Thursday, 16 March 2017

MAYA "THE UNFOLD LOVE STORY " CHAPTER -19


AFTER SOME DAY

माया हर रोज की तरह आज भी अपने घर के काम जल्दी जल्दी निपटा रही थी.....आद्या के मेडिकल के रिजल्ट आज आने वाले थे..... आद्या बहुत ज्यादा नर्वस थी ... लेकिन माया को यकीन था उसकी बेटी जरूर मेडिकल पास कर जाएगी.... वहीं आदित्य के चेहरे पर तनाव  जबरदस्त था.... वो पूरे घर में चहल कदमी कर रहे थे... शायद आद्या का रिजल्ट उनके लिए इज्जत की बात बन चुकी थी...वहीं माया के दिल में कोई घबराहट नहीं बल्की राहुल ही चल रहा था..... कल माया की उसके राहुल के साथ डेट थी...

माया मन ही मन हंस रही थी... क्या जिंदगी है मेरी जिस उम्र में लोग भगवान को याद करते है और ध्यान करते है उस उम्र में मैं अपने पहले प्यार से मिलने की तैयारी कर रही हूं.....तो क्या हुआ प्यार भी तो पूजा की तरह ही है.. माया खुद को समझा रही थी और किचन में काम कर  रही थी...
तभी पीहूं का फोन आता है... माया की सीकुड़ी हुई नज़रों में चमक आ  जाती है... वो झट से फोन उठाती है....

माया- हाय पीहूं कैसी हैं तू....
पीहूं – अबे माया मैं भी दिल्ली ही शिफ्ट हो गयी हूं तू बता कब मिलेगी.....
माया- कमीनी पहले बताना था ना
पीहूं – मैं तुझे surprise  देना चाहती थी...
माया- तू भी ना आज तक बड़ी ना हुई
पीहूं – कैसे बड़ी हो जाती तू हुई है क्या
माया – हंसते हुए हां हम अब भी जवान है हमारे बच्चे इतने बड़े हो गए है औऱ हम बाते ऐसे कर रहे है जैसे कॉलेज में हो...
पीहूं – अच्छा राहुल से बात हुयी
माया- हां पीहूं फाइनली कल का दिन आ ही गया मेरी जिंदगी में कल मेरी राहुल के साथ डेट  है....
पीहूं – मुझसे मिलेगी कल
माया- पता नहीं लेकिन इतना जान ले तू....... मेरे दिल में हर वक्त तुम रहती हो.... मैं तुम्हें address भेज दूंगी कल तुम भी आ जाना

पीहूं – ना बाबा ना मैं तुम लोगो के बीच नहीं आउंगी

माया- पागल है तू कल के लिए मैने काफी प्लानिंग की फिर पता नहीं वक्त मिले ना मिले

पीहूं – क्यों माया ऐसे क्यों बोल रही है कुछ गड़बड़ है क्या

माया- खुद को सम्हालते हुए नहीं पीहूं कल का दिन मेरे लिए बहुत खास है मैं चाहती हूं तू भी मेरे साथ रह........ आएगी ना... देख भगवान भी चाहते है कि जब मेरा सबसे खास पल हो तो तू मेरे साथ हो....

पीहूं – माया के अंदर के दर्द को समझने की कोशिश कर रही थी लेकिन अभी तक वो समझ नहीं पायी थी......

माया ने पीहूं को भी नहीं बताया था कि उसको कैंसर है......

माया- अच्छा चल पीहूं मुझे कल  के लिए बहुत तैयारी करनी है... बाय

पीहूं – बाय माया

Yupppppppppppppppppppppppy   मैंने कर दिखाया आद्या तेज तेज से पूरे घर में चिल्ला कर अपनी खुशी जाहिर कर रही थी... माया को अपनी जवानी याद आ गयी थी.... आद्या माया को उठाकर नाचने लगी मां अब मैं तेरा सपना पूरा कर सकती हूं ...
माया की आखों से खुशी के आसूं छलक गए थे... उसकी बेटी ने वो कर दिखाया जो शायद माया नहीं कर पायी थी....माया बहुत खुश थी और आदित्या के चेहरे पर भी एक सुकून आ गया था....

आद्या- मां मैं कॉलेज जा रही हूं वहीं से अपने दोस्तों के साथ निकल जाउंगी ...

माया- ठीक है बेटा भगवान को हाथ जोड़ती जा.....

आदित्या- हां जी मैं भी जा रहा हूं.....जरा शेयर मार्केट का हाल चाल ले लूं...

माया ने उदास भरे लहजे में कहां हां ठीक है आदित्या जाओं.....

आदित्या की busy life  में माया के लिए कोई जगह नहीं था... माया ने भी गहरी सांस ली औऱ 
किचन समेट कर अपने कमरे में चली गयी .......
माया ने अपना I pad  निकाला और आद्या के लिए एक मेल टाइप करने लगी....

हाय आद्या

Mumma loves you very much u r my soul u r my everything 

 बेटा आज मैं तुम्हे वो बताने जा रही हूं जो तुम काफी वक्त से जानना चाहती थी...
बेटा प्यार किसी से भी हो सकता है लेकिन शादी उससे करना तुम जो तुम्हे प्यार करें अपनी शर्तों पर जिंदगी जिसको जीने के लिए मिल जाए... वो सबसे ज्यादा लकी होता है

and u are the lucky one बच्चा.... आज मैं खुश हूं तुम अपने पैरो पर खड़ी होने के लिए तैयार हो..... आद्या तेरी मां को भी किसी से प्यार हुआ था...शायद आज तक है लेकिन तेरी मां का पहला प्यार अधूरा रह गया था... क्योंकि तेरी मां में और लड़कियों जैसी बात नहीं थी.... पर पता है इसके बावजूद मैं अपने आपको लकी मानती हूं क्योंकि मेरी जिंदगी में दो बहुत ही अच्छे और सच्चें दोस्त मिले एक को तो तू बचपन से जानती है पीहूं मासी और दूसरा मेरा पहला प्यार ही मेरा सच्चा दोस्त था.......

आद्या मैं तुझे ये सब इसिलए बता रही हूं क्योंकि तूने पूछा था ना प्यार के लिए सीरत ज्यादा जरूरी है या सूरत बेटा... जिसके पास दोनो है उसी का प्यार ताउम्र चलता है और तेरे पास दोनो है तो तू हमेशा सर उठा कर चलना अपनी शर्तों पर किसी भी रिलेशन शिप में पड़ना कभी इतनी कमजोर मत बनना की कोई तुम्हें रूला सके.... तुम्हारी जिंदगी में आसूंओं की कोई जगह ना हो ऐसा मेरा आशिर्वाद है ...

आद्या पता है आज तक मैने तुझसे एक बात छिपायी बेटा मुझे यूट्स कैंसर है... और शायद अब आखिरी स्टेज पर है.. मैं कितने दिन रहूंगी मुझे खुद नहीं पता तू बोलेगी कि मां आपने मुझे पहले क्यों नहीं बताया...... 
आद्या मैं क्या बताती बेटा मेरे पास जीने की वजह सिर्फ तुम थी और अब तुम इस काबिल हो की अपनी दुनिया बसा सकती हो... तेंरे पापा को मेरी कोई जरूरत नहीं जो काम मैं करती हूं वो काम वाली बाई भी कर देगी ......

अब बचा मेरा पहला प्यार और मेरी दोस्त.... शायद जब तक तू इसे पढ़ेगी.. मैं उन दोनो से मिल कर फन कर रही होंगी... या फिर झगड़े नहीं पता .... कल मैं अपने पहले प्यार से मिलने जा रही  हूं.....आद्या ये बाते मैं तुझे सामने से भी बता सकती थी.... लेकिन बेटा तुझसे नजरे मिलाने की हिम्मत नहीं हुई... 

मुझे गर्व है कि तू मेरी बेटी  है .... मुझे गर्व है कि मैने अपनी सारी जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाया है...... मैं एक अच्छी बेटी बनी एक अच्छी बीवी बनी एक अच्छी मां बनी बस एक अच्छी प्रेमिका नहीं बन पायी इसी बात का अफसोस है शायद कल के बाद ये भी अफसोस ना रहे.... अपने पापा का ख्याल रखना और हमेशा खुश रहना......



तेरी मां



माया ने अपने मेल को 2 दिन बाद deliver  होने के लिए schedule  कर देती है ..... और आराम  से लेट गयी....
फिर थोड़ी देर बाद अचानक से उठी... और खुद को शीशे में निहारने लगी.... कैसी हो गयी है माया तू.... देख अपने आपको ऐसे जाएगी क्या राहुल से मिलने.... 

बालो को देख डाई के अंदर से  सफेद बाल दिख रहे चेहरा एक दम मुरझाया सा....माया सोच कुछ सोच क्या ऐसे जाएगी कल तू.... माया अपने अंदर ना जाने कहां से ढेर सारी energy लाती है और.. फटाफट तैयार होती है... 

अलमीरा से बैंक के लॉकर की चाभी निकालती है... कार की चाभी उठाती है और निकल जाती है.. आज माया काफी सालो बाद कार खुद ड्राइव करने के लिए तैयार थी.....माया  सबसे पहले beauty parlor  जाती है अपना फेशियल हेयर स्पा... बॉडी पालिशिंग पैडीक्योर मैनिक्योर वैक्स सब कुछ कराती है... पार्लर के अदंर सब माया को देख रहे थे..... माया इससे पहले वहां सिर्फ THREADING  कराने जाती थी.... माया ने पूरे 3 घंटे पार्लर में बिताए....

लेकिन माया जैसे ही वहां से निकलने लगी उसके पेट में तेज से दर्द उठा.... माया ने किसी तरह खुद को सम्हाला और बैंक के लिए निकल गयी.... रास्ते में उसने  दवाई खाई....और बैंक पहुंच गयी...

माया ने अपना ल़ॉकर ओपन किया उसके अंदर से माया ने राहुल का दिया हुआ पहला कार्ड निकाला जिसपर किसी और का नाम था और राहुल ने माया को पकड़ा दिया था जब राहुल और माया मिले थे पहली बार कॉलेज में ... माया ने कॉर्ड पर से धूल को साफ किया.... उसको अच्छे से पेपर में लपेट कर अपने पर्स में डाल लिया ... माया ने लॉकर से वो चुड़ियां निकाली जिसे माया ने पहली बार राहुल के लिए खरीदी थी.... कान के बूंदे निकाले ... और कुछ पिक्चरस जिसमें माया राहुल और पीहूं सभी थे.... माया ने सबको प्यार से सहलाया.... उसको अपने होठो से चूमा... और अपने पर्स के अंदर रख लिया..... 

माया बैंक से बाहर आ गयी अब उसका अगला  destination  था शॉपिंग मॉल .. माया ने वहां से अपने लिए एक अच्छा सा decent सा  evening gown  खरीदा और  दिल्ली में एक अच्छा सा रेस्तरां आइ पैड पर  search  करने  लगी..माया को एक बेहद ही शांत लेकिन happening ambiance  वाला रेस्तरां चाहिए था.... खैर माया को   खोजते खोजते  एक रेस्तरा मिल ही गया.... जो उसके घर से 1 घंटे की दूरी पर था... माया वहां पहुंच गयी और पूरे रेस्तरां को बुक कर लिया उसने मैनेजर को सब कुछ समझा दिया कि कल कैसी अंरेंजमेंट करनी है... 

मैनेजर को माया की बातों से लग रहा था.. माया किसी और के लिए ये सब प्लानिंग कर रही है... माया के पेट का दर्द अब और बढ़ गया था... साथ में माया तेज तेज खांसी किए जा रही थी... लेकिन माया के चेहरे की रौनक बरकरार थी.... उसको कोई फर्क नहीं पड़ रहा था ... कि उसके शरीर का क्या हाल है... माया को बस राहुल से मिलने का जुनून था..

 To be continued 

1 comment:

Ocean said...

.....uss aakhiri pal mei...sirf tu ho mere saath...ab sirf yahi tamanna