CHAPTER -11
माया राहुल की आंखों में
आखें डाल उसको देखे जा रही थी....
राहुल – माया मैने तुमसे कुछ कहा तुमने सुना नहीं ना...
माया- हां बोलो राहुल मैं तुम्हें ही सुन रही हूं...... क्या कहूं...... मैं तुम्हें ही
पूरी ज़िंदगी सुनना चाहती हूं... दुनिया में तुम एक ऐसे इंसान हो जो इस बक बक करने
वाली माया को चुप करा सकता है...
तुम्हीं हो राहुल जिसकी अधूरी बाते मुझे कांटे की तरह चुभती है... तुम्हीं हो राहुल जिसकी एक हंसी मेरे लिए जीने की वजह
बन जाती है....
राहुल माया की शक्ल देखे जा रहा था....
राहुल – अब मैं बोलूं
माया – फीकी सी हंसी हंसते हुए हां राहुल बोलो...
बस कुछ ऐसा मत बोल देना
की मुझे हंसी आ जाएं...माया बेफिकरी का झूठा दिखावा करते हुए हंसती जा रही थी...
राहुल – माया मैं जा रहा हूं....
माया- ठीक है जाओं कोई बात नहीं
राहुल – माया मैं इलाहाबाद से जा रहा हूं..
माया- कितने दिनों के लिए
राहुल – हमेशा के लिए.....
राहुल के ये शब्द सुनकर माया का बेफिकरा अंदाज एक दम से बदल गया.. उसका
चेहरा एक पल में बेरंग हो गया था... होठो की मुस्कान आखों की चमक सब गायब थी...
खुद को सम्हालते हुए माया ने बोला..
माया- राहुल कहां जा रहे हो... मुझसे इतना तंग आ गए तुम
राहुल – नहीं यार मेरी जॉब लग गयी है एक software company
में...
माया- कहां
राहुल- बैंगलोर
माया- great राहुल congrts मैं
तुम्हारें लिए बहुत खुश हूं... अच्छा है भगवान करें कि तुम हर दिन आगे बढ़ो अपने
सपनों को पूरा करों और congrts एक
और बात के लिए...finally तुम्हारा मुझसे पीछा
छूटा..
.
राहुल- नहीं यार तू ऐसे क्यों बोल रही है... क्या मैं तेरा दोस्त नहीं
हूं...
माया – जोर से हंसते हुए (आंखों से आंसू बस निकलने को बेताब थे) यहीं तो
दुख है मुझे कि तुम मेरे दोस्त हो मैं तुम्हारी कुछ भी नहीं लगती....
राहुल अपनी नजरें नीचे करके माया की बात सुने जा रहा था... उसके समझ ही
नहीं आ रहा था माया को क्या बोले
और माया को लग रहा था.. कि बस कुछ पल और फिर हम कभी ना मिलेंगे... राहुल इस
पल को मेरा बना दो... टेबल के दोनो तरफ एक पल के लिए खामोशी छा गई थी.....
राहुल- सुन ना माया मैं तूझे फोन
करूंगा.... चैट करूंगा.... dnt worry हम हमेशा connected रहेंगे...
माया- हां बस तुम मुझे....... खैर जाने दो ये बताओं कब जा रहे हो...
राहुल- कल जा रहा हूं....
माया- इतनी जल्दी क्यों बताया मुझे.... आराम से वहां पहुंच जाते फिर बताते
राहुल - sorry यार मैं अपनी ही उलझन में रह गया था...
माया- कोई बात नहीं राहुल जिंदगी ने साथ दिया तो मैं तुम्हे फिर से परेशान
करूंगी ...इतना तो मुझे खुद पर भरोसा है दुनियां में तुम कही भी चले जाओं मुझ जैसी
दोस्त तुम्हें कभी नहीं मिलेगी....
any way bye राहुल..... दिल करेगा तो
पहुंच कर फोन कर लेना अपना ध्यान रखना.... मैं जा रही हूं....
राहुल – bye माया
माया ने राहुल के bye को भी ध्यान से नहीं सुना..... वो तेजी से
उठी और बाहर निकलने लगी... राहुल वहीं बैठा रहा.... माया की साडी टेबल में फंस
गयी...माया ने साड़ी को तेजी से खींचा और समेट कर तेजी से आगे बढ़ गयी... माया का
खुद पर अब कोई बस नहीं था...वो अपने आसूंओं को रोक नहीं पा रही थी.... उसको कोई
फर्क नहीं पड़ रहा था... लोग उसे रोते हुए देख रहे है... माया बस रोए जा रही थी..
उसको जल्द से जल्द कॉलेज के अंदर पहुंचना था....
इधर राहुल के पास पीहूं और नरेंद्र
पहुंचते है....
पीहूं – राहुल माया कहां है ..
राहुल – वो चली गई...
पीहूं – क्यों
राहुल- क्योंकी मैं बहुत बुरा इंसान हूं मैने उसको रूला दिया...
पीहूं – अरे कुछ भी...... बताओं क्या हुआ
राहुल- यार मेरी जॉब बैंगलोर लग गयी है.. मैं यहीं बताने आया था उसको
पीहूं- ओह समझ गयी मैं.... कोई नहीं राहुल मैं उसको देख लूंगी... उसकी तरफ
से मैं sorry बोलती हूं..
राहुल – नहीं यार ऐसी कोई बात नहीं है माया बहुत अच्छी लड़की है... लेकिन
अभी मैं बहुत problem में हूं मेरा focus कुछ और है.....
पीहूं - कोई बात नहीं राहुल वो समझ जाएगी... तुम उससे सिर्फ पूरी बाते करों
तो शायद उसको कोई फर्क ही ना पड़े.... any way keep in touch मैं जरा माया को देखती हूं....
bye..
पीहूं राहुल और नरेंद्र को bye
बोलकर तेजी से कॉलेज की तरफ बढ़ गई
Location – कॉलेज
पीहूं माया को ढूढं रही थी... लेकिन माया कहीं नजर नहीं आयी....पीहूं माया
की तलाश में सभी क्लास रूम को चेक कर रही
थी... हॉल में music की आवाज काफी तेज थी....लड़कियों का हल्ला अपने
चरम पर था... लेकिन माया का कहीं पता ना था.... पीहूं माया को खोजते खोजते कॉलेज
के पीछे बने बगीचे में जा पहुंची.....
वहां पर कोई भी नहीं था... पीहूं वापस लौटने लगी तभी उसके कानों में माया
की सिसकने की आवाज आय़ी... माया पेड़ के पीछे बैठकर तेज तेज रो रही थी... उसने अपनी
साड़ी बदल थी....दुपट्टा दूर पड़ा था.... बाल बिखरे हुए थे... माथे से बिंदी गायब
थी...माया पूरी हाल बेहाल हो कर पड़ी हुयी थी...माया की आंखें सूज गयी थी....पीहूं
को देखते ही माया उससे लिपट गयी और तेज तेज रोने लगी....
माया- (सिसकते हुए) पीहूं मेरा प्यार अधूरा ही रह गया... अब हम कभी नहीं
मिलेंगे..भगवान ने मेरे साथ ऐसा क्यों किया...
पीहूं – तू पहले चुप हो जा ऐसा कुछ नहीं है...
माया- तुम्हें कुछ नहीं पता..
पीहूं – मुझे सब पता है.. मैं अभी राहुल से मिल कर ही आ रही हूं...
माया- वो मुझसे प्यार नहीं करता
पीहूं – बेवकूफ हो तुम उसने ऐसा कहा क्या
माया- नहीं लेकिन हां भी तो नहीं बोला
पीहूं- तुम गधी हो... उसने बोला ना वो कॉल करेगा... connected रहेगा... माया उसको समझने की कोशिश करो वो बाकियों
जैसा नहीं है.....उसकी life में
कुछ problem है इसलिए वो अभी कुछ ना बोल रहा... wait for the right time he is very serious person वो तुम्हारे साथ कुछ गलत नहीं होने देगा... that’s
I m sure…. So wait for the right time और cheer up करों खुद को....
चलो उठो पहले अपना मुंह धुलो...कपड़े सही करों फिर बात करते है.... पीहूं
ने माया को सम्हाला...औऱ बोला पूरे कॉलेज में अपना धाक जमाए फिरती हो लेकिन दिल की
इतनी कमजोर हो तुम कौन कहेगा की ये वही माया है जिससे सब डरते है पागल हो तुम....
चलों अब यहां से...
वक्त तेजी से गुजरने लगा .... राहुल का फोन माया के पास कभी कभी आता था... लेकिन माया राहुल की हर रोज खबर लेती.... माया के दिन की शुरुआत राहुल से होती रात भी राहुल के यादों के साथ होने लगी.....लेकिन आज भी माया उस पल का इंतजार कर रही थी... जब राहुल उससे अपने दिल की बात कहता... माया उम्मीद लगाएं बैठी थी....माया ने अपनी पढ़ाई पर फोकस बढ़ा दिया था... अब उसकी जिंदगी का मकसद तय हो चुका था.. माया को बैंगलोर के IIM से ही MBA करना था.... उसके दिमाग में सिर्फ एक बात चल रही थी... वो राहुल के बराबर आ जाएगी... तो राहुल उसको जरूर प्रपोज करेगा.... और बैंगलोर उसे हर कीमत पर जाना है...माया अपने प्यार के लिए कुछ भी करने को तैयार थी.... लेकिन माया के घर के हालात अब बदल चुके थे.......
TO BE CONTINUED
3 comments:
Wow...interesting, eagerly waiting for the next
Keep reading tx dear
💕...👏
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