अरनव – काजल बस तू मेरी मदद कर दे। मैं सब सही कर दूंगा ।
काजल – आपको लगता है शनाया आप पर भरोसा कर लेगी...नहीं मतलब नायरा चली गयी
तो कहीं इसलिए तो आप शनाया के पास नहीं जा रहे...AFTER
ALL इतनी चिकचिक आपकी लाइफ में हुयी है.. तो वो सोच सकती है कि चलो कोई नहीं तो यही सही।
काजल की बात अरनव को कांटें की तरह चुभ गई थी उसने बीच में ही बोला...काजल
तुझे क्या लगता है, शनाया मेरे लिए ऑप्शन है.....
काजल –हो भी सकती है...आज के जमाने में कौन सी लड़की इतनी पागल होगी जो
15-16 साल से किसी को प्यार करती हो, और आपके ऊपर इतना मरती हो...
अरनव – बस कर काजल अब कितनी इज्जत उतारेगी मेरी....
काजल – अरे नहीं प्लीज आप ऐसे मत सोचिए....छोडिए ये सब आप मुझे ये बताइए..
क्या सोचा है आपने....
अरनव – कुछ नहीं, मेरा दिमाग काम नहीं कर रहा..... तूने मुझे इतना सुना
दिया अब शनाया को कॉल करूंगा तो वो सुनाएगी...
काजल – नहीं
अरनव-मतलब
काजल – मतलब वो कुछ नहीं बोलेगी वो सीधा आपको मारेगी...कहकर काजल हंसने
लगती है और बोलती है, आप सच में अजीब है ऐसा कुछ नहीं होगा....चिल किजिए....मैं
आपके लिए क्या कर सकती हूं ये बताइए..
अरनव – तुम अभी कहां हो
काजल –चंडीगढ़ में
अरनव – ओह , यहां आ जाओ ना
काजल – हंसते हुए अरे कोई काम हो तो आ भी जाऊ ऐसे कैसे फैमली है मेरी
अरनव – इससे बड़ा क्या काम हो सकता है, अच्छा तू बस एक काम कर एक बार शनाया
से बात कर उसका मूड तो पता चले
काजल – ठीक है मैं अपडेट करती हूं आपको शाम तक...
(SHANAYA HOME )
शनाया घर बात करने के बाद उदास मन से बैठ गई थी.. रह रह कर अरनव का ख्याल अपना प्यार और घर
वालो की बाते उसके दिमाग में तेज तेज हथौड़े मार रही थी....कभी अपना मोबाइल देखती
तो कभी पूरे घर में चहल कदमी करती..मन ही मन सोचती है...काश जिंदगी पीछे चली
जाती...मैं सब कुछ पहले जैसा कर देती.. आज की तारीख में कम से कम अरनव मेरा दोस्त
तो रहता... ना मैं उससे बाते करती ना अपनी फीलिंग बताती... ना मैं अरनव और नायरा
के बीच आती... शनाया ये सब सोचते सोचते अपना जी मेल ऑन करती है....और अरनव टाइप
करती है.... इतने सालो में ना जाने कितने मेल किए थे मैने अरनव को....लेकिन उसने
शायद ही एक दो का जवाब दिया था.... हां फोन पर बाते कर लेता था... लेकिन मेल तो
शायद ही कभी.... शनाया सारे मेल को select करती है और डिलीट करने जाती है तभी उसकी नजर कुछ
पुराने मेल पर पड़ती है शनाया उनको ओपन करती है......मेल जुलाई 2006 का था....
शनाया ने अपनी पढाई खत्म होने और पहली जॉब लगने की सारी बाते लिख डाली थी...इतना
लंबा मेल मैं कैसे लिख लेती थी... सच्ची वो तो क्या पढ़ता इसे लेकिन नीचे नजर पड़ी
तो उसमें अरनव का रिप्लाई था....शनाया उसको पढ़े जा रही थी और रोए जा रही थी.....
Hi shanya
Glad to know that now u r on ur path…tu
champion hai kuch bhi kar sakti hai meri best wishes humsha tere sath hai….bs
itna lamba mail mt likha kar mai padh nahi pata apna current number bhej de
mai tujhe call kar lunga… mai bhi thik
hu apna dhyan rakhna .
Bye
क्या हो गया ना पहले जो था जितना था सब बेहतर था... कम से कम इसमें दोस्ती
तो थी..बिना हिचक, बिना सोचे कुछ कहने की आजादी तो थी... अब तो नाम भी ज़ुबा से लो
तो लगता है कहीं कुछ गलत ना हो जाएं उसके साथ, खैर अब कुछ ना रहा तो ये सब सोचने
की भी जरूरत नहीं है जिंदगी हमेशा अपनी शर्तों पर जीया है मैने और आगे भी जीयूंगी।
शनाया अपने मन से अरनव को निकाले जा रही थी... और सालो से सहेजे हुए मेल, पिक्चर
सब डिलीट करते जा रही थी....इन सबको खुद की यादों से दूर करना शनाया के लिए किसी जंग
से कम ना था....मोबाइल के बाद शनाया को अपनी डायरी याद आती है....जिसके हर पन्ने पर सिर्फ और सिर्फ अरनव
से जुड़ी बाते थी.. उसके अहसास थे.. और हां कुछ पिक्चर भी जो शनाया ने बड़े प्यार
से सम्हाल कर रखा था... सबको वो बड़े ध्यान से देखती है प्यार से सहलाती है... एक
पिक्चर में शनाया, काजल, अरनव तीनो बैठे चाय पी रहे थे... और काजल, शनाया के पीछे
सींग बना कर मुंह चिढ़ा रही थी....दूसरी पिक्चर में काजल, शनाया को जबरदस्ती अरनव
के पास बैठने के लिए ढकेले जा रही थी..। एक पल के लिए शनाया के चेहरे पर
मुस्कुराहट ने कब्जा कर लिया था..कैसे केतन ये पिक्चर क्लिक किए जा रहा था...
सब बच्चे से दिख रहे है...अरनव ने एक बार
शनाया को एक FRIENDSHIP CARD गिफ्ट किया था.. शनाया उसे भी लॉकर से निकालती
है....कुछ फेंगशुई के सिक्के भी शनाया के हाथ में आ जाता है.... फिर उसे याद आता
है, एक बार अरनव उससे मिलने आया था..तो उसने
इनमें से एक सिक्का अरनव को गिफ्ट किया था.. ये कह कर भगवान करे तेरे पास
पैसा ही पैसा हो... तुम दुनिया के सबसे सफल इंसान बनो...शनाया सिक्कों को भी उठाती
है...सारी चीजे लेकर किचन में जाती है और सिंक में डाल देती है....शनाया उन सब यादों को जला देना चाहती
थी... वो अरनव से इतनी दूर हो जाना चाहती है कि जिंदगी में अरनव को उसका
कभी ख्याल ना आए और ना ही शनाया कभी उसका जिक्र करें....शनाया माचिस की डिब्बी
उठाती है और तीली निकाल कर आग लगाने जाती है... तभी काजल का फोन आने लगता है...
शनाया इतनी अपसेट थी कि वो काजल से भी बात नहीं करना चाहती... वो माचिस की तीली जलाती है और सिंक में डाल देती
है... पल भर के अंदर शनाया के अरमान,शनाया के ख्वाब, शनाया की चाहत, शनाया की ताकत
वो सब कुछ जो उसने अरनव के लिए अरनव की वजह से अपने दिल में सम्हाल कर रखा था ...
धूं धूं करके जल रहा था..और शनाया रोये जा रही थी.. खुद से ही खुद के आंसू पोछे जा
रही थी...कुछ पल में सब कुछ राख हो चुका था.... या तो काला पड़ चुका था....
इधर काजल का फोन बजे जा रहा था... शनाया ने खुद को अच्छे से सम्हाला और फोन
पिक किया और बड़े ही शरारती अंदाज में बोला
शनाया – क्या बे कमीनी इतनी सुबह सुबह काहे मरी जा रही हो
काजल – अबे सुबह कहां है टाइम देखो 10 बज रहे है..
शनाया – जी और मुझे ऑफिस जाना है बता कैसी है...अच्छा सुन तुझे एक good news देनी है
काजल – क्या क्या बता, अरनव का कॉल आया था क्या
शनाया – हंसते हुए क्यों उसके अलावा मेरी जिंदगी में कुछ भी गुड नहीं होगा
क्या
काजल – नहीं मुझे लगा शायद तुम लोगो का पैचअप हो गया हो
शनाया – अच्छा हमारा कुछ था भी क्या ....वैसे एक बात तो है
काजल –क्या
शनाया- साला मैं ऐसे रिश्ते में जी रही थी इतने सालों से जो कभी था ही
नहीं....शनाया और तेज हंसती है और बोलती है मजे की बात तो ये है प्यार दोस्ती या
कुछ भी मेरे हाथ नहीं लगा और ब्रेकअप तो ऐसा हुआ जैसे ना जाने कितना इंटेस
रिलेशनशिप था....खैर सुन अब जो बताने जा रही हूं वो हकीकत है.. इसलिए ध्यान से
सुनना
काजल – बोल
शनाया- मेरी शादी हो रही है...
काजल – क्या......., मजाक मत कर
शनाया – क्या बे का हम अब किसी से शादी करने लायक भी ना रहे
काजल – अरे नहीं कौन है वो... कहां रहता है कब है शादी और अचानक से शादी का
फैसला
शनाया – एक साथ इतने सवाल... कौन है वो,तो जवाब ये कि मैं नहीं जानती..
पापा ने फिक्स किया है । कहां रहताहै , तो जवाब ये कि यूके में रहता है और बाप की
कंपनी है दिल्ली में.... अचानक से शादी का फैसला..., तो मेरी जिंदगी में कुछ भी
प्लान किया हुआ कभी हुआ है.... मेरे पापा बिमार है तो उन्होने फिल्मों से आइडिया
लेकर गेम प्लान कर दिया और मुझे उसके लिए राजी करा दिया जो मैं कभी नहीं चाहती
थी...
काजल-ओह अच्छा कब है शादी
शनाया – देखो जब सब डन हो जाए
काजल – मतलब
शनाया- मतलब मेरी कुछ शर्ते है
लड़का उनको मान कर एग्रीमेंट साइन कर देगा तो मैं कर लूंगी...
काजल – एग्रीमेंट, अब ये क्या है
शनाया- कुछ नहीं सुन तू मुंबई आ जा
ना...
काजल – क्यों
शनाया- अबे मेरी सगाई औऱ शादी में तू नहीं आएगी....
काजल – ओह,हां आउंगी ना जरूर आउंगी
शनाया- गुड ,शादी मैने मसूरी से प्लान किया है और सगाई यहीं करूंगी मुंबई
में
काजल – ओके.. एक बात पूछूं
शनाया – पूछ ना
काजल –तू क्या सच में अरनव को भूल गई
शनाया – हंसते हुए तू सांसे लेना भूल सकती है काजल
काजल – नहीं
शनाया- तो बस मैं भी नहीं... हां सांस जब लो तो किसी को उसकी आवाज नहीं
आती...उसकी आवाज सिर्फ दो ही सूरत में सुनायी देती है.. एक जब कोई बहुत ज्यादा प्यार से उसके बेहद करीब हो और
दूसरा जब जिंदगी हाथ से निकलने को बेताब हो गई हो.. तो फिलहाल पहली वजह मेरे पास
ना थी ना है और ना होगी .. और दूसरी वजह तो कभी भी हो सकती है जब ना ऊपर से बुलावा
आ जाए.. खैर छोड़ चल मैं रखती हूं.. तू अपनी तैयारी शुरु कर दे मैं जल्दी ही डेट
भेज दूंगी...बाय
काजल – बाय
तैयारी ही तो करनी है शनाया तुझे और अरनव को मिलाने की अब जब भगवान तेरे
साथ है तो तू खुद इन सबसे अंजान उस तरफ बढ़ रही है जो तेरी मंजिल है ही नहीं...,
काजल शनाया का फोन रखने के बाद गहरी सांस लेकर बोले जा रही थी और अरनव का नंबर
डायल कर रही थी...
काजल – हैलो
अरनव – हां बोल काजल, तेरी बात हुई क्या शनाया से.... मैं तेरे ही कॉल का
वेट कर रहा था...
अरनव, अधीर होकर बोले जा रहा था और काजल उसकी आवाज सुनकर हैरान थी ...
काजल –अरे अरनव रूको क्या हो गया तुम्हें इतने सालो में इतना जल्दी जल्दी बोलते पहली बार सुन रही हूं
अरनव – सॉरी यार पर मुझे लगता है अब मैं कहीं देर ना कर दूं...पता नहीं
क्यों पहली बार लग रहा कि शनाया मुझसे दूर
जा रही है
काजल – क्यों इतने सालो से क्या लग रहा था...
अरनव – सच बोलूं तो कभी सोचा ही नहीं जब उसकी याद आयी बात कर लिया वैसे भी
वो खुद को भूलने कहां देती थी... कुछ ना कुछ तो आता ही रहता था...
काजल – तुम्हारा दिल सही कह रहा है... शनाया तुमसे दूर जा रही है..
अरनव – मतलब
काजल – मतलब ये की उसकी शादी हो रही है....
अरनव – मजाक मत कर उसने तो बोला था वो कभी शादी नहीं करेगी..
काजल – हंसते हुए, उसने तो बहुत कुछ बोला था अरनव....उसकी बाते ही तो थी जो
इस दुनिया से परे थी.. लेकिन जिंदगी तो यहीं जीना है... उसके पापा की तबीयत खराब
है उन्होने बोला है उसको शादी करने के लिए, और वो मान गई है पर पता नहीं, शायद कुछ
शर्तों के साथ
अरनव – शर्त कैसी शर्त
काजल – नहीं पता...उसकी बातो से लगा जैसे वो जिदंगी जीना नहीं चाहती उससे
लड़ कर उसको हराना चाहती है...
अरनव – गंभीर हो जाता है और पूछता है कब है शादी
काजल –अभी डेट फाइनल नहीं है बस इतना पता है शादी मसूरी में है और सगाई
मुंबई में
अरनव – मसूरी में??????????
काजल – हां मसूरी में वहीं मसूरी जहां उसने पागलो की तरह सबके सामने
तुम्हें प्रपोज किया था और कोई जवाब ना मिलने पर हंसते हुए निकल गई थी
अरनव, काजल की बाते सुनते सुनते बेचैन सा हो गया था उसका गला भर आया था...
अंदर ही अंदर उसके ना जाने कितने हथौड़े चल रहे थे...दिल कह रहा था सब कुछ वापस
वहीं चला जाए.. जहां मैं और शनाया मिले थे....
काजल – हैलो अरनव , अरनव , अरे कहां चले गए
अरनव – अरे कुछ नहीं बस यूं ही... ठीक है काजल अब जब शनाया आगे बढ़ रही है
तो मैं उसके रास्ते में नहीं आउंगा...
काजल- गुस्से में बोलती है क्या... पागल हो क्या तुम... साला इतने सालो में
तुम्हारी जुबान खुली....पहली बार तुमने अपने दिल की बात सुनी और अब फिर से भाग रहे
हो
अरनव – तो क्या करूं
काजल – शनाया ठीक ही कहती थी.. तुम गधे हो....
अरनव – यार छोड़ ना अब इन सब का कोई फायदा नहीं
काजल- अरे बेवकूफ अभी कुछ भी तय नहीं है... अपना दिमाग लगाओ और आगे बढ़ो...
यकीन मानो तुम्हारी जुबा से खुद के लिए वो शब्द सुनना, शनाया के लिए किसी खजाने
से कम नहीं होगा
अरनव – नहीं यार मैने उसको बहुत तकलीफ पहुंचाई है अब बस।
काजल – जी अब बस करों उसको भी जीने का हक दो और आगे बढ़ो और हिम्मत नहीं है
तो भाड़ में जाओ....
To be continued
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2 comments:
Behtreen....let's see what happens next
Hope for the best
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