – पागल हो तुम उस दिन सब सज संवर के आएंगे औऱ तुम झल्ली बन कर आओगी...
माया- तो इसमें नया क्या है...
पीहूं – नहीं तुम भी साड़ी पहन कर आओगी...
माया- OK साड़ी तो है मेरे पास लेकिन उसके साथ पहनने के लिए कुछ भी नहीं है...
पीहूं – चल खरीद लाएंगे.. सोच तू.. साड़ी में क्या गजब लगेगी...औऱ मैं कुछ जुगाड़ करके राहुल को बुलाउंगी.....वो तुझे देखेगा तो देखता रह जाएगा..
पीहूं की बाते सुनकर अक्खड़ माया का चेहरा शर्म से लाल हो गया था..
माया- नहीं यार मुझसे नहीं होगा.. मेरा किसी ने मजाक बना दिया तो बस... मेरी chopsy हो जाएगी
पीहूं – कुछ नहीं होगा तू बस राहुल के बारे में सोच वो तुझे लड़की टाइप से संजे संवरे देखेगा... पीहूं की बाते सुनकर माया राजी हो गयी...
माया- अच्छा सुन मुझे इस फेरवेल पार्टी में कुछ भी पार्टीसिपेट नहीं करना है... बस मैं आउंगी  वैसे भी 2nd year  की लड़कियां है ही अपने जलवे दिखाने के लिए
पीहूं- हां वो तो है ही... हमें सिर्फ खुबसूरती बढ़ाने के लिए बुलाया है...
कह कर पीहूं हंसने लगी
पीहूं – माया क्या बात है आज तू राहुल को याद नहीं कर रही है...
माया- क्या याद करूं मेरे पास तेरे जैसा boy friend  का हिसाब किताब नहीं है ना...
पीहूं – अच्छा एक बात बता..
माया-  हा बोल ना
पीहूं – कल movie   देखने चलेगी..
माया- ok
पीहूं – तु मैं प्रदीप औऱ राहुल सब चलें.....
माया- भाई तेरा तो ठीक है  प्रदीप का भी ठीक है  राहुल की गांरटी मैं नहीं ले सकती....
पीहूं – उसकी चिंता तू छोड़ दे मैं बात  कर लूंगी तू बस हां कर
माया- ठीक है तु देख ले  movie  है कौन सी...
पीहूं – हम तुम..
माया- ओके चल अब चले क्लास करते है मैम आ रह होंगी क्लास में ... कल राहुल आए या ना आएं I DON’T CARE  मैं आउंगी..  माया ने बड़े ही बेफिक्री से पीहूं को बोल दिया जैसे उसे फर्क ही नहीं पड़ता राहुल के होने या ना होने से कह कर माया क्लास की तरफ बढ़ गयी..
 Cut to next morning  -  LOCATION – ( single screen theater)
माया के language class  से थियेटर काफी पास था... माया को सिर्फ 10 minute  लगे पहुंचने में... थियेटर पहुचंते ही माया गेट पर खड़ी हो गयी.. पीहूं आएगी.. तो मुझे देख लेगी...ऐसे हम कहां एक दूसरे को खोजेंगे..माया अपने मन में यही ख्याल सोच रही थी...और नजरें थियेटर के बाहर लगी लंबी लाइन पर पड़ी.... लोग एक दूसरे को धक्का दिए जा रहे थे... वहां का नज़ारा तो ऐसा था  लग रहा था  कि इलाहाबाद के सारे  लड़के लड़कियां वहीं इकट्टठे हो गए थे..
माया की नजरें पीहूं को खोज रही थी  कि  तभी उसको भीड़ से बाहर निकलता हुआ राहुल दिख गया... राहुल को देख कर माया खुश होने से ज्यादा shocked  थी... राहुल कैसे आ गया....Any way क्या फर्क पड़ता है आने दो...
राहुल – हाय माया good morning
माया- हाय राहुल कैसे हो
राहुल – बस ठीक हूं पीहूं नहीं आयी अभी तक उसने कल मुझे फोन किया था... कि तुम लोगो मूवी देखने जा रहे हो
माया- हां उसी ने मुझे भी बुलाया है
राहुल- कहां है वो
माया- अपने boyfriend   के साथ आ रही है
राहुल – उसका boy friend  …. कौन है ... नरेंद्र
माया- पागल हो तुम नरॆद्र तो फ्री में चेप होता है... उसका boyfriend प्रदीप है .... वो business  करता है... मैने उसको देखा नहीं है आज पहली बार मिलुंगी...
राहुल – ओके
माया सॉरी यार मैं लेट हो गयी थोड़ा... पीहूं  हंसते हुए माया के सामने खड़ी थी और उसके साथ प्रदीप  भी आया था...गोरा चेहरा 5-7 की हाइट गठीला बदन  brown  hair ..    blue color   की fitted   t shirt   denim  की जींस ...प्रदीप दिखने में  simply wow  था....माया प्रदीप को ही देखे जा रही थी...वो  और पीहुं एक दम  cute   couple की तरह दिख रहे  थे...  पीहूं प्रदीप के हाथ में अपना हाथ डाल कर खड़ी हो गई थी...
पीहूं – अरे मैं मिलाना तो भूल ही गई... प्रदीप ये है राहुल ... राहुल ये है प्रदीप और प्रदीप ये है माया
प्रदीप – hi  rahul   and hello  माया
प्रदीप – माया के बारे में तो मैं इतना सुन चुका हूं कि.. तुमं नहीं भी बताती तो मैं पहचान जाता कि यही माया है ..... कह कर प्रदीप हंसने लगा
प्रदीप – अच्छा अब अंदर चले मूवी का टाइम हो रहा है ...
माया- बिना टिकट अंदर जाएंगे क्या
प्रदीप – अरे नहीं मैं ले आया हूं ना
प्रदीप ने पीहूं का हाथ पकड़ा और आगे बढ़ने लगा...
माया ने राहुल को देखा और फिकी सी हंसी के साथ बोला चलो फिर चलते है अंदर
राहुल – हां चल ना
माया  औऱ राहुल आज भी ऐसे ही चल रह थे कि जैसे कोई उनको  cute couple  बोलने की गलती ना कर बैठे..... लेकिन माया की सांसे तेज चल रही थी वो घबरा रही थी... पीहूं तो आगे बढ़ गई...माया के समझ ही नहीं आ रहा था... राहुल के साथ कैसे comfortable  हो...
बालकनी  में सेंटर की सीट मिली थी...प्रदीप  औऱ राहुल दोनो किनारे पर बैठ गए बीच में माया पीहूं बैठ गयी... पीहूं के एक तरफ प्रदीप था औऱ दूसरी तरफ माया थी... राहुल माया के बगल में बैठ गया.... माया पहले से ही घबराई हुई थी....राहुल के बगल में बैठते ही माया पसीने पसीने हो गई थी.... राहुल की नजर तो movie पर थी... लेकिन माया की नजर बार बार पीहूं पर जा रही थी....
पीहूं माया की तरफ मुड़ी और पूछा क्या हुआ तुझे all well ...
माया-  पीहूं के कान में धीरे से बोली कहां फंसा दिया है तुने मुझे...
पीहूं – पागल है तु चुपचाप मूवी देख tension मत ले कह कर पीहूं ने माया का हाथ पकड़ लिया... की माया थोड़ा  normal   हो जाए....
राहुल के ऊपर कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा था कि बगल में दो लड़कियां बक बक किए जा रही है.. लेकिन प्रदीप की हरकतों देख कर लग रहा था... जैसे वो सोच रहा था... कि माया कबाब में हड्डी बन कर कहां से आ गई... माया ने धीरे से पीहूं के हाथ से अपना हाथ अलग किया और खुद को सम्हाल कर बैठ गई... HUMTUM   मूवी में जब भी सैफ और रानी में कौन बेटर है इस पर लड़ाई होती तो माया को बड़ा मजा आता...माया ऐसे scene देखते ही तेज तेज हंसने लगती....माया को लगा चलों पिक्चर के सहारे ही सही थोड़ा माहौल हल्का होगा....माया ने धीरे से राहुल की तरफ देखा....वो अब भी सामने ही देख रहा था...माया ने भी अकड़ दिखाते हुए अपनी नजर सामने कर ली... पीहूं और प्रदीप आराम से एक दूसरे के हाथ में हाथ डालकर मूवी देखे जा रहे थे...interval  हो गया..... प्रदीप उठा और पीहूं भी उठ गई
पीहूं- माया मैं आती हूं बाहर से तू यही रूक राहुल के साथ...
राहुल धीरे से हंसा.. और अपने मोबाइल में कुछ देखने लगा...... माया पीहूं को गुस्से से देखने लगी फिर इशारा किया अच्छा जाओं तुम..... प्रदीप औऱ पीहूं... बाहर निकल गए... अब माया क्या करें वो राहुल की तरफ देख भी नहीं रही थी.. और चाहती थी.. कि राहुल उससे बात करें..राहुल ने जैसे उसके मन की बात पढ़ ली हो
राहुल – अच्छी मूवी है..... है ना माया
माया- हां और क्या तुम लड़को की पोल पट्टी खोल रही है... कह कर माया हंसने लगी....
राहुल – (हंसते हुए) सही है तुझे इन सब में बड़ा मजा आता है ना....
माया- normal  होते हुए हां मेरा बेस्ट टाइम पास है...
राहुल फिर अपना मोबाइल देखने लगा.. जैसे उसको जबरदस्ती इतनी बाते बोलनी थी.. माया भी चुपचाप नीचे नजरे करके धीरे धीरे राहुल को देखने लगी... माया को राहुल को चुप चाप देखना बड़ा पसंद था...
प्रदीप और पीहूं भी आ गए हाथ में पॉपकॉन औऱ कोल्ड ड्रिंक लेकर.... पीहूं माया को देख हंसी और धीरे पूछा कोई बात हुयी...
माया- नहीं
पीहूं – कोई ना मूवी देखते है...
आगे की मूवी में सैफ और रानी के बीच जब प्यार परवान चढ़ने लगा....तो पीहूं प्रदीप और राहुल तो बिना पलक झपकाएं देखे जा रहे थे ... जैसे उनके लिए ये सब NORMAL था.....  लेकिन माया का बदन एक दम ठंडा पड़ चुका था... उसके दिमाग में हलचल होने लगी उसको लगा राहुल क्या सोचेगा मैने पीहूं से जान बूझ कर इसको बुलाया...है ऐसी romantic  मूवी देखने के लिए...माया ने  interval  के बाद पिक्चर को एक दम  enjoy  नहीं किया वो बस  wait  कर रही थी... कब पिक्चर खत्म हो और वो यहां से निकले....लेकिन माया का दिल तो सोच रहा था... काश ये पल यही रूक जाएं.... राहुल उसके साथ  इससे भी ज्यादा करीब बैठा रहे...और आज वो प्रपोज़ कर ही दे.. आखिर अभी तक माया की उलझन बरकरार थी... लेकिन  माया को उम्मीद थी की राहुल उसको जरूर प्रपोज करेगा.. अगर उसके दिल में कुछ भी ना होता तो वो यहां नहीं आता... या फिर कल उसके साथ  रेस्तरां नहीं  गया होता........
to be continued .....

1 comment:

Ocean said...

Good job...👍