Friday, 10 November 2017

अधूरी कहानी , episode -12


रात के 11 बज चुके थे... रीया भी घर जा चुकी थी लेकिन शनाया अब भी वहीं उदास सी बैठी हुयी थी.... अरनव की एक भी खबर ना मिल पायी थी उसको, उसका दिल जोर से धड़क रहा था....वो सोचने लगती है.. कैसी अजीब है मेरी जिंदगी  एक दिन पहले तक मैं इस बात पर फुदक रही थी... कि अरनव से मेरी इतनी देर तक बात हुयी और आज देखो मुझे खुद नहीं पता अगले पल कौन सा तुफान आने वाला है.. अचानक शनाया को अपनी दोस्त काजल याद आती है....यार काजल से कितने महीने हो गए मैने बात नहीं की.. एक बार उसको बोलती हूं वो गुजरात में रहती है क्या पता गुजरात का नंबर देख कर अरनव फोन उठा ले.. या फिर कोई अपडेट मिल जाए.. काश आज नायरा सच में उसके साथ हो तो कम से कम वो अपना कुछ भी बुरा नहीं करेगा.. बाकी जो भी हो... शनाया काजल को फोन लगाती है...

शनाया- हाय काजल इतनी रात में परेशान तो नहीं किया ना तुझे
काजल – हाय कैसी है तू इतनी फार्मल क्यों बन रही है.. और बता कहां है आज कल ना कोई फोन ना मैसेज ना कोई खबर....
शनाया- बस ऑफिस के काम में BUSY थी यार
काजल- शनाया क्या हुआ है तेरी आवाज में आज वो खनक नहीं है
शनाया- बस थोड़ा परेशान हूं...
काजल – क्या हुआ अब बोलेगी.. हमारे बीच इतनी दोस्ती तो है ही कि तू मुझे कुछ भी बता सकती है
शनाया- मेरा एक काम करेगी..
काजल – क्या
शनाया- एक नंबर भेज रही हूं इस पर कॉल कर कुछ भी बोल देना गलती से लग गया या कुछ भी जो तेरा दिल करें बस मुझे इतना जानना है कि फोन कोई उठा रहा है या नहीं....
काजल – कौन है ये
शनाया- तू जानती है
काजल- अरनव ?
 शनाया- हां
काजल- wow तुम लोग फिर से  connected  हो गए  great news यार
शनाया- फीकी सी हंसी हंसते हुए और हां और अब disconnect  भी हो गए हर बार की तरह
काजल – क्या हुआ
शनाया- कुछ  नहीं तू बस मुझे बता जल्दी से
काजल- ओक थोड़ी देर में तुझे करती हूं चल बाय
शनाया- बाय

शनाया काजल का फोन रखते ही अपना पर्स उठाती है और ऑफिस से बाहर निकल जाती है.....सर्द रात में दिल्ली की सड़के और मनहूस लग रही थी....शनाया अपनी कार को 80-100 की रफ्तार में आगे बढ़ाती है... उसका दिल बेचैन रहता है.. वो सोचती है आखिर मैने अरनव से क्या ऐसा मांग लिया जो उसको इतनी तकलीफ हो गयी... सच तो ये है मैं उसको  पाना  ही नहीं चाहती, बस अपने लिए थोड़ा सी जगह उसके दिल में, थोड़ा सा केयर लेकिन मेरी गलती ये है कि मुझे उसको अपनी किसी  feeling  के बारे में बताना ही नहीं चाहिए था...  पर मैं तो ठहरी एक नंबर की बक बक करने वाली दिल में कोई भी बात मजाल जो रख लूं.....हे भगवान  वो बस ठीक रहे फिर मुझसे बात करे या ना करें कोई बात नहीं आज तक कौन सा वो मेरा था जो आज हो जाएगा....शनाया रेडलाइट पर ब्रेक लगाती है...तभी काजल का फोन आता है.....

शनाया- हां बोल उठाया क्या उसने
काजल – नहीं यार मैने कई बार लगाया  उसका answering machine  on है
शनाया- थकी हुयी आवाज में ओह कोई ना थैंक्स यार तुझे रात में इतनी तकलीफ दी
काजल – पागल है क्या तू क्या हो गया है तुझे
शनाया- अच्छा सुन मैं रखती हूं.... लाइट ग्रीन होने वाली है.....कल सुबह तुझे बताती हूं
काजल – ओके बाय
शनाया अपने घर की तरफ गाड़ी बढ़ा देती है... और सोचने लगती है अब तो रात के 12 बजने वाले है अब तो नायरा भी नहीं होगी उसके पास एक बार मैं भी ट्राई करती  हूं...
शनाया घऱ पहुचंते ही सबसे पहले अरनव को कॉल करती है लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ... शनाया अब उसको  sms  करती है

Pagal  ho tum gadhe ho tum phone kyu ne pik kr rahe ho phone pik karo aur mujhse baate karo itne bade vale gadhe ho tum  

शनाया मैसेज करते ही फिर फोन करती है इस बार भी वो फोन पिक नहीं करता शनाया के दिल की धड़कन बढ़ती जा रही थी .. शनाया फिर से उसको मैसेज करती है और फोन लगा देती है.... लेकिन वो फोन पिक नहीं करता है... तभी शनाया को अरनव का एक sms आता है...मैं अकेले रहना चाहता हूं मुझे किसी से बात नहीं करनी है....शनाया मैसेज पढ़ते ही गुस्से से लाल हो जाती है और उसको  reply करती है.... seriously तुम किसी से बात नहीं करना चाहते हो तुम इतने बड़े वाले हो कल से तुम्हें इतने सारे कॉल किए मैसेज किए... और तुमने एक बार भी ना सोचा मुझ पर क्या गुजरी होगी खैर तुम क्यों सोचोगे.. चलो अब  फोन पिक करों.. और अगर इस बार ना किया तो सोच लेना उठवा लूंगी कल तुम्हें मैं तुम्हारे ही ऑफिस से दिमाग खराब कर रखा है.. पागल हो गए हो तुम
शनाया मैसेज भेजते ही अरनव को कॉल करती है.... इस बार अरनव फोन  उठा लेता है
शनाया- यार तुम कैसे बेवकूफ इंसान हो तुम्हे इतनी सी बात समझ नहीं आती कि ऐसे फोन इंटरनेट नहीं बंद करते...पागल हो तुम, गधे हो तुम, और भी बहुत कुछ हो तुम, खुद ही समझ लो दुनिया की सारी गालियां हो तुम... शनाया गुस्से में बोले जा रही थी और उसके ऑखों से आसूं गिरते जा रहे  थे.. उसकी आवाज कांप रही थी...

अरनव- मुझे किसी से बात नहीं करनी थी
शनाया- किसी से नहीं बोलो ना साफ साफ शनाया तुझसे मुझे बात नहीं करना अब मेरा दिल भर गया है तू मुझे बहुत पकाती है..
अरनव शनाया की बाते सुने जा रहा था चुपचाप
शनाया- तुम्हें पता है कल से मेरी क्या हालत हो रखी है तुम्हे  इतने सारे कॉल किए लोगो से करवाएं.. तुम सच में बड़े ही खुड़ूस इंसान हो अच्छा एक बात बताओ जरा
अरनव- क्या
शनाया- वो कल यूट्यूब पर क्या कर रहे थे मेरा दिल एक दम से बैठ गया था
अरनव- कुछ नहीं बस ऐसे ही
शनाया- ऐसे ही पता है तुम्हें कितना सब कुछ डरावना था... ऐसा लग रहा था तुम खुद को मारने वाले हो मरने का इतना शौक है तो दिल्ली आ जाओं मैं खुद तुम्हें मार देती हूं  फेसबुक लाइव भी कर दूंगी .. गधे कहीं के
अरनव – ऐसा नहीं है.. यार मैं बस कुछ वक्त अकेला रहना चाहता था....
शनाया- अच्छा अकेला या फिर मेरी बात बुरी लग  गयी थी  तुम्हारा male ego टूट गया होगा ना शनाया मुझसे कैसे बात करना बंद कर सकती है ये हक तो सिर्फ मेरे पास है..
अरनव- ऐसा नहीं है
शनाया- सही है मुझे लेकर तुम कब क्या सोचते हो मुझे सब पता चल जाता है.... ये बात अलग है कि मैं तुम्हारी कुछ नहीं लगती........चलो अब  promise  करों आगे से तुम ऐसा नहीं करोगे.... मैं बार बार कहती हूं तुम्हें जब भी मुझसे दूर जाना हो मुझे बता कर जाना ऐसे मत जाना मेरी तकलीफ बढ़ जाती है....अब मुझे बताओगे कल क्या हुआ था...
अरनव – कुछ नहीं बस नायरा से थोड़ा अनबन हो गयी थी तुझे लेकर
शनाया- हे भगवान मुझे लेकर क्यों
अरनव – वो तू मेरी केयर करती है वो उसे पंसद नहीं है
शनाया- ओके एक बात बता आज फिर से पूछ रही हूं
अरनव – क्या
शनाया- क्या तू मुझे खोना चाहता है
अरनव- नहीं लेकिन मैं नायरा को भी नहीं छोड़ सकता

शनाया- मैने कभी भी तुझसे कहा कि तू उसको छोड़ दे.. उल्टे मैं तुझे आइडिया देती हूं कि तू उसको और pamper  करें... मेरी भी क्या किस्मत है खैर छोड़ इन बातों को तू एक काम क्यों नहीं करता ..अपनी प्राइवेसी बनाना सीख.... उसको बुरा लगना लाज़मी है यार या तो उससे मेरी बात करा दे मैं उसको यकीन दिला दूंगी की मेरा तेरे अरनव को अपना बनाने का कोई ख्याल नहीं है और आज की हरकत के बाद तो उसको सिर्फ मारने का मन कर रहा है...

अरनव- हंसने लगता है और बोलता है तूझे क्या लगता है तू बोलेगी और वो मान लेगी....
शनाया- अरनव प्लीज प्लीज प्लीज आगे से ऐसा मत करना यार तुम नहीं जानते कल से मैं कितनी बार मरी हूं....चलो अब मैं रखती हूं बाय

अरनव – बाय

शनाया फोन रखते ही सोचने लगती है काश अरनव के दिल मेरे लिए थोडी सी जगह होती... कभी लगता है थोड़ी नहीं बहुत ज्यादा है... लेकिन कभी लगता है... वो आज भी वैसा ही है.... सच तो ये है कि में उसके साथ दोस्तों की तरह पागलपंती करना चाहती हूं.. उसके मजे लेना चाहती हूं उसके साथ मस्ती करना चाहती हूं उसके साथ अपनी हर बात शेयर करना चाहती हूं...मेरा प्यार तो बस यहीं चाहता है.. बाकी वो अपनी लाइफ में कुछ भी करें मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता....हां इन सब के साथ एक बार ही सही लेकिन दिल से उसकी जुबा से सुनना चाहती हूं कि शनाया मुझे तुझसे प्यार हो गया है... मेरा प्यार इतना खुदगर्ज नहीं जो उसको तकलीफ में डाले मैं तो सिर्फ इस एक लाइन और थोड़ी सी केयर के भरोसे अपनी पूरी जिंदगी काट लू... लेकिन मेरे नसीब में शायद ये भी नहीं है.. देखो आज से शुरुआत हो गयी है  उसके दूर जाने की अब एक –एक पल मेरे लिए कीमती है....वो कभी भी जा सकता है हमेशा के लिए... काश मैं गलत होती लेकिन ऐसा नहीं होगा उसको लेकर मेरे दिल से जो भी आवाज आयी वो सच साबित हुयी....

To be continued


8 comments:

Ocean said...

Kyo hamesha uske daaman mei sirf aansu aaye...
Tulika....You are wonderful 👌
Ek ek shabd mei...Dil ki gehrayi hai

Rati said...

Wowww wonderful....waiting for next episode...

Unknown said...

What a true love. I can feel all that emotions ❤️❤️

tulika singh said...

😘😘😘

tulika singh said...

Tx dear next friday i will post

tulika singh said...

Tx for the wonderful comment u feel all emotion that is compliment for me😘😘

Mamta said...

Words express so deeply her sorrow and I feel it.

tulika singh said...

Tx dear😘😘😘keep reading and share with ur friends