ऐसे तो राहुल कभी नजरें
मिला कर माया से बात ही नहीं करता था... लेकिन आज तो उसकी नजरे माया से हट ही नहीं
रही थी...हटती भी कैसे पूरे दो साल बाद दोनो एक
दूसरे को देख रहे
थे....राहुल की नजरे देख कर आज माया uncomfortable हो रही थी...
उसने अपनी झेप मिटाने के लिए राहुल
के सामने हाथ बढ़ाया... हैलो राहुल...लेकिन माया के हाथ कांप रहे थे... आज तक माया
और राहुल ने बस एक बार हाथ मिलाया था वो भी हॉस्पिटल में...राहुल ने जैसे ही हाथ
आगे किया माया ने अपना हाथ पीछे कर लिया और बोला..
माया- चलों राहुल कैंटीन
चलते है वहीं आराम
से बैठेंगे
राहुल ने भी अपना हाथ
पीछे किया और माया के पीछे पीछे चलने लगा... माया मन ही मन खुश थी कि अच्छा है सब
के सब क्लास में है कोई उसको disturb नहीं करेगा वो राहुल के साथ आराम से बाते कर
पाएगी...
राहुल माया के कॉलेज को
ध्यान से देख रहा था...कैंटीन में पहुंचने के बाद माया ने राहुल से पूछा तुमने
खाना खाया है...
राहुल – नहीं
माया- ठीक है मैं फिर खाना ही
मंगाती हूं तुम्हारे लिए
राहुल – नहीं कुछ नहीं लूंगा तुम परेशान मत हो...
माया- हद हो तुम आज तक
नहीं सुधरे ok wait मैं तुम्हारा कुछ फेवरेट मंगाती हूं...
माया राहुल को बोल कर
कैंटीन वाले के पास चली गयी और उसने एक प्लेन दोसा और चाय का ऑडर दिया... राहुल
अपने मोबाइल में ना जाने क्या देख रहा था.. वो आज भी वैसा ही था... कम से कम बोलना
और माया की ज्यादा से ज्यादा बक बक सुनना...
माया राहुल के समाने chair खींच कर बैठ गयी.....
राहुल – और बता कैसी है
तू
माया- बस ठीक हूं
तुम्हें अब फुरसत मिली.. ना
राहुल – अरे यार मैं काम
में फंसा हुआ था देख आया हूं ना..
माया- यहीं तो बात है
खैर मैं तुमसे किस हक से शिकायत करूं
राहुल ने बात को पलटते
हुए बोला...
राहुल – और आगे क्या
प्लान है
माया – बस यार अब यहां
तक आ गयी हूं तो और कुछ हो ना हो जॉब तो करनी है... घऱ की हालत उतनी अच्छी नहीं है
और मुझे एजुकेशन लोन भी चुकाना है... हर हाल में.. इसको मैं खुद चुकाना चाहती
हूं..
राहुल माया की बातों को
सुने जा रहा था... माया की आवाज में आत्मविश्वास था... वो कुछ भी करने को तैयार
थी....
राहुल – और क्या प्लान
है..
माया- हंसते हुए प्लान तो बहुत से थे लेकिन अब
लगता है कि सिर्फ इसी प्लान से काम चलाना होगा... छोड़ो इन बातो को तुम्हारी जॉब
कैसी चल रही है..
राहुल – एक दम अच्छी
मैने ऑस्ट्रेलिया में apply किया
है... बहुत जल्द मैं वहां जाने वाला हूं...
माया ने अपना सर पकड़
लिया अब मैं वहां तक तो ना भाग पाउंगी यार कह कर माया हंसने लगी
राहुल – क्यों तू भागेगी
मैं आउंगा ना...
माया – हां जैसे अभी आए
हो
कैंटीन वाला दोसा और चाय
लाकर टेबल पर रख देता है...
राहुल दोसे को देख कर हंसने
लगता है..
.
माया – सर आपका प्लेन
दोसा.....
राहुल – हंसते हुए सच
में उस दिन कितना मजाक बनाया था ना हमने
माया- तुम्हें याद है
इतनी पुरानी बात
राहुल – हां दोसा तो याद
ही है..
माया – धीरे से बोला और
भी कुछ याद है
राहुल – माया को देख कर
हंसने लगा... और बोला तेरे कॉलेज में सब कैसे है..
माया- मत पूछो सारे
जंगली यहीं भरे पड़े है.. एक से बढ़ कर एक तफरीबाज
राहुल – तेरा टाइमपास
अच्छा होता होगा..
माया- सीरियस होकर बोली
... हां यहीं तो करने आयी हूं मैं इतनी दूर
माया राहुल की बाते चल
ही रही थी.... माया की नजर कैंटीन के गेट पर पड़ी लगभग आधी क्लास वहां चुपचाप खड़े
होकर माया और राहुल को देखे जा रही थी... माया ने जैसे ही ये नजारा देखा गुस्से
में उठी और बोलने लगी..
माया- तुम लोग वहां
क्यों ख़ड़े हो आओ यहां मैं मिलाती हूं राहुल से...
राहुल इतनी भीड़ देख कर
सकते में था...
खुशी- फाइनली आज आपका
दीदार हो ही गया... हाय मैं हूं खुशी .... खुशी ने अपना हाथ आगे बढ़ाया तो राहुल ने भी हैंड शेक कर लिया....
सूरज – सर आपसे मिलने के
लिए हम सब बेकरार थे...
राहुल – हंसते हुए क्यों
भाई
सूरज- माया आपके नाम पर
हम सबको डराती है...
माया ने बीच में बात को
काटते हुए बोला ... हो गया तुम लोगो का
अब जाओं यहां से...
माया की डांट सुनते ही
सब के सब एक बार में गायब हो गये...
राहुल तेज से हंसने
लगा... और बोला तूने यहां भी अपनी डॉन गिरी नहीं छोड़ी है...
माया- हो गया तुम्हारा
और मजाक बनाना है मेरा तो बना लो... एक बार में फिर पता नहीं अब कितने साल बाद
मिलोगे मुझे तुम.... दो साल से उपर हो गये तब आज मिले हो.. और मिलते ही... फिर ना
मिलने का हिसाब किताब समझा दिया...तुमने.... माया की आवाज में उदासी छा गयी थी...
राहुल – तू परेशान मत हो
में जाने से पहले एक बार मिल कर जाउंगा..
माया- किस हक से राहुल
राहुल- अब ये भी बताना
होगा
माया- हंसते हुए मैं ही
पागल हूं तुम कुछ कभी बोलते नहीं हो और सारी बाते मैं ही करती हूं.... एक बात जान
लो तुम दुनिया में कहीं भी चले जाओं मैं दावे के साथ कह सकती हूं माया जैसी दोस्त
तुम्हें कभी नहीं मिलेगी... मेरी बस एक ही गलती है.. खैर जाने दो... लेकिन ये तो
पक्का है की माया से बेहतर दोस्त मिल जाएं तो बता जरूर देना मुझे...
राहुल माया की बाते
सुनकर खड़ा हो गया और बोलने लगा.. अच्छा मेरी मां एक बात सुन अब गुस्सा मत करना
माया- बोलो
राहुल- अगले हफ्ते मैं
फिर आउंगा लेकिन कॉलेज नहीं हम मार्केट में मिलेंगे...
माया- क्यों
राहुल – क्योंकि उसके
बाद मुझे वक्त नहीं मिलेगा....
माया उदास होते हुए
बोलने लगी.. तो ठीक है ना उस दिन भी मत मिलो वैसे भी मैं नहीं चाहती कि तुम परेशान
हो वो भी मेरी वजह से......
राहुल- अच्छा अब मैं
चलता हूं तुझको फोन करूंगा...
माय- ओके राहुल अपना
ध्यान रखना
राहुल – तुम भी अपना
ध्यान रखना खुश हूं मैं तुम्हें यहां देख कर
माया राहुल के साथ
कैंटीन के बाहर आने लगती है...और बाहर आते ही... माया के तफरी बाज दोस्त.. बाय सर
आते रहिएगा... बोल कर राहुल को विदा करने उसके पीछे चल देते है.. ऐसा लग रहा था
राहुल माया का दोस्त नहीं बल्की पूरे कॉलेज का खास मेहमान था...
राहुल ने माया को बाय
बोला... और आगे बढ़ गया... माया राहुल को तब तक देखती रही जब राहुल उसकी नजरों से
ओझल नहीं हो गया....
माया के दिल में दर्द
बहुत ज्यादा था ...लेकिन एक सुकून भी था इतने वक्त से माया जो झूठ बोले जा रही
थी... वो सही साबित हो गयी.. उसका मजाक नहीं बनेगा.... और दर्द था कि इतने सालों
भी माया आज भी वहीं ख़ड़ी थी जहां वो पहले दिन खड़ी थी.... उसको समझ ही नहीं आता था...
राहुल उससे प्यार करता है कि नहीं... कभी बात भी नहीं करता ढंग से तो कभी ऐसी बाते
कर जाता है कि लगता है उसको मुझे वक्त देना चाहिए...बाकियों जैसे वो है नहीं......... नहीं
तो अब तक मेरे इस पागलपन का फायदा उठा लेता वो......और मैं मना भी नहीं करती...
उसने कभी मजाक में भी.. मेरे साथ फ्लर्ट नहीं किया... वो चाहता तो कर सकता था..
मैं enjoy भी करती खुश भी रहती.... लेकिन राहुल ने ऐसा कोई काम
नहीं किया जिसकी वजह से मैं उसको गलत बोलूं... वो मेरी इतनी इज्जत करता है मेरा
ख्याल रखता है.. हां थोड़ा मूडी है कम बोलता है.... लेकिन कभी मुझसे दूर नहीं
हुआ.... अगर उसकों मैं थोड़ा भी पंसद नहीं होती तो इतने सालों में वो मुझसे बाते
करना बंद भी कर सकता था.. लेकिन उसने ऐसा नहीं किया...... राहुल बहुत अच्छा है बस
उसे थोड़ा वक्त चाहिए.. माया अपने मन में कब से बड़ बड़ किए जा रही थी... सारे सही
और गलत का फैसला माया का दिल ही करता
था.... लेकिन माया मैडम का दिल राहुल को कभी गलत नहीं समझता था.. मौका कोई
भी हो बात कोई भी हो राहुल की गलती उसमें
नहीं हो सकती थी.....माया का दिल हर हाल में राहुल को सही साबित करके ही रहता
था... माया गेट के बाहर खड़े खड़े सोचे जा
रही थी ..... तभी पीछे से सूरज आता है और माया के पीठ पर हाथ रखता है . और बोलता
है ...
सूरज – माया जी आपके वो
चले गए कब का अब आप अंदर आजाइए....... उनको गए 15 मिनट हो गए है... वैसे मानना
पड़ेगा तेरी choice बहुत अच्छी है..
बंदा smart था... तू औरो को घास नहीं डालती इसकी वजह आज पता
चल गयी...
माया सूरज की बाते सुनती
जा रही थी... और उसके मन में एक सुकून था... चलों कम से कम राहुल के आने के बाद
लोग उसकी बात को सच तो मानेंगे....
अब उसको रोज रोज बहाने
नहीं बनाने पड़ेंगे.... राहुल के नाम पर...माया को जैसे ही ये ख्याल आया कि राहुल
की बात तो मुझे पीहूं को भी बतानी है.. माया तेजी से computer lab की तरफ बढ़ गयी....
उसको डर था कि कहीं आज उसको system मिलेगा की नहीं.... जिसका डर था वहीं हुआ...
माया की seat जा चुकी थी....माया को पूरे 1 घंटे के इंतजार के
बाद फाइनली computer मिल ही गया .....और माया ने बिना वक्त गंवाए पीहूं के
साथ chating शुरु कर दी...
पीहूं – कहां थी तू आज
माया- राहुल के पास
पीहूं – क्यायायायायाया
माया – हां यार आज वो
मुझसे मिलने आया था
पीहू- wow
माया- सच में आज मैं
बहुत खुश हूं...लेकिन एक दुख की बात भी है
पीहूं – क्या
माया – अब वो
आस्ट्रेलिया जा रहा है... मैं कहां तक उसके पीछे भागूंगी... अब बस बहुत हुआ ...
पीहूं- उसने क्या बोला
माया- क्या बोलेगा बोला
अगले हफ्ते मिलने आएगा... मुझसे
पीहूं – तू पागल है.. वो
आ रहा है ना.. फिर... देख माया वो तुझे कभी नहीं छोड़ेगा...
माया- हां लेकिन कभी
प्रपोज भी नहीं करेगा... अकड़ू कहीं का ...
अच्छा चल बाय आज ज्यादा
बात नहीं हो पाएगी टाइम ओवर हो चुका है..
पीहूं – बाय माया अपना
ध्यान रखना और खुश रहना
अगले हप्ते मिलने जाना तो मुझे भी बताना... आखिर क्या हुआ मुझे लगता है इस बार वो तुम्हे ंप्रपोज जरूर कर देगा.....
to be continued
1 comment:
Done...👍
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