Next day
Guyz be ready look at the time its 8
o clock. common get up all, late हो जाएंगे हम
सब....शनाया अपने गीले बालों को सुखाते हुए पूरे रूम में हल्ला मचाए जा रही थी...और
बोले जा रही थी... “एक तो रात में सब यहीं फैल गए मतलब
कोई रूम में आ जाए तो क्या सोचेगा हम सब जंगली है,” । शनाया केतन को एक लात मारती है और बोलती है, ओय देख तो काजल ना जाने कहां चली गयी... काजल का
नाम सुनते ही केतन ऐसे उठता है जैसे वो सोया ही ना हो, आखों को दोनो हाथों से
मसलते हुए इधर उधर देखता है और बोलता है।
केतन – अरे कहां गई काजल
शनाया – मसूरी बेच कर सो रही है देख उधर बेड के नीचे घुसी हुई है...
केतन बड़ा ध्यान से देखता है और बोलता है ओह तेरी
शनाया – अब उठ जा..
शनाया अपने बालो के तौलिए से सुखाए जा रही थी..और धीरे धीरे सब उठ कर दिवाल
से सर टिका कर बैठे जा रहे थे ...
साक्षी – (आधी अधूरी आवाज में बोलती है ) शनाया क्या हुआ देख तूने पूरे रूम
में पानी फैला दिया है जा बालकनी में बाल सुखा।
शनाया – शुक्र करों मैने तुम लोगो पर पानी नहीं डाला ।
काजल – हां ये तो है अच्छा एक बात बता हम सब तो जग गए ये अरनव सर क्या अब
सोए है...इनको कोई वीआईपी पास मिला है, जो
इनको ना जगाया तूने।
शनाया, काजल की बात सुनकर अरनव की तरफ देखती है.. सोफे पर अरनव दोनो पैरो
को समेटे पेट के बल सोया हुआ था... उसके चेहरे को देखकर शनाया का दिल हो रहा था
... वो यूं ही सोता रहे और मैं उसको यूं ही जी भर कर देखती रहूं ना जाने फिर कभी
ये वक्त आएगा...जब वो मेरे पास इतने करीब होगा। कल से अरनव जिस तरह से बिना किसी
वजह के मेरी केयर कर रहा था, शनाया, धीरे धीरे अरनव की तरफ खींची
चली जा रही थी.. उसके अंदर एक जादुई सा अहसास अपनी जगह तेजी से बनाए जा रहा था,
अपनी नजर अरनव से हटाने के बाद शनाया काजल से कहती है..
शनाया – उसकी छोड़ो पहले तो ये बताओ सब के सब यहां क्यों पड़े थे.. लड़के
अपने कमरे में क्यों नहीं गए ।
काजल –तू पहले उसको भी जगा नहीं तो मैं वापस सोने जा रही हूं।
तभी केतन शनाया का कैमरा लेकर कल
की पिक्चर देखने लगता है...
शनाया, काजल की बात सुनकर अपने बालों को सुखाते हुए अरनव की तरफ बढ़ती है
और बड़े प्यार से बोलती है... अरे उठ जाओ अरनव हमें लेट हो जाएगा... चलना नहीं क्या...
शनाया के मुंह से इतना प्यार भरा जगाना देख सब एक साथ बोलते है, इतने प्यार
से हमें भी जगा दी होती...
शनाया गुस्से से सबकी तरफ देखती है और चुप रहने का इशारा करती है.. इधर
अरनव की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता....
शनाया वापस से अरनव को जगाती है .. औऱ इस बार अपने गीले बालो को ऐसे झटके
देती है की सारा पानी अरनव के ऊपर जा
गिरता है... अरनव एक दम से हडबड़ा कर बैठ जाता है और गुस्से में आखें खोलकर कुछ
बोलने ही जाता है लेकिन सामने शनाया दोनो
हाथो को कमर पर रख कर खड़ी होती है, फिर अपने हाथों से गीले बालो को एक तरफ करके
कानो के पीछे लगा रही होती है.. होठों पर हल्की सी गुलाबी लिप्सिटिक नियॉन ग्रीन
कलर की शर्ट और डेनिम में बेहद ही खूबसुरत
लग रही थी....शनाया से नजरे मिलते ही अरनव शांत हो गया था.. लेकिन शनाया अपनी
आइब्रो को ऊपर उठा उठा कर बोले जा रही थी... उठ भी जाओ अब सब जग
गए है जाना नहीं क्या...
अरनव – तू कब जग गई ?
शनाया – जब तुम लोग घोडे बेच रहे थे.. और अनय को देख अब भी घोड़े बेच रहा
मतलब कोई एक बार उठ कर कैसे सो सकता है ।
शनाया की लाइन पूरी होते ही जो जहां थे वहीं लुढ़क गए और बोले “ऐसे”
शनाया हंसने लगती है और बिस्तर पर
जाकर बैठ जाती है औऱ बोलती है वैसे मुझे एक बात समझ ना आयी
काजल – क्या
जब सब लोग नीचे सोए थे, अरनव सोफे पर सोया था तो बेड पर कौन सोया था...
काजल – (हंसते हुए ) तू
शनाया – वो तो मुझे पता है तुम लोग क्यों ना आयी और ये सब यहीं क्यों रह
गए,
शनाया की बाते सुनकर सब एक दूसरे की शक्ल देखते है और बोलते है तुझे कुछ याद
नहीं
अरनव – इसे कैसे याद होगा... ये तो बस ऑर्डर देना जानती है...
शनाया – मतलब –
अरनव – मतलब ये मेरी मां की रात तेरे पैरों में काफी दर्द था... काजल ने तुझे मेडिसिन खिलाई और तू इतनी थकी हुई थी कि रूम में आते ही
बेड पर सो गई...
काजल – हमें लगा तुझे कुछ हो गया है.. औऱ इतनी रात में कहां कोई डाक्टर
मिलेगा
शनाया – फिर
केतन – फिर क्या हम सब भी यहीं बैठ गए और इंतजार करने लगे
शनाया – किसका
अरनव बड़े ही प्यार से बोलता है, तेरा
शनाया- ओह तो तुम लोग मेरी वजह से सोए ही नहीं, स़ॉरी यार मुझे इतनी नींद
कभी नहीं आती....
काजल – सॉरी मत बोल
शनाया – क्यों
काजल – क्योंकि हमने ढेर सारी गप्पे मारी मजे किए फिर सोए।
शनाया , काजल की बात सुनकर गुस्से में बोलती है तो ये बोलो ना तुम लोगो ने
मजे किए वो भी मेरे बिना ।
अरनव – ऐसा कुछ नहीं है तेरे ही किस्से सुन रहे थे हम सब... ।
शनाया बातो बातो में देखती है केतन पिक्चर क्लिक किए जा रहा था... वो
गुस्से में बोलती है ।
शनाया –अबे केतन तुझे कब से देख
रही हूं कभी तू कैमरा देखता कभी पिक्चर क्लिक कर रहा बस कर अब रख दे उसे ।
केतन – यादे समेट रहा हूं बाद में जब हम सब देखेंगे तो ये ट्रिप याद
रहेगी...
शनाया – अच्छा ठीक है प्लीज अब जाओ जल्दी रेडी हो जाओ सब औऱ हां... हम शापिंग
नहीं जाएंगे
काजल – क्यों
शनाया – क्योंकि बहुत लेट हो चुका है
औऱ मुझे view point जाना है
अरनव – शनाया ठीक कह रही है...रेडी होते है और चलते है यहां से, आज रात हम
सब वहीं रूकेंगे और अर्ली मॉर्निंग वहां से वापस देहरादून
केतन –ओके बॉस जैसी आप लोगो की मर्जी..
केतन, अनय रूम से बाहर जाने लगते है और अरनव सोफे से उठता है शनाया के पास
आता है और धीरे से पूछता है
अरनव – तू ठीक है ना ।
शनाया- हां।
अरनव – तेरा पैर।
शनाया – हां, एक बात पूछूं।
अरनव – हां बोल ।
शनाया- तुम सच में सिर्फ इसिलए पूरी रात जगे रहे की मुझे कुछ हुआ तो क्या
होगा ।
अरनव – मैं ही नहीं सब जगे रहे हां रोका सबको मैने था....चल अब मैं तैयार
हो कर आता हूं.. वैसे ये कलर तुझ पर अच्छा लग रहा है ।
शनाया – आखों ही आखों में मुस्कुरा कर धन्यवाद करती है।
अरनव कमरे के बाहर जैसे ही निकलता है, काजल, शनाया का हाथ पकड़ कर बालकनी
में ले जाती है..और बोलती है
काजल – तुझे सच में कुछ याद नहीं
शनाया – नहीं बस इतना याद की मुझे अरनव और तू लेकर आए थे और मैं सो गयी
काजल – शनाया, अरनव पूरी रात यहीं सोफे पर बैठा रहा..उसको लगा तू बिमार ना
हो गयी हो या फिर तेरा दर्द ना बढ़ जाएं..और हम सबको भी जगा कर रखा..
शनाया – काजल , साला जिंदगी में मेरी मां ही जगी होगी मेरे लिए फिर ये पहला
इंसान है जिसे इतनी फ्रिक है मेरी...
काजल – मुझे लगता है तुझे जो मेडीसिन खिलाई थी मैने वो सूट ना हुई।
शनाया - अरे हुई ना देख मुझे अभी
वैसा दर्द नहीं है...
काजल – हां लेकिन तू गहरी नींद में सो गयी
शनाया – कोई ना मैने कुछ गलत तो नहीं किया ना
काजल – सच सच बताऊं
शनाया – अबे बोलेगी
काजल – तू नींद में अरनव से बाते कर रही थी और हम सब बैठ कर सुन रहे थे...
शनाया – क्या....
काजल – हां बस इसलिए सब यहीं रह गए... अरनव जाना चाहता था लेकिन तेरी हालत
देख वो नहीं गया।
शनाया ( गुस्से में ) साले तुम लोग बड़ी कमीनी चीज हो
काजल – हंसते हुए वो तो है और ये ट्रिप तेरी नींद में बड़बड़ के लिए जानी
जाएगी ।
शनाया – हंसते हुए जा मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।
काजल – हां वो तो कल से देख रही हूं।
शनाया – सुन काजल तुझसे तो बोल ही सकती हूं ।
काजल –अपने बाल संवारते हुए बोलती है हां बोल ना।
शनाया – मुझे ना अरनव से प्यार हो गया है ।
काजल – ये सबको पता है ।
शनाया – मतलब
काजल - नींद में तू यहीं बोले जा रही थी
शनाया – हैरानी के साथ बोलती है, अरनव का क्या रियेक्शन था
काजल – उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं था ।
शनाया – ओह, वैसे में सोच रही हूं
आज view point पर sun set के टाइम मैं उसको बोल दूंगी ।
काजल – क्या
शनाया –अरे यहीं की मैं उससे प्यार करने लगी हूं ... सोच कितना exiting होगा.. एक लड़की लड़के को propose
करेगी वो भी सबके सामने...पूरी कायनात उस पल मेरे साथ
होगी... सूरज की मद्धम होती रोशनी... ठंडी
हवाएं दूर दूर तक दिखने वाली खूबसुरत पहाडियां ...... ।
काजल – ओय रूक रूक रूक मेरी ड्रीम गर्ल ।
शनाया – क्या हुआ
काजल – अबे लड़के propose करते है ।
शनाया –तो इस बार लड़की propose करेगी तू छोड़ ये सब वैसे भी वो मेरा अच्छा
दोस्त है अगर मना भी करेगा तो क्या हुआ
उसकी लाइफ में ऐसे किसी लड़की ने कभी propose ना किया होगा और ना करेगी.. अब चल तैयार हो
जा....मैं पैकिंग कर रही हूं।
काजल , शनाया के दिल की बात सुनकर थोड़ा परेशान थी उसको लग रहा था अगर अरनव
ने मना कर दिया तो ये फिर से टूटेगी...
इधर केतन,अरनव के अंदर क्या चल रहा था जानने की कोशिश किये जा रहा था ।
केतन-भाई मामला सीरियस लग रहा है ।
अरनव – कहां?
केतन-अरे मैं शनाया की बात रहा हूं ।
अरनव – क्या
केतन – तू तो ऐसे बोल रहा है जैसे तूने रात में कुछ सुना ही नहीं ।
अरनव – मैने सब सुना है यार क्या बोलूं मैं तुझे तो पता है ।
केतन – लेकिन शनाया अच्छी लड़की है ।
अरनव –सबसे अच्छी है, ऐसी लड़की मैने आज तक नहीं देखी... बस बोलती बहुत है ।
केतन-अरनव, तू उसको काफी समझने लगा है ना ।
अरनव – हां वो बहुत अच्छी दोस्त बन
गयी है मेरी...मुझे सबसे अच्छा लगा कि
उसका विज़न काफी क्लियर है लाइफ को लेकर, देखना एक दिन ये लड़की कुछ करके
दिखाएगी... ये ट्रिप मुझे हमेशा याद रहेगी..
केतन, अरनव की बाते सुने जा रहा था और पैकिंग किए जा रहा था.... मन ही मन
सोच रहा था कि अरनव क्या शनाया के साथ आगे बढ़ेगा या फिर पीछे
ही अटका रह जाएगा....खैर भगवान करे ये दोनो हमेशा साथ रहे ..
To be continued
6 comments:
Amazing
Thank you dear😘
Wah. Maja aa raha, loved it
😅☺️🥰🥰
Ab aage kya dhamaka hoga😊
Kal ka episode padhna 😅
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