आज किसी ने मुझे याद नहीं किया.......
दो पल अपना किसी ने बर्बाद नहीं किया.....
सोचते रहे हम बेफ़िकी से होगी उसे भी ज़रूरत मेरी.....
दिन गुज़र गया लेकिन कुछ ख़ास नहीं हुआ........
लोग समझाते रहे हमें
उसकी बेपरवाही को......
हमें उसकी हर अदा पर नाज़ हो गया....
काटों से भरे रास्तें पर चलते रहे हम...
उनकी एक नज़र के लिए दिल लहूलुहान हुआ.......
सोचते हैं क्या प्यार पाने की हसरत है बुरी लत की तरह....
उनकी एक नज़र के
लिए ख़ुद को बर्बाद कर लिया........
दुनिया को नहीं बताएंगे इस अहसास को.....
नुमाइश से बचा ना पाएंगे इस प्यार को.......
1 comment:
Nice.....👌
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