Saturday, 18 November 2017

अधूरी कहानी, chapter-14

शनाया फोन  निकालती है पर्स से और देखने लगती है....ओह हो यार ये तो पीछे ही पड़ गया है... शनाया गुस्से में फोन को देखे जा रही थी ऐसा लग रहा था की फोन ना आ गया हो कोई मुसिबत आ गयी हो.... शनाया फोन पिक करती है...
शनाया- गुस्से में हैलो बोलती है
उधर से अयान की आवाज़ आती है....क्या हुआ तुम ऑफिस से क्यों चली गयी
शनाया- मेरी तबियत ठीक नहीं थी इसलिए निकल आयी हूं क्यों कोई problem है
अयान- औऱ प्यार से बोलता है... अरे वही तो पूछ रहा हूं क्या हो गया
शनाया- बताना जरूरी है
अयान- बता दोगी तो मैं हो सकता है कुछ मदद कर सकूं
शनाया- प्लीज यार तुम्हें इतना स्वीट बनने की कोई जरूरत नहीं है मुझे पता तुम क्या सोचते हो और क्यों सोचते है.... एक बात और जान लो.. इस बार मैं तुम्हारे पापा से complain  कर दूंगी..
अयान – हंसते हुए उन्हें मैने खुद बता दिया है वो तुमसे इस बारे में खुद बात करेंगे
शनाया- ये सुनकर और झल्ला जाती है और बोलती है सही है मुझसे तो पूछ लेते मैं क्या चाहती हूं वैसे तुम्हें बता दूं मैं all ready किसी के साथ रिलेशनशिप में हूं आज से नहीं पिछले 15 सालों से
अयान- अच्छा तुम्हें देख कर तो बिल्कुल ना लगता कि कोई तुम्हारा boy friend  भी है... इतने सालों में वो तुमसे ना कभी मिलने आया ना कोई पिक्चर देखी तुम्हारी उसके साथ...ना कभी तुमने उसका जिक्र किया इंसान है कि भूत है वो...
शनाया को अयान की बाते बिल्कुल अच्छी ना लग रही थी.....वो गुस्से में अब चीख कर बोलती है तुम इतना सर पर चढ़े जा रहे हो सिर्फ इसलिए ना कि मैं तुम्हारे पापा के ऑफिस में जॉब करती हूं
अयान- मुस्कुरा कर बोलता है मुझे तुम्हारी यही अदा सबसे ज्यादा पंसद है... गुस्सा करती हो तो ना आगे का ना पीछे का सोचती हो....
शनाया- और गुस्से में हैलो मिस्टर अयान  mind ur business  ओके....अब तुम्हें मेरी यही अदा पसंद है तो सुनो फिर...... तुम्हारे अंदर ऐसा कुछ नहीं जो शनाया के अरनव के अंदर है.. तुम एक नंबर के लंफगे टाइप बड़े बाप की बिगड़ी औलाद हो.... आज अगर सर अपना हाथ हटा ले तो तुम बिखारी से ज्यादा कुछ नहीं हो..... मुझसे शादी का ख्वाब छोड़ दो और रहा सवाल तेरी नौकरी का तो भाड़ में गयी ऐसी नौकरी नहीं करनी मुझे... आयी बात समझ..
अयान- शनाया कूल हो जाओ मैने ऐसा क्या बोल दिया कि तुम मुझे गाली दिए जा रही हो... नहीं करना शादी मुझसे मत करों लेकिन अपना नुकसान मत करों....मैं तुम्हारा दोस्त हूं
शनाया- हैलो शनाया ऐसे किसी को दोस्त नहीं बनाती आयी बात समझ और तुम मेरे लिए सिर्फ मेरे बॉस के बेटे हो.....
अयान- ओके शनाया तुम चाहती  हो मैं तुम्हारा ख्याल दिल से निकाल दूं
शनाया- हां
अयान- अच्छा ठीक है निकला दूंगा अपने अरनव से एक बार मिला दे  जान तो लूं  सच में वो इंसान है या  तेरे सपने में ही आता है....
शनाया- बकवास बंद करों
अयान- चल मिला ना सही 15 सालों में एक पिक्चर तो होगी उसकी और तेरी साथ में वहीं भेज दे मुझको ....कम से कम ये तसल्ली तो होगी.... कि तू खुश है
शनाया- हो गया सेन्टी मारना... अब मेरी बात सुन... देख यार मुझे किसी से शादी नहीं करनी और ना प्यार करना है... मुझे सिर्फ अपनी लाइफ में आगे बढ़ना है.....सो प्लीज give me break
अयान- मतलब कोई अरनव नहीं है
शनाया के अंदर ही अंदर दर्द बढ़ जाता है  फिर भी वो खुद को सम्हाल कर बोलती है....
शनाया- अरनव है  उसका पूरा नाम अरनव बेदी है....
अयान- ओके क्या करता है
शनाया- क्यों बताऊं
अयान- कहां रहता है दिल्ली में?
शनाया- क्यों बताऊं
अयान – लास्ट तू उससे कब मिली थी
शनाया- क्यों बताऊं
अयान – आज तो पक्का सबसे पहले उसी ने तुझे विश किया होगा
शनाया- गुस्से में क्यों बताऊं
अयान- तुझसे तेरे बारे में बात कर रहा हूं तब भी गुस्से में है तू.. अच्छा आ जाना आज तेरे नाम पर पार्टी थी... इतना हक तो बनता है
शनाया- नहीं आना मुझे मेरी सच में तबियत खराब है
अयान- ठीक है जैसी तेरी मर्जी आ जाएगी तो अच्छा है मैने पार्टी कैंसिल नहीं की है क्योंकि कुछ ऑफिशियल लोगो को  भी बुलाया था.....
शनाया- मेरा इंतजार मत करना प्लीज मैं आने की कोशिश करूंगी और सॉरी मैने तुम्हें इतना उल्टा सीधा बोला... और हां एक बात और...अरनव है, जिंदा है, बहुत काबिल है
अयान- और आगे नहीं बोलोगी जैसे तुमसे बहुत प्यार करता है तुमसे शादी करने वाला  है
शनाया- तुम फिर शुरु हो गए... चलो मैं तुम्हें बाद में कॉल करती हूं बाय
अयान- बाय शनाया...... अयान फोन रखते ही सोचने लगता है फर्जी में बोल रही थी कोई अरनव वरनव नहीं है..... मैं थोड़ा और इंतजार करूंगा अगर जबरदस्ती कुछ बोला तो कहीं जॉब ना छोड़ दे... देखते है आज पार्टी में आती है या नहीं
इधर शनाया अयान का फोन रखते ही कार के अंदर बैठती है और रोने लगती है.... क्या किस्मत है मेरी मैं किसी को बता भी नहीं सकती दिखा भी नहीं सकती कि अरनव कौन है.....सही तो बोल रहा था.. अयान कि इंसान है या भूत है वो... पिक्चर तो दूर की बात मेरे पास तो उसके विश वाला मैसेज भी नहीं है... आज का दिन इतना खराब जाएगा मैने सोचा भी नहीं था.... खैर सबकी अपनी अपनी किस्मत है लेकिन इतना तो तय है अरनव मेरा कभी नहीं होगा.. और मैं किसी और की कभी नहीं होना चाहती.... भाड़ में जाए ये अयान बड़ा आया मेरे साथ शादी करने वाला...शनाया कार स्टार्ट करती है और घर की तरफ चल देती है.....
घर पहुंचते ही वो अपना साड़ी चेंज करके लोअर और टी शर्ट डाल  कर  बेड पर लेट लाती है....उसका मन  बेचैन होने लगता है....वो सोचने लगती है... काश मैं अपने घर पर होती ये अकेलापन आज के दिन मुझे बिल्कुल अच्छा ना लग रहा लेकिन घर भी नहीं जा सकती  इतनी बद्किस्मत हूं मैं... शनाया मोबाइल उठाकर अरनव का स्टेटस देखने लगती है 1 घंटे पहले ही वो ऑनलाइन था... शनाया मोबाइल एक तरफ रखती है और सो जाती है....दिल में उसके बस एक ख्याल रहता है....मेरा प्यार मेरे जज़्बात मैं किसी को क्यों proof  दूं की अरनव है या नहीं इंसान है या भूत है.. मुझे प्यार करता है या नहीं.. सबसे ज्यादा ज़रूरी बात  ये है कि मैं करती हूं ना बस बात खत्म.. शनाया यहीं सब सोचते सोचते सो जाती है....
रात 8.30बजे
शनाया की फोन की घंटी बजने लगती है.... कई रिंग आते है...अचानक शनाया की नींद खुलती है.. उसका सर भारी हो रखा था.. ऑखें सूज गयी थी बदन में तेज दर्द हो रहा था... फोन को बिना देखते ही बोलने लगती है पता नहीं किसको आग लगी है जब देखो तब बजता ही रहता है... शनाया फोन देखती है और देखते ही चौंक कर बैठ जाती है...तब तक फोन कट जाता है.. शनाया की आखों में चमक आ जाती है.... अरे ये कैसे गधे का फोन कैसे आ गया.... शनाया अपने फोन का लॉग बुक चेक करती है 10 मिस कॉल होते है जिसमें से 5 तो अयान ने ही किया था.. बाकी 2 कॉल रीया ने किया था एक कॉल घर से आय़ी थी एक काजल ने किया था और अभी ये अरनव का मिसकाल था... शनाया बिना वक्त गवांए... अरनव को कॉल करती है
शनाया- हां अरनव बोलो तुमने मुझे कॉल किया था.. शनाया अरनव के सामने एक दम फार्मल हो कर बोलती है जैसे उसको अरनव के फोन का इंतजार ही नहीं था...
अरनव-हां भाई कैसी है तू
शनाया- मन ही मन जीवन भर भाई ही बोलते रहना... मैं ठीक हूं तुम सुनाओ
अरनव – बस मैं मैगी बना रहा था तो सोचा तुझे कॉल कर लूं
शनाया- क्या मैं मैगी  हूं या मेरा नाम मैगी है जो तुम्हें मैगी बनाते बनाते मेरा ख्याल  आ गया
अरनव – हंसने लगता है नहीं ऐसी बात नहीं है...
शनाया- और नायरा कैसी है
अरनव – हम अच्छें है...
शनाया मन ही मन फिर बोलने लगती है हम अच्छे है का क्या मतलब है...नायरा इसके साथ ही है क्या
शनाया- कूल है औऱ शादी की तैयारी चल रही है डेट फाइनल हो गयी ..
अरनव – नहीं डेट अभी फाइनल नहीं हुयी है
शनाया- नायरा को अब तो कोई शिकायत नहीं ना मुझसे... अब तो तुम मुझसे बात भी नहीं करते
अरनव – नहीं यार ऐसा कुछ नहीं है वो बहुत अच्छी है
शनाया- जाहिर सी बात है अच्छी ही होगी तभी तो तुम्हारी WIFE है होने वाली
अरनव- बहुत ही फिकी सी हंसी हंसता है औऱ बोलता है अच्छा चल अब मैं रखता हूं
शनाया ये सुनते ही गुस्से में आ जाती है.. और बोलती है तुम्हारा अच्छा है..तुम्हारी  लाइफ में कुत्ता बिल्ली भी ट्रेंड करने लगता है तो तुम मुझे अपडेट करते हो.... मैगी बनाते हो तो मुझे अपडेट करने के लिए फोन करते हो.. लेकिन मेरा BIRTHDAY  wish  करने के लिए तुमने मुझे आज तक नहीं किया वैसे भी कर दोगे तो तुम्हारा खजाना जो लूट जाएगा.. धर्म भी नष्ट हो जाएगा.... अच्छा है चलो रख दो फोन
अरनव- हंसते हुए .. आज तेरा जन्मदिन  है
शनाया- गुस्से में नहीं मेरे गली के कुत्ते का जन्मदीन है
अरनव- happy wala birth day  भाई
शनाया- और गुस्से में आ जाती है और बोलती है मेरा नाम तो है नहीं मैं तो लावारिस पैदा ही हूं ना मैं लड़की हूं मुझे भाई भाई बोलते रहते हो ये सब कहते कहते शनाया के ऑखों में आसूं आ जाते है....
अरनव- happy birth day shanaya
शनाया- फिर से बोलो
अरनव - happy birth day shanaya
शनाया – और तेज से बोलो ना जाने फिर कभी सुनने को मिलेगा भी की नहीं
अरनव – मरवाएगी क्या मुझे अंदर नायरा  है मेरी मां से बात कर रही है... वो सुन लेगी
शनाया- ठीक है मत बोलो... तुम्हे याद है कभी तुमने मुझे विश किया हो
अरनव कोई जवाब नहीं देता
शनाया- खैर कैसे करते ये सब उसको किया जाता है जो उसका कुछ लगता हो.... खैर छोड़ो आज का दिन मैं हमेशा याद रखूंगी अपने ज़हन इससे अच्छा मेरा कोई birth day  नहीं था और ना कभी होगा.... थैक्स अरनव मुझे इतनी अच्छी यादें देने  के लिए.....
अरनव कुछ नहीं बोलता है चुपचाप सुनता है
शनाया- जो चीज लोगो के लिए बिल्कुल आम बात है मेरे लिए देखो कितनी खास है खैर...
अरनव- तू आज पार्टी नहीं कर रही
शनाया- कर ली अभी दो मिनट पहले तेरे साथ
अरनव- मतलब दोस्तों के साथ
शनाया – नहीं प्लान किया था लेकिन सुबह कुछ पंगा हो गया तो मैं गई ही नहीं...
अरनव-और बता
शनाया – कुछ नहीं मेरी लाइफ में सब वैसा ही है.. शनाया का मन हुआ कि अयान वाली बात उसको बता दे... लेकिन आज तक शनाया ने अरनव से सिर्फ अरनव की ही बाते की है.. उसकी अपनी लाइफ में क्या सियाप्पे चल रहे वो नहीं बोलती है.. डरती है वो कहीं अरनव उसका मजाक ना बना दे....
शनाया- चल अरनव मैं रखती हूं..... बाय
अरनव- बाय
शनाया फोन रखते ही पूरे घर में कूदने लगती है नाचने लगती है चलो आज वो हो गया जिसका मुझे इंतजार था.... शनाया ज़ोर ज़ोर से चिल्ला कर अपनी खुशी जाहिर करती है....
TO BE CONTINUED


7 comments:

Rati said...

Interesting

Unknown said...

Really interesting

Mamta said...

Still worried about her.

tulika singh said...

😘😘😘😘😘😘

tulika singh said...

Tx dear

Ocean said...

"kabhi toh kuch kahoge tum,
Kabhi toh woh khamoshi sunoge tum,
Main har pal tumhare saath hu,tumare sayei ki tarah...
Kabhi toh mujhe humsafar ki tarah chunoge tum....

tulika singh said...

Kabhi nahi ye baate sirf khwab hai shanaya ke liye