Tuesday, 7 March 2017

Maya The unfold Love Story Chapter -14

माया की चाहत बैंगलोर में जा कर बढ़ने लगी थी... माया के दिल  में हर पल यही चलता था कि ... आखिर कब वो पल आएगा..जब माया राहुल से मिलेगी.... माया अपने कॉलेज में पूरी तरह से  comfortable हो गयी थी... 

उसके कुछ दोस्त भी बन गए थे... लेकिन मजाल जो कोई लड़का माया के साथ flirt कर ले... मैट्रो सीटी की सबसे बड़ी खासियत कह लिजिए या नुकसान यहां हर रोज नए रिश्ते बनते थे और बिखरते थे....माया की क्लास भी कुछ ऐसी ही थी... कुछ जोड़े में आए थे....कुछ ने इतने कम से दिनों में ही जोड़ा बना लिया था... लेकिन माया की दुनिया पीहूं औऱ राहुल के ही इर्द गिर्द घुमती....

कॉलेज में ब्रेक होता तो माया  computer lab में चली जाती थी.. उसे ना खाने की सुध ना साथ में रहने वाले दोस्तों की सुध उसके दिमाग में सिर्फ पीहूं चल रही होती थी... पैसों की कमी की वजह से माया रोज पीहूं को फोन नहीं कर पाती थी... इसलिए वो ब्रेक मिलते ही computer के सामने बैठ जाती थी... और बस शुरु हो जाता था... माया पुराण.... जब तक सारी बात माया पीहूं को chat  पर बता नहीं लेती थी.... माया को चैन नहीं मिलता था....माया और पीहूं दोनो  chat  कर रहे थे...
पीहूं – hw r u ?
माया-  ok ok
पीहूं -  y
माया- aubhi tak rahul nahi mila pihu
 पीहूं-  oh
माया –bta kya karu wo busy hai
 पीहूं -  kal usko phone laga na tu kub se itna sochne lagi
 माया –  ok aaj hi karti hu chal time over ho gaya hai kal batati hu tujhe
 पीहूं – gadhi jao pahle kuch kha lo kal se bina lunch finish kiye mat aana
 माया- ok ji bye tc

 माया computer lab  से बाहर आ गयी... उसके दिमाग में यहीं चल रहा था कि राहुल को कैसे फोन करें....काफी जद्दोजहद के बाद माया ने राहुल को फोन लगा ही दिया....
माया- हैलो राहुल
राहुल – हाय माया कैसी हो
माया- बस ठीक हो तुम्हें आज तक फुरसत ना मिली ना कि एक बार मुझसे मिल जाओं...
राहुल – यार मैं ना अभी मैच देख रहा  हूं इंडिया हार रही है मेरा mood बड़ा खराब है
माया – मन ही मन सोचते हुए किताना ज्यादा अकड़ू है राहुल .. इसको मेरी फिक्र ही नहीं है.....सुनो राहुल
राहुल – हां बोल
माया – तुम मैच देखो जब दिल करें आ जाना मिलने
राहुल- ok
 माया ने फोन काट दिया और उसके चेहरे पर 12 बजने लगे थे.... क्लास भी जाना था माया को लेकिन अंदर तो राहुल के सिवा कुछ नहीं चल रहा था.. माया की roommate  खुशी... उसको खोजते खोजते लैब के बाहर आ गयी...
खुशी- माया चल क्लास चलें कहां थी तू कब से सब तेरा  wait  कर रहे है....आज तेरा चेहरे को देख कर लगता है  finally तेरी बात तेरे प्यार से हो ही गई...
माया- हां यार बेचारा इतनी कोशिश कर रहा लेकिन आ नहीं पा रहा है उसको ऑफिस से छुट्टी नहीं मिल रही है...
माया ने बड़े ही सफाई से झूठ बोल दिया... माया अपने ग्रुप में रोज झूठ बोलती.. उसको लगता कोई उसका मजाक ना बना दे....माया के प्यार की दिवानगी देख कर... सबको लगता कि माया औऱ राहुल के बीच कितना ज्यादा प्यार है.. माया कभी किसी के साथ  flirt  नहीं करती थी और ना ही किसी को करने की इजाजत देती थी.... जैसे वो राहुल की अमानत है...कोई और हाथ ना लगाएं...माया का एकतरफा प्यार ना जाने कब उसका वजूद बन चुका था...

माया को कोई फर्क नहीं पड़ता था.. राहुल उससे अब तक मिलने नहीं आया..... माया जब भी राहुल के बारे में बात करती उसका चेहरा खुशी से चहक उठता था... कॉलेज में ऐसा कोई नहीं था जो माया की पीहूं और राहुल को ना जानता हो....

 Location – hostel
रात के लगभग 11 बज रहे थे.... हॉस्टल का ये प्राइम टाइम होता था... क्योंकि एक बार  warden चक्कर काट कर जा चुकी होती थ.. उसके बाद असली रंग दिखता था  hostel का.....मजाल जो हॉस्टल का कोई कोना खाली दिख जाए... सब अपने अपने फोन के साथ चिपके रहते थे... औऱ जो बच गया वो बिस्तर में करवट बदल बदल कर बाते करने में लगा होता था.... 

सिर्फ एक माया थी... जिसको कल क्लास में क्या होगा...इसकी फिकर होती थी...माया मोटी मोटी किताबों के साथ चिपक रहती थी....

खुशी- माया एक बात बता तू बोर नहीं होती किताबें पढ़ पढ़ कर

माया- नहीं यार यहां यहीं तो करने आए है.... मुझे एक अच्छे जॉब की तलाश है मैं चाहती हूं...  weekend  में या फिर evening shift  में कोई जॉब मिल जाएं.

खुशी – सच में तेरा मन  नहीं होत तफरी करने का
माया –नहीं u guyz carry on
माया की बाते सुनकर खुशी वहां से चली जाती है.... खुशी के जाते ही माया अपना चेहरा दिवार की तरफ करती है और सिसक सिसक कर रोने लगती है... उसके समझ ही नहीं आता था कि वो क्या करें..अपने प्यार का मजाक बनाती नहीं थी वो.. और खुद मजाक बनना नहीं चाहती थी.... माया के आसूओं से उसकी पूरी  NOTE BOOK  गीली हो चुकी थी.... आखें एक दम लाल... और चेहरे पर वहीं चिरपरिचित उदासी... माया हर रोज रोती थी... अपने आसूंओं को खुद पोछती और फिर काम में लग जाती थी... माया अपने किताब समेट रही थी.. तभी मोबाइल में MSG की घंटी बजती है माया मोबाइल को ओपन करती है...

राहुल का मैसेज शो करता है... माया की उदासी एक दम से खुशी में बदल जाती है.. पहली बार माया के पास राहुल का मैसेज आया था आज... माया तेज तेज हल्ला करने लगती है.... देखो देखों मेरा मैसेज आया है राहुल ने मुझे मैसेज भेजा है... माया की अचानक आवाज सुनकर लड़कियां उसको घेर लेती है ...औऱ पूछने लगती है...- बता ना क्या मैसेज आया है तेरा  BF तो बड़ा  BUSY  रहता है....

माया- अरे पहले मुझे तो देखने दो मैने अभी तक देखा ही नहीं...

खुशी – हद की पागल है तू  सबको बता दिया कि मैसेज आया है लेकिन क्या आया है.... ये नहीं बताया...
माया अपना मैसेज वॉक्स खोलती है... वहां पर मैसेज होता है ....

A b c d e f g h I j k l m n o p q r s t u v w x y z

नीचे लिखा होता है  u and I so far we can not meet at all.

 माया के मैसेज पढ़ते ही.. उसका दिल एक दम बैठ गया... लेकिन उसने खुद को सम्हाला और सबसे बोला सुनों ये काफी personal  है इसिलए मैं तुम लोग को नहीं दिखाउंगी.... कह कर माय् अपने बेड पर आ गयी... औऱ मेबाइल के साथ चादर के अंदर घुस गयी... माया को समझ ही नहीं आ रहा था .. इस मैसेज से वो खुश हो या दुखी... उसने मुझे मैसेज किया इस बात से मैं खुश हुं लेकिन उसने ऐसा मैसेज क्यों किया इस बात से मैं दुखी हूं.. माया खुद से ही चादर के अंदर बाते किए जा रही थी......अपने दिल को उसने सम्हाला और सोने की कोशिश करने लगी...

तभी उसके मोबाइल की घंटी बजी... माया ने बिना वक्त गंवाएं और बिना देखे की किसका फोन है उठा लिया...
माया – हैलो

उधर से प्रदीप की आवाज आयी

प्रदीप –हाय माया

माया- तुम हो

प्रदीप – किसका वेट कर रही थी...

माया- किसी का नहीं पीहूं कैसी है...

प्रदीप – वो एक दम अच्छी है और  conference  पर है उसको तुमसे बात करनी है..

पीहूं- हाय कैसी है तू

माया- बस जिंदा हूं मैं... कह कर माया हंसने लगी

पीहूं- क्यों क्या हुआ यार राहुल से तूने आज की क्या बोला  

माया- क्या बताउं मैं जिसके पीछे यहां तक आ गयी उसको मुझसे मिलने की फुरसत ही नहीं ऊपर से एक बकवास सा मैसेज  भेज दिया मैं तुझे बड़ा मिस कर रही थी....
thanks  pradeep  मेरी  पीहूं से बात कराने के लिए

प्रदीप – माया तू भी ना मैं तेरी रोज पीहूं से बात करा दूंगा... अब खुश है तू...

माया- हां बहुत माया खुश हो गयी थी उधर से पीहूं भी चहकने लगी... wow  अब हम रोज बात करेंगे

माया- हां यार मेरा इस शहर में बिल्कुल मन नहीं लगता... इतनी अकेली हो जाउंगी मैं अपने प्यार की वजह से मुझे नहीं पता था.... खैर अब तो वो मुझसे कभी नहीं मिलेगा.... मैं भी धीरे धीरे उसको भूल जाउंगी अच्छा है उसकी वजह से ही सही मैने अपना करियर चुन लिया... batter luck next time वैसे भी मेरे सपने में तो वो रोज आता है.. मुझसे मत मिले मै तो प्यार करती हूं भाग्य में रहा तो जरूर मिलेगा मुझे वो नहीं होगा तो भी कोई बात नहीं...ये मेरा पहला प्यार है... और मेरे लिए बहुत ही ज्यादा ख़ास है..

पीहूं – तू पागल है बिना वजह उसको भगवान बनाए  जा रही है ...

माया- हंसते हुए  क्या करू अब प्यार हो गया तो हो गया.. अब भगवान बन गया तो बन गया.. ये बात अलग है कि उसकी हरकते बिल्कुल भगवान वाली नहीं है लेकिन मेरा प्यार तो पूजा की तरह है.. मुझे उससे ना कभी कोई अपेक्षा थी.. ना है... ना रहेगी.... मेरा प्यार सिर्फ मेरा है... मेरी भावनाएं तो मेरी है.. इस पर किसी का हक नहीं... माया बोले जा रही थी... और प्रदीप और पीहूं माया की बात सुने जा रही थी....

माया- चल यार अब मैं रखती हूं कल की सुबह मेरे लिए और नयी होगी.... मैं और  Energy  के साथ अपने पढ़ाई अपनी जॉब पर ध्यान दूंगी.... और हां राहुल को प्यार करना कभी नहीं छोड़ूगी...

प्रदीप – बाया माया

पीहूं- बाय माया

माया ने फोन रखा और एक इतमिनान के साथ सो गयी अब उसके अंदर कोई तुफान नहीं चल रहा था और ना हीं कोई उम्मीदों का भंवर उसको परेशान कर रहा था.....

Next day morning 11 o clock

माया की रूम मेट खुशी अपने मेकअप में लगी हुयी थी... आज वो कॉलेज नहीं जा रही थी .. बल्की किसी के साथ डेट पर जा रही थी... माया खुशी को निहारे जा रही थी...खुशी ने जैसे ही अपना मेकअप पूरा किया माया ने तपाक से बोल दिया
माया- तेरा सही है गुरु ... लोग एक ना सम्हाल पाते तू तो दो दो तीन तीन एक साथ मैनेज कर लेती है... कह कर माया हंसने लगी

खुशी- ये भी एक तरह की हुनर है जो सबके बस की बात नहीं....कह कर खुशी ने अपना पर्स उठाया और बाहर निकल गयी.... माया भी कॉलेज की तैयारी मे जुट गयी ..तभी माया के फोन की घँटी बजी ... माया न जैसे ही फोन उठाया... कूद पड़ी... राहुल माया को फोन कर रहा था .. माया को यकीन ही नहीं हुआ कि कल के मैसेज के बाद आज राहुल उसको फोन कर रहा है... माया ने डरते डरते फोन उठा लिया

माया- हैलो

राहुल – हैलो माया सुन ना आज मुझे तेरी तऱफ ही आना है तू कब फ्री होगी तेरे से मिलता जाउंगा....

माया के पैर जमीन पर नही पड़ रहे थे... उसको अजीब लगा ये कैसे हो गया..
माया- यार तुम क्यों परेशान होगे....रहने दो

राहुल – अरे मैं उधर आ रह हूं  तेरा कॉलेज भी देख लूंगा...

माया- ओके मैं तुम्हे  address  भेज देती हूं.... तुम्हे जब आना हो आ जाना मैं वहीं रहुंगी.
..
माया ने राहुल को  address  भेजा... खुशी से पागल होकर अपनी अलमीरा की तरफ भागी... उसके पास एक ब्लैक कलर का सूट था... वो भी बिना बाजू का ... माया ने उसको निकाला औऱ फटाफट तैयार हो गयी... माया को मेकअप का  abcd भी नहीं आता था... लेकिन.. माया ने एक नाकाम कोशिश की अपने चेहरे पर... उसका चेहरा और अजीब सा लगने लग गया.खुद को शीशे में देखने के साथ ही माया ने बिना वक्त गंवाएं अपना चेहरा धो दिया थोड़ी सी मायूस हो गयी औऱ सोचने लगी.. काश मुझे भी ये सब आता काश आज यहां पीहूं होती... कोई नहीं मैं जैसी हूं वैसे ही जाउंगी.. वैसे भी उसने मुझे 2 साल पहले देखा था... तो अब भी वैसे ही रहती हूं कहीं मेरा मजाक ना बना दे.... माया सोचते सोचते तैयार हुयी अपने बालों के कल्चर को हटा दिया और बैग लेकर निकल गयी कॉलेज के लिए.....

Location- collage

 आज सब के सब माया को घूर रहे थे... माया ने पहली बार बिना sleeve  का कुर्ता पहना था....ब्लैक कलर में माया लड़कों के दिल पर कयामत गिरा रही थी.... माया के खुले बाल भी सबने पहली बार देखा था.... किसी को समझ नहीं आ रहा था आखिर आज क्या बात है... तभी उसकी क्लास में पढ़ने वाला एक लड़का सुरज उसको टोक देता है ..क्या बात है माया आज कुछ है क्या...
माया- नहीं यार बस for a change  

सूरज – गलत जवाब

माया- क्यों

सूरज – आज राहुल आ रहा है ना

माया – सकपकाते हुए तुम्हे कैसे पता

सूरज – तुम्हारे चेहरे की रौनक देख कर तो अंधा भी बता देगा की आज माया अपने प्यार से मिलने वाली है मुझे भी मिलाओगी ना....

माया- हां जरूर पूरे कॉलेज को मिलाउंगी... बस मैं ही नहीं मिलूंगी.. माया गुस्से में सूरज को देखे जा रही थी..

सूरज – अरे हम तो देखेंगे भाई कौन है वो बंदा जिसकी वजह से माया किसी को घास नहीं डालती

माया सूरज की बाते सुनकर हंसने लगी.. और आगे बढ़ गयी...

लंच ब्रेक से पहले ही क्लास में चपरासी दाखिल होता है ..
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टीचर – what happen

Peon- sir somebody is waiting out side for maya

Teacher- ok maya  u can go…

 माया तो  GO की आवाज सुनते ही तेजी से निकल गयी क्लास के बाहर... और पहुंच गयी मेन गेट ... राहुल को देखते ही माया एक दम से रूक गयी.. पूरे दो साल बाद वो राहलु को देख  रही थी....राहुल भी माया को देखने लगा....

TO BE CONTINUED


1 comment:

Ocean said...

Fantabulous...