Thursday, 23 April 2020

Adhuri Kahani part2 , episode -6


मसूरी जाने की खबर सुनकर शनाया गहरी सोच में डूब गई थी....उसके ज़हन में कई सवाल एक साथ चल रहे थे...जाना तो वो चाहती थी मसूरी लेकिन उसकी सोच एक ही जगह पर आ कर रूक गई...बड़ा सोचते हुए उसने एक नंबर डायल किया...
शनाया – हैलो
सामने से जवाब आया हां बोलो कैसी हो
शनाया –मैं ठीक हूं मुझे आपसे कुछ कहना है
व्यक्ति – बोलो
शनाया –मैं परसो मसूरी जा रही हूं
व्यक्ति-किसके साथ
शनाया- अपने दोस्तो के साथ
व्यक्ति –जाना जरूरी है
शनाया-हां
व्यक्ति – कितने लोग हो
शनाया- नहीं पता
व्यक्ति – (काफी गुस्से में ) ये क्या बात हुई
शनाया –चलिए मैं रखती हूं  आपको बताना था तो बता दिया
शनाया फोन काट देती है और अपने गले में लटके हुए लॉकेट को बड़े गौर से देखने लगती है...शनाया के चेहरे पर एक अजीब सी बेचैनी और उलझन दिखाई देने लगती है
NEXT DAY AT 12 PM
काजल शनाया को खोजते हुए सीधा कॉलेज की लाइब्रेरी में पहुंच जाती है, शनाया किताब को पढ़ने में इतनी व्यस्त थी कि उसे काजल के आने की खबर ही ना मिली
काजल – कहां खोई हो कब से कॉल कर रही हूं
शनाया – अरे तू कब आयी
काजल- तभी जब तुम इस दुनिया में नहीं थी क्या हुआ सब ठीक है
शनाया – हां सब ठीक सुन मसूरी चलेगी कल
काजल – मसूरी लेकिन क्यों किसके साथ
शनाया – चिढ़ते हुए बोलती है, प्रधानमंत्री ने बुलाया है भंडारा है
काजल – हंसते हुए बोलती है वाह तब तो मैं जरूर जाउंगी.. मजाक छोडो बताओ ना किसके साथ
शनाया – अरनव के साथ
काजल – वाह जी वाह सर ने खुद कॉल किया था क्या
शनाया –हां
काजल – मुझे लगा केतन ने
शनाया –क्यों
काजल –क्योंकि उसका क़ॉल मेरे पास आया था मैने सोचा तुझसे मिलकर ही पूछूंगी
शनाया – ओके
काजल-पर क्या तूने उनसे परपमिशन  ले ली
शनाया – गुस्से में नहीं बता दिया है
काजल-ओके गुड चल फिर यहां क्यों बैठी है पैकिंग करते है 2 दिन  पूरी मस्ती
NEXT MORNING 6 AM
अरनव, केतन, अनय और उसकी जीएफ साक्षी सब एक साथ ओपन जीप  में बैठकर शनाया के हॉस्टल के बाहर हार्न बजा रहे थे..केतन ड्राइविंग सीट पर बैठ कर बैक मिरर से देखे जा रहा था उसको इंतजार था तो काजल का...अपनी टी शर्ट की बाजू को ठीक करते हुए केतन बोलता है
केतन – सुन लो सब ड्राइव मैं करूंगा मसूरी तक और मेरे बगल में काजल बैठैगी....
केतन की बाते सुनकर सब एक साथ उसकी तरफ देखते है और बोलते है मुंगेरी लाल के हसीन सपने देखना कब बंद करेगा... केतन सड़ी सी शक्ल  बना कर सबको देखने लगा  तभी  बैक मिरर में काजल और शनाया नजर आती है.... काजल ने white jeans  और pink top  पहन रखा था खुले बालो में वो बला की खूबसुरत लग रही थी और शनाया को देखते ही अरनव  हैरान था...हाई पोनी बाल ब्लैक कलर की टाइट ट्रैक पैंट और ब्लू कलर की क्रॉप टॉप आंखों पर काला चश्मा..WHITE SHOES पहने शनाया को देख कर अरनव की आंखें खुली रह गयी थी...उसके मन में अब वो सवाल और गहरे हो गए थे..शनाया आखिर है कौन. कुछ अलग है इसमें... अरनव ख्यालों में खोया था तभी उसके कानो में तेज आवाज आयी,  शनाया केतन की साइड खड़ी होकर उस पर चिल्ला रही थी
शनाया –ओय केतन चल उठा जा इधर से
केतन – क्यों
शनाया – मैने बोला इसलिए
केतन –लेकिन मैं अच्छी ड्राइव करता हूं
शनाया-तू उठेगा या मैं जाऊं
केतन अरनव की शक्ल देखने लगता है और मन ही मन बोलता है भाई अब क्या करूं
अरनव धीरे से मुस्कुराता है और बोलता है
अरनव – क्या हुआ शनाया क्यों उठा रही हो उसको
शनाया बड़े ही अदब से बोलती है –क्योंकि मुझे ड्राइव करना है
शनाया की ड्राइव वाली बात सुनकर अनय साक्षी काजल सब गाड़ी से उतर कर एक तरफ खड़े हो जाते है
 शनाया – क्या हुआ तुम लोग उतर क्यों गए
काजल- सुन मुझे मस्ती करनी है ऐडवेंचर नहीं
शनाया – गुस्से से क्या मतलब
काजल – मतलब ये कि तुम ड्राइव नहीं करोगी
काजल की बाते सुनकर केतन खुश हो जाता है औऱ बोलता है सुन लिया शनाया मैं ही ड्राइव करूंगा, शनाया गुस्से से केतन को देखती है और बोलती है तुम तो नहीं ही करोगे बाकी कोई भी कर ले
झगड़े को बढ़ता देख अरनव बीच में बोलता है अच्छा मैं कर लूं
शनाया अरनव को देखने लगती है और चुप हो जाती है इधर सब एक साथ कहते है हां भाई तुम ही कर लो
केतन, काजल , साक्षी, अनय सब जीप में फटाफट पीछे बैठ जाते है....शनाया काजल की शक्ल देखने लगती है
काजल धीरे से मुस्कुराती है और इशारा करती है जा आगे बैठ जा..
अरनव साइड वाली सीट का डोर ओपन करता है और शनाया को देखने लगता है, शनाया बिना कुछ बोले आगे की सीट पर आकर बैठ जाती है... अरनव ड्राइविंग सीट पर बैठता है अपना चश्मा लगाता है...शनाया चुपके से अरनव को देखती है...white color   की hood वाली टी शर्ट और ब्लू जिंस में अरनव आज रोज से ज्यादा स्मार्ट लग रहा था... अरनव अपनी बाजू को थोड़ा सा ऊपर करता है और तेज से बोलता है then guyz r u ready..
सब एक साथ तेजी से बोलते है YUPPPPPPPI GGGGGGGGOOOOOOOO
मेन सिटी से जैसे ही हाइवे पर इनकी गाड़ी पहुंचती है.. पीछे से 2 आर्मी की जीप इनके पीछे लग जाती है....अरनव एक बार बैक मिरर से देखता है फिर इग्नोर कर देता है .. सब के सब फुल ऑन मूड में गाने गाए जा  रहे थे... एक दूसरे की टांग खींच रहे थे...केतन कोई मौका नहीं छोड़ रहा था काजल को पटाने का... लेकिन शनाया की शक्ल उतरती जा रही थी ... अरनव ने एक बार शनाया को देखा और पूछा
अरनव – R U OK ?
शनाया – YUP वो बस थोड़ा सा
अरनव – क्या थोड़ा सा
तभी बीच में काजल बोलती है पहले गाने बंद करों अरनव
अरनव – ओके
काजल- शनाया वॉमेट लग रही है
शनाया – बिना कुछ बोले सर हां में हिला देती है
अरनव, शनाया की शक्ल देख गाड़ी रोक देता है...और बोलता है
अरनव – थोड़ा सा यहां ब्रेक लेते है  फिर आगे बढ़ते है..
सब के सब गाड़ी से बाहर आ जाते है.. और केतन  बीयर की बॉटल खोलने लगता है, काजल बीयर की की बॉटल देखते ही केतन को डांट देती है... और बोलती है पागल हो क्या यहां मत पीयो पहुंच जाना फिर पीना..
दिख ना रहा शनाया की तबियत ठीक नहीं है..केतन काजल की डांट सुनकर बिना कुछ बोले बॉटल अंदर रख देता है और अनय की शक्ल देखेने लगता है...इधर शनाया चारो तरफ की ग्रीनरी, देखकर खुश हो जाती है कोयल की मीठी आवाज उसके दिल को बड़ा सुकून पहुंचा रही थी, अरनव गाडी की बोनट पर बैठकर कभी शनाया को देखता तो कभी दोस्तों से बातो में लग जाता...
 अचानक शनाया को तेज उल्टियां शुरु हो जाती है...उसकी हालत देख काजल और अरनव दोनो उसकी तरफ भागते है.. अरनव के पहुंचते ही काजल थोड़ा सा पीछे हो जाती है और अरनव को बोलती है तुम उसकी पीठ सहलाओं मैं पानी लेकर आती हूं...
 अरनव शनाया के पीठ पर हाथ रखने तो जाता है लेकिन उसके हाथ रूक जाते है उसको समझ नहीं आता क्या करें, शनाया की आखें लाल हो चुकी थी वो उल्टी किए जा रही थी और रोए जा रही थी... अरनव से नहीं देखा गया और वो शनाया की पीठ सहलाने लगा...अरनव के छूते ही शनाया एक दम ठंडी पड़ गयी थी.. और अरनव के माथे पर भी मोटे मोटे पसीने की बूंदे टपकने लगी थी..
शनाया एक दम से सीधी होती है और अरनव को देखती है, इशारा करती है कि अब वो ठीक है.. काजल पानी लेकर आती है उसका मुंह धुलाती है और आराम से पेड़ के पास बने बेंच पर बैठाती है.. औऱ गुस्से से बोलती है
काजल- बोला था कुछ खा लो लेकिन नहीं किसी की नहीं सुनती हो तुम खाया होता तो ये हालत ना होती..
शनाया काजल की शक्ल देखती है और हंसने की कोशिश करती है..इधर काजल अरनव को बोलती है अब ये पूरे रास्ते ऐसे ही जाएगी अभी तो आधा रास्ता भी पूरा ना हुआ
अरनव –कोई बात नहीं हम आराम से जाएंगे, शनाया तुम ठीक हो अब चले
शनाया हां बोलकर उठने लगती है और हल्का सा लड़खड़ा जाती है तभी अरनव उसका हाथ पकड़ लेता है.... और बड़ी ही मजबूती और अधिकार से बोलता है आराम से चलों..
शनाया इस बार अरनव का हाथ अपने हाथ से नहीं हटा पाती है .. शायद उसका दिल चाहता था कि ये हाथ कभी ना हटे लेकिन अब भी शनाया का दिमाग उसके गले में लटके हुए लॉकेट पर अटका हुआ था और उसके चेहरे पर फिर से वहीं उलझन दिखने लगी थी जो उसे लॉकेट को देखकर होती थी....
अरनव शनाया को आराम से बैठाता है और सब जीप में बैठ जाते है लेकिन  इस बार कोई हल्ला नहीं होता....अरनव की नजर बैक मिरर पर जाती है उसको थोड़ी दूर पर वहीं आर्मी की दो जीप नजर आती है .. जो हाई वे पर आने से पहले दिखी, इस बार अरनव थोड़ा गौर से उन लोगो को देखता है, और फिर गाड़ी स्टार्ट कर देता है... ड्राइव शुरु होते ही केतन बड़े प्यार से बोलता है ... तुम लोग अगर चाहो तो हम सब अन्ताक्षरी खेल सकते है....अनय की बाते सुनकर साक्षी फट से उसके हां में हां मिलाती है.. और बोलती है तीन टीम रहेगी.. जो हारेगा  वो सबको कोल्ड ड्रिंक पिलाएगा... साक्षी की बाते सुनकर केतन भी  हां में हां मिला देता है.... काजल भी अपनी सहमती दे देती है और बोलती है मुझे गाने  वाने नहीं आते केतन गाएगा मेरी साइड से और हारा तो यहीं सबको कोल्ड ड्रिंक पिलाएगा...काजल की बात सुनकर सब हंसने लगते है... केतन अरनव की तरफ देखता है और बोलता है,
केतन – भाई तू भी खेलेगा ना
अरनव – नहीं
केतन – क्यों
अरनव – दिख ना रहा तुझे शनाया की तबियत ठीक नहीं इसलिए तुम लोग खेलो मैं कोल्ड ड्रिंक पियूंगा...
शनाया अरनव की बाते सुनकर अपना सर ऊपर उठाती है और धीरे से अरनव को देखती है...अरनव की नजर शनाया से टकरा जाती है और गेयर बदलते हुए अरनव का हाथ शनाया के पैरो से टकरा जाता है...शनाया एक दम से हड़बड़ा जाती है और खुद को समेटने लगती है....अंताक्षरी का दौर अपने चरम पर था कोई किसी से भी हारने वाला नहीं था...लेकिन एक जगह आकर काजल और केतन फंस जाते है..क से कौन सा गाना होगा...इधर साक्षी और अनय टिक टिक शुरु कर देते है.....तभी काजल एकदम से बीच में बोलती है रूको रूको रूको
केतन – क्या याद आ गया गाना
काजल –अबे रूक
काजल-सुनो शनाया और अरनव
अरनव –शनाया तो सो गई
काजल – ओह  कोई ना तुम सुनो
अरनव –क्या
काजल – तुम बताओं क से गाना
अनय बीच में बोल पड़ता है  नहीं ये चिटिंग है
काजल – कोई चिटिंग नहीं एक बार वो मुझे बताएगा और एक बार तुम्हें ओके
अरनव – अच्छा लड़ो मत लेकिन सिर्फ एक बार ओके
काजल- ओके
अरनव – गाना गाना शुरु  ही करता है कि  शनाया की गर्दन नींद में अरनव के कंधे पर चली जाती है अरनव ये देख मुस्कुराता है और (कोरा कागज था ये मन मेरा लिख दिया नाम इसपे तेरा ) गाता है उसके दिल में कहीं ना कहीं तसल्ली थी शनाया सो रही थी, काजल और अरनव की नजरे बैक मिरर में टकराती है और काजल हल्का सा मुस्कुरा देती है लेकिन तभी वो दोनो आर्मी वाली जीप अरनव के जीप के ठीक पीछे चलने लगती है..अरनव ये देख थोड़ा टेंशन में आ जाता है लेकिन शनाया की सांसे उसके उड़ते हुए बाल अरनव के गरदन से टकरा रहे थे.. और अरनव के चेहरे पर एक शांत नदी जैसा सुकून नजर  आ रहा था..जैसे वो चाहता ही नहीं था कि ये पल कभी खत्म हो...
TO BE CONTINUED


7 comments:

Unknown said...

Ab aage kya hoga.

tulika singh said...

Wait for next u will enjoy

Tripti said...

Wow that's an interesting turn

tulika singh said...

Tx dear ��

Unknown said...

Very interesting story..but I can't wait now..I would like to know about end of story.

tulika singh said...

Every Monday and Thursday at 8 pm u can read

Tx a ton

Sweety said...

Ufffff....ab kya hoga