After one
week
माया
की जिंदगी में परेशानियों ने कदम रखना शुरु कर दिया था....घर के हालात औऱ बिगड़ गए
थे... कपड़े की दुकान अब ज्यादा ना चल रही थी....उपर से तीनो भाइयों का खर्च सब
कुछ राकेश खन्ना के सर पर था ऐसे में माया को पैसे भेजना घर वालों के लिए कठीन था...
लेकिन फिर भी राकेश खन्ना किसी भी तरह करके माया के जरूरत का पैसा भेज देते थे... लेकिन माया उनसे ये पैसे भी नहीं चाहती
थी.... कोचिंग के कमाएं हुए थोड़े से पैसे थे जो अब खत्म हो चुके थे.. माया को समझ
नहीं आ रहा था क्या करें.. वो लगभग एक
महीने से जॉब ढूंढ रही थी...लेकिन जॉब माया का नाम सुनते ही किसी और की हो
जाती...माया हताश हो रही थी.... लेकिन अपना मनोबल बनाए हुए थी.....ऐसे में आज
राहुल से भी माया को मिलना था....राहुल तो माया के लिए संजिवनी बूटी का काम करता
था... उसकी एक हंसी ही माया के लिए जीने की वजह बन जाती थी... माया ने आज सोच रखा
था कि राहुल उससे प्यार करें या ना करें माया को कोई फर्क नहीं पड़ेगा... जितने भी
पल राहुल के साथ मिलेंगे उसको वो जी लेगी....फिर जिंदगी कभी ये मौका दे या ना दे
वैसे भी राहुल अब ऑस्ट्रेलिया चला जाएगा... और माया कितनी भी मेहनत कर ले वहां पर
कैसे जा पाएगी.. वैसे भी जब प्यार यहां ना हुआ औऱ अब तक ना हुआ तो अब क्या होगा...
आज माया के दिल में राहुल को लेकर बहुत निराशा थी.........लेकिन माया का
आत्मसम्मान आज अपने शबाब पर था.... माया ने सोच रखा था.. आज जो भी पैसे लगेगें वो
खुद खर्च करेगी या आधा आधा.. किसी का एहसान माया अपने सर पर नहीं लेगी... माया खुद
से बाते कर रही थी.... और राहुल के फोन का वेट कर रही थी....
एक घंटे से ऊपर हो चुके थे माया को राहुल के
फोन का इंतजार करते हुए.... माया का पारा गरम होता जा रहा था...माया ने गुस्से में
मोबाइल उठाया और राहुल को फोन किया
माया- हैलो.........हैलोलोलोलोलोलोलोलोलोलो
राहुल – अरे क्या हो गया इतना सारा हैलो हैलो
माया- कहां हो तुम
राहुल – बस पहुंचने वाला हूं तू कहां है
माया- अच्छा तो तुमने निकलने से पहले फोन
क्यों नहीं किया
राहुल- क्या फोन करता मुझे लगा तुम मार्केट
में ही होगी ...
माया- ओके रखो फोन मैं वहीं मॉल के front gate पर मिलूंगी....bye
माया
ने बाय बोलते ही जल्दी जल्दी तैयार होने लगी.... उसे उम्मीद ही नहीं थी राहुल सच
में आ जाएगा अपना खून जला जला कर माया का चेहरा ऐसे ही बेरंग सा हो गया थ... माया
फटाफट तैयार हुई और रिक्शा लेकर निकल गयी....
माया जैसे ही मॉल के गेट पर पहुंची राहुल
वहां पहले से उसका इंतजार कर रहा था.. माया को देखकर बड़ी खुशी हुई अच्छा है कुछ
देर तुमने भी इंतजार किया अब मुझे अफसोस नहीं होगा कि कोई मेरा इंतजार नहीं करता.... कह कर माया हंसने लगी और राहुल की शक्ल पर कोई भाव नहीं थे... as usual जैसा वो पहले थे...
माया- अब बताओं क्या करें हम
राहुल – चल किसी कॉफी शॉप में बैठते है...
माया- ओके चलों चलते है....
माया और राहुल एक सीसीडी में जाकर बैठ गए
राहुल – तू क्या लेगी
माया- मुझे यहां का कुछ भी नहीं पता मैं यहां
कभी नहीं आयी हूं
राहुल – क्यों
माया- क्योंकी मेरे पास इतने पैसे नहीं होते
कि मैं यहां आकर कॉफी पीयूं...
राहुल – ओह मेरा मतलब ये नहीं था....
माया- कोई नहीं
राहुल – चल मैं तेरे लिए मंगाता हूं फिर कुछ
माया- ओके
आजा माया काफी rudely behave कर
रही थी.... शायद उसके दिल में राहुल से दूर होने का दर्द था जो गुस्से में निकल
रहा था...राहुल जब वेटर को ऑडर कर रह
था.... माया के दिल में बस एक ही ख्याल चल रहा था.... काश इस एक पल में मैं राहुल
के साथ जी लूं बस एक बार मैं राहुल को hug कर लूं... अब ये
आखिरी पल है... इसको कैसे 100 पलों के बराबर करूं... राहुल इन सबसे बेखबर वेटर से
कॉफी के description लिए
जा रहा था.. ना मालूम कौन सा कॉफी शॉप खोलना था उसे.... माया वेटर को देख कर गुस्सा
हो रही थी... उसके कितने पल तो वेटर खाए जा रहा था... माया के सब्र का बांध टूट
गया... माया ने वेटर को बोला
माया- please do it fast
वेटर – यस मैम
माया – राहुल से बोलती है तुम्हें बड़ी
दिलचस्पी है इन सब में आगे चलकर रेस्तरा खोलना है क्या
राहुल – हंसते हुए नहीं यार सॉफ्टवेयर का
आदमी ये कैसे करेगा हां मुझे शौक है इन सबका.... अलग अलग टाइप के खाना पकाने का
शौक है..
माया- अच्छा है तुम्हारी बीवी को कम काम करना
पड़ेगा.. आधे तो तुम ही निपटा दोगे
राहुल हंसने लगा माया की बात सुनकर
वेटर के ऑडर लाते लाते माया और राहुल के बीच
सिर्फ यहीं एक लाइन की बात हुई बाकी पल दोनो तरफ सिर्फ सासें तल रही थी... और माया
के धड़कन की आवाज तो पूरा सीसीडी सुन सकता था... इतनी तेज चल रही थी...
राहुल – ने अपना mute हटाते हुए बोला माया यहां कोई मूवी
लगी होगी.. चल देखते है..
माया राहुल की बात सुनकर हैरान थी.. जिस माया
के साथ राहुल के 10 मिनट नहीं कटते वो राहुल माया के साथ 3 hour की मूवी
देखेगा...
माया- ओके राहुल चलते है जैसी तुम्हारी मर्जी
वेटर ऑडर लेकर आ जाता है ... माया की नजर
ट्रे पर पड़ती है ऊंची ऊची सी शीशे की गिलास में कोल्ड कॉफी ऊपर तक भरी हुयी थी....कॉफी
के अंदर आइसक्रीम माया ने पहली बार देखी थी....माया से रहा नही गया तो राहुल से पूछ
बैठी ये कॉफी के अंदर आइसक्रीम क्या कर रही है...
राहुल -
ये कोल्ड कॉफी with आइसक्रीम है.... पी के देख तुझे पक्का पंसद आएगा... कॉलेज टाइम से तूझे और
पीहूं को आइसक्रीम पंसद थी ना
माया- हां यार वो भी क्या दिन थे... काश वो
पल फिर से आ जाए.. अब मैं बहुत अकेला फील करती हूं पीहूं के बिना मेरी जिंदगी
अधूरी सी लगती है..
राहुल माया की बात सुन रहा था फिर बीच में ही
बोल पड़ा सुन ना जल्दी से फिनिश करते है और मूवी देखने चलते है....
माया – ओके राहुल
माया ने एक सांस में अपनी ग्लास फिनिश कर दी
और माया के होठो के उपर एक लंबी सी मूंछ बन गयी.... राहुल माया को देख कर हंसने
लगा फिर टीशू निकाल कर माया को पकड़ा दिया और बोला तू ना बदली बिल्कुल भी ना बदली
माया
माया- कैसे बदलू राहुल वक्त मुझे मौका ही
नहीं दे रहा... माया की आवाज में गंभीरता थी....
राहुल- वेटर बिल प्लीज
माया तुंरंत अपने पर्स से पैसे निकालने
लगी....
राहुल- तू रूक ना मैं पैसे दूंगा
माया- नहीं राहुल अब नहीं पैसे हम दोने बराबर
देंगे
राहुल – क्यों
माया किस हक से तुम मेरे पैसे दोगे मैं नहीं
चाहती कि कल को कोई कहे की मैने तुम्हारे पैसे लूट लिए कह कर माया हंसने लगी लेकिन
आवाज में जो दर्द था वो बस जुंबा तक ही आय़ा बाहर नहीं निकला... राहुल के चेहर को
देख कर ऐसा लग रह था.. माया जो भी बोल रही थी वो किसी दूसरे के लिए था... राहुल को
कोई फर्क नहीं पड़ा... माया ये देख कर और दुखी हो चुकी थी....
माया ने अपने हिस्से के पैसे निकाले औऱ टेबल
पर रख दिए.. राहलु ने भी अपने पैसे निकाले और टेबल पर रखे पैसो को मिलाकर वेटर को
पकड़ा दिया ..... माया और राहुल दोनो मूवी टिकट काउंटर पर खड़े थे
माया- मैं लाइन में लगती हूं ज्लदी टिकट
मिलेगी तुम बताओं मूवी देखनी कौन सी है
राहुल – अभी कौन सी लगी है
माया- फना है फिलहाल तो
राहुल – ठीक है ले ले टिकट
माया लाइन में लग गयी और किसी तरह उसको दो
टिकटे मिल गयी बात फिर पैसो पर आ गयी... माया ने दोनो के टिकटों के पैसे दे
दिए.....लेकिन जैसी ही माया बाहर आयी लाइन से राहुल ने उसको दोनो के पैसे दे दिए
और गुस्से में हक जताते हुए बोला.. अब कोई वकवास नहीं चले मूवी देखने....नहीं तो
छूट जाएगी....
माया औऱ राहुल को कॉर्नर की सीट मिली
थी.... माया को समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या करे माया पहली बार बैंगलोर में मूवी
देखने आयी थी... वो भी राहुल के साथ .... कॉलेज टाइम से सुनती आ रही है... कि
कॉर्नर की सीट बड़े ही भाग्य से मिलती है....कोई disturb नहीं करता कपल को यहां.... माया को गुस्सा आ रहा था... किस उसी वक्त सीट
चेंज का क्यों नहीं बोला... लेकिन अगले ही
पल माया के दिल ने उसको टोका और बोला माया जी ले अपनी जिंदगी... कल हो ना हो...
राहुल आज के बाद कभी नहीं मिलेगा.....माया इस पल को हाथ से मत जाने दे होने दे जो
हो रहा है....माया के मन में ना जाने कितने ही खयाली पुलाव पकने लगे... और राहुल
... इनकी तो पूछिए ही मत ये जनाब सीट पर आगे की तरफ हो कर ऐसे बैठे थे जैसे कोई
लड़की वाला इनको देखने आया हो...
महाशय की नजर एक दम पिक्चर पर मजाल जो कोई एक फ्रेम छूट जाएं... पलके झपकने का नाम नहीं ले रही थी... और माया कभी मूवी को कभी राहुल को ही देखे जा रही थी.... इतनी रोमैन्टिक मूवी का राहुल ने कचड़ा कर रखा था.... साला आमिर खान के इश्क के अंदाज भी राहुल को हिलने डुलने ना दिया.. राहुल को होश ही नहीं रहा कि माया भी बगल में बैठी है... और माया का हाल देखकर ऐसा लग रह था कि इस मूवी से अच्छा तो हम बाहर कहीं बैठ गए होते ऐसे टाइम का क्या फायदा... जो मेरे किसी काम का नहीं था... माया को उबासी आ रही थी... और थोड़ी देर में माया सो गयी..
महाशय की नजर एक दम पिक्चर पर मजाल जो कोई एक फ्रेम छूट जाएं... पलके झपकने का नाम नहीं ले रही थी... और माया कभी मूवी को कभी राहुल को ही देखे जा रही थी.... इतनी रोमैन्टिक मूवी का राहुल ने कचड़ा कर रखा था.... साला आमिर खान के इश्क के अंदाज भी राहुल को हिलने डुलने ना दिया.. राहुल को होश ही नहीं रहा कि माया भी बगल में बैठी है... और माया का हाल देखकर ऐसा लग रह था कि इस मूवी से अच्छा तो हम बाहर कहीं बैठ गए होते ऐसे टाइम का क्या फायदा... जो मेरे किसी काम का नहीं था... माया को उबासी आ रही थी... और थोड़ी देर में माया सो गयी..
मूवी का इंटरवल जैसे ही हुआ राहुल को माया का
ख्याल आया...माया उठ ना... राहुल ने माया के कान में जोर से बोला .. माया हड़बड़ा
कर उठ गयी....
माया- मूवी खत्म
राहुल – नहीं तू तो सो गई
माया- तो क्या करती मैं बोर हो रही थी... औऱ
तुम काजोल को देखने में व्यस्त थे
राहुल हंसने लगा ...और माया की चेयर पर अपना
हाथ रख देता है ...
माया फिर से ख्याली पुलाव पकाने लगती है..मन
ही मन वो राहुल से कहती है राहुल एक बार मुझे hug कर लो... फिर बेशक तुम मुझसे प्यार करों ना करों ... माया राहुल को ध्यान
से देखे जा रही थी.... और राहुल की नजरे एक पल के लिए माया से टकराती है फिर दूसरी
तरफ देखने लगती है...जैसे राहुल को पता होता है कि माया क्या सोच रही है.,....
राहुल मूवी देखने में व्यस्त हो जाता है... और माया अपने ख्याली दुनिया में....
देखने लगती है कि राहुल उसके कंधे पर अपना हाथ रखता है... उसको अपने औऱ करीब लाता
है... उसके सर को अपने सीने पर रखता है औऱ प्यार से उसके बाल सहलाता है... लेकिन
तभी मूवी में गाना आता है मेरे हाथ में तेरा हाथ हो... सारी जन्नते मेरे साथ हो..
माया की ख्याली दुनिया का हकीकत से सामना होता है राहुल उससे काफी दूर बैठा होता
है.. बगल में चेयर होने के बावजूद ये दूरी बहुत ही ज्यादा थी.. जो की शायद माया के
बस की नहीं थी कि उस दूरी को वो मिटा सके........मूवी का the end होते ही माया को बड़ा हल्का महसूस हुआ.. माया फिर
सोचने लगी इसी को date मारना कहते है तो सच में ये बहुत ही boar था....
माया राहुल दोनो बाहर आ जाते है.. लेकिन आपस
में कोई बातचीत नहीं होती है...राहुल एक दम से बोलता है
राहुल – माया मुझे बहुत ही तेज भूख लगी है
माया – चलो कुछ खाते है.... लेकिन उससे पहले
एक मिनट रूकना
राहुल – क्या हुआ माया
माया- ये लो ये गुड लक coin है तुम्हारा हर विश जरूर पूरी होगी....
राहुल – ओके तेरे पास है
माया – वहीं तुम्हे दे रही हूं मुझे किसी ने
दिया था
राहुल – फिर तेरा गुड लक मेरे पास आ जाएगा...
राहुल ने बड़े ही बेपरवाही से बोला
माया- कोई बात नहीं मैं अपना लक खुद लिखने
में विश्वास करती हूं बस कहीं कहीं किस्मत भी धोखा दे जाती है बट I can manage
माया
औऱ राहुल एक चाइनीज रेस्तरा मे जाते है... राहुल माया के साथ रेस्तरा के first floor पर चला जाता है ..... माया औऱ राहुल एक दूसरे के
सामने बैठे होते है राहुल ने कुछ चाइनीज का ऑडर दिया और माया से कहने लगा ...
राहुल – माया मुझे कुछ कहना है....
माया – कहो ना राहुल मैं इतने दिनों से इसी
का इंतजार कर रही थी...
राहुल – माया तू मेरी बड़ी अच्छी दोस्त है
माया- जानती हूं मैं कुछ नया बोलो राहुल
राहुल – देख मैं तेरा दिल नहीं दुखाना चाहता
माया- कोई नहीं राहुल सच सिर्फ सच होता है
इसमे दुख सुख की क्या बात
राहुल- माया मैने कभी तुझे उस नजर से देखा ही
नहीं कि मैं तुझसे प्यार करूं
माया- कोई बात नहीं राहुल
राहुल – नहीं माया सच में अगर मेरे दिल थोड़ा भी कुछ होता तो मैं अपने घर में जरूर बोलता....
माया अपने आंसूंओ को रोके जा रही थी और किसी
तरह बोला कोई नहीं राहुल तुम नहीं करते तो नहीं करते
राहुल – तु मुझे गलत तो नहीं समझेगी
माया- नहीं राहुल मुझे ये बात पहले से पता थी
बस इंतजार था कि तुम कब बोलोगे... मैं खुश हूं की तुमने मुझसे सच्ची दोस्ती
निभाई... तुमने मुझे धोखे में नहीं रखा.. माया बोले जा रही थी... और रोए जा रही
थी... माया का खुद पर से बस हट चुका था... माया के आसूंओं को देख राहुल उदास हो
गया.. था... लेकिन अब वो माया को टीशू भी नही दे सकता था...
माया- राहुल मेरा पहला प्यार शुरु होने से
पहले खत्म हो गया.... मुझे पता है मैं तुम जैसी हाई फाई नहीं हूं
मुझे पता है मै तुम्हारे लायक नहीं हूं
मुझे पता है... मेरे तुम्हारे बीच बहुत लंबा
फासला है
तुम मुझे प्यार नहीं करते कोई बात नहीं
मैं तो करती हूं ना
तुम इसे नहीं रोक सकते... लेकिन एक बात बोलूं
मुझसे ज्यादा प्यार करने वाला कोई नहीं मिलेगा और कभी भी नहीं मिलेगा.. तुम्हें जब
भी किसी से प्यार होगा.. तुम उसकी तुलना मेरे प्यार से करोंगे और यहीं मेरा सुकून
है... मैं तुम्हारे गम में टूट कर बिखरूंगी नहीं बल्की इस कदर मजबूत बन कर
दिखाउंगी तुम्हे... कि एक दिन तुम्हें अफसोस होगा कि तुम मुझे पा ना सके... अच्छी
बात ये है कि तुमने अपने दोस्त होने का फर्ज निभाया बस बड़ी देर कर दी पहले ही
बोल देते तो मैं यहां तक ना बढ़ती खैर.... तुम्हारा दिल किया तो हम आपस में
कनेक्टेड रहेंगे.... और शायद ताउम्र दोस्त रहेंगे तुम्हारी आने वाली हर जिंदगी के
लिए तुम्हें BEST OF
LUCK राहुल अब मैं जा
रही हूं मुझसे और यहां ना रूका जाएगा..
अपना ख्याल रखना दिल करे तो मुझे फोन कर लेना और ना करें तो भी कर लेना मुझे अच्छा
लगेगा... अच्छा है अब हमारे तुम्हारे में कुछ भी पर्दा नहीं है ..... बस ये याद
रखना मैं तुम्हें प्यार करती हूं और करती रहूंगी.....और मेरी किस्मत में तुम रहे
तो जरूर मिलोगे.. हां काफी कुछ ख्वाब सजाए थे मैने लेकिन सब यही बिखर गए... देखों
अपने इर्द गिर्द सब गिरकर रो रहे है.... माया ने अपना हाथ आगे बढ़ाया राहुल से HANDSHAKE करने के लिए
लेकिन फिर अपनी मुठ्ठी को भींचते हुए वापस ले लिया और बोला अब इसका हक भी मेरे पास
नहीं बाय बोल कर माया बाहर निकल आय़ी और रेस्तरा से अपने घर तक लगभग 6 किलोमीटर
माया पैदल गयी लगातार रोती रही औऱ चलती रही.......
TO BE
CONTINUED
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Aaj bhar aayi...uski aankhein...
Jiska usei darr....bas wahi hua...
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