माया अपने हॉस्टल पहुंचते पहुंचते थक चुकी थी... उसके पैरों में छाले पड़
चुके थे... उसकी आंखें एक सूखी हुयी विरान नदी की तरह लग रही थी ....होठ सूख चुके
थे...माया निढाल सी परेशान सी हॉस्टल के गेट पर पहुंचती है.... फिर अचानक उसको
ख्याल आता है मुझे तो रोना ही नहीं है.... मैं तो सब पहले से जानती थी... बस उस सच
से दूर भाग रही थी... आज मेरा सामना सच से हुआ
है... ये मेरी जिंदगी है फिर मैं रो रो कर या बेहाल होकर किसी को क्यों
दिखाउं किसी की सहानभूती की मुझे कोई जरूरत नहीं है.... माया खुद में सबसे मजबूत
है.. माया खुद को समझाएं जा रही थी.. और अपने चेहरें को जबरदस्ती ठीक किया कपड़े
से अपना मुंह ढका... और अंदर चली गयी....
माया को बस आज जो कुछ भी हुआ वो पीहूं को बताना था.... औऱ अभी बताना था...
माया ने लेटर हेड उठाया और शुरु हो गयी लिखना उसने एक एक बात उस लेटर मे लिखा.... जब लेटर खत्म हुआ तो वो तीन पेज का हो चुका
था... माया मन ही मन हंसने लगी... मेरी बाते भी कितनी है देखो इतना लंबा लेटर लिखा
है मैने....
लेटर लिख कर माया लग गयी अपने रोज के कामों में... लेकिन उसके दिल में
सिर्फ एक बात चल रही थी.... आखिर मुझमें ऐसी क्या कमी थी.. की राहुल ने मुझे मना
कर दिया.........लेकिन जो भी हो राहुल ने मुझसे सच्ची दोस्ती.... निभाई.....वो
चाहता तो मेरे साथ कुछ भी कर सकता था..... माया फिर से वहीं पुरानी बातों से खुद
को समझाएं जा रही थी.... माया के दिमाग ने माया को कस कर डांटा हद है माया तुम सिर्फ
और सिर्फ राहुल के बारे में अच्छा सोचती हो कोई हक नहीं तुम्हें कि तुम उसको अच्छा
बोलो... वो तुम्हारे किसी भी तरह के emotion के लायक नहीं है.... भूल जाओ उसको... माया का
दिल दिमाग से लड़ने के लिए तैयार हो गया.... क्या फर्क पड़ता है वो मुझे प्यार
नहीं करता मेरा प्यार किसी हां या ना का मोहताज नहीं रहा अब.. इतने साल हो गए मुझे
बिना किसी उम्मीद के प्यार करते हुए...... राहुल को मुझसे प्यार नहीं हुआ तो नहीं
हुआ.... दिमाग फिर से माया के ऊपर चिल्लाया भूल जाओ उसको और अपने काम पर फोकस करों
दिल भी कहां चुप बैठने वाला था.... उसने भी अपना पक्ष रखा.. मैं कौन सा
अपना काम ना कर रही.... मैं राहुल के पीछे नहीं जाउंगी लेकिन अगर राहुल मुझसे बाते
करेगा अब भी तो मैं जरूर करूंगी.... मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता वो प्यार करें या ना
करें... फाइनली माया के दिमाग ने हार मान ली और बोला जो दिल करें वो करों बस प्लीज
तुम टूटना मत और रोना मत....माया अपने दिल और दिमाग के बीच चल रही जंग से थक चुकी
थी.... उसने भी यही तय किया कि अगर राहुल का फोन आता है तो बात करेगी नहीं आता है
तो नहीं करेगी... लेकिन उसको प्यार करना नहीं छोडेगी....
After some day (location-
collage)
माया को अब भी जॉब नहीं मिली थी....
कहीं पर उसका छोटे शहर से ताल्लुक रखना मुसीबत बन जाता तो कहीं पर उसके fresher
होने की वजह से उसको खाली हाथ लौटना पड़ता ....
काफी दिन हो गए थे राहुल ने भी माया को कोई फोन नहीं किया था.. माया ने भी मन ही मन
उम्मीद छोड़ दी थी.....बस यही दुआ करती थी राहुल जहां भी हो खुश हो..... माया दिन में एक बार
ही सही राहुल को याद जरूर करती.... माया के इर्द गिर्द अब लड़के ज्यादा बैठने लगे
थे... उनको लगता था अब माया फ्री है... क्योंकी प्यार और ब्रेकअप की बाते कहां
छुपती है वो भी कॉलेज में ..... माया भी इन सबसे बाहर
निकल कर अपनी जिंदगी को थोड़ा आसान बनाने
की कोशिश करती है.... तभी सूरज उसके पास आता है ...
सूरज – माया फ्री है तू
माया – क्यों
सूरज – हम लोगो के साथ बाहर चलेगी ...हम सब जा रहे है.. तेरा mood
change हो जाएगा.... देख तू
अपने आप को कैसी हो गयी है...
माया – गुस्से से मौका देखा नहीं
की चौका मारना शुरू... मुझे ले जा कर कोई फायदा नहीं होगा..मैं तुम लोगो की तरह
इतनी smart नहीं हूं... सच
बताऊं मुझे तो यहां आना ही नहीं चाहिए था... इस शहर में मेरे लिए कुछ भी नही
है....
सूरज – नहीं यार ऐसी कोई बात नहीं है तू नहीं जाना चाहती तो मत जा ......कह
कर सूरज वहां से चला गया.....
माया अपनी किताबों में लग गयी लेकिन उसका दिल तो बस दो चीजों में लगा हुआ
था... जॉब औऱ राहुल......
माया राहुल के ख्यालों मे ही थी माया के पास एक unknown
number से call आय़ा... बड़ा अजीब सा नंबर था माया को समझ नहीं
आया... तो माया ने नहीं उठाया.... फिर से फोन की घंटी बजने लगी अब भी वहीं नंबर
था.... माया ने फोन उठा लिया उधर से हैलो की आवाज आयी.... और माया के आंखों से
आसूं बाहर आ गए..... वो राहुल था..
राहुल – हैलो हाय माया कैसी है तू
माया खुद को सम्हालते हुए हां राहुल मैं अच्छी हूं तुम कैसे हो
राहुल – क्या चल रहा है तेरी जिंदगी में ...
माया – कुछ बचा ही नहीं है पढ़ाई के सिवा मेरी जिंदगी में
राहुल – सॉरी यार मैने इतने दिनों बाद फोन किया
माया- क्यों सॉरी राहुल मैं तुम्हारे कॉल का वेट नहीं कर रही थी अब दूसरी
तरफ से खामोशी बढ़ गयी
माया- और मेरी छोड़ो तुम्हारी जिंदगी में कैसा है सब मैने देखा था एक बार
फेसबुक पर... तुम्हे देख कर अच्छा लगा तुम्हें की तुम अपनी मंजिल के करीब हो .....
राहुल- हा यार बस ठीक हूं अच्छा सुन मैं शाम को 4-5 बजे के बीच फ्री होता
हूं हम चैटिंग कर सकते है फ्री में बाते हो जाएगी... तू बता आएगी ...
माया- हा राहुल तुम कहो तो अभी मैं फोन रख देती हूं और cyber
जा कर तुम्हें msg करती हूं.....
माया ने फोन काटा और तेजी से कॉलेज के बाहर निकल आयी माया को राहुल को
देखने का बड़ा मन था इसिलए वो ऐसा साइबर कैफे खोज रही थी जहां webcam
हो ........पूरे 20 मिनट के बाद माया को फाइनली
साइबर कैफे मिल ही गया....
माया अंदर ही अदंर बहुत खुश थी कि उसको राहुल ने याद किया है..मतलब कुछ तो
है तेरे मेरे दरमियां शायद नहीं भी लेकिन माया अब बाद का नहीं सोचती थी... सिर्फ
आज का सोचती थी ..औऱ सच यही था कि आज उसका राहुल उसको दिखने वाला था.... माया ने
राहुल को जी भर कर देखा और voice chat ki ये बात अलग है कि इस चैट में हमेशा की तरह सिर्फ
और सिर्फ माया बोले जा रही थी.... लेकिन राहुल सिर्फ एक या दो बार..जैसे ही घड़ी
में एक घंटा हुआ माया ने राहुल को बाय बोल दिया क्योंकि फिर से 20 रूपए चार्ज हो
जाता औऱ माया के पास इतने पैसे नहीं थे...
राहलु ने भी कल फिर से मिलने का वादा करके बाय बोल कर चला गया..... माया साइबर से
निकली... औऱ रिक्शा खोजने लगी शाम काफी हो चुकी थी.... लेकिन जैसी ही माया ने पर्स
में हाथ डाला तो उसके पास सिर्फ एक सौ का नोट था... घर से पैसे भी तक नहीं आए
थे.... माया ने एक पल के लिए सोचा और खुद से ही बोलने लगी अपने प्यार के साथ थोड़ा
वक्त भी गुजारने के लिए मैं अपना पैसा कैसे बर्बाद कर दूं जबकी घर में पैसे नहीं
है... मैं यहां से हॉस्टल पैदल ही जाउंगी.... माया निकल पड़ी अपने दिल में खुशी
दर्द और ना जाने कितने ही अहसास लिए हॉस्टल की तरफ हॉस्टल तक पहुंचते-पहुंचते माया को एक घंटा
लग जाता लेकिन माया को कोई फर्क नहीं पड़ता वहां जा कर भी तो वो क्या करती सब अपन
तफरी में लगे रहते और माया अकेले अपने कमरे में बैठी रहती ऐसा कभी कभी ही होता था
कि इलाहाबाद की माया बैंगलोर में नजर आती....माया का राहुल से बात करने का सिलसिला
ऐसे ही बढ़ता गया ..... अब रोज की बात हो
चुकी थी.... जब भी माया राहुल से वेब चैट करती........ हॉस्टल तक पैदल ही आती....
और हर रोज वो सारी बाते वो प्रदीप के जरिए पीहूं को बताती.....
(दो साल बाद )
LOCATION (wedding mall)
हाथ में अलग अलग डिजाइन की शेरवानी लेकर माया ड्रेसिंग एरिया के पास खड़ी
थी.... लेकिन आज की माया दो साल पहले की माया से बिलकुल अलग दिख रही थी... सलवार
कुर्ते की जगह माया कॉरपोरेट सूट में खड़ी थी... पैरो में हाई हील आखों पर काला
चश्मा हाथ में ब्राडेंड पर्स...रेशमी और लंबे खुले हुए बाल.... माया को देख कर ऐसा
लग रहा था जैसे वो किसी कंपनी की मार्केटिंग हेड थी.....माया ने आखों पर से चश्मा
हटाया और वहीं से बोलने लगी
माया- अरे कितना वक्त लगेगा तुमको ... मेरा हाथ दुख रहा है... देखो मैं और
शेरवानी लायी हूं इनको भी पहन कर देखों वैसे तुम्हारे ऊपर फिरोजी कलर की शेरवानी
सूट करेगी....
अंदर से आवाज आयी एक मिनट रूक मैने जो लिया है पहले वो तो पहन लूं..
माया- ओके I m
waiting come out side I want to see u how u look in wedding dress
उधर से आवाज आयी अरे आ रहा हूं
मेरी मां एक मिनट रूक
चेजिंग रूम का दरवाजा खुलता है.... और माया की निगाहे खुली की खुली रह जाती
है.... राहुल मैरून कलर की शेरवानी में कयामत गिरा रहा था....
माया- wow राहुल क्या लग रहे हो तुम वैसे एक बार तुमको ये भी try करना
चाहिए फिरोजी कलर की शेरवानी तुम पर ज्यादा अच्छा लगेगी..
राहुल – तुझे कौन सी अच्छी लग रही है
माया- फिरोजी कलर
राहुल – फिर done मैं शादी में यहीं पहनूंगा...
माया- लेकिन पहले एक बार मुझे पहन कर दिखाओ.... आखिर मैने तुम्हारे लिए लिया है ये तो इतना तो हक बनता है मेरा कि
एक बार मैं भी देखूं तुम्हें दुल्हे के कपड़ों में........ फिर ना जाने कल हो ना हो
राहुल का चेहरा एक दम शांत हो गया था... उसे लगा था... माया दो साल पहले की
बात को भूल गयी होगी... लेकिन ऐसा नहीं था... माया को आज भी वो सारी बाते याद थी..
बस वो अब कोई उम्मीद नहीं रखती थी... और आज भी राहुल माया के कहने पर उससे मिलने
आया था... राहुल के घर में शादी पड़ी थी इसलिए उसको आस्ट्रेलिया से आना पड़ा था
कुछ दिनों के लिए.... लेकिन माया के लिए यही मुलाकात पहली औऱ आखिरी था.... फिर वो
राहुल से नहीं मिल पाती........
राहुल चेंज कर आ चुका था देख मैं कैसा दिख रहा हूं तेरी ड्रेस में ... माया
के आखों में आसूं धीरे से छिप कर आ गए थे.. लेकिन माया ने खुद को सम्हाला... और
बोला
माया- तुम दुनिया के बेस्ट दुल्हें लग रहे हो... चलो मुझे तसल्ली है कि
मैने तुम्हे दुल्हे के लिबास में तो देख लिया मेरे लिए यही बहुत है...
राहुल ने बात को पलटते हुए बोला... चल अब बाहर चलते है.... कहीं बैठते
है... माया हंसने लगी ... औऱ बोली
माया- नहीं राहुल इस बार हम खड़े हो कर बात करेंगे बैठ कर बात करना मेरे
लिए अपशगुन है...
राहुल माया के कंमेंट को समझ रहा था लेकिन कुछ नहीं बोला और पूछा अच्छा औऱ
बता तेरी जॉब कैसी चल रही है
माया- बस राहुल भगवान की मेहरवानी है मेरे ऊपर की एक जॉब ही है जो अच्छी चल
रही है .... घर पर भी सब कुछ सामान्य है.... मेरे लोन भी काफी हद तक खत्म होने
वाले है....
राहुल – शादी कब करेगी
माया- जब तुम कहों... सॉरी सॉरी I mean जब तुम कर लोगे मैं भी
कर लूंगी ...
राहुल – माया शादी कर ले यार मुझे बड़ा अफसोस है
माया- किस बात का राहुल.... इस बात का कि तुम मुझसे प्यार ना कर पाएं...अरे
अच्छा हुआ कि तुमने मुझसे प्यार नहीं किया नहीं तो मैं यहां तक कैसे पहुंचती....
आज मैं जो कुछ भी हूं सिर्फ और सिर्फ तुम्हारी वजह से
राहुल – यार मुझे माफ कर दे
माया- पागल हो तुम.... मुझे तुमसे कभी कोई नाराजगी रही ही नहीं....
राहुल – मुझे हमेशा दुख रहेगा कि तूने मेरी वजह से शादी नहीं की....
माया- dnt worry राहुल मेरा प्यार इतना खुदगर्ज नहीं की अपने मां
बाप को परेशान करें वो जहां करेंगे मैं चुपचाप कर लूंगी ...
राहुल - तुझे परेशानी नहीं होगी
माया- कैसी परेशानी अभी तक कौन सा मैं मजे में हूं वैसे भी रेंट देते देते
थक गई हूं ...
राहुल – पता है माया मुझे ऑस्ट्रलिया में एक शेख की बेटी से प्यार हो गया
था... लेकिन वो किसी औऱ से प्यार करती थी.... मुझे बहुत तकलीफ हुई फिर मुझे तेरी
याद आयी मैने तेरे साथ गलत किया
माया- राहुल सच बोलू मुझे पता नहीं क्यों बड़ा सुकून मिला ये सुनकर लेकिन
दुख भी हुआ कि तुम भी मेरी तरह खाली हाथ ही रह गए.... पर क्या फायदा तुम्हे मुझसे
प्यार नहीं और मैं बेवकूफ आज भी खैर जाने
दो..... जाओ तुम घर..... वक्त ने चाहा तो हम फिर मिलेगें... .. मेरी शादी में तुम आओगे
राहुल
राहुल – कोशिश करूंगा
माया- अच्छा मेरा एक ख्वाब पूरा करोगे राहुल
राहुल – बोलो माया
माया- जब मैं दुल्हन बनू तो सबसे पहले तुम मुझे देखों..... मैने लड़कियों
वाले वो सारे ख्वाब सिर्फ तुमक लेकर सजाएं थे.... लेकिन पूरे ना हो सके पर ये तो
तुम पूरा कर सकते हो... ना
राहुल – हां माया मैं पूरी कोशिश करूंगा....
माया- पता है राहुल मैं ना अब जल्दी जल्दी शादी करके बूढ़ी हो जाना चाहती
हूं फिर मर जाना चाहती हूं फिर अगले जन्म में सिर्फ और सिर्फ तुम ही मेरा प्यार
रहोगे.. और मुझे तब मना मत करना... क्योंकि मैं तुम्हे मना कर दूंगी .. अगर ऐसा
हुआ तो ... राहुल माया की बाते सुने जा रहा था और माया बेहिचक सब कुछ बोले जा रही
थी...
माया- पता है राहुल
राहुल – क्या माया
माया- मुझे इस बात का फक्र है कि मैने प्यार को महसूस किया मुझे फक्र है कि
मेरा प्यार मेरी ताकत बना कमजोरी नहीं... लेकिन अब मैं थक गयी हूं तुम्हारे काबिल
बनते बनते... तो तुम्हारे दिल में अब भी मेरे लिए कोई अहसास हो तो मेरी शादी के
पहले बता देना..... नहीं तो तुम्हें पछताना पड़ेगा...
राहुल माया की शक्ल देखे जा रहा था...
माया- राहुल एक औऱ वादा करोगे मुझसे लेकिन पूरा कर सको तभी करना
राहुल – हां माया बोलो मैं पक्का पूरा करुंगा
माया- बेशक बुढ़ापे में ही सही मेरे साथ एक अच्छी सी डेट जरूर मार लेना...
मेरा experience बड़ा खराब रहा है तुम्हारे साथ.... माया कह कर
हंसने लगी औऱ हां condition apply है
...
राहुल – क्या
माया- पहली तो ये कि सिर्फ मेरे राहुल बन कर आना और दूसरा ये कि मैं प्लेन दोसा किसी भी कीमत पर नहीं खाउंगी
राहुल माया की बात को सुनकर हंसने लगा... पक्का वादा रहा माया मैं तेरे साथ
एक डेट पर जरूर जाउंगा... और तुझे प्लेन दोसा बिल्कुल नहीं खिलाउंगा ..
माया- चलो दिल को कुछ तसल्ली तो मिली...औऱ हां एक बात औऱ अगर तुमने मेरा ये
वादा पूरा नहीं किया तो मैं मर कर भूत बन कर तुम्हारे पास आ जाउंगी...
राहुल – उसकी कोई जरूरत नहीं है मैं डर जाउंगा मैं तेरे साथ पक्का डेट पर
जाउंगा...
माया- राहुल एक और ख्वाहिश पूरी करोगे मेरी
राहुल – बता ना माया मैं तेरे लिए कुछ भी करूंगा
माया- राहुल डेट पर बेशक तुम मुझे कुछ मत खिलाना बस एक बार अपने गले लगा
लेना मैं फिर शांती से मर सकूंगी....
तुम मुझे नहीं मिले मुझे इसका कोई दुख नहीं
लेकिन तुमं मुझे अगर एक दिन के लिए भी नहीं मिले... तो मेरे दिल को जन्म जन्म तक
सूकून नहीं मिलेगा.....
राहुल ने माया का हाथ पकड़ा और
बोला पक्का वादा रहा मैं इसे जरूर पूरा करूंगा.. औऱ वो शख्स बहुत ही ज्यादा LUCKY होगा
जिससे तेरी शादी होगी.. माया तू बहुत ही प्योर है... तेरे जैसी लड़की मैने आज तक
नहीं देखी.. माया राहुल की बात सुनकर हंसने लगी और बोली किस काम का राहुल ये सब
जिसकी दरकार थी वो तो मुझे मिला नहीं खैर तुम जाओ और अच्छे से मजे करना मेरी बातों
में फसोगे तो हमेशा की तरह फंस जाओगे मैं पागल हूं मेरे पास कोई काम नहीं है....
राहुल – अच्छा पीहूं कैसी है
माया – उसकी शादी हो गयी और मैं इतनी बड़ी वाली हूं कि उसकी शादी में भी ना
जा सकी अब वो बहुत खुश है अपने प्यार के साथ.... मेरी उससे रोज बात होती है ...
राहुल – अच्छा है कोई तो खुश है अच्छा चल मैं चलता हूं फिर तुझे फोन
करूंगा.......
माया- बस एक बात और मुझे बता देना
राहुल - क्या
माया - कुछ ना होते हुए भी मेरा तेरा क्या रिश्ता है ... दोस्ती के अलावा दोस्त तो मेरे बहुत है लेकिन तेरे साथ मेराा क्या रिश्ता है जवाब मिले तो मुझे जरूर बताना
To be continued
1 comment:
Words are not enough for this...
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