Friday, 17 March 2017

MAYA "THE UNFOLD LOVE STORY" FINAL EPISODE

आज का दिन माया के लिए सबसे खास था माया को देख कर कोई नहीं कह सकता था कि माया इतनी बिमार है.... सालों बाद आज माया के चेहरे पर वहीं खुशी दिख रही थी.. जो कभी माया की पहचान हुआ करती थी... माया की सुबह एक खुबसूरत इंद्रधनुष की तरह हुयी थी..... माया ने अपने बिखरे  बालो  को समेटा....और आइने के सामने खड़ी हो गयी ... माया खुद को निहारे जा रही थी.... मानो ऐसा लग रहा हो आज उसके लाइफ की पहली डेट हो.......माया मन ही मन मुस्कुरा रही थी.... तभी आद्या ने  पीछे से आकर पूछा.. क्या बात है मां आज आप बहुत खुश है... और आज आप एक दम अलग रही है..मैने ऐसे तो आपको पहले कभा नहीं देखा था.... नहीं नहीं याद आया... पहले आप बिल्कुल ऐसे ही रहती थी.. ना एक दम फ्रेश.. NICE to see  u like this mom u look so beautiful…. हमेशा आप ऐसे ही रहना...

Yup aadya I will beta माया बोलकर किचन में चली गयी .... आज माया को ढेर सारी चीजे पकानी थी....लेकिन सबसे पहले माया ने आदित्य का जूस और आद्या का नाश्ता बनाया...
आदित्य भी आज माया को देखे जा रहा था... उससे नहीं रहा गया तो पूछ ही लिया क्या बात है  माया आज तुम्हारा जन्मदिन है क्या..... आद्या बताओ बेटा क्या आज कुछ है क्या तुम्हारी मां आज एख दम फ्रेश और अलग रही है .... आद्या पापा की बात सुनकर हंसने लगी... नहीं पापा आज मां बहुत खुश है क्यों है ये मुझे भी नहीं पता लेकिन इससे पहले भी मां को कई बार इतना ही खुश देखा है मैने

आदित्य- मुझे भी बता दे कोई मैं भी खुश हो लूं... मैं रोबोट थोड़े ना हूं की बातों को समझूंगा नहीं
माया आदित्य की बात सुनकर हैरान थी ... ये कैसे हो गया
माया –आद्या आज सूरज कहां से निकला है बेटा जरा चेक करना
आद्या मां की बात सुनकर हंसने लगी और बोला प्लीज आप लोग फिर से मत शुरू हो जाना.... पापा आप जाइए आपके बच्चे आपका इंतजार कर रहे होंगे....

आदित्य जाने लगा तो माया ने रोक लिया औऱ बोला

माया- आदित्य मुझे तुमसे कुछ कहना है
आदित्य- हां माया बोलो क्या चाहिए तुम्हारे कार्ड का बिल मैने भर दिया था  कोई औऱ काम रह गया है क्या
माया की आंखों में आसूं आ गए.... आदित्य ने पहली बार माया को रोते हुए देखा....

आदित्य- क्या बात है माया मैने कुछ गलत कह दिया क्या... इसिलिए मैं कुछ नहीं बोलता...
माया- फीकी सी हंसी हंसत हुए बोली मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी मुसीबत ही यही है कि मेरे लिए जो सबसे ज्यादा मायने रखते है वो कुछ बोलते ही नहीं....  any ways  तुमसे कुछ गलत नहीं हुआ है आदित्य मैं बस इतना कहना चाहती थी... कि इतने सालों में  अगर तुम्हें मुझसे कोई शिकायत है तो आज बता दो... I mean  हम अभी सब कुछ सुलझा लेते है ..

आदित्य माया की बात सुनकर समझ ही नहीं पा रहा था ..कि माया ऐसे क्यों बोल रही है ...
आदित्य- नहीं माया मुझे तुमसे कोई शिकायत नहीं है तुम दुनिया की सबसे अच्छी बीवी हो सबसे अच्छी मां हो ....

माया – हंसते हुए हां बस सबसे अच्छी खुद के लिए नहीं बन पायी खैर चलो अच्छा है तुम्हें मुझसे कोई शिकायत नहीं है... अचछा सुनो मैने बैंक के लॉकर की चाभी और कुछ पेपर तुम्हारी अलमीरा मे रख दिया है तुम उसे सम्हाल कर रख लेना....
आदित्य- तुम ऐसे कैसे बात कर रही हो माया कहीं जा रही हो क्या
माया- हां मैं आज घूमने जा रही हो....
आदित्य- कब वापस आओगी 
माया- पता नहीं
आदित्य- ओके जैसी तुम्हारी मर्जी
माया- आद्या का ध्यान रखना उसको डांटना मत
आदित्य- तुम जाओ मैं सब कुछ देख लूंगा
माया – ओके आदित्या बाय and thanks for the wonderful life which u given me….thanks a ton

आदित्य को आज माया की हरकते कुछ अजीब लग रही थी ... लेकिन उसने कुछ नहीं बोला और निकल गया
आद्या- मां क्या बात है आज बताओं मुझे ...
माया- कुछ नहीं कल मेरी बेटी ने मेडिकल का  exam  clear  किया है इसलिए आज माया खुश है ...
आद्या- ओके मां मैं भी जाती हूं  अफने  friends  से मिलने... 
एक मिनट रूको बेटा ... माया ने आद्या को रोका
आद्या – क्या हुआ मां
माया ने बिना कुछ बोले आद्या को गले लगा लिया और उसके माथे को चूम लिया
आद्या- क्या हुआ मां
माया – कुछ नहीं बेटा बस तुझे प्यार करने का मन था तो कर लिया
आद्या- love u mom
माया – bye बेटा....
आद्या भी घर से चली गयी.... माया ने बिना वक्त गंवाएं किचन में चली गयी.... उसने राहुल के लिए जलेबी बनायी..... और गाजर का हलवा बनाया... उसको पैक किया.... फिर उसको याद आया कि राहुल का कोई फोन तो आया ही नहीं आज
माया ने राहुल को फोन किया –
माया- हाय राहुल
राहुल- हाय माया
माया- आज तुम आओगे ना
राहुल – हां जरूर आउंगा नहीं तो तू मुझे भूत बनकर डराएगी ...
माया- हंसने लगी अच्छा है तुम्हें याद है
राहुल – सब कुछ याद है
माया – फिर शर्त याद है ना मेरे राहुल बन कर आना और सिर्फ मेरे
राहुल – थोड़ा गंभीर हो गया औब बोला हां माया मैं सिर्फ तेरा राहुल बन कर आउंगा.... मुझे लोकेशन भेज दे कितनी देर में मिलना है
माया- दो घंटे में... चलो अब मैं रखती हूं मुझे इंतजार मत कराना आज मैं लोकेशन भेजती हूं...
माया ने फोन रखते ही पीहूं औऱ राहुल दोनो को लोकेशन भेज देती है....
अब माया को सिर्फ एक धुन थी... आज मुझे अच्छे से तैयार होना है कि राहुल देखे तो देखता रह जाए....
माया ने  पहले अपने होम थियेटर के धूल को साफ किया फिर अपने मोबाइल से connect किया और अपना fev. Song प्ले कर दिया
सजना है मुझे सजना के लिए
सजना है मुझे सजना के लिए
ज़रा उलझी लटें संवार लूँ
हर अंग का रंग निखार लूँ
कि, सजना है मुझे सजना के लिए
माया इस गाने को कॉलेज टाइम में  भी गाया करती थी जब भी वो राहुल से मिलने जाया करती थी......आज भी माया इसी गाने को सुन रही थी और तेज तेज गा रही थी.... माया का दिल हो रहा था कि आज वो झूम झूम कर नाचे..लेकिन माया की तबियत अब इस लायक नहीं थी.. माया को इसकी भी फिक्र नहीं थी.. माया ने दवाई खाई और दवाइयां अपने पर्स में रख लिया... फिर माया तैयार होना शुरु हुई... माया ने ब्लू कलर की गाउन खरीदी थी कल आज माया उसे पहन कर बला की खुबसूरत लग रही थी... माया ने अपना मेकअप किया होठो पर रेड कलर की लिपस्टिक लगायी आखों में ब्लू कलर का आई लाइनर और ब्लैक कलर का काजल लगाया माया ने अपने बालो  को  ब्लो ड्राई किया औऱ बालो को खुला छोड़ दिया माया को अपने खुले बाल बहुत पंसद थे... लेकिन उसे आज तक नहीं पता था कि राहुल को कैसे बाल पंसद है कभी बात ही नहीं हुई इस बारे में माया खुद को शीशे में देख देख कर निहार रही थी... अपनी आंखों पर से माया ने चश्मा हटाया और लेंस लगा लिया... अब माया पूरी the great maya  दिख रही थी... माया ने अपने मोबाइल को होम थियेटर से  disconnect  किया और अपनी एक अच्छी सी सेल्फी खींची...

माया अपना पर्स औऱ किचन से राहुल के खाने का बैग लेकर बाहर निकलने लगी...लेकिन तभी उसके दिल में ना जाने क्या ख्याल आया उसने सब चीजो को नीचे रखा ...और अपने घर को तसल्ली से घुम कर देखने लगी ... माया का किचन जहां माया ने सबसे ज्यादा वक्त काटा माया की छत जहां माया ने ना जाने कितनी बार राहुल के बारे में सोचते सोचते बैठी रह जाती थी... माया के घर का हर कोना माया की यादों में बसा था.... जैसा भी थआ उसका घर था... माया को लग रहा था कि अब फिर उसे मौका नहीं मिलेगा....माया आद्या के कमरे में जाती है... आद्या की तस्वीरे आद्या के कपड़े आद्या के बेड को माया छू छू कर मुस्कुराएं जा रही थी... और रोए जा रही थी.... माया ने सबको अपने होठो से चूमा ... और प्यार से सहला कर वहां से निकल गयी...

माया  ने अपने बालो को दोबारा ठीक किया औऱ  कार की चाभी लिया सामान उठाया और निकल गयी...... माया को अब कोई गम नहीं था... वो सब पीछे छूट गया जो कभी माया की जिंदगी का हिस्सा थे.. अब माया औऱ राहुल के बीच बस कुछ वक्त का फासला था ... इस दूरी को तय करने में माया को इतने साल लग गए...... माया खुद से ही बाते करते करते हंसने लगी ... मैं भी कितनी जिद्दी हूं राहुल के पीछे नहां धो कर पड़ गयी.... बेचारा आज भी मेरे कहने से आ रहा है...राहुल कितना अच्छा है कभी प्यार भी नहीं किया... लेकिन कबी मुझसे नाता भी नहीं छोड़ा बस आज का दिन अच्छे से गुजर जाए फिर मैं रहूं ना रहूं.... मुझे कोई गम नहीं....

माया अपने ख्यालों में राहुल से बाते करते करते उस रेस्तरा पहुंच जाती है जहां उसने राहुल को बुलाया था.....
माया अंदर दाखिल होती है तो एक दम अंधेरा होता है वो सोचती है अच्छा मैनेजर ने अभी से कर दिया होगा क्योंकि जैसे ही राहुल आएगा .. लाइट्स ऑन होगी.... लेकिन तभी उसके ऊपर गुलाब की पखुंड़ियों की बारिश होने लगती है ... माया एक दम से रूक जाती है ... और  अंधेरे में ही मैनेजर मैनेजर बुलाने लगती है ... तभी लाइट्स ऑन होती है..... माया की आंखों के सामने उसका राहुल बांहें फैलाए खड़ा रहता है... 

राहुल के पीछे  तीन बंदे गिटार लेकर खड़े रहते है और राहुल के इशारे पर बजाना शुरु कर देते है... माया  हैरान हो जाती है... माया ने ये सब राहुल के लिए प्लान किया था... राहुल इशारे से माया को अपने करीब बुलाता है ...... लेकिन आज माया के कदम लड़खड़ाने लगते है ... माया राहुल का सामना ही नहीं कर पा रही थी ... उस लग रहा था कि जैसे वो नई नवेली दुल्हन की तरह सबके सामने खड़ी है.... माया की आंखों में आसूं भर जाते है माया उस जगह से हिल भी नहीं पाती है...

राहुल उसकी ये हालत देखकर उसके करीब जाता है.... उसके हाथ को धीरे से पकड़ता है औऱ अपनी बाहों में ले लेता है... माया के हाथ राहुल को छूने से पहले ही कांप रह होते है .. माया ने बड़े मुश्किल से राहुल के पीठ पर अपना हाथ रखा और अपना सर उसके सीने में छिपा लिया वो रोती रही रोती रही रोती रही .....सिसक सिसक कर रोती रही माया राहुल उसको कस कर अपनी बाहों में समेटता गया समेटता गया.... पूरे रेस्तरां में सिर्फ सिसकने की आवाज थी ...... वहां मौजूद सारे वेटर और मैनेजर की आंखे भर आयी थी राहुल ने धीरे से माया को खुद से  अलग किया अपने रूमाल से उसके आसूंओं को साफ किया उसका हाथ पकड़ा और टेबल की तरफ बढ़ गया .... माया के लिए चेयर खींची उस पर माया को बैठाया और खुद  जमीन पर घुटने के बल बैठ गया... और बोला
राहुल-   do u love me  again and again maya  राहुल के हाथों में एक प्यारी सी  simple सी  ring  रहती है ....
माया राहुल से ये सब तो कभी  expect   कर ही नहीं रही थी.... माया को समझ ही नहीं आ रहा था  ये कैसे हो गया....

राहुल – बोलो माया

माया- क्या राहुल तुम मुझसे वो करने के लिए बोल रहे हो जो मैं ना जाने कितने सालों से कर रही हूं
राहुल – लेकिन क्या आज मेरे कहने पर नहीं कहोगी ..

माया- I love u yar  always  तुमने कभी सांस लेना बंद किया है नहीं ना वैसे ही मैने कभी तुमसे प्यार करना बंद नहीं किया है राहुल  but I m touched I feel so good finally  तुम्हें मुझसे प्यार हो ही गया.. ये रिंग तुम अपनी बीबी के लिए सम्हाल कर रखों मुझे मत दो मैं तो ऐसे भी तुम्हें प्यार करती हूं...

राहुल – ये सिर्फ तेरे लिए है ..  I m sorry मैं कभी बोल नहीं पाया कभी अपनी बेवकूफी में तो कभी घबराहट में लेकिन मेरे लिए तेरा प्यार देख कर मैं खुद को छोटा कर देता था... तेरे जैसा प्यार मैं नहीं कर सकता माया

माया- मैने कब कहां राहुल की तुम मुझे प्यार करों वैसे भी इतने सालों में तुमने मेरा कभी साथ नहीं छोड़ा हर वक्त मेरे से  connected रहे ये जानते हुए  कि मैं तुम्हारे पीछे पड़ी हूं तुमने कभी  react  नहीं किया मेरी सब वकवास सुनते रहे... याद है राहुल एक बार मेरे पास 3000 रूपए नहीं थे रेंट देने के लिए तुम उसस वक्त दुबई में थे.. तुमने बिना कुछ सोचे मेरे अकाउंट में पैसे डाल दिए थे... तुम्हें नहीं पता मैं उस वक्त किस परेशानी में थी .. तुमने उस वक्त मुझ पर बड़ा ऐहसान किया था..

राहुल – पागल है क्या तू भी इतनी सी बात को आज तक याद करके रखा है ...
माया- इतनी सी बात तुमसे जुड़ी हर बात मेरे जहन मे हमेशा रहती है जो भी छोटी मोटी यादे है मेरे पास है वहीं तो मेरे जीने का सहारा थी... तुम पहले ऊपर बैठो माया ने राहुल को ऊपर खींचा राहुल ने बोला पहले ये रिंग पहनो... माया ने अपना बाया हाथ आगे बढ़ा दिया और बोला पहना दो 
राहुल..... 

पता है राहुल जो तुम्हारी पहली girl friend  थी सोनल उसने जब तुमको धोखा दिया तो मुझे बड़ा गुस्सा आया था... मैं और पीहूं रोज उधर से गुजरते और एक बार उसके ऑफिस भी गए थे.. कि आज सोनल को मार पीट  कर आएंगे और ढेर सारी गालियां दे कर आएंगे लेकिन वहां काफी लोग थे तो हम दोनो डर गए... और वहां से भाग गए... कह कर माया हंसने लगी... और राहुल माया की शक्ल देखने लगा...और बोला

राहुल – तू मुझे बहुत प्यार करती थी  ना
माया – हां ये तो है तुम्हारे एक मिस कॉल पर मै रसगुल्ले बांटा करती थी अपने ग्रुप में तुम अगर मुझसे ज्यादा बाते कर लेते थे तो मैं दिन भर पीहूं से सिर्फ और सिर्फ तुम्हारी बाते किया करती थी दरअसल मैं पूरी पागल लड़की थी....हाहाहहाहाहाहा शायद अब भी हूं.... देखो आज भी मैं ही बोल रही हूं ऐऱ तुम फिर से सुन रहे हो

राहुल – हंसने लगा... ये तो है अच्छा बता क्या खाएगी...
माया – कुछ भी लेकिन प्लेन दोसा बिल्कुल नहीं वैसे मैं तुम्हारे लिए कुछ लायी हूं
राहुल – क्या माया
माया- रूको ना  माया ने वेटर को खाने का बैग दिया और बोला इसको गर्म करके ले आओं...
राहुल – इसमें क्या है माया
माया – तुम्हारी कभी  fev  हुआ करती थी
राहुल – क्या
माया- आने तो दो
वेटर जैसे ही लेकर आया प्लेट राहुल के चेहरे पर एक दम से मुस्कान आ गयी
राहुल – जलेबी और गाजर का हलवा  yummy  तुझे याद था ....
माया- फिर वहीं सवाल अब सवाल मत करो राहुल हमारे पास वक्त बहुत कम है तुम इसको खा लो ...
राहुल – क्यों कहां जाना है तुझे...
माया- पता नहीं...
राहुल – क्यों बता ना
माया – कुछ नहीं तुम इसको खा लो इसके बाद हम डांस करेंगे फिर कुछ खाएगें.. ओके तुम चाहो तो पी भी सकते है...
राहुल – हंसने लगा नहीं यार अब मैने सब कुछ छोड़ दिया है..
 माया ने वेटर को बुलाया और एक सांग प्ले करने के लिए बोला
माया- कैसा बना है राहुल
राहुल – एक दम मस्त
माया – सच इस दिन का इंतजार आज खत्म हुआ आज मैं बहुत खुश हूं...
राहुल  माया को देखे जा रहा था.....
तभी रेस्तरां में सांग प्ले होता है 
लग जा गले के फिर ये
हसीं रात हो ना हो
शायद फिर इस जनम में
मुलाक़ात हो ना हो
हम को मिली हैं आज ये घड़ियाँ नसीब से
जी भर के देख लीजिये, हमको करीब से
फिर आप के नसीब में, ये बात हो ना हो
शायद फिर इस... जन्म में मुलाकात हो ना हो
पास आईये के हम नहीं आयेंगे बार-बार
बाहें गले में डाल के, हम रो लें जार-जार
आँखों से फिर ये प्यार की बरसात हो ना हो
शायद फिर इस...

माया खड़ी हो जाती है और  राहुल के सामने अपना हाथ बढ़ा देती है... राहुल माया को बिल्कुल मना नहीं करता.. दोनो एक दूसरे के बाहों में बाहें डाल धीरे धीरे डांस करने लगते है... राहुल माया को देखे जा रहा था और माया गाने के अल्फाज़ों को सुनकर और रोयी जा रही थी सही भी तो था... माया को आज के बाद ये दिन कभी नसीब नहीं होगा.... इस एक पल में लाखों पल माया जी रही थी .. राहुल माया के आसूंओं को पोछे जा रहा था.. उसने धीरे से गाने को रूकवाया और माया को लाकर चेयर पर बैठा दिया फिर एक दम गुस्से से पूछा अब मुझे बताएगी कि क्या हुआ है देख तेरी डेट वाली विश तो पूरी कर रहा हूं ना कुछ और है क्या माया जो मुझे नहीं पता... बता ना माया... मैने पहले ही चुप रह कर अपना बहुत नुकसान कर लिया है.. अब बची हुई जिंदगी मैं तेरे साथ गुजारना चाहता हूं...
माया- और तुम्हारी बीवी बच्चे
राहुल – क्यों तेरे भी तो थे तूने क्या किया उनका
माया- छोड़ कर आ गयी जिंदगी बची रही तो वापस जाउंगी नहीं तो नहीं
राहुल – मतलब
माया तुम बताओं क्या सच में तुम मेरे साथ रहोगे
राहुल – हां माया हम  दोस्त तो है ना एक दूसरे से प्यार करते है.. अब जिंदगी के कुछ साल और है मैं तेरे घर के बगल में रहुंगा तुझसे रोज मिलूंगा हम मूवी देखेंगे... घूमेगे फिरेंगे
माया- और तेरी फैमली
राहुल – बच्चे विदेश में सैटल है और उनकी मां उनके साथ
माया- तुम भी तो वहीं रहते हो ना
राहुल –नहीं माया अब मैं यहीं रहूंगा... अब मैं तेरे साथ जीना चाहता हूं
माया तेज तेज रोने लगी औऱ बोलने लगी अब मैं तुम्हारे साथ नहीं रह सकती राहुल....
राहुल – क्यों माया
माया- राहुल मुझे थोड़ी भी उम्मीद होती कि तुम मुझे कभी ऐसे मिलोगे तो मैं अपने साथ कभी ऐसा नहीं करती
राहुल- क्या किया तूने
माया- कुछ नहीं राहुल मुझे यूट्रस कैंसर है...
राहुल – तो इसको ठीक किया जा सकता है
माया- पता नहीं
राहुल – तेरे घर में सबको पता है
माया- किसी को भी नहीं
राहुल – क्यों
माया – क्या बताती राहुल मैं जीना ही नहीं चाहती
राहुल – क्या अब भी तू जीना नहीं चाहती
माया- राहुल अब मैं कुछ भी तय करने की हालत में नहीं हूं
राहुल – अगर मैं कहूं मेरे लिए जी ले माया क्या तब भी
माया- राहुल क्या बच्चों जैसी बाते कर रहे हो
राहुल – माया मेरे चुप रहने की इतनी बड़ी सजा नहीं हो सकती..
माया – राहुल तुमने मुझे जो आज दिया है मैं इसके साथ सुकून से मर सकती हूं...
राहुल – लेकिन मैं तेरे साथ जीना चाहता हूं
माया- अब मैं बुड्ढी हो गयी हूं
राहुल – तो मैं भी तो हो गया हूं लेकिन मुझे तू चाहिए
माया राहुल की बातो को सुने जा रही थी और उसके माथे से पसीने की मोटी मोटी बूंदे गिर  रही थी ...
राहुल माया की हालत देख कर उसको अपने सीने से लगा लेता है ... माया मैं तेरा इलाज विदेश में कराउंगा बस तू मुझसे वादा कर तू मुझे छोड़ कर नहीं जाएगी
माया- राहुल मैं तो कभी गयी ही नहीं.. देखो आज भी तुम्हारी बाहों में हं..पर सच इतने सालो में मैं तुम्हारा हाथ तक ना पकड़ पायी कांपने लगती थी आज देखो तुम्हारी बाहों में हूं
राहुल – माया पीहू का नंबर दे
माया मेरे मोबाइल में है वो आती होगी ...

राहुल ने पीहूं को फोन किया औऱ उसको जल्दी से आने को बोलता है पीहूं बोलती है मैं बस थोड़ी देर में पहुंच जाउंगी
राहुल – माया मेरी आखों में देख तुझे क्या दिखता है
माया – thank god  आज तो मुझे सिर्फ और सिर्फ प्यार दिख रहा है राहुल
राहुल – माया फिर ये प्यार तुझे कुछ साल औऱ मिल सकता है बस एक बार तू हां कर दे
पीहूं रेस्तारां में दाखिल होती है... माया की हालत देखकर वो चीख पड़ती है वहीं माया पीहूं को देखकर हंसने लगती है...औऱ कहती है
माया- पीहूं देख आज मेरा राहुल मेरे पास है मेरी पीहूं मेरे पास है आज मैं दुनिया की सबसे लकी लड़की हूं...
पीहूं – तूझे क्या हुआ है
राहुल – तुझे भी नहीं पता
पीहूं – नहीं
राहुल – माया के यूट्रस में कैंसर है..
पीहूं---- क्यायायायायायायायाय
राहुल – पीहूं इसको बोल ये मेरे साथ रहने का वादा करे मैं इसको कुछ  नहीं होने दूंगा
माया राहुल की आखों में अपने लिए प्यार ही प्यार देखकर मुस्कुराने लगती है.... उसकी सांसे तेज चलने लगती है और माया कहती है

माया- राहुल तुम्हे दिया मैने एक मौका बचा लो मुझे मैं भी तुम्हारे साथ जीना चाहती हूं... राहुल औऱ पीहूं के चेहरे पर एक सुकून दिखता है... yes now u r my the  great maya  पीहूं बोलती है अब तुझे कुछ नहीं होगा...

राहुल माया को अपने गले लगाता है और पीहूं की मदद से उसको अपनी कार में ले जाता है
माया राहुल का हाथ एक पल के लिए भी नहीं छोड़ती राहुल माया को दिल्ली के सबसे अच्छे हॉस्पिटल ले जाता है पूरा हॉस्पिटल अपने सर पर उठा लेता है.. डॉक्टर माया को राहुल से अलग करते है लेकिन माया राहुल का हाथ नहीं छोड़ती.... माया डॉक्टर से कहती है अगर आप मुझे सच में बचाना चाहते है तो मुझसे राहुल को पीहूं को दूर मत किजिए.....

डाक्टर- इनके घर का कौन है  इस फॉर्म पर साइन कौन करेगा .. राहुल औप पीहूं एक दूसरे को देखने लगते है.. पीहूं आदित्य को फोन करने लगती है.. माया पीहूं को रोक देती है...और डॉक्टर से कहती है ये है मेरे  सब कुछ आप इनके साइन ले लिजिए... राहुल माया को देखने लगता है औऱ फार्म पर साइन कर देता है.... 

माया एक गहरी सांस लेती है और राहुल के गले लग जाती है ... मैं वापस आउंगी राहुल तुम्हारे लिए आउंगी तुम्हारे लिए जीयूंगी बस इस बार तुम चुप मत रहना तुम्हारी खामोशी मुझे मार डालती है ......
राहुल -  I LOVE YOU MAYAAAAAAAAA.


पीहूं थोड़े सी दूर पर खड़ी राहुल और माया के इस अजीब से प्यार को देखती है और सोचती है माया ने सही कहा था....उसके जैसा प्यार करने वाला कभी कोई नहीं होगा.. माया को राहुल से कभी कोई अलग नहीं कर सकता था खुद राहुल भी..............
कहते है ना प्यार में अगर कोई शर्त ही ना हो तो प्यार की उम्र हर पल बढ़ती रहती है... माया औऱ राहुल का प्यार भी ऐसा ही था.... बिना किसी रिश्ते के दोनो ता उम्र बंधे रहे... माया जब हॉस्पिटल से बाहर निकली तो फिर कभी अपने घर पलट कर नहीं गयी बस आद्या से वो मिल लिया करती थी.. माया अब सिर्फ और सिर्फ अपने राहुल के साथ हर पल जी रही थी.....



मुझे नहीं पता मैने इस कहानी के साथ कितनी इमानदारी दिखाई है लेकिन एक बात जरूर कहना चाहुंगी.. अगर आप सच में किसी से प्यार करते है तो माया की तरह किजिएगा....मुझे यकीन है ये सिर्फ एक कहानी बन कर नहीं रह जाएगी.. जब जब आप प्.र के बारे में सोंचेगे जब जब आप प्यार को परखेंगे... तब तब आप माया और राहुल को जरूर याद करेंगे... जल्दी ही मिलूंगी एक नयी कहानी के साथ

तूलिका सिंह 

4 comments:

Unknown said...

Good Tulika vary nice story

tulika singh said...

Tx rachna

Unknown said...

Good Tulika vary nice story

Ocean said...

Itne lambe intezar ke baad....Maya ko uska Rahul mil hi gaya ...
True love never ends