TIME – 10 AM
रिसार्ट के बाहर शनाया गाड़ी में
बैठकर हार्न बजाए जा रही थी....काजल बगल वाली सीट पर बैठ कर शनाया पर चिल्लाए जा
रही थी ।
काजल – अबे चुप हो जा, आ रहे ना सब
पेमेंट करके ही आएंगे ना तू तो पागल हो गयी है
शनाया – सच में मैं पागल हो गयी हूं......
काजल – अरे थोड़ा शांति रख
शनाया – हाहाहाहा नहीं होता... काजल,क्या शांति रखूं देख व साला हमारे पीछे
बाइक पर पहले से सवार है हमारा चौकीदार...
काजल , पीछेपलट कर देखती है और बोलती है, हे भगवान ये क्या सोते नहीं है..
कल रात भी ये तब तक बाहर खड़े रहे जब तक हम सब होटल में नहीं पहुंच गए...
शनाया – जान दे अब मुझे कोई फिक्र
नहीं मेरे पापा को भी पता चल जाना चाहिए कि उनकी लड़की को प्यार हो गया है...
काजल हंसते हुए बोलती है अच्छा चुप हो जा देख सब आ रहे है...
अरनव जैसे ही गाड़ी के पास आता है ड्राइविंग सीट के पास खड़ा हो जाता है...
और बिना कुछ बोले मुस्कुराने लगता है...काजल उसकी मुस्कुराहट को देखती है और बोलती
है...अब तुम लोग फिर से लड़ोगे ड्राइव करने के लिए...
शनाया – बिल्कुल नहीं आओ अरनव
गाड़ी तुम चलाओगे...
काजल-ओह मतलब मैं पीछे जाऊं
शनाया – नहीं तू यही बैठ
काजल – हंसते हुए ओह हो फिर तुम
शनाया – आज शनाया पीछे जाएगी
काजल – नहीं नहीं तू यहां बैठ मैं जाउंगी
अरनव बीच में ही बोलता है, तुम दोनो एक काम करो यहीं रूक जाओ हम सब चलते
है..
केतन –नहीं नहीं काजल हम तुझे छोड़ कर नहीं जाएंगे
शनाया – साले तू बीच में जरूर बोलेगा
काजल, इन सब के बीच पीछे जा कर बैठ जाती है...और शनाया बिना कुछ बोले
मुस्कुराती हुयी साइड सीट पर शिफ्ट हो जाती है.. अरनव, शनाया की शक्ल देख कर सोचे
जा रहा था क्या हो गया है इसको ऐसे क्यों हंस रही है।
शनाया –अरनव सुनो ना
अरनव – बोल
शनाया – कुछ नहीं तुम गाड़ी ड्राइव करों
काजल –क्या बात है अरनव, तुमने और शनाया ने मैंचिंग पहनी है...ग्रीन ग्रीन
वाह
काजल के कहने से अरनव का ध्यान खुद पर और शनाया पर जाता है... कुछ सोचता है
औरहंस कर बिना बोले सामने देखने लगता है लेकिन शनाया को ये सब इत्तेफाक नहीं लगता
है वो मन ही मन सोचने लगती है अरनव ने उसके लिए मैंचिंग टी शर्ट डाली है...
आधा रास्ता अभी तय ही किया था कि मसूरी का मौसम एक दम से बदल गया था...
सूरज आंख मिचौली खेलने लगा था.. हवा में ठंडक बढ़ गयी थी.. ओपन जीप की वजह से सब
ठंड से खुद को सिकोड़ने लगे थे....
अनय- यार बारिश ना आ जाएं हमारे बैग गीले हो जाएंगे...
केतल – परेशान मत हो कहीं रोक कर इसको कवर देंगे इसका रूफ टॉप यहीं नीचे है
शनाया –पागल हो तुम लोग ऐसा कुछ नहीं होगा देखे ये मौसम कितना सुहाना
है...कह कर शनाया अपनी जगह पर खड़ी हो जाती है...
अरनव – अरे बैठ जा क्या हुआ तुझे गिर जाएगी...
शनाया- मुझे कुछ नहीं होगा...
शनाया वापस बैठती है और MUSIC ऑन कर देती है...वो भी
फुल साउंड में( क्यों चलतीहै पवन क्यों झूमें है गगन )
काजल-शनाया तू पागल हो गयी है.... चालान हो जाएगा
शनाया – चिल कर कुछ नहीं होगा देख ना काजल इस पल में सब कुछ परफेक्ट है...
अरनव बीच में ही बोलता है मतलब
शनाया – मतलब, मतलब ये की, ये सुहाना मौसम, ये ठंडी हवाएं, चारो तरफ की फिजाएं
और ये गाना सब कुछ परफेक्ट और हा तुम्हारा साथ....मेरा मतलब है तुमलोगो का साथ....
शनाया बोलते बोलते अरनव को बड़े प्यार से देखने लगती है...तभी अरनव गाड़ी
रोक देता है
अनय – क्याहुआ अरनव
अरनव –कुछ नहीं सब उतरो पहले इसको कवरकर लेते है अचानक से बारिश आयी तो सब
बिमार पड़ेगे..
शनाया –मत करो ना
अरनव – सबसे पहले तू ही बिमार होगी... चल उतर जा नीचे
अरनव की डांट सुनकर शनाया नीचे उतरने लगती है और बोलती है अच्छा MUSIC
ऑन कर दो ना
अरनव, शनाया की शक्ल देखता है और बिना कुछ बोले MUSIC ऑन कर देता है..
शनाया गाड़ी उतर कर सीधा आगे बढ़ जाती
है....और अचानक से मोर देख कर खुशी से झूम उठती है....काजल ये देख कैमरा ले आ
जल्दी से
काजल – हां चुपचाप रह मैं क्लिक करती हूं...
शनाया गाने की धुन पर खुद भी डांस करने लगती है...जैसे उसको कोई फिक्र ही
नहीं थी आते जाते लोग क्या कहेंगे... वो ऑफिसर क्या कहेंगे उसके पापा से। शनाया सब
कुछ भूल अपने मस्त थी...अरनव की नजर कवर करते करते शनाया पर गयी और एक पल के लिए वो
रुक सा गया उसकी निगाहे शनाया से हट ही नहीं रही थी.. मन ही मन सोचने लगा इसे अपनी आजादी
कितनी पंसद है... इसके लिए दुनिया का मतलब सिर्फ इसकी दुनिया है..ब्रेफिक्र,
बिंदास, बेपरवाह अल्हड़ सी शनाया...शनाया को देखते देखते अरनव मुस्कुराएं जा रहा
था.. और केतन अरनव के हाथ पर मारे जा रहा था.. अचानक अरनव को होश आया..और बोला हा
क्या हआ।
केतन – भाई मुझे नहीं तुझे कुछ हो गया
है...तू नीचे आ जा मैं करता हूं इसको सही.... वैसे एक बात बोलूं
अरनव खुद को सम्हालते हुए हां
बोल..
केतन –तू मान या ना मान तुझे शनाया अच्छी लगने लगी है
अरनव – हां
केतन-क्या सच में
अरनव – नहीं मतलब हां मतलब कुछ नहीं.. तू ज्यादा दिमाग मत लगा चल आजा चलते
है...
इधर शनाया अपनी धुन में मस्त हो कर काजल औऱ साक्षी के साथ पिक्चर क्लिक करा
रही होती है...तभी केतन जोर से आवाज लगाता है और बोलता है तुम लोग आ जाओ अगर सब
कुछ हो गया हो..
तीनो तेजी से गाड़ी में आकर बैठ जाती है और...शनाया बैठते ही अपने बालो को
खोलकर समेटने लगती है और तेज हवा से उसके बाल अरनव के कंधे पर टच होने लगते
है..अरनव जैसे ही उनको हटाने के लिए मुड़ता है.. शनाया का बाल उसके टी शर्ट की बटन
में फंस जाता है...और शनाया के मुंह से चीख निकल जाती है..
अरनव –घबराकर बोलता है अरे रुक जा
मैं निकालता हूं....
शनाया अरनव की आखों में देखने लगती है और अरनव बिना पलक झपकाएं शनाया की
तरफ देखते देखते उसके बालो को बटन से निकालने लगता है.. दोनो की ये हालत देख कर
पीछे से अनय बोलता है भाई अब बस पिक्चर का नाम बचा है बाकी स्टोरी और कास्ट तो
हमें मिल ही गए है... अनय की बाते सुनकर सब हंसने लगते है और अरनव झूठा गुस्सा दिखाते हुए बोलता है..
अरनव – तुझे किसने कहां था अपने बालो को ओपन कर सम्हाल के ना रखा जाता
शनाया इस पर कोईर रिप्लाई नहीं करती है और नजरे झुका कर अपनी ही दुनिया अपने
दोनो हाथो की उंगलियों को खींचे जा रही थी...
थोड़ी देर में हम VIEW POINT पहुंच जाएंगे साक्षी ने बाहर देखते हुए बोला....
शनाया – WOW , ग्रेट है अच्छा सुनो
सामान के साथ ऊप जाएंगे I MEAN क्या प्लान है तुम लोगो
का
अरनव – कोई प्लान नहीं है... गाड़ी नीचे ही पार्क होगी.. और ऊपर ही मैने एक कॉटेज बुक किया है... पार्किग के पास
से ही गंडोला राईड मिलती है जो सीधा VIEW POINT ले जाएगी...
शनाया – ओके
केतन – खैर हम पहुंच गए है अरनव, गाडी को वहां पार्क करना जहां बारिश आए
तो फर्क ना पड़े...
अरनव – अपना सर हिलाते हुए सीधा गाड़ी पार्किंग में ले जाता है....और पार्क
कर देता है... सब सामान निकालने में लग जाते है लेकिन शनाया, काजल को खींच कर ले
जाती है और बोलती है
शनाया – काजल मैं ना आज पक्का बोल दूंगी
काजल – तुझे नहीं लगता ये जल्दी है
शनाया – क्या जल्दी तुझे पता है मुझे जो करना है कर देती हूं फिर ना जाने
ये मौका मिले ना मिले और ज्यादा से ज्यादा क्या होगा ये मना कर देगा तो कर
दे....मुझे ये अफसोस नहीं होना चाहिए कि मैने बोला नहीं
काजल , शनाया के चेहरे की खुशी उसका उतावलापन पढ़े जा रही थी....और थक कर
बोलती है अच्छा ठीक है बोल देना बस लेकिन प्लीज मना करें तो रोना मत
शनाया – अबे पागल है बिल्कुल नहीं... मेरे पास इतना फ्री का टाइम नहीं
है... अभी तो क्या है ना कि मुझसे ये इमोशन नहीं सम्हल रहे और मैं बिना बोले नहीं
रह सकती बिमार हो जाउंगी।
काजल हंसने लगती है और बोलती है तू सच में पागल है... बोल देना वैसे अरनव
मुझे भी अच्छा लगा... तूझे वो अच्छे से सम्हाल सकता है...
अरनव पीछे से आवाज लगाता है तुम लोगो की खुसर फूसर हो गयी हो तो चले, तुम
लड़कियां हर वक्त बात कर सकती हो ना
काजल – और क्या ये टैंलेट है हमारे पास
शनाया हंसने लगती है और तीनो एक साथ गंडोला राइड के पास आ जाते है....
काजल कुछ सोचते हुए बोलती है सुनो सब एक में दो दो जाएंगे मुझे डर लगता है पता चला ज्यादा हैवी
हो गया तो हम सब गिर जाएंगे...
केतन बीच में ही बोलता है हां एक गंडोला पर सिर्फ दो जाएंगे... और सबने ऐसे अपनी जोड़ी बना
ली जैसे ये पहले से तय था कि कौन किसके साथ जाएगा...
अरनव, शनाया एक साथ जाते है.. शनाया को इतनी ऊंचाई से डर लगता है लेकिन वो
अपना डर छुपाते हुए बोलती है
शनाया – यहां से कितना सुंदर लग रहा ना नीचे
अरनव – हंसते हुए देखा तोजा नहीं रहा तुझसे सुंदर लगता है
शनाया – गुस्से में बोलती है हां तो...क्या हुआ सुंदर तो है ना
अरनव,शनाया की घबराहट को समझता है और प्यार से बोलता है तुम नीचे देखो ही
मत बस कुछ मिनट की बात है हम सब पहुंच
जाएंगे
शनाया बिना कुछ बोले नजरे नीचे
करके अरनव के हाथ को देखने लगती है....
अरनव उसके अंदर के बढ़ते हुए डर को पढता जा रहा था.. और बिना कुछ बोले धीरे
से अपना हाथ आगे बढ़ा देता है....शनाया भी
बिना नजरो को ऊपर किए उसका हाथ पकड़ लेती है और हर गुजरते पल के साथ अरनव के हाथ
पर अपनी पकड़ बढ़ाएं जा रही थी....उसके हाथो में पसीने आने लगे थे... इधऱ अरनव
शांत चित हो कर सिर्फ शनाया की झुकी नज़रे देखे जा रहा था....शनाया की मासूमियत
उसका झल्लापन अरनव को अच्छा लगने लगा था....राइड जैसे ही EXIT POINT पर पहुंची तेज से ब्रेक लगा और एक अजीब सी आवाज
आयी.. शनाया बिना ऊपर देखे डर के मारे अरनव के सीने में छिप गयी उसको लगा वो दोनो फंस गए है या गिरने वाले है... अरनव एक
हाथ से हैंडल को पकड़रखा था तो दूसरे हाथ
से शनाया को सम्हालने लगा और शनाया उसके सीने में घुसे जा रही थी ..शनाया का डर
इतना था कि पसीने से अरनव की टी शर्ट आगे से पूरी गिली हो चुकी थी...
राइड के रूकते ही अरनव ने बड़े
आराम से शनाया को दोनो हाथो से पकड़ खुद से अलग किया और बोला तू कितनी डरपोक है
देख हम पहुंच गए... शनाया और अरनव की ये सारी हरकते वहां खड़े सब लोग देख रहे थे
और उनकी नजरो को देख कर ऐसा लग रहा था जैसे आज से पहले उन्होंने ऐसा कपल ना देखा
हो... इनका प्यार देख सबकी आखों में प्यार था...अरनव सबको एक बार देखता है और
शनाया का हाथ पकड़ कर आराम से वहां से निकल जाता है... काजल और केतन दूर से ये सब
देख रहे थे औरउनकी पिक्चर क्लिक किए जा रहे थे... काजल ने केतन सेबोला, केतन यार अरनव, शनाया को एक साथ कितने अच्छे लगते है
केतन – हां
काजल – तुझे पता है आज शनाया , अरनव को प्रपोज करने वाली है
केतन – क्या
काजल – क्या कुछ गलत है इसमें,
अरनव सिंगल है ना
केतन – हां फिलहाल तो सिंगल ही है... लेकिन
काजल – लेकिन
केतन – कुछ नहीं देखते है अरनव क्या बोलता है चल चले यहां से
काजल , केतन की बाते सोचते सोचते आगे की तरफ बढ़रही थी और उसके दिमाग में
सिर्फ एक डर बढ़ता जा रहा था कि कहीं अरनव मना ना कर दे वैसे अरनव को देख कोई भी
कह सकता था उसको शनाया से प्यार है...
लेकिन उसके मन की बात तो वहीं जाने...
VIEW POINT पर पहुंचते ही मौसम और खराब हो गया था... आसमान में काले
बादल अपनी चादर फैलाते जा रहे थे....लेकिन
वहां से दूर दूर तक फैली हिमालय के पहाड़ बेहद खुबसुरत लग रहे थे... शनाया
टेलिस्कोप से चारो तरफ का नजारा देख रही थी और बाकी सब अपनी चांस आने का वेट कर
रहे थे....तभी वेटर सबका ऑर्डर लेने आता है..
काजल – सुनो भइया हम सब मैगी खांएगे लेकिन वेजिटेबल वाला
शनाया नजरे घुमा कर बोलती है और स्पाइसी भी होना चाहिए
अरनव – चाय थोड़ी कड़क बनाना
वेटर – और भी कुछचाहिए
शनाया – हां अगर किसी को प्रॉब्लम ना हो तो कोई MUSIC लगा दो वो भी
तेज साउंड में
वेटर – ओके मैडम,वैसे बारिश शुरु हो गयी है आप सब इधर अंदर आ जाइए...
अरनव – हां भाई सब अंदर चलो वहां से भी ये सब दिखेगा
शनाया – नहीं
अरनव – क्या नहीं
शनाया – मैं अंदर नहीं जाउंगी
अरनव – क्यों यहां भीग जाएंगी
अरनव और शनाया की बहस चल ही रही थी कि बैक ग्राउंड में चमेली मूवी का गाना
बहका है मन कहीं कहां जानती ही नहीं बजने लगता है वो भी तेज साउंड में
गाने कोसुनते ही शनाया वेटर को वहीं से THANK YOU बोलती है और इतनी तेज बोलती है कि सब उसकी तरफ
देखने लगते है....
अरनव, शनाया के चेहरे को पढ़ने की लगातार कोशिश करता है लेकिन इसबार येसब
उसकी सोच से परे था.. और शनाया इतनी देर में खुले आकाश के नीचे थी....तेज बारिश की
बूंदे उसके गालो को छूकर नीचे की तरफ गिर रही थी...शनाया की हरकत देख अरनव काजल से
बोलता है
अरनव – उसको ले आ नहीं तो बिमार पड़ जाना है उसे और वो उसके बॉडीगाड देख उसी
पर नजर रखे हे है.. इसके पापा को पता चला तो हम सब मारे जाएंगे
काजल – सिरयसली अरनव तुम्हें कुछ समझ नहीं आ रहा
अरनव – अंजान बनते हुए नहीं
काजल – फिर जो हो रहा है होने दो आज उसको जीने दो
इधर अरनव के कानो में शनाया की तेज आवाज आतीहै
शनाया – अरनव ........ अरनव ...... अरनव ....
देखो अरनव मैं जब तुम्हें पुकार रही हूं ये कायनात भी तुम्हारा नाम ले रही
है... फिर से सुनोगे
अरनव ....... अरनव ... अरनव ।
शनाया – अरनव बेदी .... तुम्हें पता है ये मेरी ख्वाहिश थी कि जिस दिन मुझे
किसी सेभी प्यार होगा... मैं सबसे ऊंचे पहाड़ पर खडे हो कर अपने प्यार का इज़हार
करूंगी....औऱ मेरे प्यार के गवाह बनेंगे ये वादीयां, ये हरियाली ये बारिश की
बूंदे......यहां पर मौजूद वो सब कुछ जिसको देख कर दिल में सिर्फ प्यार ही प्यार
आता हो.... शनाया येसब बोलते हुए रेलिंग के बाहर एक ऊंची पहाड़ी पर चढ़ जाती
है...उसको ऐसे देख एक पल के लिए अरनव डर जाता है और बोलता है नीचे आ जा शनाया
शनाया – नहीं अरनव , आज मैं बोलूंगी और तुम सिर्फ सुनोगे .... अरनव बेदी
मुझे तुमसे प्यार हो गया है....तुम्हारी आधी अधूरी बाते , तुम्हारा केयर करना
तुम्हारा मेरा ख्याल रखना... तुम्हारा मुझे डांट लगाना...तुम्हारा मुझे देखकर भी
कुछ ना बोलना....ये सब मुझे किसी ख्वाब सा लगता है....मुझे जिंदगी में पहली बार
प्यार हुआ है... और पता है सबसे अच्छी बात क्या है तुम इस दुनिया में मेरे सबसे
अच्छे दोस्त हो ...बारिश तेज होती जारही थी शनाया अपने दिल का हाल बोले जा रही
थी....वहां पर जितने भी लोग थे सब शनाया को देखे जारहे थे...औऱ सबकी नजर अरनव का
जवाब सुनने को उतावली होती जा रही थी....औऱ अरनव एक टक शनाया को देखे जा रहा
था...उसकेचेहरे पर कोई भाव नहीं था... उसको समझ ही नहीं आ रहा था किवो क्या जवाब
दे... तभी केतन पास आता है और बोलता है, भाई हां बोल दे इतना प्यार करने वाली
तुझेकभी नहीं मिलेगी....अरनव, केतन की बात पर कोई रियैक्ट नहीं करता...
शनाया वहीं से तेज आवाज में पूछती है
शनाया – अरनव बेदी मुझसे प्यार करते हो बोलो ना .... वैसे अगर नहीं भी करते
तोभी बोल सकते हो मैं वो सैंटी लडकियों में से नहीं जो एक ना सुनकर रोने बैठ
जाएं....
अरनव इस पर भी कुछ नहीं बोलता...
शनाया का मन भारी हुआ जा रहा था... बारिश और ठंड की वजह से वो कांप रही
थी...फिर भी उसके चेहरे पर एकअलग सी खुशी थी... और वो खुद को सम्हालते हुए बोलती
है वैसे अरनव तू मेरा दोस्त तो है ना....
अरनव हां में सर हिला देता है....
शनाया – मेरा साथ कभी छोडोगे तो नहीं
अरनव, शनाया के करीब आता है और उसका हाथ पकड़ उसको नीचे उतारता है औऱ बोलता
है नहीं
शनाया – मुझसे प्यार करते हो
अरनव – खामोश हो जाता है शायद वो इसका जवाब देकर शनाया को दुखी नहीं करना
चाहता था.... शनाया अरनव के गले लग जाती है और तेज से बोलती है... समझ गयी मैं
तुझे टाइम चाहिए ना ले ले यार .... सब मेरी तरह पागल हो ये जरूरी तो नहीं.... शनाया
के आंसू अब बाहर आने लगे थे .. लेकिन बारिश की बूंदो के साथ वो इसको आसानी से छुपा
कर बोले जाती है...
शनाया , अरनव से अलग होती है और बोलती है अच्छा एक वादा कर
अरनव – क्या
शनाया – जिंदगी में कोई भी हालात हो तू मुझसे अपनी दोस्ती कभी नहीं तोड़ेगा
अरनव – पक्का वादा
शनाया – और तुझे जिंदगी में कभी भी मुझसे प्यार होगा तोछिपाएगा नहीं
अरनव – नहीं छिपाउंगा
शनाया का दिल अब भर गया था उसकी आखें जवाब दे चुकी थी और उसके सिसकने की
आवाज अब बाहर आने लगी थी फिर भी वो बोले जा रही थी., हम सही रहे गलत रहे किसी के
भी साथ रहे... हमारा रिश्ता ऐसे ही रहेगा
अरनव – शनाया का हाथ अपने हाथ में लेता है और बोलता है... हां सब ऐसे ही
रहेगा... बस अभी मैं...
शनाया – रूक रूक पूरा मत बोल मैं टूट जाउंगी यार... तू मेरा पहला प्यार
है... और आखिरी भी.... शनाया तेरी हां का
इंतजार करेगी अरनव ।और हां मुझे तुम प्यार करने देना तुम अपनी दोस्ती
निभाना....यकीन मानो तुम्हें जिंदगी में दूसरी ऐसी कोई लड़की नहीं मिलेगी जो इतना
प्यारकरें
अरनव – शनाया अंदर चल भीग गयी है तू
शनाया – नहीं अरनव अब मुझे जाना होगा मेरी आजादी खत्म...
अरनव – मतलब
शनाया – वो देख
अरनव – पीछे देखता है तो वो दोनो
आर्मीऑफिसर खड़े रहते है जो रास्ते में मिले थे
अरनव – लेकिन हम तो साथ आएं थे
शनाया – लेकिन साथ है तो नहीं ना चल अरनव TOUCH में रहना और मुझसे
दोस्ती कभी मत तोड़ना... I WISH मैं अपना आसमान जिस दिन भी बना लूं उसमेंहम और
तुम दोनो एक साथ उड़ान भरे....सुन ना यार , शनाया अरनव का हाथ पकड़ कर बोलती है...
अरनव –क्या
शनाया- एक बार मुझे अपने गले लगा ले दोस्त की तरह ही...थोड़ा मैनेज हो
जाउंगी, कहकर शनाया हंसने लगी....
अरनव ...बिना कुछ सोचे शनाया के गले लग जाता है...शनाया अपने अंदर अरनव की
यादे उसकी बाते उसके अहसास को समेटती जाती है और अचानक से अलग हो बिना कुछ बोले
वहां से निकल जाती है ।
FLASHBACK OUT
(ARNAV HOME )
कश्मकश में हूं, आज कैसे कहूं
कुछ जो है राज़, कैसे कहूं
दिल में छिपे कुछ जज्बात हैं, कैसे कहूं
तुम तो कह कर चली गयी, मैं क्यों चुप हूं कैसे कहूं
बात जुबां पे आके क्यूं खामोश है, कैसे कहूं
कहती हो मेरी आखें बहुत कुछ बोलती है
क्यों ये चुप हैं, कैसे कहूं
तुम दूर हो कर भी पास हो, कैसे कहूं
तुमसे बेपनाह प्यार है, कैसे कहूं
बस तुम ही खास हो,कैसे कहूं
कैसे कहूं, तुम ही जिंदगी हो
तुम ही बंदगी हो
बस तुम हो और सिर्फ तुम हो
ये बात अब और मैं कैसे कहूं
TO BE CONTINUED
6 comments:
Wow di
Ttx dear
Wow.
🥰🥰🥰🥰
What a twist...just loved it , waiting for the next hope something good will happen
Tx dear ya hope for the best
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