(Arnav HOME)
शनाया की यादो से बाहर आते आते अरनव एक गहरी सांस लेता है... उसके माथे पर सिलवटों की ऐसी गहरी रेखाएं हो गयी थी जैसे उसने अपनी जिंदगी का आधे से ज्यादा दौर देख लिया हो।
अचानक वो अपना मेल खोलता है... मेल में शनाया टाइप करते ही ना जाने कितने मेल थे जो आज तक ओपन नहीं हुए थे। 16 सालो में अरनव ने शायद ही 2 से 4 बार मेल का जवाब दिया हो....अरनव एक एक करके शनाया का मेल खोलता है... किसी में BIRTH DAY WISH तो किसी में ग्रिटिंग कार्ड तो किसी मेल में ढेर सारी शिकायते.... अरनव सब ओपन करते जाता है और सोचता है..... कितना बोला था इस लड़की को की मैं मेल नहीं पढ़ता लेकिन ये फिर भी...मुझे मेल करती रही... अरनव, शनाया का सबसे पहला मेल ओपन करता है जो मसूरी से जाने के बाद शनाया ने किया था... लेकिन अरनव ने उसे आज तक ओपन ही नहीं किया था... या यूं कह लिजिए ध्यान ही नहीं दिया था.....शनाया के मेल ओपन होते ही.. अरनव की आखें एक टक लैपटाप की स्क्रीन पर अटक गयी....शनाया ने वो सारी पिक्चरस् मेल की थी जो मसूरी ट्रिप में क्लिक हुयी थी... अरनव एक एक करके पिक्चर ओपन करता है....महादेव का दर्शन करते वक्त शनाया के सर पर उसका हाथ हो या फिर रिसार्ट के बाहर वो गार्ड की क्लिक की हुयी पिक्चर , या फिर शनाया का अपने गीले बालो से अरनव को जगाना हो..या फिर शनाया का सड़क पर डांस करना हो...और सबसे अंत में शनाया का उससे प्यार का इजहार करना हो... ऐसी अनगिनत पिक्चर थी जिसमें अरनव और शनाया एक दूसरे के साथ थे या फिर एक दूसरे को देख रहे थ....अरनव एक एक पिक्चर को कई बार देखता है..उसकी आखों में यादो के वो पन्ने पलटते जारहे थे..जिसे उसने कभी पलट कर नहीं देखा...
खुद को तसल्ली देते हुए अपने मन में ही बोलता है... मैने मेल भले ना ओपन किये हो... लेकिन शनाया के टच में तो हमेशा रहा....उसकी आत्मा हंसती है और बोलती है... तुम टच में थे या वो पीछे थी तुम्हारे...
अरनव बिस्तर से तेजी से उठता है और बड़े ही अकड़ के साथ खुद को आइने में देखता है....तो कौन सी बड़ी बात हो गयी...मैंने बात तो की ही...मुझे उससे प्यार था या नहीं ये खुद मुझे ही पता नहीं था तो उसको क्या बोलता मैं...मैने जो भी किया सही किया... उसका मन फिर से सवाल किया अच्छा और जो अब किया वो कितना सही था....
अरनव खुद के सवालो में उलझता जा रहा था..... उसे आज ये सब पिक्चर देखने के बाद केतन का ख्याल आया....और बिना सोचे उसने केतन को फोन लगा दिया ....
अरनव – हाय
केतन – जी आप कौन
अरनव – केतन बोल रहे है आप
केतन – जी
अरनव –मैं अरनव बेदी बोल रहा हूं
केतन- ओह भाई साहब इतने सालों में मेरी याद कैसे आ गई तुझे.... फेसबुक पर देखता रहता हूं तुझे, तू तो बड़ा आदमी बन गया है.. और शायद इसीलिए पुराने दोस्तो को भूल गया है
अरनव – नहीं यार भूला होता तो आज तुझे कॉल करता
केतन – हां भूले तो नहीं होगे तभी लास्ट इयर कॉल किया था तुझे पिक तक ना किया था तूने
अरनव – यार मैं बीजी रहा होउंगा उसी में मिस हो गया होगा....
केतन – खैर छोड़ और बता कैसा है तू...बाकी सब कैसे शादी हो गई तेरी
अरनव –हंसते हुए सब बढ़िया है... रहा सवाल शादी का तो होते होते रह गयी...
केतन – क्यों तेरी शनाया की शादी अभी तक नहीं हुयी
अरनव – शनाया से ??????
केतन –और क्या मुझे लगा तुम दोनो अब तक शादी कर चुके होगे,
अरनव – हंसते हुए.. शनाया को मैने कभी डेट किया ही नहीं वो मेरी दोस्त ही बनी रह गयी
केतन – अपना सर पीटते हुए... तू इतने सालो में नहीं बदला... अब तो शनाया की शादी हो गयी होगी...मेरी उससे 5 साल पहले बात हुयी थी.. उसकी बातो से लग रहा था तुम लोग आपस में बाते करते हो...
अरनव – उसकी भी शादी नहीं हुई, और हां हम बात तो करते ही थे ... कभी कभी
केतन – ओके फिर तेरी शादी का क्या हुआ
अरनव – बस कुछ नहीं यार.. छोड़ मेरी तू कहां है
केतन – हैदराबाद में हूं
अरनव – ओके, चल मैं रखता हूं
केतन - एक बात बोलू
अरनव – बोल
केतन – अब बोल भी दे तेरा पुराना दोस्त हूं और तुझे अच्छे से जानता हूं तू अभी बहुत परेशान लग रहा है...क्या हुआ है.. बता तो सही क्या पता मैं तेरी कोई मदद कर सकूं
अरनव – नहीं यार बस मैं थोड़ा उलझ सा गया हूं
केतन- मतलब
अरनव – नायरा और शनाया के बीच जो भी हुआ केतन को बताने लगा.....अंत में गहरी सांस लेकर बोलता है और आज का आलम ये है कि ना नायरा है और ना शनाया है...मैने दोनो के साथ गलत किया...शनाया के प्यार उसकी दोस्ती को सम्हाल ना पाया और नायरा के बनाए हुए सपनों में खुद को फिट ना कर पाया....बहुत कोशिश की नायरा को कोई दुख ना हो... लेकिन उसकी कहानी शनाया से शुरु होती और उसी पर खत्म होती... खुद को सही साबित करते करते मैं पक गया था... इधर शनाया के सवाल उसका बेपनाह प्यार मेरे लिए जी का जंजाल बन गया था....
केतन – और आज का क्या सीन है तेरा इतना बताया है तो आगे भी सच ही बताना
अरनव – क्या बोलूं...मैं शनाया को इतनी तकलीफ पहुंचा चुका हूं कि उसके पास वापस जाने के सारे रास्ते बंद है... और नायरा से शादी का कोई स्कोप नहीं.....मेरी वजह से घर वालो के बीच काफी कुछ हो गया...
केतन – तू चाहता क्या है, अब ये बता
अरनव – पता नहीं
केतन – तुझे शनाया से प्यार है
अरनव – अब कोई फायदा नहीं
केतन – अबे फायदा नुकसान मत सोच ये सोच कि तू आज भी वहीं खड़ा है जहां 16साल पहले खड़ा था...आज भी शनाया तेरे मुंह से हां का इंतजार कर रही है...ना कर रही होती तो अब तक वो शादी कर चुकी होती
अरनव –शनाया अब काफी आगे निकल गयी है
केतन – तो अच्छी बात है ना लेकिन क्या आज तक उसने तुझे कभी कुछ शो किया
अरनव – नहीं
केतन – I am sure तूने ही उसको अकड़ दिखाई होगी
अरनव –हां
केतन – साले इतना प्यार करने वाली लड़की किसी को नहीं मिलती लेकिन तू इतना बड़ा बेवकूफ होगा मुझे नहीं पता था...
अरनव – क्या मतलब
केतन – अरनव, अब भी टाइम है.. अपने दिल की सुन और लौट जा शनाया के पास
अरनव – बोला ना कोई फायदा नहीं, कल ही उसने सबके सामने मुझे काफी कुछ कहा
केतन – वाह उसने एक बार बोल दिया तो इतना अकड़ और तू खुद इतने सालों से उसको एक प्यार भरे शब्द के लिए तरसाता रहा तो तू सही
अरनव – तब मैं उससे प्यार नहीं करता था...
केतन – मुझसे तो झूठ मत बोल... रूपल के बाद तूने शनाया की तुलना रूपल से करनी शुरु कर दी...तुझे शनाया पंसद भी थी... लेकिन तेरे अंदर का मर्द इस बात को मान ही नहीं पा रहा था कि एक लड़की मुझे कैसे छोड़ सकती है और बस तूने रूपल क्या दुनिया में जिसने भी तेरे साथ गलत किया उसका बदला तूने शनाया से लिया.... प्यार नहीं था तो मसूरी में जो तू कर रहा था वो क्या था...
अरनव – वो मेरी केयर थी
केतन – अच्छा औऱ किसी के लिए तूने केयर ना दिखाई
अरनव –केतन की बात का कोई जवाब नहीं देता
केतन- एक बात बता
अरनव – पूंछ
केतन – शनाया से तूने जब भी बात की क्या कभी उसने तुझे ये महसूस कराया कि तूने उसके प्यार को ठुकरा दिया था ।
अरनव – नहीं वो मेरी दोस्त है , और हम दोनो ने अपनी दोस्ती को अच्छे से निभाया है
केतन- वाह क्या दोस्ती निभाई है तेरी जिंदगी में कुछ गलत हुआ तो तूने उसको ब्लॉक कर दिया.... जब मन किया उसकी जिंदगी में आया और बिना बताए चला गया...बुरा मत मानना भाई तूने दोस्ती अच्छे से निभाई होती तो उसको छोड़ के नहीं जाता.. बल्की उसके साथ बैठकर परेशानी का हल निकालता..
अरनव – तुझे पता है मुझे कुछ समझ नहीं आता ये सब
केतन – ना यार इसीलिए तूने शनाया के साथ ये सब कर दिया और मजे की बात है कि इतनी देर से तू मुझे भी समझा रहा है कि तुझे शनाया से प्यार नहीं है
अरनव – ऐसा नहीं है
केतन –मान ले यार, वैसे भी मान लेने से पता है तेरा मन हल्का हो जाएगा.... मुझे पता है तू शनाया से बेइंतहा प्यार करता है.... लेकिन वहीं तेरा इगो,जिसको मना कर दिया था उसको हां क्यों बोलूं...
अरनव – केतन की बात पर कुछ नहीं बोलता
केतन- और एक वो पागल लड़की है, ऐसा कोई ग्रुप में नहीं होगा जिसे उसके प्यार के बारे में पता ना हो... वो आज भी तेरी एक हां के लिए हर रोज कोशिश करती है... और तू आज भी ......
अरनव, केतन की बात बीच में रोक करबोलता है... चल मान लिया मुझे उससे प्यार है लेकिन अब , अब तो वो नाराज हो कर चली गयी...
केतन – फाइनली तेरी जुबान से निकला तो सही... साले लड़की नाराज ही होती है इसलिए की तू उसे मनाए....मेरी मान तो अब तू वो कर जो आज तक नहीं किया अगर सच में तुझे शनाया चाहिए...
अरनव – मतलब
केतन – ओह यार इतनी उम्र हो गयी है फिर भी
अरनव – अब बोलेगा
केतन – ओके सुन शनाया को तुझे मनाने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी होगी...जा उससे जाके मिल.. बाते कर वो गुस्सा करेगी शिकायत करेगी... लेकिन मान जाएगी...
अरनव – यार इतने साल हो गए16 साल कुछ मायने रखता है...
केतन –हां 16 साल कुछ मायने रखता है... सोच ऐसा क्या क्या था जो वो चाहती थी और तूने नहीं किया
अरनव – मुझे याद ही नहीं है
केतन – भाई तेरा कुछ नहीं हो सकता एक काम कर तू काजल से बात कर वो तेरी मदद करेगी
अरनव – वो और शनाया पक्के दोस्त है.. वो मेरी कोई मदद नहीं करेगी
केतन – तू बात तो कर, तुझे क्या पता तेरी इस हां को सुनने के लिए सब बेचैन है....
अरनव – मतलब
केतन – मतलब कॉलेज ग्रुप का ऐसा कोई नहीं होगा...जो तुझे गालियां ना देता हो
अरनव – क्यों
केतन – क्योंकि शनाया ने कभी किसी को मौका ही नहीं दिया ... और तेरे बारे में एक भी उल्टी बात सुनने से पहले ही वो चार बाते सुना देती थी।
अरनव – तुझे ये सब बड़ा पता है.मुझे कभी बताया क्यों नहीं ।
केतन – हंसते हुए क्या बताता जिसको कुछ दिखाई ना दे रहा हो उसको बताने से क्या फायदा...।
अरनव – इतना सब किसने बताया
केतन – काजल ने ।
अरनव –तू क्या उसके साथ है तुझे तो वो बड़ा पसंद थी ।
केतन –जले पर नमक मत छिड़क... कभी कभी दूसरो का फेसबुक भी देख लिया कर ...
अरनव – मतलब
केतन – मतलब काजल किसी और के साथ सेट थी पहले से और उसी से शादी कर ली ..
अरनव – ओह
केतन – मेरी छोड़ औऱ काजल से बात कर .... और ये सोच कि अब तू शनाया तक कैसे पहुंचेगा....और हां आज पहली बार तू वो करने जा रहा है जो तुझे तब ही कर देना चाहिए था जब वो पहाड़ी पर खड़े होकर तुझे प्रपोज़ कर रही थी... साले तुझसे तो आधे लोग इसलिए जलते भी थे... कि एक लड़की तेरे पर इतना मरती थी ...
अरनव – क्या क्या हो गया ना इतने सालो में
केतन- कोई ना तूने अब सुध ली तो अब ही सही...जा मनाले अपनी शनाया को....वैसे भी तेरा और उसका साथ यहां का नहीं लगता..तुम दोनो कुछ और ही हो.. मैं खुश हूं कि शनाया को उसका अरनव मिल जाएगा...
To be continued
शनाया की यादो से बाहर आते आते अरनव एक गहरी सांस लेता है... उसके माथे पर सिलवटों की ऐसी गहरी रेखाएं हो गयी थी जैसे उसने अपनी जिंदगी का आधे से ज्यादा दौर देख लिया हो।
अचानक वो अपना मेल खोलता है... मेल में शनाया टाइप करते ही ना जाने कितने मेल थे जो आज तक ओपन नहीं हुए थे। 16 सालो में अरनव ने शायद ही 2 से 4 बार मेल का जवाब दिया हो....अरनव एक एक करके शनाया का मेल खोलता है... किसी में BIRTH DAY WISH तो किसी में ग्रिटिंग कार्ड तो किसी मेल में ढेर सारी शिकायते.... अरनव सब ओपन करते जाता है और सोचता है..... कितना बोला था इस लड़की को की मैं मेल नहीं पढ़ता लेकिन ये फिर भी...मुझे मेल करती रही... अरनव, शनाया का सबसे पहला मेल ओपन करता है जो मसूरी से जाने के बाद शनाया ने किया था... लेकिन अरनव ने उसे आज तक ओपन ही नहीं किया था... या यूं कह लिजिए ध्यान ही नहीं दिया था.....शनाया के मेल ओपन होते ही.. अरनव की आखें एक टक लैपटाप की स्क्रीन पर अटक गयी....शनाया ने वो सारी पिक्चरस् मेल की थी जो मसूरी ट्रिप में क्लिक हुयी थी... अरनव एक एक करके पिक्चर ओपन करता है....महादेव का दर्शन करते वक्त शनाया के सर पर उसका हाथ हो या फिर रिसार्ट के बाहर वो गार्ड की क्लिक की हुयी पिक्चर , या फिर शनाया का अपने गीले बालो से अरनव को जगाना हो..या फिर शनाया का सड़क पर डांस करना हो...और सबसे अंत में शनाया का उससे प्यार का इजहार करना हो... ऐसी अनगिनत पिक्चर थी जिसमें अरनव और शनाया एक दूसरे के साथ थे या फिर एक दूसरे को देख रहे थ....अरनव एक एक पिक्चर को कई बार देखता है..उसकी आखों में यादो के वो पन्ने पलटते जारहे थे..जिसे उसने कभी पलट कर नहीं देखा...
खुद को तसल्ली देते हुए अपने मन में ही बोलता है... मैने मेल भले ना ओपन किये हो... लेकिन शनाया के टच में तो हमेशा रहा....उसकी आत्मा हंसती है और बोलती है... तुम टच में थे या वो पीछे थी तुम्हारे...
अरनव बिस्तर से तेजी से उठता है और बड़े ही अकड़ के साथ खुद को आइने में देखता है....तो कौन सी बड़ी बात हो गयी...मैंने बात तो की ही...मुझे उससे प्यार था या नहीं ये खुद मुझे ही पता नहीं था तो उसको क्या बोलता मैं...मैने जो भी किया सही किया... उसका मन फिर से सवाल किया अच्छा और जो अब किया वो कितना सही था....
अरनव खुद के सवालो में उलझता जा रहा था..... उसे आज ये सब पिक्चर देखने के बाद केतन का ख्याल आया....और बिना सोचे उसने केतन को फोन लगा दिया ....
अरनव – हाय
केतन – जी आप कौन
अरनव – केतन बोल रहे है आप
केतन – जी
अरनव –मैं अरनव बेदी बोल रहा हूं
केतन- ओह भाई साहब इतने सालों में मेरी याद कैसे आ गई तुझे.... फेसबुक पर देखता रहता हूं तुझे, तू तो बड़ा आदमी बन गया है.. और शायद इसीलिए पुराने दोस्तो को भूल गया है
अरनव – नहीं यार भूला होता तो आज तुझे कॉल करता
केतन – हां भूले तो नहीं होगे तभी लास्ट इयर कॉल किया था तुझे पिक तक ना किया था तूने
अरनव – यार मैं बीजी रहा होउंगा उसी में मिस हो गया होगा....
केतन – खैर छोड़ और बता कैसा है तू...बाकी सब कैसे शादी हो गई तेरी
अरनव –हंसते हुए सब बढ़िया है... रहा सवाल शादी का तो होते होते रह गयी...
केतन – क्यों तेरी शनाया की शादी अभी तक नहीं हुयी
अरनव – शनाया से ??????
केतन –और क्या मुझे लगा तुम दोनो अब तक शादी कर चुके होगे,
अरनव – हंसते हुए.. शनाया को मैने कभी डेट किया ही नहीं वो मेरी दोस्त ही बनी रह गयी
केतन – अपना सर पीटते हुए... तू इतने सालो में नहीं बदला... अब तो शनाया की शादी हो गयी होगी...मेरी उससे 5 साल पहले बात हुयी थी.. उसकी बातो से लग रहा था तुम लोग आपस में बाते करते हो...
अरनव – उसकी भी शादी नहीं हुई, और हां हम बात तो करते ही थे ... कभी कभी
केतन – ओके फिर तेरी शादी का क्या हुआ
अरनव – बस कुछ नहीं यार.. छोड़ मेरी तू कहां है
केतन – हैदराबाद में हूं
अरनव – ओके, चल मैं रखता हूं
केतन - एक बात बोलू
अरनव – बोल
केतन – अब बोल भी दे तेरा पुराना दोस्त हूं और तुझे अच्छे से जानता हूं तू अभी बहुत परेशान लग रहा है...क्या हुआ है.. बता तो सही क्या पता मैं तेरी कोई मदद कर सकूं
अरनव – नहीं यार बस मैं थोड़ा उलझ सा गया हूं
केतन- मतलब
अरनव – नायरा और शनाया के बीच जो भी हुआ केतन को बताने लगा.....अंत में गहरी सांस लेकर बोलता है और आज का आलम ये है कि ना नायरा है और ना शनाया है...मैने दोनो के साथ गलत किया...शनाया के प्यार उसकी दोस्ती को सम्हाल ना पाया और नायरा के बनाए हुए सपनों में खुद को फिट ना कर पाया....बहुत कोशिश की नायरा को कोई दुख ना हो... लेकिन उसकी कहानी शनाया से शुरु होती और उसी पर खत्म होती... खुद को सही साबित करते करते मैं पक गया था... इधर शनाया के सवाल उसका बेपनाह प्यार मेरे लिए जी का जंजाल बन गया था....
केतन – और आज का क्या सीन है तेरा इतना बताया है तो आगे भी सच ही बताना
अरनव – क्या बोलूं...मैं शनाया को इतनी तकलीफ पहुंचा चुका हूं कि उसके पास वापस जाने के सारे रास्ते बंद है... और नायरा से शादी का कोई स्कोप नहीं.....मेरी वजह से घर वालो के बीच काफी कुछ हो गया...
केतन – तू चाहता क्या है, अब ये बता
अरनव – पता नहीं
केतन – तुझे शनाया से प्यार है
अरनव – अब कोई फायदा नहीं
केतन – अबे फायदा नुकसान मत सोच ये सोच कि तू आज भी वहीं खड़ा है जहां 16साल पहले खड़ा था...आज भी शनाया तेरे मुंह से हां का इंतजार कर रही है...ना कर रही होती तो अब तक वो शादी कर चुकी होती
अरनव –शनाया अब काफी आगे निकल गयी है
केतन – तो अच्छी बात है ना लेकिन क्या आज तक उसने तुझे कभी कुछ शो किया
अरनव – नहीं
केतन – I am sure तूने ही उसको अकड़ दिखाई होगी
अरनव –हां
केतन – साले इतना प्यार करने वाली लड़की किसी को नहीं मिलती लेकिन तू इतना बड़ा बेवकूफ होगा मुझे नहीं पता था...
अरनव – क्या मतलब
केतन – अरनव, अब भी टाइम है.. अपने दिल की सुन और लौट जा शनाया के पास
अरनव – बोला ना कोई फायदा नहीं, कल ही उसने सबके सामने मुझे काफी कुछ कहा
केतन – वाह उसने एक बार बोल दिया तो इतना अकड़ और तू खुद इतने सालों से उसको एक प्यार भरे शब्द के लिए तरसाता रहा तो तू सही
अरनव – तब मैं उससे प्यार नहीं करता था...
केतन – मुझसे तो झूठ मत बोल... रूपल के बाद तूने शनाया की तुलना रूपल से करनी शुरु कर दी...तुझे शनाया पंसद भी थी... लेकिन तेरे अंदर का मर्द इस बात को मान ही नहीं पा रहा था कि एक लड़की मुझे कैसे छोड़ सकती है और बस तूने रूपल क्या दुनिया में जिसने भी तेरे साथ गलत किया उसका बदला तूने शनाया से लिया.... प्यार नहीं था तो मसूरी में जो तू कर रहा था वो क्या था...
अरनव – वो मेरी केयर थी
केतन – अच्छा औऱ किसी के लिए तूने केयर ना दिखाई
अरनव –केतन की बात का कोई जवाब नहीं देता
केतन- एक बात बता
अरनव – पूंछ
केतन – शनाया से तूने जब भी बात की क्या कभी उसने तुझे ये महसूस कराया कि तूने उसके प्यार को ठुकरा दिया था ।
अरनव – नहीं वो मेरी दोस्त है , और हम दोनो ने अपनी दोस्ती को अच्छे से निभाया है
केतन- वाह क्या दोस्ती निभाई है तेरी जिंदगी में कुछ गलत हुआ तो तूने उसको ब्लॉक कर दिया.... जब मन किया उसकी जिंदगी में आया और बिना बताए चला गया...बुरा मत मानना भाई तूने दोस्ती अच्छे से निभाई होती तो उसको छोड़ के नहीं जाता.. बल्की उसके साथ बैठकर परेशानी का हल निकालता..
अरनव – तुझे पता है मुझे कुछ समझ नहीं आता ये सब
केतन – ना यार इसीलिए तूने शनाया के साथ ये सब कर दिया और मजे की बात है कि इतनी देर से तू मुझे भी समझा रहा है कि तुझे शनाया से प्यार नहीं है
अरनव – ऐसा नहीं है
केतन –मान ले यार, वैसे भी मान लेने से पता है तेरा मन हल्का हो जाएगा.... मुझे पता है तू शनाया से बेइंतहा प्यार करता है.... लेकिन वहीं तेरा इगो,जिसको मना कर दिया था उसको हां क्यों बोलूं...
अरनव – केतन की बात पर कुछ नहीं बोलता
केतन- और एक वो पागल लड़की है, ऐसा कोई ग्रुप में नहीं होगा जिसे उसके प्यार के बारे में पता ना हो... वो आज भी तेरी एक हां के लिए हर रोज कोशिश करती है... और तू आज भी ......
अरनव, केतन की बात बीच में रोक करबोलता है... चल मान लिया मुझे उससे प्यार है लेकिन अब , अब तो वो नाराज हो कर चली गयी...
केतन – फाइनली तेरी जुबान से निकला तो सही... साले लड़की नाराज ही होती है इसलिए की तू उसे मनाए....मेरी मान तो अब तू वो कर जो आज तक नहीं किया अगर सच में तुझे शनाया चाहिए...
अरनव – मतलब
केतन – ओह यार इतनी उम्र हो गयी है फिर भी
अरनव – अब बोलेगा
केतन – ओके सुन शनाया को तुझे मनाने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी होगी...जा उससे जाके मिल.. बाते कर वो गुस्सा करेगी शिकायत करेगी... लेकिन मान जाएगी...
अरनव – यार इतने साल हो गए16 साल कुछ मायने रखता है...
केतन –हां 16 साल कुछ मायने रखता है... सोच ऐसा क्या क्या था जो वो चाहती थी और तूने नहीं किया
अरनव – मुझे याद ही नहीं है
केतन – भाई तेरा कुछ नहीं हो सकता एक काम कर तू काजल से बात कर वो तेरी मदद करेगी
अरनव – वो और शनाया पक्के दोस्त है.. वो मेरी कोई मदद नहीं करेगी
केतन – तू बात तो कर, तुझे क्या पता तेरी इस हां को सुनने के लिए सब बेचैन है....
अरनव – मतलब
केतन – मतलब कॉलेज ग्रुप का ऐसा कोई नहीं होगा...जो तुझे गालियां ना देता हो
अरनव – क्यों
केतन – क्योंकि शनाया ने कभी किसी को मौका ही नहीं दिया ... और तेरे बारे में एक भी उल्टी बात सुनने से पहले ही वो चार बाते सुना देती थी।
अरनव – तुझे ये सब बड़ा पता है.मुझे कभी बताया क्यों नहीं ।
केतन – हंसते हुए क्या बताता जिसको कुछ दिखाई ना दे रहा हो उसको बताने से क्या फायदा...।
अरनव – इतना सब किसने बताया
केतन – काजल ने ।
अरनव –तू क्या उसके साथ है तुझे तो वो बड़ा पसंद थी ।
केतन –जले पर नमक मत छिड़क... कभी कभी दूसरो का फेसबुक भी देख लिया कर ...
अरनव – मतलब
केतन – मतलब काजल किसी और के साथ सेट थी पहले से और उसी से शादी कर ली ..
अरनव – ओह
केतन – मेरी छोड़ औऱ काजल से बात कर .... और ये सोच कि अब तू शनाया तक कैसे पहुंचेगा....और हां आज पहली बार तू वो करने जा रहा है जो तुझे तब ही कर देना चाहिए था जब वो पहाड़ी पर खड़े होकर तुझे प्रपोज़ कर रही थी... साले तुझसे तो आधे लोग इसलिए जलते भी थे... कि एक लड़की तेरे पर इतना मरती थी ...
अरनव – क्या क्या हो गया ना इतने सालो में
केतन- कोई ना तूने अब सुध ली तो अब ही सही...जा मनाले अपनी शनाया को....वैसे भी तेरा और उसका साथ यहां का नहीं लगता..तुम दोनो कुछ और ही हो.. मैं खुश हूं कि शनाया को उसका अरनव मिल जाएगा...
To be continued
6 comments:
This turn is superb.... finally we can expect something good
Nice story
Ya be positive
Thank you
Wat will b next turn??w8ing eagerly☺️
Thursday ka wait karo sub wow hi hoga
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